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Happy Birthday Sourav Ganguly : वह कप्तान जिसने भारतीय क्रिकेट को संकट से शिखर तक पहुंचाया, आज वर्ल्ड में अपना परहम लहरा रही टीम इंडिया

Happy Birthday Sourav Ganguly: भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास में अब तक कई कप्तान आए हैं। सभी ने अपने-अपने कार्यकाल में टीम के लिए बेहतर करने की कोशिश की। लेकिन, जिस कप्तान ने अपनी नेतृत्व क्षमता से भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदल दी और टीम को दुनिया की शीर्ष और मजबूत टीमों में शुमार कराया उसका नाम सौरव गांगुली है।

सौरव गांगुली को 2000 में भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। यह वह दौर था जब टीम फिक्सिंग के आरोपों से जूझ रही थी। प्रदर्शन के आधार पर विश्व विजेता टीम होने के बाद भी कमजोर टीमों में गिनी जाती थी। विदेशों में जीत भारतीय टीम के लिए सपना हुआ करती थी। लेकिन, गांगुली ने अपनी नेतृत्व क्षमता, खिलाड़ियों की परख और उनसे प्रदर्शन निकलवाने की काबिलियत के दम पर भारतीय क्रिकेट का चेहरा ही बदल दिया।

कप्तान बनने के बाद सौरव गांगुली ने उन खिलाड़ियों को मौका दिया जिन्होंने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट की तस्वीर ही बदल दी। इन खिलाड़ियों में युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ, हरभजन सिंह, जहीर खान, आशीष नेहरा, गौतम गंभीर, एम. एस. धोनी, और वीरेंद्र सहवाग जैसे नाम प्रमुख हैं। ये सभी खिलाड़ी आज भारतीय क्रिकेट के श्रेष्ठतम खिलाड़ियों में शुमार होते हैं। इसके पीछे गांगुली की पारखी नजर थी।

गांगुली एक आक्रामक कप्तान थे। उनकी कप्तानी में भारत ने बेखौफ अंदाज में खेलने की संस्कृति अपनाई। इस वजह से टीम को टेस्ट और वनडे दोनों ही फॉर्मेट में बड़ी सफलता मिली। 2000 में फिक्सिंग के आरोपों का सामना कर रही भारतीय टीम इसी साल गांगुली की कप्तानी में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल खेली, 2002 में संयुक्त रूप से श्रीलंका के साथ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की विजेता रही, और 2003 में वनडे विश्व कप का फाइनल खेला।

सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत ने विदेश में जीतना सीखा। नेटवेस्ट ट्रॉफी (2002) इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसमें भारत ने फाइनल में इंग्लैंड को उसकी धरती पर हराया। भारत ने टेस्ट में विदेश में अपना प्रभाव जमाना और जीतना गांगुली के दौर में ही सीखा। गांगुली 2005 तक कप्तान रहे। 5 साल के अपने कार्यकाल में फिक्सिंग के आरोपों का सामना करने वाली टीम को उन्होंने दुनिया की मजबूत क्रिकेट टीम बनाया।

गांगुली ने धोनी को दिनेश कार्तिक पर प्राथमिकता दी थी। धोनी न सिर्फ भारत के सर्वश्रेष्ठ और सफलतम कप्तान बने बल्कि दुनिया के सफलतम विकेटकीपर बल्लेबाज भी बने। धोनी ने 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप अपनी कप्तानी में जीता। इसमें अहम भूमिका उन खिलाड़ियों की रही, जिनके करियर की उड़ान गांगुली की कप्तानी में शुरू हुई थी। युवराज, सहवाग, हरभजन और गंभीर इन सभी का दोनों विश्व कप जीतने में अहम योगदान रहा था।

गांगुली जब बीसीसीआई अध्यक्ष थे, तब विराट की जगह रोहित शर्मा को कप्तान बनाने का उन्होंने निर्णय लिया। इसका परिणाम हमें टी20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के खिताब के रूप में मिला।

2000 से 2005 के बीच बतौर कप्तान गांगुली ने भारत को 49 टेस्ट में 21 में जीत दिलाई, 13 टेस्ट में हार मिली, जबकि 5 ड्रॉ रहे। वहीं 147 वनडे में 76 में भारत जीता था।

