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Opinion: 4-1 से सीरीज जीतने के बाद भी कुछ सवालों ने किया परेशान, घर में ही स्पिनर्स के सामने टिक नहीं पा रहे हैं भारतीय बल्लेबाज, जानें कहां चूक रहे हैं बल्लेबाज…

Opinion: भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 4-1 से सीरीज को अपने नाम किया। इस टेस्ट सीरीज को जीतकर भारतीय टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में पहले स्थान के लिए दावेदारी मजबूत कर दी। लगातार दो बार विश्व टेस्ट चैंपिशनशिप का फाइनल खेलने के बाद टीम इंडिया इस बार भी टेस्ट चैंपिशनशिप फाइनल खेलने के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। इस सीरीज को भारतीय टीम ने भले ही 4-1 से अपने नाम कर लिया हो लेकिन इस टेस्ट सीरीज और पिछले कुछ सालों में घर पर खेले गए टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की एक कमी तेजी से उजागर हुई है।

ऐसी कमी उजागर हुई है जिसमें कभी भारतीय टीम को महारत हासिल थी। पिछले कुछ सालों में भारतीय टीम स्पिन खेलने में फिसड्डी साबित हुई है। भारतीय टीम को भारत में ही स्पिन खेलने में अब परेशानी होने लगी है। जबकि पहले यही भारतीय टीम के जीत का मंत्रा था। विदेशी टीमें के खिलाफ स्पिन ट्रैक तैयार करके उनके चारों खाने चित कर देते थे। अब ऐसा हो गया है कि विदेशी टीमें भारत का दौरा करती है तब दो-तीन अच्छे स्पिनर को शामिल कर भारतीय टीम को परेशान कर देती है। यहां आने के बाद उनके एवरेज गेंदबाज भी शानदार गेंदबाज बन जाते हैं।

जबकि पहले भारतीय टीमों ने घरेलू और उपमहाद्वीपीय परिस्थतियों में स्पिन के अनुकूल पिचों में शानदार बल्लेबाजी की है। हालांकि अभी वर्तमान में भारतीय टीम स्पिन का सामना करने में पूरी तरह से जुझते नजर आती हैं। भारतीय टीम की गेंदबाजी भारत में शुरू से ही बेहतरीन रही है। अभी यह और मजबूत हो गई है जबकि बल्लेबाजी में स्पिन खेलने की कला में कमी देखने को मिली है।

70 के दशक में भारत की स्पिन चौकड़ी

भारतीय टीम जो कभी 70 के दशक में अपनी स्पिन गेंदबाजी से विरोधियों को परेशान किया करते थी। वहीं आज के समय में हमारे बल्लेबाज परेशान हो जाते हैं। 70 के दशक में इराप्पल्ली प्रसन्ना, बीएस चन्द्रशेखर, वेंकट राघवन और बिशन सिंह बेदी की प्रसिद्ध चौकड़ी थी, जो भारतीय पिचों पर विदेशी टीमों के खिलाफ हावी रहती थी। इन लोगों ने विदेशी बल्लेबाजों के मन में इतना डर बना दिया था कि भारत का दौरा करने वाली टीमें एक महीना पहले से ही स्पिन खेलने का अभ्यास शुरू कर देती थी लेकिन फिर भी इनकी चौकड़ी बल्लेबाजों को कुछ खास करने का मौका नहीं देती थी।

उसके बाद 1980 से लेकर 2010 तक भारतीय टीम के पास ऐसे बल्लेबाज थे जो भारत में ही नहीं बाहर भी जाकर अपनी छाप छोड़ी। कुछ ऐसे बल्लेबाज भी थे, जिन्हें घर पर स्पिन खेलने में महारत हासिल थी और अगर विदेश का दौरा करे तो स्विंग और पेस खेलने में भी माहिर थे। उस दौरान भारत में कई ऐसे दिग्गज स्पिनर भी आएं, जिन्होंने पूरी दूनिया में अपनी छाप छोड़ी लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के आगे नतमस्तक हो गए। शेन वार्न से लेकर मुथैया मुरलीधरन तक कई ऐसे दिग्गज भी आएं लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने उन दिग्गज स्पिनरों का डटकर सामना किया और स्पिन खेलने की कला भी दुनिया को दिखाई।

