पटना/हैदराबाद: तेलंगाना के हैदराबाद स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंडोर स्टेडियम में आयोजित 33वीं बालक एवं 26वीं बालिका सब जूनियर आट्या-पाट्या राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026-27 का सफल एवं रोमांचक समापन हुआ। देशभर से आईं टीमों के बीच बिहार के खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल, अनुशासन और अदम्य आत्मविश्वास से सभी का ध्यान आकर्षित किया। बिहार की बालक एवं बालिका दोनों टीमों ने अपने–अपने पूल में उपविजेता रहते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
बालक वर्ग ने बनाया रिकॉर्ड
बिहार के बालक टीम ने प्रतियोगिता के दौरान ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का नाम गौरवान्वित किया। लीग मुकाबले में बिहार का सामना मध्य प्रदेश से हुआ, जिसमें बिहार ने जबरदस्त खेल का प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश को 53 अंकों के बड़े अंतर से पराजित किया। यह इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान ऐसा सर्वश्रेष्ठ अंतर रहा, जिसे कोई अन्य टीम पार नहीं कर सकी। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पूरे भारत से 21 राज्यों की उपस्थिति थी।

बिहार के खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने न केवल टीम की मजबूत तैयारी और प्रतिभा को साबित किया, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर बिहार आट्या-पाट्या के बढ़ते प्रभाव का भी संकेत दिया।
क्वार्टर फाइनल में बिहार बालक टीम का मुकाबला कर्नाटक से हुआ। मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटे का रहा। बिहार ने पूरी ताकत के साथ संघर्ष किया, लेकिन अंततः 27-31 से मात्र 4 अंकों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम के बावजूद बिहार की टीम अपने पूल में उपविजेता रही और पूरे टूर्नामेंट में शानदार छाप छोड़ने में सफल रही।
बिहार की बेटियों ने भी दिखाया दमखम
बालिका वर्ग में भी बिहार की बेटियों ने अपने शानदार खेल से दर्शकों और खेल विशेषज्ञों को प्रभावित किया। क्वार्टर फाइनल में बिहार का सामना केरल की मजबूत टीम से हुआ। मुकाबले के पहले सेट में बिहार की खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 26-24 से जीत दर्ज की।
दूसरे सेट में केरल ने वापसी करते हुए बिहार को 23-27 से पराजित किया। इसके बाद निर्णायक सेट में दोनों टीमों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला, लेकिन अंततः केरल ने 30-24 से बाजी मार ली। बिहार की बेटियों ने हार के बावजूद अपने जुझारू खेल और संघर्ष की भावना से सभी को प्रभावित किया।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने की बिहार टीम की सराहना
प्रतियोगिता के दौरान आट्या-पाट्या फेडरेशन ऑफ इंडिया के गणमान्य पदाधिकारियों एवं खेल विशेषज्ञों ने बिहार की दोनों टीमों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की। विशेष रूप से बालक टीम द्वारा मध्य प्रदेश के खिलाफ दर्ज की गई 53 अंकों की ऐतिहासिक जीत को शानदार उपलब्धि बताया गया।
फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने बिहार के खिलाड़ियों की प्रतिभा, अनुशासन, खेल भावना और संघर्ष की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिहार में आट्या-पाट्या खेल तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
बिहार टीम के इस प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि प्रतिभा, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले तो बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच पर किसी भी टीम को कड़ी चुनौती देने में सक्षम हैं। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता से बिहार के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है तथा आने वाले राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जगी है।