8 जुलाई 1972 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में जन्मे गांगुली को एक सफल कप्तान के बाएं हाथ के दुनिया के श्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार किया जाता है। वनडे क्रिकेट के वे बेहतरीन बल्लेबाज रहे और अनेक मैच अपने दम पर टीम इंडिया को जिताए। उनका अंतर्राष्ट्रीय करियर 1992 से 2008 तक रहा। गांगुली ने 113 टेस्ट में 16 शतक लगाते हुए 7212 रन बनाए। वहीं 311 वनडे में 22 शतक और 72 अर्धशतक की मदद से 11,363 रन बनाए।

सचिन तेंदुलकर के साथ सौरव गांगुली की जोड़ी वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे सफल सलामी जोड़ी है। दोनों ने 1996 से 2007 के बीच 136 पारियों में 6609 रन बनाए। इसमें 21 शतकीय और 23 अर्धशतकीय पारियां शामिल हैं।

–आईएएनएस

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पटना जिला क्रिकेट लीग दिसंबर के दूसरे सप्ताह से होगी शुरू, 28-29 नवंबर को खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

पटना। पटना जिला क्रिकेट संघ की प्रबंधकीय कमेटी की बैठक में सत्र 2026-27 की जिला क्रिकेट लीग दिसंबर के दूसरे सप्ताह से शुरू कराने का निर्णय लिया गया. खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन फॉर्म 28 और 29 नवंबर को जमा किए जाएंगे. बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रणवीर ने विंध्यवासिनी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, आरके भट्टाचार्य रोड स्थित संघ कार्यालय में की.

संघ के सचिव सुनील कुमार उर्फ सुनील रोहित ने बताया कि आगामी सत्र की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं. बैठक के बाद विभिन्न क्लबों के बीच रजिस्ट्रेशन फॉर्म का वितरण भी किया गया. खिलाड़ियों के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिसंबर के दूसरे सप्ताह से लीग मुकाबले शुरू होंगे.

तदर्थ कमेटी की कार्यप्रणाली पर जतायी नाराजगी

बैठक में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) की ओर से गठित तथाकथित तदर्थ पटना जिला क्रिकेट संघ (पीडीसीए) की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जतायी गयी. बैठक में शामिल पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि क्लबों के मामले में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. उन्होंने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की.

पटना जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रणवीर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव और जिला क्रिकेट संघों की व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण बीसीए का वर्ष 2025 का चुनाव रद्द किया गया है और जिला संघों में मनमाने तरीके से गठित तदर्थ कमेटियों को भी अवैध माना गया है.

नए सिरे से होंगे जिला संघों के चुनाव

प्रवीण कुमार प्रणवीर के अनुसार, बिहार क्रिकेट एसोसिएशन और राज्य के जिला क्रिकेट संघों में नए सिरे से चुनाव कराये जाने हैं. बीसीए के संचालन और चुनाव प्रक्रिया के लिए पटना हाइकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अश्वनी कुमार सिंह को प्रशासक नियुक्त किये जाने की बात भी बैठक में कही गयी.

उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के तहत जिला क्रिकेट संघों से संबद्ध क्लबों का सत्यापन किया जाएगा. इसके बाद मतदाता सूची तैयार कर जिला संघों के चुनाव कराये जाएंगे. जिला संघों की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि पटना जिला क्रिकेट संघ की वर्ष 2023 में निर्वाचित प्रबंधकीय कमेटी इस प्रक्रिया में प्रशासक को पूरा सहयोग देगी.

खिलाड़ियों के चयन पर रोक नहीं

बैठक में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के प्रशासक की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का भी उल्लेख किया गया. संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, एसओपी में स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचित या समानांतर जिला क्रिकेट संगठन से जुड़े इच्छुक खिलाड़ी बीसीए की विभिन्न श्रेणियों में होने वाले चयन ट्रायल में हिस्सा ले सकते हैं. ऐसे खिलाड़ियों के चयन प्रक्रिया में शामिल होने पर कोई रोक नहीं है.

बैठक में जिला क्रिकेट लीग की तैयारियों, खिलाड़ियों के पंजीकरण और क्लबों से जुड़े विषयों पर चर्चा की गयी. बैठक के बाद उपस्थित क्लबों को रजिस्ट्रेशन फॉर्म उपलब्ध कराये गये, ताकि आगामी सत्र की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके.

