KRIDA NEWS

KridaNews - Header
Breaking
🏏IPL 2026: MI vs CSK — बड़ा मुकाबला आज रात 7:30 बजे 🏆Neeraj Chopra ने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया 🏏Pro Kabaddi: Patna Pirates ने Bengaluru Bulls को हराया
KridaNews
India's Sports Voice
खेल की दुनिया से सीधा आपके पास
SCORE
IND vs AUS 245/6 (45.3 ov) Live
|
MI vs CSK आज 7:30 PM Upcoming
|
LSG 172/4 (20.0) 1st Inn
|
RCB vs KKR कल 3:30 PM Tomorrow
|
Patna FC vs Sikkim XI 3 - 1 FT

Opinion: 4-1 से सीरीज जीतने के बाद भी कुछ सवालों ने किया परेशान, घर में ही स्पिनर्स के सामने टिक नहीं पा रहे हैं भारतीय बल्लेबाज, जानें कहां चूक रहे हैं बल्लेबाज…

Opinion: भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 4-1 से सीरीज को अपने नाम किया। इस टेस्ट सीरीज को जीतकर भारतीय टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में पहले स्थान के लिए दावेदारी मजबूत कर दी। लगातार दो बार विश्व टेस्ट चैंपिशनशिप का फाइनल खेलने के बाद टीम इंडिया इस बार भी टेस्ट चैंपिशनशिप फाइनल खेलने के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। इस सीरीज को भारतीय टीम ने भले ही 4-1 से अपने नाम कर लिया हो लेकिन इस टेस्ट सीरीज और पिछले कुछ सालों में घर पर खेले गए टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की एक कमी तेजी से उजागर हुई है।

ऐसी कमी उजागर हुई है जिसमें कभी भारतीय टीम को महारत हासिल थी। पिछले कुछ सालों में भारतीय टीम स्पिन खेलने में फिसड्डी साबित हुई है। भारतीय टीम को भारत में ही स्पिन खेलने में अब परेशानी होने लगी है। जबकि पहले यही भारतीय टीम के जीत का मंत्रा था। विदेशी टीमें के खिलाफ स्पिन ट्रैक तैयार करके उनके चारों खाने चित कर देते थे। अब ऐसा हो गया है कि विदेशी टीमें भारत का दौरा करती है तब दो-तीन अच्छे स्पिनर को शामिल कर भारतीय टीम को परेशान कर देती है। यहां आने के बाद उनके एवरेज गेंदबाज भी शानदार गेंदबाज बन जाते हैं।

जबकि पहले भारतीय टीमों ने घरेलू और उपमहाद्वीपीय परिस्थतियों में स्पिन के अनुकूल पिचों में शानदार बल्लेबाजी की है। हालांकि अभी वर्तमान में भारतीय टीम स्पिन का सामना करने में पूरी तरह से जुझते नजर आती हैं। भारतीय टीम की गेंदबाजी भारत में शुरू से ही बेहतरीन रही है। अभी यह और मजबूत हो गई है जबकि बल्लेबाजी में स्पिन खेलने की कला में कमी देखने को मिली है।

70 के दशक में भारत की स्पिन चौकड़ी

भारतीय टीम जो कभी 70 के दशक में अपनी स्पिन गेंदबाजी से विरोधियों को परेशान किया करते थी। वहीं आज के समय में हमारे बल्लेबाज परेशान हो जाते हैं। 70 के दशक में इराप्पल्ली प्रसन्ना, बीएस चन्द्रशेखर, वेंकट राघवन और बिशन सिंह बेदी की प्रसिद्ध चौकड़ी थी, जो भारतीय पिचों पर विदेशी टीमों के खिलाफ हावी रहती थी। इन लोगों ने विदेशी बल्लेबाजों के मन में इतना डर बना दिया था कि भारत का दौरा करने वाली टीमें एक महीना पहले से ही स्पिन खेलने का अभ्यास शुरू कर देती थी लेकिन फिर भी इनकी चौकड़ी बल्लेबाजों को कुछ खास करने का मौका नहीं देती थी।