हमारी ताकत ही बनी कमजोरी

आखिरी पिछले कुछ समय में ऐसा क्या हो गया कि जो हमारी ताकत थी, वही हमारी कमजोरी बन गई। भारतीय खिलाड़ी जो स्पिन के अनुकूल पिचों पर खेलकर बड़े हुए हैं लेकिन आज वही बल्लेबाज स्पिन का ढंग से सामना नहीं कर पा रहे हैं। जहां विकेट खराब होने लगती है भारतीय टीम के बल्लेबाजों के पांव क्रीज पर जमते ही नहीं हैं। समय के साथ भारतीय खिलाड़ियों का स्पिन खेलने के लिए जो तकनीक होनी चाहिए, वो धीरे-धीरे खराब होता जा रहा है। अब महेमान टीम को जितना मुश्किल स्पिन खेलने में होती है उतना ही मुश्किल भारतीय टीम को भी स्पिन का सामना करने में होती है।

स्पिन के खिलाफ क्यों संघर्ष कर रहे हैं बल्लेबाज

भारतीय पिचों पर स्पिनरों को खासा फायदा मिलता है। यहां स्पिनरों को विकेट से काफी मदद मिलती है, जिसके कारण भारत में स्पिनर ज्यादा करागर साबित होते हैं। जैसे-जैसे विकेट टूटने लगती है स्पिनरों को टर्न के साथ अधिक उछाल भी मिलने लगती है। अगर गेंदबाज गेंद को ड्रिफ्ट करवाना जानते हैं तब तो बल्लेबाजों को ऐसे गेंदबाज का सामना करने में ज्यादा ही कठिनाई आती है। क्योंकि ऐसे गेंदबाज पिच से अधिक फायदा लेने में कामयाब रहते हैं और बल्लेबाजों को खूब परेशान करते हैं।

भारत में विकेट सूखी और धीमी होती है साथ ही साथ विकेट में असमतल उछाल के साथ गेंद भी तेजी से टर्न होता है। ऐसी विकेटों पर खेलने के लिए बल्लेबाजों को अधिक सतर्कता दिखाने की जरूरत होती है। जिसके लिए बल्लेबाजों को स्पिन खेलने की कला बखूबी आनी चाहिए। स्पिन खेलने में परेशानी के कारण बल्लेबाज स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पाते हैं। जिसके कारण भी स्पिनर्स बल्लेबाजों पर हावी हो जाते हैं। जब कोई एक बल्लेबाज ओवर की 6 गेंदें खुद खेलता है तब उसके आउट होने की संभावना भी ज्यादा होती है। इसलिए ऐसा कहा जाता था कि आप स्ट्राइक रोटेट करते रहें जिससे गेंदबाज को परेशानी हो, बल्लेबाज को नहीं।

विदेशी स्पिनर ने किया परेशान

पिछले 10-15 सालों में भारत में डेब्यू करने वाले विदेशी स्पिनर ने भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल में डाला है। 2008 में जब ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत का दौरा करने आई थी तब जेसन क्रेजा ने अपने डेब्यू मुकाबले के पहली पारी में 8 और दूसरी पारी में 4 विकेट चटकाए थे। उसके बाद से विदेशी स्पिनर भारतीय बल्लेबाजों पर हावी होने लगे। अगर ऑस्ट्रेलिया के स्टीव ओ कैफी की बात करें तो उन्होंने 2021 में भारत का दौरा करते हुए दोनों पारी में 6-6 विकेट लिए थे। वहीं मैट कुहनैमन ने 5 विकेट लेकर भारतीय टीम को बता दिया था कि स्पिन खेलने की कला अब आपके पास उतनी अच्छी नहीं रही।

