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बीसीएल कन्वेंनर ने बीसीए अध्यक्ष के काले कारनामों का खोला पिटारा

बिहार क्रिकेट संघ के तथाकथित अध्यक्ष श्री राकेश कुमार तिवारी के द्वारा किए जा रहे अनैतिक भ्रष्टाचार और गैर कानूनी कार्यों का पर्दाफाश करने हेतु बिहार क्रिकेट एसोसिएशन गवर्निंग काउंसिल के संयोजक श्री ओम प्रकाश तिवारी बिहार क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव श्री अजय नारायण शर्मा बिहार क्रिकेट संघ के पूर्व संयोजक श्री सुवीर चंद्र मिश्रा एवं धर्मवीर पटवर्धन के द्वारा प्रेस वार्ता की गई जिस के मुख्य अंश निम् वत हैं।

संवाददाताओं को संबोधित करते हुए BCA के पूर्व सचिव श्री अजय नारायण शर्मा ने कहा कि बीसीए का जो निबंधन लम्बी न्यायिक लड़ाई  और कानूनी पेच के बाद हमारी कमेटी ने कराया था आज उस रजिस्ट्रेशन पर खतरा मंडरा रहा है तथा बिहार के खिलाड़ियों का भविष्य अंधकार में दिख रहा है। बिहार क्रिकेट संघ अभी अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है 666 रन बनाने वाला खिलाड़ी घर में बैठा है और 20और 25 रन बनाने वाले खिलाड़के माध्यम से बीसीए के पदाधिकारी प्रतिभावान खिलाड़ियों को चिड़ा रहे हैं, मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। मैं बिहार क्रिकेट संघ के सभी जिला संघों के पदाधिकारियों से कहूंगा एकत्रित होकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के माननीय सचिव श्री जय शाहजी से मिलकर श्री राकेश कुमार तिवारी से बीसीए को बचाने की आग्रह करूंगा। उनसे आग्रह करूंगा कि बीसीसीआई के एंटी करप्शन सीबीआई ईडी से बिहार क्रिकेट के क्रियाकलापों की जांच कराई जाए।       

मेरे भी राजनैतिक मत भेद रहे हैं लेकिन इस ने तो हद कर दिया और अपने राजनैतिक विरोध करने वाले श्री रविशंकर प्रसाद सिंह श्री संजय कुमार मंटू श्री विनीत भार्गव पर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। यह गतिविधि नीच मानसिकता को दर्शाता है।   

   गवर्निंग काउंसिल के संयोजक श्री ओम प्रकाश तिवारी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि 11 अक्टूबर 2022 को श्री राकेश कुमार तिवारी के अवैध कार्य में सहयोग नहीं करने के कारण पूर्व से जानमाल व्यवसाय को क्षति तथा इमेज को डैमेज करने का धमकी देते आ रहे थे। एक प्रायोजित कार्यक्रम के तहत पुलिस से डराने हेतु सुनियोजित साजिश की और मीडिया बंधुओं को भ्रम में रखकर खबर छपवा कर अपने शीर्ष राजनैतिक पहुंच और दिल्ली पुलिस में अपने प्रभाव को प्रदर्शित किया राकेश कुमार तिवारी के बयान पर मीडिया में छपी खबरें झूठी मनगढ़ंत और एकतरफा थी जिसका मुख्य उद्देश्य हमारी छवि को धूमिल करना था।                   

 हमारे यहां दिल्ली पुलिस की रेड या छापामारी पड़ी ही नहीं थी राकेश कुमार तिवारी अध्यक्ष बिहार क्रिकेट एसोसिएशन पर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में यौन उत्पीड़न का एक एफ आई आर दर्ज है जिसमें पुलिस प्रायोजित क्लोजर लगाई है और पीड़िता  उसके विरूद्ध सक्षम न्यायालय गई है और जिसकी सुनवाई चल रही है अगली तारीख 11 नवंबर 2022 को पड़ी है।             