उसके बाद 1980 से लेकर 2010 तक भारतीय टीम के पास ऐसे बल्लेबाज थे जो भारत में ही नहीं बाहर भी जाकर अपनी छाप छोड़ी। कुछ ऐसे बल्लेबाज भी थे, जिन्हें घर पर स्पिन खेलने में महारत हासिल थी और अगर विदेश का दौरा करे तो स्विंग और पेस खेलने में भी माहिर थे। उस दौरान भारत में कई ऐसे दिग्गज स्पिनर भी आएं, जिन्होंने पूरी दूनिया में अपनी छाप छोड़ी लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के आगे नतमस्तक हो गए। शेन वार्न से लेकर मुथैया मुरलीधरन तक कई ऐसे दिग्गज भी आएं लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने उन दिग्गज स्पिनरों का डटकर सामना किया और स्पिन खेलने की कला भी दुनिया को दिखाई।

हमारी ताकत ही बनी कमजोरी

आखिरी पिछले कुछ समय में ऐसा क्या हो गया कि जो हमारी ताकत थी, वही हमारी कमजोरी बन गई। भारतीय खिलाड़ी जो स्पिन के अनुकूल पिचों पर खेलकर बड़े हुए हैं लेकिन आज वही बल्लेबाज स्पिन का ढंग से सामना नहीं कर पा रहे हैं। जहां विकेट खराब होने लगती है भारतीय टीम के बल्लेबाजों के पांव क्रीज पर जमते ही नहीं हैं। समय के साथ भारतीय खिलाड़ियों का स्पिन खेलने के लिए जो तकनीक होनी चाहिए, वो धीरे-धीरे खराब होता जा रहा है। अब महेमान टीम को जितना मुश्किल स्पिन खेलने में होती है उतना ही मुश्किल भारतीय टीम को भी स्पिन का सामना करने में होती है।

स्पिन के खिलाफ क्यों संघर्ष कर रहे हैं बल्लेबाज

भारतीय पिचों पर स्पिनरों को खासा फायदा मिलता है। यहां स्पिनरों को विकेट से काफी मदद मिलती है, जिसके कारण भारत में स्पिनर ज्यादा करागर साबित होते हैं। जैसे-जैसे विकेट टूटने लगती है स्पिनरों को टर्न के साथ अधिक उछाल भी मिलने लगती है। अगर गेंदबाज गेंद को ड्रिफ्ट करवाना जानते हैं तब तो बल्लेबाजों को ऐसे गेंदबाज का सामना करने में ज्यादा ही कठिनाई आती है। क्योंकि ऐसे गेंदबाज पिच से अधिक फायदा लेने में कामयाब रहते हैं और बल्लेबाजों को खूब परेशान करते हैं।

भारत में विकेट सूखी और धीमी होती है साथ ही साथ विकेट में असमतल उछाल के साथ गेंद भी तेजी से टर्न होता है। ऐसी विकेटों पर खेलने के लिए बल्लेबाजों को अधिक सतर्कता दिखाने की जरूरत होती है। जिसके लिए बल्लेबाजों को स्पिन खेलने की कला बखूबी आनी चाहिए। स्पिन खेलने में परेशानी के कारण बल्लेबाज स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पाते हैं। जिसके कारण भी स्पिनर्स बल्लेबाजों पर हावी हो जाते हैं। जब कोई एक बल्लेबाज ओवर की 6 गेंदें खुद खेलता है तब उसके आउट होने की संभावना भी ज्यादा होती है। इसलिए ऐसा कहा जाता था कि आप स्ट्राइक रोटेट करते रहें जिससे गेंदबाज को परेशानी हो, बल्लेबाज को नहीं।

विदेशी स्पिनर ने किया परेशान

पिछले 10-15 सालों में भारत में डेब्यू करने वाले विदेशी स्पिनर ने भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल में डाला है। 2008 में जब ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत का दौरा करने आई थी तब जेसन क्रेजा ने अपने डेब्यू मुकाबले के पहली पारी में 8 और दूसरी पारी में 4 विकेट चटकाए थे। उसके बाद से विदेशी स्पिनर भारतीय बल्लेबाजों पर हावी होने लगे। अगर ऑस्ट्रेलिया के स्टीव ओ कैफी की बात करें तो उन्होंने 2021 में भारत का दौरा करते हुए दोनों पारी में 6-6 विकेट लिए थे। वहीं मैट कुहनैमन ने 5 विकेट लेकर भारतीय टीम को बता दिया था कि स्पिन खेलने की कला अब आपके पास उतनी अच्छी नहीं रही।