उसके बाद न्यूजीलैंड के एजाज पटेल ने एक पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा भी भारत के खिलाफ भारत में ही किया। उन्होंने उस मैच में कुल 14 विकेट चटकाए। वहीं टॉड मर्फी ने 2023 में डेब्यू करते हुए एक पारी में 5 विकेट चटकाए। अब इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले ही मैच में टॉम हर्टली ने डेब्यू करते हुए एक पारी में 7 विकेट चटकाए। उसके बाद शोएब बशीर ने इस टेस्ट सीरीज के चौथे और पांचवें मुकाबले में पांच-पांच विकेट चटकाए। इस सीरीज में इंग्लैंड के टॉम हार्टली ने कुल 22 विकेट चटकाए। इन 10-15 सालों में विदेशी स्पिनर ने भारत में आकर भारतीय टीम को ही परेशान किया है।

बल्लेबाज तकनीक पर नहीं कर पाते हैं काम

अब सालभर लगातार ही पूरे विश्व में क्रिकेट खेला जाता है। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिकेटरों को अपनी कमियों पर काम करने का मौका भी बहुत कम मिलता है। अब जो भारतीय क्रिकेटर इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने लगते है वो घरेलू क्रिकेट में भाग नहीं लेते हैं। जिस कारण से उन्हें घरेलू गेंदबाज या स्पिनर को खेलने का कम मौका मिलता है। इसके अलावा अब बल्लेबाज गेंदबाज के साथ कम और बॉलिंग मशीन के साथ ज्यादा दिखते हैं। बॉलिंग मशीन के साथ बल्लेबाज घंटों अभ्यास करते हैं। वहीं लगातार क्रिकेट होने के कारण सीमित ओवरों में बल्लेबाज स्पिनर पर ज्यादा अटैकिंग रुख अपनाते हैं और रन बनाने की कोशिश करते रहते हैं। फील्ड रिस्ट्रिक्शन होने के कारण बल्लेबाजों की कमियों का पता नहीं चलता है। जैसे ही यही बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं उनकी कमियां साफ नजर आने लगती है।

गेंदबाज भी अब पहले जितना अभ्यास नहीं करते हैं। तीन फॉर्मेट में अपने आप फिट रखने के लिए गेंदबाज नेट में भी काफी कम समय व्यतीत करते हैं। जिस कारण से भी बल्लेबाजों को अपनी कमियों के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं चलता है। लगातार मैचेज के कारण गेंदबाज अब ज्यादातर अपने फिटनेस पर ध्यान देते हैं। जिससे वो ज्यादा से मैच खेल पाएं। इस कारण से अब ज्यादातर बल्लेबाजों को नेट गेंदबाज ही अभ्यास कराते नजर आते हैं।

घरेलू क्रिकेट में स्पिनर अब उतने करागर नहीं

अब बात यह भी है कि अब घरेलू क्रिकेट में उतने अच्छे स्पिनर भी नहीं रह गए हैं जो बल्लेबाजों को ज्यादा परेशान कर सके। पहले घरेलू क्रिकटे में एक से बढ़कर एक स्पिनर हुआ करते थे। जो इंटरनेशनल क्रिकेट के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट को भी तवज्जो देते थे, लेकिन अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अब लगातार मैचेज रहने के कारण इंटरनेशनल क्रिकेटर घरेलू में शामिल नहीं हो पाते है जिस कारण से अब बल्लेबाजों को क्वालिटी के स्पिनर नहीं मिलते हैं। इस कारण से भी अब घरेलू क्रिकेट में स्पिनर उतने करागर साबित नहीं होते हैं। अच्छे स्पिनर के नहीं होने के कारण बल्लेबाजों की कमियां नजर नहीं आती है।