उक्त FIR  के काउंटर में श्री राकेश कुमार तिवारी द्वारा 27 2022 दिनांक 14 2022 को एक ब्लैकमेल करने का FIR. उसी थाना में किया गया जिसमें अभियुक्त के रूप में बिहार क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव श्री रविशंकर प्रसाद सिंह पूर्व सचिव श्री संजय कुमार मंटू एवं एक दिव्यांग पूर्व क्रिकेटर विनीत भार्गव तथा उत्पीड़न मामले कि पीड़िता के भाई आशुतोष बोरा को अभियुक्त बनाया गया है।  इस केस में ना तो अभियुक्त में और ना ही गवाह में मेरे नाम की चर्चा है फिर भी अपने राजनैतिक पहुंच का इस्तेमाल करते हुए एक आईपीएस पुलिस अधिकारी के पुत्र को टीम में स्थान देकर  मेरे यहां नोटिस देने आई दिल्ली पुलिस की और को अखबारों के सामने इस तरह से प्रस्तुत किया की श्री कुमार तिवारी यौन उत्पीड़न के केस से बरी हो गए हैं ताकि 18 अक्टूबर को बीसीसीआई के एजीएम में अपना चेहरा दिखा सके क्योंकि यो उत्पीड़न के मामले के बाद उन्हें प्रतिष्ठित गेम क्रिकेट से जुड़े प्रशासकों के बीच जाने में शायद ग्लानि महसूस हो रही थी।  अपने चेहरे को चमकाने के लिए इन्होंने बिहार सहित दिल्ली से जुड़े कई समाचार पत्र समूह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं सोशल मीडिया से आप समूह को झांसे में डालकर अपने पक्ष में खबर चलवा लिया।  11 अक्टूबर की घटना के बाद मैं ओम प्रकाश तिवारी बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष श्री राकेश कुमार तिवारी और दिल्ली पुलिस के खिलाफ एस.एस.पी पटना के माध्यम से कदम कुआं थाना में शिकायत दर्ज करा दिया है तथा माननीय सीजीएम के अदालत में भी अपना केस दर्ज करा दिया है।             

 3 सितंबर 21 को श्री राकेश कुमार तिवारी ने बीसीएल की एक बैठक दिल्ली के लिए मेरिडियन होटल में आयोजित किया था जिसमें थार क्रिकेट लीग बिहार क्रिकेट लीग के चेयरमैन, संयोजक  ओमप्रकाश तिवारी स्वयं एलिट स्पोर्ट्स के चेयरमैन श्री निशांत दयाल और एक अन्य वेंडर शामिल हुए। उसी दिन अध्यक्ष श्री तिवारी के निर्देशानुसार मैं और बीसीएल के चेयरमैन एक दूसरे वेंडर  से मिलने गुरुग्राम मेरिडियन होटल गए, वहां भी श्री राकेश कुमार तिवारी की प्रायोजित पुलिसिंग गतिविधियां हुई लेकिन आप लोगों को यह बताया गया कि वहां बीसीएल के चेयरमैन और संयोजक ओमप्रकाश तिवारी गिरफ्तार हुए थे। मैं आपको बता दूं या घटना सरासर झूठ है हम लोग 4 सितंबर 21 को अध्यक्ष जी के साथ एक ही फ्लाइट से पटना आए थे। अगर हम गिरफ्तार हुए वहां मेरा बेल किसने कराया और फिर पुलिस के रिकॉर्ड में तो वह होनी चाहिए थी ।   बीसीए अध्यक्ष श्री राकेश कुमार तिवारी अपना एकाधिकार के लिए निर्वाचित सचिव श्री संजय कुमार मंटू, संयुक्त सचिव कुमार अरविंद को लोकपाल को प्रभावित कर हटा दिया है तो मैंने विरोध किया तब से मैं उनसे दूरी बना लिया। जब से दूरी बनाया है तब से वह बार-बार मुझे व्यवसाय को नुकसान करने की धमकी देकर मुझे प्रभावित करने का अनेकों प्रयास किया। 11 अक्टूबर 2022 को पुलिस का इस्तेमाल करके मेरे लैपटॉप में उनके अवैध कार्य के जो साक्ष्य थे उसे मिटाने का असफल प्रयास किया। मेरे पास जो भी साक्ष्य है उसे मैं सक्षम न्यायलय के  समक्ष रखूँगा और मेरे प्रतिष्ठा का जो क्षति पहुंचने का असफल प्रयास किया गया है उसके विरुद्ध मानहानि का वाद दर्ज कराने की तैयारी कर रहा हूँ।