उसके बाद न्यूजीलैंड के एजाज पटेल ने एक पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा भी भारत के खिलाफ भारत में ही किया। उन्होंने उस मैच में कुल 14 विकेट चटकाए। वहीं टॉड मर्फी ने 2023 में डेब्यू करते हुए एक पारी में 5 विकेट चटकाए। अब इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले ही मैच में टॉम हर्टली ने डेब्यू करते हुए एक पारी में 7 विकेट चटकाए। उसके बाद शोएब बशीर ने इस टेस्ट सीरीज के चौथे और पांचवें मुकाबले में पांच-पांच विकेट चटकाए। इस सीरीज में इंग्लैंड के टॉम हार्टली ने कुल 22 विकेट चटकाए। इन 10-15 सालों में विदेशी स्पिनर ने भारत में आकर भारतीय टीम को ही परेशान किया है।

बल्लेबाज तकनीक पर नहीं कर पाते हैं काम

अब सालभर लगातार ही पूरे विश्व में क्रिकेट खेला जाता है। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिकेटरों को अपनी कमियों पर काम करने का मौका भी बहुत कम मिलता है। अब जो भारतीय क्रिकेटर इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने लगते है वो घरेलू क्रिकेट में भाग नहीं लेते हैं। जिस कारण से उन्हें घरेलू गेंदबाज या स्पिनर को खेलने का कम मौका मिलता है। इसके अलावा अब बल्लेबाज गेंदबाज के साथ कम और बॉलिंग मशीन के साथ ज्यादा दिखते हैं। बॉलिंग मशीन के साथ बल्लेबाज घंटों अभ्यास करते हैं। वहीं लगातार क्रिकेट होने के कारण सीमित ओवरों में बल्लेबाज स्पिनर पर ज्यादा अटैकिंग रुख अपनाते हैं और रन बनाने की कोशिश करते रहते हैं। फील्ड रिस्ट्रिक्शन होने के कारण बल्लेबाजों की कमियों का पता नहीं चलता है। जैसे ही यही बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं उनकी कमियां साफ नजर आने लगती है।

गेंदबाज भी अब पहले जितना अभ्यास नहीं करते हैं। तीन फॉर्मेट में अपने आप फिट रखने के लिए गेंदबाज नेट में भी काफी कम समय व्यतीत करते हैं। जिस कारण से भी बल्लेबाजों को अपनी कमियों के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं चलता है। लगातार मैचेज के कारण गेंदबाज अब ज्यादातर अपने फिटनेस पर ध्यान देते हैं। जिससे वो ज्यादा से मैच खेल पाएं। इस कारण से अब ज्यादातर बल्लेबाजों को नेट गेंदबाज ही अभ्यास कराते नजर आते हैं।

घरेलू क्रिकेट में स्पिनर अब उतने करागर नहीं

अब बात यह भी है कि अब घरेलू क्रिकेट में उतने अच्छे स्पिनर भी नहीं रह गए हैं जो बल्लेबाजों को ज्यादा परेशान कर सके। पहले घरेलू क्रिकटे में एक से बढ़कर एक स्पिनर हुआ करते थे। जो इंटरनेशनल क्रिकेट के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट को भी तवज्जो देते थे, लेकिन अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अब लगातार मैचेज रहने के कारण इंटरनेशनल क्रिकेटर घरेलू में शामिल नहीं हो पाते है जिस कारण से अब बल्लेबाजों को क्वालिटी के स्पिनर नहीं मिलते हैं। इस कारण से भी अब घरेलू क्रिकेट में स्पिनर उतने करागर साबित नहीं होते हैं। अच्छे स्पिनर के नहीं होने के कारण बल्लेबाजों की कमियां नजर नहीं आती है।

स्पिन खेलने की बढ़िया तकनीक क्या है…

स्पिन को खेलने के लिए सबसे अच्छा उपाय है कि आपके कदम चलते रहें। आप फ्रंटफूट और बैकफूट का इस्तेमाल अच्छे ढंग से करें। कुछ बल्लेबाज टर्न कम करने के लिए निकलकर खेलते है और कुछ बल्लेबाज गेंद को टर्न होने के बाद खेलना पंसद करते हैं। अगर आप ऐसे स्पिन को खेलोंगे तब सफलता आपको मिलेगी। स्पिनर के खिलाफ अगर आप फंस गए तब गेंदबाज आपको निश्चित तौर पर आउट कर देगा। इसके अलावा आपके हाथ सॉफ्ट होने चाहिए ताकि आसपास लगे फील्डर के पास गेंद नहीं जानी चाहिए। टेस्ट क्रिकेट में कुछ इस ढंग से स्पिन खेलकर आप अच्छे स्पिनर का सामना कर सकते हैं।