स्पिन खेलने की बढ़िया तकनीक क्या है…

स्पिन को खेलने के लिए सबसे अच्छा उपाय है कि आपके कदम चलते रहें। आप फ्रंटफूट और बैकफूट का इस्तेमाल अच्छे ढंग से करें। कुछ बल्लेबाज टर्न कम करने के लिए निकलकर खेलते है और कुछ बल्लेबाज गेंद को टर्न होने के बाद खेलना पंसद करते हैं। अगर आप ऐसे स्पिन को खेलोंगे तब सफलता आपको मिलेगी। स्पिनर के खिलाफ अगर आप फंस गए तब गेंदबाज आपको निश्चित तौर पर आउट कर देगा। इसके अलावा आपके हाथ सॉफ्ट होने चाहिए ताकि आसपास लगे फील्डर के पास गेंद नहीं जानी चाहिए। टेस्ट क्रिकेट में कुछ इस ढंग से स्पिन खेलकर आप अच्छे स्पिनर का सामना कर सकते हैं।

लेखक: उज्जवल कुमार सिन्हा

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BCA सुपर लीग सीनियर वर्ग: मुजफ्फरपुर के सामने दरभंगा की पारी लड़खड़ाई, ठाकुर देवशीष ने पांच विकेट लेकर टीम को जीत की ओर किया अग्रसर

पटना: स्थानीय मोइनूल हक स्टेडियम में दरभंगा और मुजफ्फरपुर के बीच चल रहे BCA सीनियर वर्ग के सुपर लीग के खेले जा रहे तीन दिवसीय मैच के दूसरे दिन मुजफ्फरपुर की टीम ने पहली पारी में 325 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। मुजफ्फरपुर के आदित्य और अमन ने अर्ध-शतकीय पारी खेली । दरभंगा के नवनीत झा ने मुजफ्फरपुर के छ्ह बैटरों को पवेलियन भेजा कर टीम को वापसी कराई और मुजफ्फर को 325 रनों पर समेट दिया।

दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दरभंगा की टीम त्रिपुरारी केशव और अभिषेक महतो के अर्ध-शतक के बदौलत नौ विकेट पर 264 रन बनाकर खेल रही है। मुजफ्फरपूर के देवशीष ने पाँच खिलाड़ियों को आउट करने में सफलता हासिल की। पहली पारी में दरभंगा की टीम मुजफ्फरपुर से 61 रन पीछे है, जबकि दरभंगा का एक विकेट शेष है। दरभंगा के राजेश रंजन 47 रन और मनीष कुमार 2 रन बनाकर क्रीज़ पर नाबाद है।

संक्षिप्त स्कोर:

बल्लेबाजी मुजफ्फरपुर पहली पारी: अंकित सिंह-35 रन, चिरंजीवी ठाकुर 47 रन, अदित्या कुमार 67 रन, शिवम कुमार 11 रन, अतुल्य प्रियंकर 33 रन, अभिनव आलोक 3 रन, कुनाल किशोर 37 रन, अमन कुमार 58 रन, विशाल राज 7 रन, देवांग मिश्रा 18 रन, नमन सिंह पाराशर 1 रन। गेंदबाजी दरभंगा पहली पारी: नवनीत झा 38-9-113-6, मनीष कुमार33-9-93-2, आरव झा 10-0-30-1,

बल्लेबाजी दरभंगा पहली पारी: आयुष लोहारिका 24 रन, त्रिपुरारी केशव 69 रन, अल्त्मस असरफ 2 रन, भश्वान भारद्वाज शून्य, अभिषेक कुमार महतो 79 रन, नवनीत झा 19 रन, राजेश रंजन 47 रन, मो सूफियान 2 रन, सूरज कुमार सिंह शून्य, सुभाष चन्द्र 6 रन, मनीष कुमार 2 रन। गेंदबाजी मुजफ्फरपुर पहली पारी: ठाकुर देवशीश 28.3-9-56-5, अतुल्य प्रियंकर 18-4-53-3, राहुल 14-1-47-1,