बिहार क्रिकेट संघ जो एक रजिस्टर्ड संस्था है, बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया का एक पूर्ण सदस्य है।


इसकी एक का निश्चित नियमावली है और सौभाग्य की बात यह है इस नियमावली को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने बीसीसीआई एवं सभी राज्य संघों को एकरुपता से लागू करने की बात की गई है, और भी महत्वपूर्ण यह है कि कोई भी नियम का बदलाव बिना सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व अनुमति के नहीं हो सकता, यह बिहार क्रिकेट संघ की नियमावली 52 में उद्धृत भी है।


बिहार क्रिकेट संघ के पिछले 26 जून 2020,

 25 सितंबर 2020,

9 अक्टूबर 2021

25 मार्च 2022

28 अगस्त 2022 एवं 25 सितंबर 2022 की आम सभा एवं पिछले सात कार्यकारिणी की बैठक का कोई भी लेखा-जोखा किसी भी सदस्य को नहीं दी गई है और ना ही बिहार क्रिकेट संघ के वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है यह नियमावली के 11.5 एवं नियमावली 41 का घोर उल्लंघन है। जबकि हर एक सभा में लिए गए निर्णय को अगली सभा में पढ़कर संपुष्टि कराई जानी होती है, बिना किसी सदस्य को नियम 11.5 के अंतर्गत कोई भी कागजात दिए बगैर संपुष्टि कराई जा रही है उपरोक्त सभी सभा एवं कार्यकारिणी सभा का कोई भी निर्णय किसी भी सदस्य के पास अद्यतन उपलब्ध नहीं है। जब कोई विरोध का स्वर उठा उसके नाम से कोई निर्णय तुरंत बना ली जाती है और तुरंत उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है इसे डर और भय के वातावरण में बिहार क्रिकेट चलती जा रही है।


यहां तक की लोकपाल से लेकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय तक के आदेश को नहीं मानने वाला यह तानाशाही रवैया वाला अध्यक्ष लोकपाल से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक झूठी हलफनामा देने वाला अध्यक्ष निबंधन विभाग एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय को आंख में धूल झोंक कर संविधान में संशोधन करा लेने की दोबारा कोशिश पुण; 4 अक्टूबर 2022 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा देना स्पष्ट अध्यक्षता का निशानी है और जिसमें जिला संघों की सार्वभौमिकता समाप्त करने की साजिश है, और जो संशोधन अभी तक किसी भी सदस्य को प्राप्त नहीं है, 

समझने की बात है निबंधन विभाग से संशोधन करा ली जाती है और जब सुप्रीम कोर्ट में पूछा जाता है जो यह अवमानना है तो वहां संशोधन का प्रस्ताव वापस ले लिया जाता है, फिर कुछ दिन बाद उसे दोबारा प्रस्तावित कर धोखे में रखकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय का भी एवं निबंधन विभाग दोनों को धोखे में रखकर इस संशोधन को पास करा लेने की गहरी साजिश अपराधिक साजिश की जा रही है, सभी जिला संघ के सदस्यों से आग्रह करता हूं इस पर पुरजोर विरोध करते हुए मूल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए संविधान को ही जो अभी वेबसाइट पर अपलोड है, कोही माने और इस सुप्रीम कोर्ट में दी गई हलफनामे के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज करें, अन्यथा यह संस्था किसी एक व्यक्ति के संपूर्ण सर्वाधिकार में चला जाएगा


नियम 41 के तहत सभी निर्णय एवं ढाई लाख से ऊपर का कोई भी ट्रांजैक्शन वेबसाइट पर अपलोड करना है, जो अभी तक नहीं किया जा रहा है

बिहार क्रिकेट संघ का वेबसाइट को वेबसाइट डेवलपर से जबरन छीन कर अपने बेटे के नाम पर डोमेन करा लेना, सरासर कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट यानी हितों का टकराव है, और दंडनीय अपराध है। 