लेखक: उज्जवल कुमार सिन्हा

Read More

15 सितंबर से शुरू होगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट, 12 टीमें लेंगी हिस्सा; जानें एंट्री फीस से लेकर पुरस्कार तक पूरी डिटेल

पटना: क्रिकेट प्रेमियों के लिए सितंबर में एक खास टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है। खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की ओर से15 सितंबर 2026 से मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू किया जाएगा। टूर्नामेंट में कुल12 टीमें हिस्सा लेंगी। पोस्टर के मुताबिक प्रतियोगिता का आयोजन नयागांव, सोनपुर में किया जाएगा।

12 टीमों के बीच होगा मुकाबला

मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 12 टीमों को शामिल किया गया है। प्रतियोगिता को दो लीग में आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। आयोजकों की ओर से टूर्नामेंट को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और इसमें खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा।

रेड बॉल से खेले जाएंगे मुकाबले

इस टूर्नामेंट की खास बात यह है कि मुकाबले रेड बॉल से खेले जाएंगे। पोस्टर में इसे 20-20 फॉर्मेट का टूर्नामेंट बताया गया है। मैच के लिए टर्फ विकेट और अच्छे घास वाले मैदान की व्यवस्था की गई है। खिलाड़ियों के लिए सफेद ड्रेस अनिवार्य रखी गई है।

एंट्री फीस 7000 रुपये

टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों के लिए एंट्री फीस 7000 रुपये निर्धारित की गई है। आयोजन समिति की ओर से मैच के लिए गेंद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा खिलाड़ियों और टीमों के लिए रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था भी समिति द्वारा किए जाने की जानकारी पोस्टर में दी गई है।

हर मैच में मिलेगा ‘मैन ऑफ द मैच’ अवॉर्ड

टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी सम्मानित किया जाएगा। पोस्टर के अनुसार हर मैच में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा बेस्ट बैटर मोमेंटो और बेस्ट बॉलर मोमेंटो भी दिए जाएंगे। फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी व्यक्तिगत पुरस्कार मिलने की बात कही गई है।

विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी

प्रतियोगिता के अंत में विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। आयोजकों ने टूर्नामेंट को ‘Exciting Matches, Great Talent, Big Prizes’ थीम के साथ पेश किया है। इसका उद्देश्य स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराना भी है।

कहां होगा टूर्नामेंट?

पोस्टर के मुताबिक टूर्नामेंट का आयोजन नयागांव, सोनपुर में होगा। इसका आयोजन खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी कर रही है। पोस्टर पर संपर्क के लिए 6206081260, 9939089666 और 8083085859 नंबर दिए गए हैं। अकादमी का पता घोरदौर रोड, रेलवे लाइन के पास, दीघा, पटना दिया गया है।

टूर्नामेंट की प्रमुख जानकारी

जानकारी विवरण
टूर्नामेंट मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट
आयोजन खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी
शुरुआत 15 सितंबर 2026
टीमें 12
लीग 2
एंट्री फीस ₹7,000
गेंद रेड बॉल
विकेट टर्फ विकेट
ड्रेस सफेद ड्रेस
स्थान नयागांव, सोनपुर
मैन ऑफ द मैच हर मैच में
विजेता विजेता ट्रॉफी
उपविजेता रनर-अप ट्रॉफी

 

Read More

जमुई में होगा सब-जूनियर बिहार राज्य स्तरीय आट्या-पाट्या चैंपियनशिप 2026-27

पटना: आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार एवं जमुई जिला आट्या-पाट्या संघ के संयुक्त तत्वावधान में सब-जूनियर बिहार राज्य स्तरीय आट्या-पाट्या चैंपियनशिप 2026-27 (बालक एवं बालिका) का आयोजन 13 सितंबर 2026 को ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, मलयपुर, जमुई में किया जाएगा।

इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से बालक एवं बालिका खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी 33वीं बालक एवं 26वीं बालिका सब-जूनियर आट्या-पाट्या राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 के लिए किया जाएगा, जिसका आयोजन 02 से 04 अक्टूबर 2026 तक हैदराबाद, तेलंगाना में होगा।

आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव ने बताया कि प्रतियोगिता को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता बिहार की युवा प्रतिभाओं को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।

वहीं, सब-जूनियर राष्ट्रीय स्तर के कोच आरुष कुमार आजाद ने खिलाड़ियों पर पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि बिहार के खिलाड़ी इस बार भी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, खेल भावना और पूरी मेहनत के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की।

जमुई में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता बिहार के उभरते हुए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच प्रदान करेगी और आट्या-पाट्या खेल को राज्य में और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

Read More

भारत और न्यूजीलैंड के बीच सॉफ्टबॉल को लेकर ऐतिहासिक समझौता, शुरू होगी द्विपक्षीय सीरीज

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच सॉफ्टबॉल के विकास को लेकर एक अहम समझौता हुआ है। सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SBAI) और सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड (SNZ) ने नई दिल्ली के होटल द ललित में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों में सॉफ्टबॉल को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं व प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

चार साल के लिए हुआ समझौता

यह MoU शुरुआती तौर पर चार साल के लिए प्रभावी रहेगा। इसके तहत खिलाड़ी विकास, कोचिंग, तकनीकी अधिकारियों के प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे, हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम और जमीनी स्तर पर खेल के विस्तार समेत सात प्रमुख क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

MoU पर सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड के बोर्ड सदस्य जय चांगलानी और सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव डॉ. प्रवीण अनाओकर ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान SBAI के संयुक्त सचिव वसीम राजा खान, शिबानी टैगोर, विजय गौड़ समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

पहली बार होगी भारत-न्यूजीलैंड सॉफ्टबॉल सीरीज

इस समझौते की सबसे बड़ी खासियत भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय सॉफ्टबॉल सीरीज शुरू करना है। दोनों देशों में बारी-बारी से इस सीरीज या लीग का आयोजन किया जाएगा।

इससे भारतीय खिलाड़ियों को नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने और उच्च स्तरीय प्रतियोगिता का अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। इससे भारतीय टीमों को भविष्य की बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी।

भारतीय टीमों को मिलेंगे न्यूजीलैंड के हाई-परफॉर्मेंस कोच

समझौते के तहत सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड भारतीय राष्ट्रीय टीमों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के हाई-परफॉर्मेंस कोच उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। इसमें सीनियर, जूनियर और महिला टीमों को शामिल किया गया है। कोचिंग के इस सहयोग का उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार करना और उन्हें एशियन गेम्स, विश्व कप तथा ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।

स्कूल-कॉलेज से लेकर राष्ट्रीय टीम तक बनेगा विकास का रास्ता

दोनों संस्थाएं भारत में जमीनी स्तर पर सॉफ्टबॉल को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण क्लीनिक भी आयोजित करेंगी। इसके अलावा अंपायर और स्कोरर की ट्रेनिंग, खेल विज्ञान तथा हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम को विकसित करने पर भी काम किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में युवा और महिला खिलाड़ियों के साथ उभरती प्रतिभाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सॉफ्टबॉल के लिए एक व्यवस्थित विकास प्रणाली तैयार करने की भी योजना है, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का मौका मिल सके।

दोनों प्रधानमंत्रियों की पहल से प्रेरित साझेदारी

सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस समझौते को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। SBAI के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच खेल सहयोग को लेकर बनी व्यापक सोच से प्रेरित है।

दोनों देशों ने क्रिकेट के अलावा कोचिंग, खेल विज्ञान, तकनीक, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग और युवा खेलों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। सॉफ्टबॉल MoU को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘यह केवल MoU नहीं, बल्कि एक आंदोलन है’

SBAI के नेतृत्व ने इस मौके पर कहा कि यह समझौता सिर्फ दो संस्थाओं के बीच करार नहीं है, बल्कि भारतीय सॉफ्टबॉल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे देश के युवाओं, महिला खिलाड़ियों और अलग-अलग राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से आने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

बिहार सॉफ्टबॉल एसोसिएशन की सचिव प्राची शर्मा ने भी इस समझौते को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में सुनहरा कदम है और दोनों देशों के सॉफ्टबॉल के विकास के लिए शुभकामनाएं दीं।