 

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BCCI ने किया भारतीय टीम के कार्यक्रम का ऐलान, भारत इन 3 टीमों की करेगा मेहमान नवाजी

BCCI ने भारत में होने वाले आगामी कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद सिंतबर से भारतीय टीम का मुकाबला भारत में पहले बांग्लादेश से होगा। उसके बाद फिर न्यूजीलैंड की टीम भारत आएगी। वहीं 2025 में साल के शुरुआत में इंग्लैंड की टीम भारत का दौरा करेगी।

बीसीसीआई ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए भारत में होने वाले कार्यक्रम का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह शेड्यूल सिंतबर से लेकर जनवरी 2025 तक जारी किया गया है। सिंतबर में बांग्लादेश की टीम भारत आएगी। यहां बांग्लादेश को 2 टेस्ट मैच के साथ 3 टी20 के मैच भी खेलने हैं। बांग्लादेश के साथ 19 सिंतबर से मुकाबले की शुरुआत होगी और 12 अक्टूबर को अंतिम टी20 मैच के साथ बांग्लादेश का दौरा समाप्त होगा।

Bangladesh’s Tour of India
S. No. Date (From) Date (To) Time Match Venue
1 Thu 19-Sep-24 Mon 23-Sep-24 9:30 AM 1st Test Chennai
2 Fri 27-Sep-24 Tue 01-Oct-24 9:30 AM 2nd Test Kanpur
3 Sun 06-Oct-24 7:00 PM 1st T20I Dharamsala
4 Wed 09-Oct-24 7:00 PM 2nd T20I Delhi
5 Sat 12-Oct-24 7:00 PM 3rd T20I Hyderabad

न्यूजीलैंड के साथ खेला जाएगा तीन टेस्ट 

बांग्लादेश के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के साथ तीन टेस्ट मैच खेलेगी। 16 अक्टूबर से इस सीरीज की शुरुआत होगी जबकि इस सीरीज का अंतिम एवं तीसरा टेस्ट 1 नवंबर से खेला जाएगा। बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेले जाएंगे। यह टेस्ट मैचेज वर्ल्ड चैंपियनशिप का हिस्सा भी है। घर मे जीतकर भारत अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश करेगा।

New Zealand’s Tour of India
S. No. Date (From) Date (To) Time Match Venue
1 Wed 16-Oct-24 Sun 20-Oct-24 9:30 AM 1st Test Bengaluru
2 Thu 24-Oct-24 Mon 28-Oct-24 9:30 AM 2nd Test Pune
3 Fri 01-Nov-24 Tue 05-Nov-24 9:30 AM 3rd Test Mumbai

इंग्लैंड के साथ खेला जाएगा वनडे और टी20 

इंग्लैंड के साथ भारतीय टीम को 5 टी20 और 3 वनडे के मुकाबले खेलने है। जिसकी शुरुआत 22 जनवरी से होगी। पहले पांच टी20 के मैच खेले जाएंगे। उसके बाद तीन वनडे खेला जाएगा। इंग्लैंड के दौरे का अंतिम मुकाबला 12 फरवरी 2025 को खेला जाएगा।

England’s Tour of India
S. No. Date (From) Date (To) Time Match Venue
1 Wed 22-Jan-25 7:00 PM 1st T20I Chennai
2 Sat 25-Jan-25 7:00 PM 2nd T20I Kolkata
3 Tue 28-Jan-25 7:00 PM 3rd T20I Rajkot
4 Fri 31-Jan-25 7:00 PM 4th T20I Pune
5 Sun 02-Feb-25 7:00 PM 5th T20I Mumbai
6 Thu 06-Feb-25 1:30 PM 1st ODI Nagpur
7 Sun 09-Feb-25 1:30 PM 2nd ODI Cuttack
8 Wed 12-Feb-25 1:30 PM 3rd ODI Ahmedabad

 