आप सभी ने देखा होगा की चुनाव की घोषणा 28 अगस्त होने के बाद जब संस्था चुनाव पदाधिकारी के अधीन थी तो वेबसाइट में सभी जिला के पदाधिकारियों के नाम में भरपूर फेरबदल की गई और कुछ एक जिलों के नाम मिटा दिए गए, यह भी एक दंडनीय अपराध है।

माननीय जस्टिस लोढ़ा समिति की अनुशंसा में  प्रशासन, कार्यालय,  क्रिकेट और शिकायत कोषांग को चार महत्वपूर्ण विभागों में बांटा है, परंतु यह चारों विभाग एक नियम को ना मानने वाले अध्यक्ष के लिए एक है, कोई भी निर्णय जब चाहे तब ले लेते हैं किसी भी विरोधी को कभी भी एक स्वर उठाने पर बाहर कर देते हैं।


बिहार क्रिकेट संघ का बीच वाला शब्द क्रिकेट तो बिहार क्रिकेट संघ में दूर-दूर तक दिखता ही नहीं है, क्रिकेट टीम की प्रथम 10 प्राथमिकताओं में से नहीं है, उनकी प्राथमिकता है खिलाड़ियों से पैसा लेना, कितना भी प्रतिभावान खिलाड़ी हो पैसा ना दे उसे नहीं खिलाना, चयनकर्ता एवं कोच को अपने बस में रखना, शायद यह अपने आप में एक मात्र अध्यक्ष हैं जो प्लेइंग इलेवन भी बनाते हैं, यहां तक की बात अगर ना माने कुछ तो उसे माननीय लोकपाल द्वारा हटा दिया जाते हैं और अगर उसके बाद भी शतक  रन बनाने वाला खिलाड़ी इनकी बात ना माने तो उसी को भेज कर वहां अपनी दबदबा बनाते हैं, इस तरह का एक मामला कोलकाता सीबीसीआईडी में दर्ज भी है और इसकी जांच चल रही है।


हास्यास्पद है कि कुछ चयनकर्ता लगातार अपने मूल कार्य पर उपस्थित है और यहां मैदान में भी उपस्थित हैं, दरअसल वह चयनकर्ता नाम क्या है चैन तो जो दरबार में पहुंच आएगा उसे में उसकी होगी इन्हें तो सिर्फ दस्तखत बनाना है।

जिला क्रिकेट संघ के सदस्यों और पदाधिकारियों में इतना डर और भय व्याप्त करा चुके हैं की जैसे ही कोई कुछ बोलेगा उसका हाल मधुबनी अरवल और लखीसराय खगड़िया जैसा कर दिया जाएगा

फलत: जिला संघ आते हैं,  और रजिस्टर पर हस्ताक्षर बना देते हैं और उन्हें कहा जाता है कि मिनट चला जाएगा जो आज तक नहीं आया । 

लखीसराय, खगड़िया, पूर्वी चंपारण, अरवल, पटना एवं मधुबनी सदस्यों को चुनाव से वंचित रखा गया, चुनाव में वोटर लिस्ट में नाम होना अनिवार्य है अभी आप चुनाव लड़ सकते हैं परंतु या अध्यक्ष अपने आप में अनूठा उदाहरण है इसका चुनाव वोटर लिस्ट में नाम ना हो फिर भी वह अध्यक्ष शिव लिए गए हैं, यह निश्चित रूप से गैर संवैधानिक है और इस पर जल्द ही कोई निर्णय सक्षम न्यायालय से आने की उम्मीद रखता हूं।

जिला में 4 सदस्यों द्वारा यानी कार्यकारिणी के 5 सदस्यों में से 4 सदस्यों द्वारा चुनी गई टीम को नहीं खिला कर अपने मनमाने व्यक्ति द्वारा भेजे गए टीम को इसीलिए खिलाया जाता है उससे उनकी सेटिंग है।

