पटना। स्किल्स बास्केटबॉल अकादमी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 3×3 बास्केटबॉल टूर्नामेंट का रविवार को शानदार समापन हुआ। बिहार समेत विभिन्न राज्यों से आई करीब 50 टीमों के बीच हुए रोमांचक मुकाबलों के बाद सीनियर बालक वर्ग में द हंटर्स और सीनियर बालिका वर्ग में बी-बैलर्स ने खिताब अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित किया।
सीनियर बालक वर्ग के फाइनल में द हंटर्स और सीडीबीए के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला। द हंटर्स ने शानदार तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की और चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। सीडीबीए को उपविजेता से संतोष करना पड़ा। इस वर्ग में राहुल को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (एमवीपी) चुना गया।
वहीं सीनियर बालिका वर्ग के फाइनल में बी-बैलर्स ने ईसीआर को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली नेहा कुमारी को इस वर्ग का एमवीपी घोषित किया गया।

अंडर-19 बालक वर्ग में चार बहादुर ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए पाजी बैलर्स को हराकर खिताब जीता। इस वर्ग में तेजस मिश्रा को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। वहीं अंडर-19 बालिका वर्ग के फाइनल में मगध हूपर्स ने छत्तीसगढ़ की टीम को पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। अवंतिका को इस वर्ग का एमवीपी घोषित किया गया।
अंडर-16 बालक वर्ग में सीडीबीए ने फाइनल में मुजफ्फरपुर बास्केटबॉल अकादमी को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। इस वर्ग में आदित्य पांडेय को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार मिला। वहीं अंडर-16 बालिका वर्ग में एनवीएस-1 ने स्किल्स बैलर्स को हराकर खिताब जीता। दिव्या को इस वर्ग की एमवीपी चुना गया।
समापन समारोह में बास्केटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के चेयरमैन सुशील कुमार और एनआईएस कोच शरद कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया तथा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की।
आयोजन सचिव अमन कुमार ने सभी खिलाड़ियों, कोचों, निर्णायकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों की टीमों की भागीदारी से प्रतियोगिता का स्तर काफी ऊंचा रहा। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से कराने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और बड़े मंच तक पहुंचने का अवसर मिलता रहे।