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10वां पटना जिला भारोत्तोलन प्रतियोगिता 23 जून को, 100 से ज्यादा खिलाड़ी लेंगे भाग

तपेंदू इंस्टीट्यूट ऑफ स्टडीज, बी पी एड के द्वारा 10वां पटना जिला भारोत्तोलन (कैडेट्स, यूथ, जूनियर, सीनियर) पुरुष एवं महिला प्रतियोगिता का आयोजन दिनांक 23 जून को किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में 100 से ज्यादा खिलाड़ी भाग लेंगे।

इस प्रतियोगिता का उद्घाटन तपेंदू इंस्टीट्यूट ऑफ स्टडीज, बी पी एड के निदेशक श्री अभिनेश्वर सिंह जी के द्वारा किया जायेगा। इस प्रतियोगिता में अतिथि के रूप में श्री रूप नारायण मेहता, (पूर्व उप मेयर, पटना), श्रीमती हंसा शर्मा (द्रोणाचार्य अवॉर्ड) भारोतोलन, श्री अरुण कुमार केसरी (अध्यक्ष बिहार भारोतोलक संघ) एवं डाक्टर अरिजित पुरोंदा (स्पोर्ट्स ऑफिसर (NITP) उपस्थित रहेंगे। यह जानकारी पटना जिला भारोतोलन संघ के सचिव उपेन्द्र कुमार ने दी।

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सरदार पटेल सम्मान समारोह में सम्मानित होने वालों की लिस्ट हुआ जारी, कार्यक्रम 23 जून को

पटना, 18 जून। टर्निंग प्वायंट के तत्वावधान में आगामी 23 जून को राजेंद्रनगर स्थित प्रेमचंद्र रंगशाला हॉल में शिक्षा, कला, खेल समेत समाज के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में योगदान देने वाले व्यक्तियों को सरदार पटेल सम्मान समारोह में सम्मानित किया जायेगा। यह जानकारी टर्निंग प्वायंट के एमडी विजय शर्मा ने दी।

सम्मानित होने वालों की सूची जारी करते हुए उन्होंने कहा कि इस सम्मान समारोह में खेल के क्षेत्र में अपनी जिंदगी बीता देने वालों से लेकर उदीयमान प्लेयरों समेत शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार समेत समाज के अन्य क्षेत्रों के विकास में कार्य करने वालों और जन प्रतिनिधियों को सम्मानित किया जायेगा जिसमें पटना नगर निगम के वार्ड पार्षद और सशक्त समिति के सदस्य शामिल होंगे।

इस सम्मान समारोह के दौरान पिछले दिनों टर्निंग प्वायंट द्वारा आयोजित कासा पिकोला स्कूल क्रिकेट लीग सीजन-4 के विजेता व उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया जायेगा। यह सम्मान समारोह सरदार पटेल स्पोट्र्स फाउंडेशन के फाउंडर संतोष तिवारी की देखरेख में आयोजित किया जायेगा जिसकी तैयारी जोरों पर चल रही है।

सम्मानित होने वालों की सूची इस प्रकार है-
लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड 2024 : अजय नारायण शर्मा
सरदार पटेल खेल रत्न सम्मान 2024 : अधिकारी मदन मोहन प्रसाद
सरदार पटेल विभूति रत्न सम्मान 2024 : देवकी नंदन दास
सरदार पटेल विभूति रत्न सम्मान 2024 : रंजीत भट्टाचार्या
सरदार पटेल खेल सम्मान 2024 : सौरभ चक्रवर्ती
स्पेशल अवार्ड 2024 : नवीन कुमार

सम्मानित होने वाले नगर निगम सशक्त समिति के सदस्य
आशीष सिन्हा, इंद्रदीप चंद्रवंशी, श्रीमती श्वेता राय, श्रीमती कावेरी सिंह, श्रीमती कांति देवी, मनोज कुमार, विनोद कुमार।