पूरी लीग खेल कर पूरा खिलाड़ी मेहनत करते परेशान

चयन उसकी होनी है जो ना रजिस्टर्ड है, है पदाधिकारी का संतान

बोर्ड के टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी बाहर कर दिए जाते हैं और चार मैचों में 26 बनाने वाले खिलाड़ी खेल लेते हैं, 

बिहार क्रिकेट संघ जो 14 करोड़ की घनी आबादी वाला राज्य है जहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन प्रतिभा सही जगह स्थान नहीं मिलने के कारण घुट रही है सिमट रही है और डिप्रेशन का शिकार हो रही है

इन सब बिंदुओं पर प्रखर विरोध का कारण है, मुझे मौखिक रूप से कहां जाता है कि मुझे निष्कासित कर दिया गया जबकि कोई भी पत्र या वेबसाइट पर या प्रकाशित नहीं हुआ है।

माननीय लोकपाल महोदय का आदेश था कि सभी जिलों का वोटर लिस्ट का सत्यापन कर उन संदर्भित जिलों में जिला के सदस्यों के बीच एक कमेटी बनाकर चुनाव सेवानिवृत्त न्यायिक पदाधिकारी एवं सेवानिवृत्त प्रशासनिक पदाधिकारी से कराना था, अमूमन एक कमेटी में वह लोग आते हैं जिन्हें चुनाव नहीं लड़ना था और सदस्यों के बीच से बनाई जानी थी, पर महोदय ने अपने मन से तदर्थ समिति चुन ली वही तो दर्द समिति बिना सेवानिवृत्त न्यायिक पदाधिकारी और सेवानिवृत्त प्रशासनिक पदाधिकारी के चुनाव कराने की घोषणा कर खुद चुन कर आ गए। और जहां नहीं चुनकर आए वहां वहां चुनाव में बैलेट को जला दिया, फिर माननीय लोकपाल के आदेश के बावजूद उसी व्यक्ति को एढक बनाए रखें।

क्रिकेट का विकास तो कोसों दूर खिलाड़ियों के मानसिक दबाव से जो एक महत्वपूर्ण कमी आ रही है वाह प्रतिभावान बच्चों में उत्साह की।

नवनिर्वाचित समिति में 3 नए सदस्य और सभी ने कटिबद्ध हो कर काम करने की कुछ संकेत अवश्य दिखाएं और नियमन कुल काम करने की प्रतिबद्धता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं और वहां भी मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी एवं तानाशाह अध्यक्ष ने उनको भी निष्क्रिय करने के लिए ताना बनना बनना शुरू कर दिया है, जिला संगरूर से विनम्र निवेदन है न्याय की इस लड़ाई में न्याय के साथ खड़े हो,  और असंवैधानिक गैर लोकतांत्रिक अनैतिक कार्य करने वाले को सब मिलकर दंडित करें।

आइए हम सब मिलकर इस भ्रष्ट और अनैतिक नियम को ना मानने वाला झूठ सच और उसने वाला और संस्था का अहितकारी व्यक्ति के विरुद्ध एकजुटता दिखाएं और इसे उखाड़ फेंके।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीसीए के प्रबंधक लॉजिस्टिक श्री धर्मवीर पटवर्धन ने कहा कि श्री राकेश कुमार तिवारी जी के हाथों में बिहार का क्रिकेट, क्रिकेट का खिलाड़ी और क्रिकेट प्रशासकों का कैरियर तलवार की नोक पर है। चरण वंदना नही करने वाले की करियर को कुचल देने की पूरी तैयारी कर रखा हैं। उनके अनुसार हर जिला संघ एक पात्र है ये माननीय अध्यक्ष महोदय तय करेंगे कि किस वर्तन का इस्तेमाल पूजा में करेंगे और किस वर्तन का स्राध में। कब किस वर्तन को धोना है और किसको बिना धोए फेक देना है।  उनके अनुसार पूर्व का क्रिकेट संचालक सही से हिसाब नही दिए इसलिए कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला। नए एक्टिविटी इंचार्ज ईमानदारी से सारा  हिसाब इनके पास देंगे उसी से हमे वेतन मिलेगा।

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15 सितंबर से शुरू होगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट, 12 टीमें लेंगी हिस्सा; जानें एंट्री फीस से लेकर पुरस्कार तक पूरी डिटेल

