पटना। बांग्लादेश में आयोजित 10वीं दक्षिण एशियन आट्या-पाट्या चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में भूटान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया।
भारत की इस ऐतिहासिक सफलता में बिहार के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों दिवाकर कुमार और वैष्णवी कुमारी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए न केवल भारतीय टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार का नाम भी रोशन किया।
आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार के अनुसार, लगातार दूसरी बार बिहार के खिलाड़ियों को भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। दिवाकर और वैष्णवी ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि बिहार में भी इस खेल की प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

बिहार टीम के मुख्य कोच तरुण कुमार आजाद ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर दोनों खिलाड़ियों ने यह मुकाम हासिल किया है और आने वाले समय में वे देश के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। दिवाकर और वैष्णवी ने भी अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचों और प्रशिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि लगातार मिले मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की बदौलत ही वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे।
वहीं, आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार के कोषाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों के पटना लौटने पर उनके सम्मान में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिवाकर और वैष्णवी की उपलब्धि बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे राज्य में आट्या-पाट्या खेल को नई पहचान मिलेगी। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से बिहार के खेल जगत में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमी उनके शानदार प्रदर्शन पर गर्व महसूस कर रहे हैं।