सम्मानित होने वाले शिक्षा क्षेत्र की संस्था
ओपन माइंड ए बिरला स्कूल, दानापुर, अगस्त्या क्लासेज, वीटेक कंप्यूटर एजुकेशन।

सम्मानित होने वाले शिक्षा क्षेत्र के दिग्गज
प्रेम रंजन, ब्रजेश कुमार, प्रिया कश्यप, शुभम कुमार, आयुषी सिंह, दीपक कुमार, स्नेहा कुमारी, शिवानी सिन्हा, मृत्युंजय कुमार, आदित्य कुमार, शैलेंद्र लाल, गौरीशंकर शर्मा।

सम्मानित होने वाले कला क्षेत्र के दिग्गज
मौसम शर्मा, श्रीमती पापिया गांगुली खत्री, हर्षित मेहता, प्रदीप, अंजलि, दिव्या ज्योति, आशीष आर्या, धीरज सिंह, जया तिवारी।

सम्मानित होने वाले उद्योग क्षेत्र की संस्थाएं
अंशुल होम्स, को वर्किंग स्टूडियो (प्रख्यात कश्यप), विजारिया सिक्यूरिटी (प्रशांत कुमार झा), नायाब स्पोट्र्स, नीतेश कुमार सिंह (पाटलिपुत्र ओवरसीज प्रा. लि.) जेनमिश इंडिया प्राइवेट लिमिटेड।

सम्मानित होने वाले कासा पिकोला स्कूल क्रिकेट लीग के ऑफिसियल
राजेश रंजन, यतेंद्र कुमार, बैजनाथ प्रसाद (सभी अंपायर), राजा कुमार (स्कोरर), गोविंद कुमार (फीजियो), अंकित जी (ऑनलाइन स्कोरिंग), चंदन कुमार (ग्राउंड संयोजक), परदेशी, रुपेश कुमार, प्रिंस कुमार (सभी ग्राउंड स्टॉफ),

सम्मानित होने वाले खेल के क्षेत्र में योगदान देने वाले दिग्गज
मनोज कुमार (फुटबॉल, सचिव पीएफए),डॉ कुंदन कुमार (फीजियो), डॉ रवि गोस्वामी (फीजियो), रिमझिम सिंह (मैनेजर, बिहार अंडर-15 वीमेंस क्रिकेट टीम), एमपी वर्मा (क्रिकेट प्रशिक्षक), चंदन कुमार सिंह (क्रिकेट प्रोमोटर), अतुल कुमार (क्रिकेट प्रोमोटर), संतोष कुमार (क्रिकेट प्रशिक्षक), कृष्णा पटेल (क्रिकेट प्रशिक्षक), राजेश राणा (क्रिकेट प्रशिक्षक), अभिषेक कुमार जड्डू (ट्रेनर, बीसीए टीम), निर्मल कुमार (एथलेटिक्स कोच), अभिनव कुमार (एनआईएस कोच, कबड्डी),श्रीमोद पाठक (बैडमिंटन), सत्यजीत आदित्य (कैरम), संदीप कुमार (जिम्नास्टिक), योगी अमिशा (योगा), प्रियदर्शना (योगा), करणधीर शर्मा (एथलेटिक्स), सुरेश कुमार मिश्रा (कमेंटेटर), नीतीश उपाध्याय (सॉफ्टटेनिस), उत्तम केसरी (स्केटिंग), राकेश रंजन (शतरंज), अजीत सिंह (क्रिकेट कोच), मुकेश कुमार (क्रिकेट कोच), राजू राय (क्रिकेट कोच), विकास कुमार (बॉडी बिल्डिंग), अजय निषाद (फुटबॉल रेफरी), विकास कुमार (अंपायर), नीतीन राठौर ‌(टग ऑफ वार), मृत्युंजय झा (कमेंटेटर), संदीप पाटिल (कमेंटेटर), राजेश कुमार अग्रवाल (समाजसेवी)।