पटना: क्रिकेट प्रेमियों के लिए सितंबर में एक खास टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है। खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की ओर से15 सितंबर 2026 से मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू किया जाएगा। टूर्नामेंट में कुल12 टीमें हिस्सा लेंगी। पोस्टर के मुताबिक प्रतियोगिता का आयोजन नयागांव, सोनपुर में किया जाएगा।

12 टीमों के बीच होगा मुकाबला

मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 12 टीमों को शामिल किया गया है। प्रतियोगिता को दो लीग में आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। आयोजकों की ओर से टूर्नामेंट को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और इसमें खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा।

रेड बॉल से खेले जाएंगे मुकाबले

इस टूर्नामेंट की खास बात यह है कि मुकाबले रेड बॉल से खेले जाएंगे। पोस्टर में इसे 20-20 फॉर्मेट का टूर्नामेंट बताया गया है। मैच के लिए टर्फ विकेट और अच्छे घास वाले मैदान की व्यवस्था की गई है। खिलाड़ियों के लिए सफेद ड्रेस अनिवार्य रखी गई है।

एंट्री फीस 7000 रुपये

टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों के लिए एंट्री फीस 7000 रुपये निर्धारित की गई है। आयोजन समिति की ओर से मैच के लिए गेंद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा खिलाड़ियों और टीमों के लिए रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था भी समिति द्वारा किए जाने की जानकारी पोस्टर में दी गई है।

हर मैच में मिलेगा ‘मैन ऑफ द मैच’ अवॉर्ड

टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी सम्मानित किया जाएगा। पोस्टर के अनुसार हर मैच में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा बेस्ट बैटर मोमेंटो और बेस्ट बॉलर मोमेंटो भी दिए जाएंगे। फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी व्यक्तिगत पुरस्कार मिलने की बात कही गई है।

विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी

प्रतियोगिता के अंत में विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। आयोजकों ने टूर्नामेंट को ‘Exciting Matches, Great Talent, Big Prizes’ थीम के साथ पेश किया है। इसका उद्देश्य स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराना भी है।

कहां होगा टूर्नामेंट?

पोस्टर के मुताबिक टूर्नामेंट का आयोजन नयागांव, सोनपुर में होगा। इसका आयोजन खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी कर रही है। पोस्टर पर संपर्क के लिए 6206081260, 9939089666 और 8083085859 नंबर दिए गए हैं। अकादमी का पता घोरदौर रोड, रेलवे लाइन के पास, दीघा, पटना दिया गया है।

टूर्नामेंट की प्रमुख जानकारी

जानकारी विवरण
टूर्नामेंट मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट
आयोजन खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी
शुरुआत 15 सितंबर 2026
टीमें 12
लीग 2
एंट्री फीस ₹7,000
गेंद रेड बॉल
विकेट टर्फ विकेट
ड्रेस सफेद ड्रेस
स्थान नयागांव, सोनपुर
मैन ऑफ द मैच हर मैच में
विजेता विजेता ट्रॉफी
उपविजेता रनर-अप ट्रॉफी

 

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जमुई में होगा सब-जूनियर बिहार राज्य स्तरीय आट्या-पाट्या चैंपियनशिप 2026-27

पटना: आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार एवं जमुई जिला आट्या-पाट्या संघ के संयुक्त तत्वावधान में सब-जूनियर बिहार राज्य स्तरीय आट्या-पाट्या चैंपियनशिप 2026-27 (बालक एवं बालिका) का आयोजन 13 सितंबर 2026 को ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, मलयपुर, जमुई में किया जाएगा।

इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से बालक एवं बालिका खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी 33वीं बालक एवं 26वीं बालिका सब-जूनियर आट्या-पाट्या राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 के लिए किया जाएगा, जिसका आयोजन 02 से 04 अक्टूबर 2026 तक हैदराबाद, तेलंगाना में होगा।

आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव ने बताया कि प्रतियोगिता को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता बिहार की युवा प्रतिभाओं को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।