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बिहार फुटबॉल एसोसिएशन का चुनाव एवं वार्षिक आम सभा पटना में सफलतापूर्वक संपन्न; जय बहादुर सिंह अध्यक्ष निर्वाचित

पटना, 25 अक्टूबर 2026: बिहार फुटबॉल एसोसिएशन (BFA) का चुनाव एवं उसके पश्चात वार्षिक आम सभा (AGM) का आयोजन 25 अक्टूबर 2026 को पटना में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रक्रिया अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) द्वारा प्रतिनियुक्त अधिकारियों की देखरेख में संपन्न हुई।

चुनाव प्रक्रिया निर्वाचन पदाधिकारी श्री बैजू नाथ कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में तथा AIFF द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक श्री हरेंद्र स्वैन के सहयोग से निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार संपन्न कराई गई।

चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बिहार फुटबॉल एसोसिएशन के संचालन एवं विकास की जिम्मेदारी निम्नलिखित निर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी समिति के सदस्यों को सौंपी गई।

नव निर्वाचित पदाधिकारी

अध्यक्ष: श्री जय बहादुर सिंह (एनआईएस कोच एवं पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी)
उपाध्यक्ष: श्री अश्विनी खत्री
उपाध्यक्ष: श्री विकास कुमार (गोल्डी)
महिला उपाध्यक्ष: सुश्री प्रीति
कोषाध्यक्ष: श्री सत्येंद्र कुमार (पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी)

कार्यकारिणी समिति के सदस्य

  • श्री शंकर कुमार सिंह
  • श्री दिवाकर कुमार (राष्ट्रीय रेफरी)
  • श्री राजीव कुमार रंजन
  • श्री सुनील कुमार प्रसाद
  • सुश्री पूजा जायसवाल
  • श्री चंदन कुमार सिंह
  • श्री संजय कुमार दयाल (SOM, पूर्व भारतीय खिलाड़ी)
  • सुश्री मधु कुमारी (SOM महिला, पूर्व भारतीय खिलाड़ी)
  • श्री संजीव कुमार (SPA, प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खिलाड़ी)
  • सुश्री नेहा (SPA महिला, प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खिलाड़ी)

महासचिव, सचिव एवं संयुक्त सचिवों की नियुक्ति
नवगठित आम सभा के गठन के पश्चात वार्षिक आम सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसोसिएशन के सुचारु संचालन तथा बिहार में फुटबॉल के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निम्नलिखित पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई।

महासचिव: श्री श्याम बाबू सिंह
सचिव: श्री संतोष कुमार सिंह
संयुक्त सचिव:
श्री मनोज कुमार
श्री भवेश कुमार सिंह

बैठक में बिहार में फुटबॉल प्रशासन को सुदृढ़ करने, जिला फुटबॉल संघों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने, जमीनी स्तर पर फुटबॉल को बढ़ावा देने तथा युवा एवं उभरते खिलाड़ियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने के प्रति एसोसिएशन की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

नवनिर्वाचित नेतृत्व ने राज्य में फुटबॉल प्रतिभाओं की पहचान एवं उन्हें निखारने, संगठनात्मक ढाँचे को मजबूत करने, जमीनी स्तर पर फुटबॉल के विस्तार तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बिहार की भागीदारी एवं प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

बिहार फुटबॉल एसोसिएशन को विश्वास है कि नवगठित नेतृत्व के मार्गदर्शन में राज्य में फुटबॉल के विकास को नई गति मिलेगी। एसोसिएशन पारस्परिक सहयोग, पारदर्शिता, प्रभावी प्रशासन तथा राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में फुटबॉल के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ेगा।

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आरव का ऑलराउंड प्रदर्शन, करुणा ने 77 रन से जीता मैच

पटना। बल्ले से अर्धशतक और गेंद से तीन विकेट। करुणा क्रिकेट एकेडमी के आरव कुमार चंद्रा ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से द्वितीय विमला देवी मेमोरियल इंटर स्कूल अंडर-13 क्रिकेट टूर्नामेंट में शनिवार को टीम को शानदार जीत दिलाई। सीएबी ग्राउंड पर खेले गए प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबले में करुणा क्रिकेट एकेडमी ने मंत्रा स्पोटर्स एकेडमी को 77 रन से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।