Read More

बिहार के युवा क्रिकेटरों को मिलेगा नया मुकाम, सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग का आयोजन

पटना। बिहार के प्रतिभाशाली और उभरते क्रिकेटरों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का नया मंच मिलने जा रहा है। सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग (STCL) के माध्यम से राज्य के युवा क्रिकेटरों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, बल्कि चयनित खिलाड़ियों के आर्थिक बोझ को भी कम करने की पहल की गई है। एसटीसीएल के चेयरमैन राजेश झा ने बताया कि लीग के लिए राज्यभर के खिलाड़ियों के चयन हेतु सेलेक्शन ट्रायल का आयोजन 2 और 3 सितंबर 2026 को जगजीवन राम रेलवे क्रिकेट स्टेडियम में किया जाएगा। खास बात यह है कि ट्रायल के लिए खिलाड़ियों से किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

आठ टीमें लेंगी हिस्सा
एसटीसीएल के वाइस चेयरमैन रवि चिकारा ने बताया कि ट्रायल के माध्यम से कुल 8 टीमों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक टीम को तीन-तीन लीग मैच खेलने का अवसर मिलेगा। लीग के सभी मैचों को लाइव प्रसारित करने की तैयारी है। इसके लिए SonyLIV और DD Sports से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि लाइव प्रसारण से युवा खिलाड़ियों को बड़े दर्शक वर्ग तक अपनी प्रतिभा पहुंचाने का अवसर मिलेगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिलेगी।

चयनित खिलाड़ियों का खर्च उठाएगी लीग
एसटीसीएल के डायरेक्टर मुकेश सिंह ने बताया कि लीग के मुकाबले मिराज इंटरनेशनल स्टेडियम, उदयपुर में खेले जाएंगे। चयनित खिलाड़ियों को उनके घर से उदयपुर स्थित स्टेडियम तक एसी ट्रेन से लाने और प्रतियोगिता के बाद वापस घर पहुंचाने की व्यवस्था लीग की ओर से की जाएगी। इसके अलावा उदयपुर में खिलाड़ियों के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था एसटीसीएल द्वारा की जाएगी। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य प्रतिभावान खिलाड़ियों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है, ताकि वे पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

खिलाड़ियों को मिलेगी मैच फीस और पुरस्कार राशि
एसटीसीएल की ओर से चयनित प्रत्येक खिलाड़ी को 25 हजार रुपये मैच फीस के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न व्यक्तिगत और टीम पुरस्कार भी रखे गए हैं।

मैन ऑफ द मैच: 21 हजार रुपये
बेस्ट बैटर: 21 हजार रुपये
बेस्ट बॉलर: 21 हजार रुपये
प्लेयर ऑफ द सीरीज: 51 हजार रुपये
विजेता टीम: 15 लाख रुपये
उपविजेता टीम: 10 लाख रुपये

आयोजकों का कहना है कि लीग का मुख्य उद्देश्य बिहार के छिपे हुए क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर देना है।

कई पूर्व क्रिकेटरों ने किया समर्थन
सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग को कई पूर्व और प्रतिष्ठित क्रिकेटरों का समर्थन भी मिल रहा है। चेतन शर्मा, अशोक मल्होत्रा, मदन लाल और सबा करीम समेत कई क्रिकेट जगत की हस्तियां इस पहल के समर्थन में आगे आई हैं। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसटीसीएल के लीग कमिश्नर और पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन शर्मा ने कहा कि इस लीग के माध्यम से नवोदित खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध होगा और उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका मिलेगा।

वहीं, पूर्व क्रिकेटर अशोक मल्होत्रा ने कहा कि लीग में चयनित प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी मिलेगा, जो उनके करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एसटीसीएल के पदाधिकारी गणेश दत्त ने कहा कि यह मंच उन प्रतिभाशाली क्रिकेटरों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो लंबे समय से बेहतर अवसर और मंच की तलाश में हैं।

यहां करें रजिस्ट्रेशन
लीग के सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने के इच्छुक खिलाड़ी www.stclsport.com पर जाकर अपना निबंधन कर सकते हैं। आयोजकों ने खिलाड़ियों से समय पर रजिस्ट्रेशन पूरा करने की अपील की है।

Subscribe Now
Do you want to subscribe to our newsletter?

Fill this form to get mails from us.