वहीं, सब-जूनियर राष्ट्रीय स्तर के कोच आरुष कुमार आजाद ने खिलाड़ियों पर पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि बिहार के खिलाड़ी इस बार भी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, खेल भावना और पूरी मेहनत के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की।

जमुई में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता बिहार के उभरते हुए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच प्रदान करेगी और आट्या-पाट्या खेल को राज्य में और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच सॉफ्टबॉल को लेकर ऐतिहासिक समझौता, शुरू होगी द्विपक्षीय सीरीज

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच सॉफ्टबॉल के विकास को लेकर एक अहम समझौता हुआ है। सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SBAI) और सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड (SNZ) ने नई दिल्ली के होटल द ललित में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों में सॉफ्टबॉल को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं व प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

चार साल के लिए हुआ समझौता

यह MoU शुरुआती तौर पर चार साल के लिए प्रभावी रहेगा। इसके तहत खिलाड़ी विकास, कोचिंग, तकनीकी अधिकारियों के प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे, हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम और जमीनी स्तर पर खेल के विस्तार समेत सात प्रमुख क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

MoU पर सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड के बोर्ड सदस्य जय चांगलानी और सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव डॉ. प्रवीण अनाओकर ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान SBAI के संयुक्त सचिव वसीम राजा खान, शिबानी टैगोर, विजय गौड़ समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

पहली बार होगी भारत-न्यूजीलैंड सॉफ्टबॉल सीरीज

इस समझौते की सबसे बड़ी खासियत भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय सॉफ्टबॉल सीरीज शुरू करना है। दोनों देशों में बारी-बारी से इस सीरीज या लीग का आयोजन किया जाएगा।

इससे भारतीय खिलाड़ियों को नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने और उच्च स्तरीय प्रतियोगिता का अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। इससे भारतीय टीमों को भविष्य की बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी।

भारतीय टीमों को मिलेंगे न्यूजीलैंड के हाई-परफॉर्मेंस कोच

समझौते के तहत सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड भारतीय राष्ट्रीय टीमों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के हाई-परफॉर्मेंस कोच उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। इसमें सीनियर, जूनियर और महिला टीमों को शामिल किया गया है। कोचिंग के इस सहयोग का उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार करना और उन्हें एशियन गेम्स, विश्व कप तथा ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।

स्कूल-कॉलेज से लेकर राष्ट्रीय टीम तक बनेगा विकास का रास्ता

दोनों संस्थाएं भारत में जमीनी स्तर पर सॉफ्टबॉल को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण क्लीनिक भी आयोजित करेंगी। इसके अलावा अंपायर और स्कोरर की ट्रेनिंग, खेल विज्ञान तथा हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम को विकसित करने पर भी काम किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में युवा और महिला खिलाड़ियों के साथ उभरती प्रतिभाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सॉफ्टबॉल के लिए एक व्यवस्थित विकास प्रणाली तैयार करने की भी योजना है, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का मौका मिल सके।

दोनों प्रधानमंत्रियों की पहल से प्रेरित साझेदारी

सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस समझौते को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। SBAI के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच खेल सहयोग को लेकर बनी व्यापक सोच से प्रेरित है।

दोनों देशों ने क्रिकेट के अलावा कोचिंग, खेल विज्ञान, तकनीक, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग और युवा खेलों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। सॉफ्टबॉल MoU को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘यह केवल MoU नहीं, बल्कि एक आंदोलन है’

SBAI के नेतृत्व ने इस मौके पर कहा कि यह समझौता सिर्फ दो संस्थाओं के बीच करार नहीं है, बल्कि भारतीय सॉफ्टबॉल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे देश के युवाओं, महिला खिलाड़ियों और अलग-अलग राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से आने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

बिहार सॉफ्टबॉल एसोसिएशन की सचिव प्राची शर्मा ने भी इस समझौते को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में सुनहरा कदम है और दोनों देशों के सॉफ्टबॉल के विकास के लिए शुभकामनाएं दीं।

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बिहार के युवा क्रिकेटरों को मिलेगा नया मुकाम, सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग का आयोजन