सरदार पटेल स्पोटर्स फाउंडेशन की देखरेख में आयोजित टूर्नामेंट में टॉस जीतकर मंत्रा ने करुणा को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। करुणा ने निर्धारित 21 ओवर में नौ विकेट पर 148 रन बनाए। ओपनर आरव कुमार चंद्रा ने 54 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से नाबाद 53 रन की पारी खेली। कप्तान शुभम ने 23 और आदित्य राज ने 18 रन बनाए। टीम के खाते में अतिरिक्त के रूप में 34 रन जुड़े। मंत्रा की ओर से आर्यन शंकर, आदित्य आनंद, अभिमान और रुद्रांश राय ने दो-दो विकेट लिए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी मंत्रा स्पोटर्स एकेडमी की टीम 12.3 ओवर में 71 रन पर सिमट गई। अभिमान ने सर्वाधिक 25 रन बनाए, जबकि अन्य बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके। आरव ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए दो ओवर में आठ रन देकर तीन विकेट चटकाए। रौनक ने दो, जबकि आदित्य राज और अभिषेक कुमार यादव ने एक-एक विकेट लिया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए आरव कुमार चंद्रा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

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अल्फा अंडर-14 कप के फाइनल में गोल क्रिकेट एकेडमी और पटना-11

पटना। अल्फा अंडर-14 कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबलों में गोल क्रिकेट एकेडमी और पटना-11 ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली। शुक्रवार को बलुआ स्थित अल्फा स्पोर्ट्स एकेडमी में खेले गये मुकाबलों में गोल क्रिकेट एकेडमी ने टर्फ एरिना को 100 रनों से हराया, जबकि पटना-11 ने अल्फा क्रिकेट एकेडमी, कंकड़बाग को आठ विकेट से पराजित किया। पहले सेमीफाइनल में शिवम सम्राट ने नाबाद शतक जड़ा, वहीं दूसरे मुकाबले में आयुष कुमार ने गेंद और बल्ले दोनों से दमदार प्रदर्शन किया।

शिवम सम्राट का शतक, गोल क्रिकेट एकेडमी की बड़ी जीत

पहले सेमीफाइनल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए गोल क्रिकेट एकेडमी ने निर्धारित 20 ओवर में दो विकेट पर 206 रन बनाये। शिवम सम्राट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 100 रनों की शतकीय पारी खेली। रजनीश रंजन ने नाबाद 55 रन बनाये, जबकि अरसलान जकी खान ने 23 रनों का योगदान दिया। इस तरह टर्फ एरिना के सामने जीत के लिए 207 रनों का लक्ष्य था।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी टर्फ एरिना की टीम गोल क्रिकेट एकेडमी की सधी हुई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी और 18.3 ओवर में 106 रनों पर ऑलआउट हो गयी। कप्तान आकाश एमएस ने सर्वाधिक 52 रन बनाये, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। गोल क्रिकेट एकेडमी की ओर से पीयूष शर्मा ने 22 रन देकर चार विकेट झटके। आदर्श कुमार ने तीन और मधुकांत पांडेय ने दो विकेट लेकर टीम की जीत आसान कर दी। गोल क्रिकेट एकेडमी ने 100 रनों से मुकाबला अपने नाम कर फाइनल में प्रवेश किया।

आयुष कुमार का ऑलराउंड प्रदर्शन, पटना-11 फाइनल में

दूसरे सेमीफाइनल में पटना-11 ने अल्फा क्रिकेट एकेडमी, कंकड़बाग को आठ विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनायी। पहले बल्लेबाजी करते हुए अल्फा क्रिकेट एकेडमी ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 137 रन बनाये। आकर्ष राज ने 44 रन की पारी खेली, जबकि विवेक कुमार ने 26 और अक्षत अवि ने 24 रन बनाये।

पटना-11 की ओर से आयुष कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 13 रन देकर तीन विकेट हासिल किये। स्पर्श ने भी दो विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। 138 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पटना-11 की टीम ने 17.3 ओवर में दो विकेट खोकर 138 रन बना लिये। आयुष कुमार ने बल्लेबाजी में भी कमाल दिखाया और 72 रनों की नाबाद पारी खेली। उनकी पारी में आठ चौके और तीन छक्के शामिल रहे। स्पर्श ने 42 गेंदों पर 41 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। पटना-11 ने आठ विकेट से जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।

दोनों सेमीफाइनल में जीत के साथ गोल क्रिकेट एकेडमी और पटना-11 ने अल्फा अंडर-14 कप 2026 के फाइनल में प्रवेश कर लिया।

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