सम्मानित होने वाले प्रेस प्रतिनिधि
मोहम्मद ईशाउद्दीन (राष्ट्रीय सहारा), अरुण सिंह (दैनिक जागरण), अमरनाथ (आज), आशीष कुमार (राष्ट्रीय सहारा), रजि अहमद (कौमी तंजीम), आलोक कुमार, धर्मनाथ (प्रभात खबर), राहुल कुमार (हिन्दुस्तान), पुष्कर कुमार (दैनिक भास्कर), अक्षत पांडेय (दैनिक जागरण), नवीन चंद्र (खेलढाबा), आलोक नवीन (सन्मार्ग), विकास पांडेय (दैनिक आई नेक्सट), विनिता मिश्रा (न्यूज 18), शिवांजलि (दैनिक भास्कर डिजिटल),आशीष गुप्ता (फोटोग्राफर), जितेंद्र कुमार (फोटोग्राफर), जेपी (फोटोग्राफर), राजनंदन (खेल बिहार), उज्ज्वल (क्रीड़ा न्यूज)

सम्मानित होने वाले स्पोट्र्स प्रोमोटर
डॉ सरिता अखौरी, डॉ मुकेश कुमार सिंह, डॉ संजीव कुमार, हुसैन अख्तर (खेलोज), शांभवी राज, सुमित शर्मा, सुमन अग्रवाल, महताब आलम (सीए), विकास कुमार, कंचन कुमारी, मोहित श्रीवास्तव।

सम्मानित होने वाले प्लेयर्स
हिमांशु हरि (सीनियर क्रिकेटर), ऋषभ राज (रणजी ट्रॉफी प्लेयर), प्रतीक आर्या (सीनियर क्रिकेटर), आशुतोष ज्योति सिंह (सीनियर क्रिकेटर), कुमार शुभम (क्रिकेटर),स्वर्णिमा चक्रवर्ती (सीनियर बीसीए प्लेयर & अंडर-19 एसजीएफआई कप्तान), डॉली कुमारी (सीनियर प्लेयर), इंद्राक्षी (क्रिकेटर), सौम्या अखौरी (अंडर-15 स्टेट प्लेयर), सिमरन कुमारी (अंडर-19 स्टेट प्लेयर), जूली कुमारी (अंडर-15 स्टेट प्लेयर), दीपा कुमारी (अंडर-15 स्टेट प्लेयर), पूजा कुमारी (सॉफ्टबॉल), पूजा सिंह (वुशू), माही गुप्ता (टेबुल टेनिस), रुहानिका राय (कबड्डी), सुयश मधुप (बैडमिंटन), सुशांत शेखर (बेसबॉल), किरण कुमारी (एथलेटिक्स), अन्या कुमारी (ताइक्वांडो), ओम आदित्य शंकर (शूटिंग), खुशबू कुमारी (फुटबॉल), गीतांजलि रानी (अंडर-19 क्रिकेटर), सुहानी कुमारी (अंडर-19 क्रिकेटर), बेबी कुमारी (फुटबॉल), श्वेता गुप्ता (फीजियो)।

पिच क्यूरेटर
देवीशंकर तिवारी, हिमांशु रिशु, राजीव नंदन, हिमांशु कुमार, मंटू कुमार, शुभम पांडेय।

उदीयमान क्रिकेटर्स
साक्षी कुमारी ठाकुर, विराज कुमार, रेयान, आर्यन सिंह, साहिल कुमार, आयुष कुमार, संकु कुमार, अभिनव सिन्हा, आयोन रितेश सिन्हा, रचित सिंह राजपूत, अगस्त्या, रवि कुमार, पीयूष कुमार, पवन कुमार, दिव्यांशु कुमार (सभी क्रिकेट)।

स्कूल क्रिकेट लीग के अनुशासनप्रिय कप्तान : करण कुमार
स्कूल क्रिकेट लीग के अनुशासनप्रिय खिलाड़ी : प्रियांशु कुमार।

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