पटना। बिहार के प्रतिभाशाली और उभरते क्रिकेटरों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का नया मंच मिलने जा रहा है। सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग (STCL) के माध्यम से राज्य के युवा क्रिकेटरों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, बल्कि चयनित खिलाड़ियों के आर्थिक बोझ को भी कम करने की पहल की गई है। एसटीसीएल के चेयरमैन राजेश झा ने बताया कि लीग के लिए राज्यभर के खिलाड़ियों के चयन हेतु सेलेक्शन ट्रायल का आयोजन 2 और 3 सितंबर 2026 को जगजीवन राम रेलवे क्रिकेट स्टेडियम में किया जाएगा। खास बात यह है कि ट्रायल के लिए खिलाड़ियों से किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

आठ टीमें लेंगी हिस्सा
एसटीसीएल के वाइस चेयरमैन रवि चिकारा ने बताया कि ट्रायल के माध्यम से कुल 8 टीमों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक टीम को तीन-तीन लीग मैच खेलने का अवसर मिलेगा। लीग के सभी मैचों को लाइव प्रसारित करने की तैयारी है। इसके लिए SonyLIV और DD Sports से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि लाइव प्रसारण से युवा खिलाड़ियों को बड़े दर्शक वर्ग तक अपनी प्रतिभा पहुंचाने का अवसर मिलेगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिलेगी।

चयनित खिलाड़ियों का खर्च उठाएगी लीग
एसटीसीएल के डायरेक्टर मुकेश सिंह ने बताया कि लीग के मुकाबले मिराज इंटरनेशनल स्टेडियम, उदयपुर में खेले जाएंगे। चयनित खिलाड़ियों को उनके घर से उदयपुर स्थित स्टेडियम तक एसी ट्रेन से लाने और प्रतियोगिता के बाद वापस घर पहुंचाने की व्यवस्था लीग की ओर से की जाएगी। इसके अलावा उदयपुर में खिलाड़ियों के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था एसटीसीएल द्वारा की जाएगी। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य प्रतिभावान खिलाड़ियों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है, ताकि वे पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

खिलाड़ियों को मिलेगी मैच फीस और पुरस्कार राशि
एसटीसीएल की ओर से चयनित प्रत्येक खिलाड़ी को 25 हजार रुपये मैच फीस के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न व्यक्तिगत और टीम पुरस्कार भी रखे गए हैं।

मैन ऑफ द मैच: 21 हजार रुपये
बेस्ट बैटर: 21 हजार रुपये
बेस्ट बॉलर: 21 हजार रुपये
प्लेयर ऑफ द सीरीज: 51 हजार रुपये
विजेता टीम: 15 लाख रुपये
उपविजेता टीम: 10 लाख रुपये

आयोजकों का कहना है कि लीग का मुख्य उद्देश्य बिहार के छिपे हुए क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर देना है।

कई पूर्व क्रिकेटरों ने किया समर्थन
सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग को कई पूर्व और प्रतिष्ठित क्रिकेटरों का समर्थन भी मिल रहा है। चेतन शर्मा, अशोक मल्होत्रा, मदन लाल और सबा करीम समेत कई क्रिकेट जगत की हस्तियां इस पहल के समर्थन में आगे आई हैं। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसटीसीएल के लीग कमिश्नर और पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन शर्मा ने कहा कि इस लीग के माध्यम से नवोदित खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध होगा और उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका मिलेगा।

वहीं, पूर्व क्रिकेटर अशोक मल्होत्रा ने कहा कि लीग में चयनित प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी मिलेगा, जो उनके करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एसटीसीएल के पदाधिकारी गणेश दत्त ने कहा कि यह मंच उन प्रतिभाशाली क्रिकेटरों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो लंबे समय से बेहतर अवसर और मंच की तलाश में हैं।

यहां करें रजिस्ट्रेशन
लीग के सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने के इच्छुक खिलाड़ी www.stclsport.com पर जाकर अपना निबंधन कर सकते हैं। आयोजकों ने खिलाड़ियों से समय पर रजिस्ट्रेशन पूरा करने की अपील की है।

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