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Rinku Singh पर कभी बीसीसीआई ने लगाया था बैन, अब गुजरात टाइटंस के खिलाफ लगातार पांच छक्का जड़कर रातों-रात बनें स्टार; जानें कैसा रहा है रिंकू सिंह का सफर

आईपीएल 2023 (IPL 2023) का आगाज हो चुका है। शुरुआत के कुछ मैच में ही आईपीएल का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। इस आईपीएल में एक ऐसे खिलाड़ी ने अपनी गाथा लिखी है, जिसकी चर्चो पूरे विश्व क्रिकेट में शुरू हो गई है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं रिंकू सिंह (Rinku Singh) है। जिन्होंने पांच गेंदों पर पांच छक्के जड़कर कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत दिला और रातों-रात हीरो बन गए। उत्तर प्रदेश का यह सितारा जो आईपीएल 2023 में अपनी चमक बिखेर रहा है।

रिंकू सिंह ने पांच छक्का लगाकर मैच को पूरी तरह से पलट दिया और गुजरात टाइटंस को हराकर मुकाबले को जीत लिया। पांच गेंदों पर पांच छक्कें जड़ने के बाद रिंकू ने अपना नाम क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज करा लिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रिंकू सिंह ने जो मुकाम हासिल की वो काफी संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में अपने आप को निखरा है और आज यह मुकाम हासिल कर पाए हैं। आइए जानते हैं कैसे रिंकू सिंह बने सिक्सर किंग।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ रिंकू सिंह का जन्म

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 12 अक्टूबर 1997 को जन्में रिंकू सिंह का पढ़ाई में कुछ खास लगाव नहीं था। रिंकू के पिता चंद्र सिंह एलपीजी सिलेंडर बांटने का काम करते है। सिलेंडर डिलीवरी का काम करने वाले चंद्र सिंह का घर दो कमरों तक ही सिमिट था। रिंकू को बचपन से पढ़ाई में मन नहीं लगता था। बल्कि इससे उल्टा रिंकू का मन खेल में हमेशा लगा रहता था। इसके बावजूद भी रिंकू के माता-पिता ने कभी भी रिंकू को स्कूल भेजना बंद नहीं किया।

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रिंकू सिंह ने 10 से 11 साल में क्रिकेट को अच्छी तरह से समझ लिया था। रिंकू अपना अधिक समय क्रिकेट को देने लगे थे। रिंकू सिंह अपने पांच भाई-बहनों के साथ गोदाम के परिसर में दो रूम के कमरें में रहते थे। रिंकू सिंह बचपन से गरीबी के माहौल मे पले बढ़े। पिता गैस डिलीवरी का काम करते थे तो वहीं सबसे बड़ा भाई ऑटो रिक्शा चलाता था। जबकि उनका एक बड़ा भाई एक कोचिंग सेंटर में काम करता था।

कठिनाइयों से परिवार का पेट पालने वाले पिता ने रिंकू के कौशल को नहीं पहचाना

कठिनाइयों से परिवार का पेट पालने वाले पिता में इतनी समझ नहीं थी कि अपने बच्चों के कौशल को पहचान कर उन्हें सही रास्ता दिखाए। पढ़ाई में कमजोर होने के कारण के रिंकू का मन खेल से मानों लग सा गया था। जिससे उनके पिता हमेशा नाराज ही रहते थे। रिंकू के क्रिकेटर बनने की बात पर पिता ने कई बार नाराज होकर उनकी पिटाई भी की ऐसा सिर्फ उन्होंने परेशानी में किया।

एक पिता का ख्वाब होता है कि बेटा किसी तरह कुछ करके कमाने लग जाए। इसके अलावा रिंकू कहते है कि क्रिकेट खेलने के लिए उनको समर्थन भी घरवालों से मिला। जिससे मुझे उस जगह तक पहुंचने में मदद मिली, आज मैं जहां भी हूं।

Rinku Singh With His Family

रिंकू के पिता घर परिवार देखकर चलने वाले आदमी थे, उन्हें पता था कि घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इन सबके बावजूद रिंकू ने 2009 में क्रिकेट खेलने का मन बना लिया था। रिंकू के इसी लगन के कारण वो 2012 में यूपी के टीम में चुने गए। इसके बाद रिंकू सिंह का परिवार एक बार फिर तंगी से झूझने लगा। ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं होने के कारण रिंकू को झाड़ू पोछा लगाने का काम मिला। उन्हें नौकरी तो चाहिए थी लेकिन वह सफाई कर्मी बनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने मन बना लिया कि अब क्रिकेट में ही कुछ करूंगा।

रिंकू कहते हैं मैं इतना पढ़ा लिखा नहीं हूं कि पढ़ाई के आधार पर काम कर सकूं मैं केवल क्रिकेट ही है जो मुझे आगे बढ़ा सकता है और क्रिकेट के अलावा कोई विकल्प ही नहीं था। क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का कोई और रास्ता ही नहीं था। बड़े भाई की तरह पिता भी हर महीने 6 से ₹7000 कमाते थे। क्रिकेट करियर में उनके परिवार को गरीबी के बोझ से बाहर निकालने में मदद की।

रिंकू सिंह का क्रिकेट करियर

2012 में यूपी के टीम से खेलने के बाद रिंकू सिंह का बेहतरीन प्रदर्शन लगातार जारी रहा। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उत्तरप्रदेश के अंडर-19 और अंडर-23 टीम में जगह मिली। इसके अलावा उन्होंने अंडर-19 में सेंट्रल जोन का प्रतिनिधित्व भी किया। रिंकू सिंह ने महज 16 साल की उम्र में लिस्ट A  क्रिकेट में डेब्यू किया। उन्होंने पहले ही मैच में शानदार पारी में खेलते हुए 87 गेंदों में 84 रनों की पारी खेली।

सैय्यद मुस्ताक अली ट्रॉफी में 31 मार्च 2014 को विदर्भ के खिलाफ खेलते हुए अपने डेब्यू मैच में ही इन्होने 5 गेंदों पे तूफानी अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए तीन चौकों और दो गगनचुम्बी छक्कों की मदद से 24 रन बना दिए और दूसरी पारी में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 3 ओवर में 46 रन देकर एक विकेट भी लिया। इसके बाद उन्होंने 5 नवंबर 2016 को 18 वर्ष की उम्र में 2016-17 की रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया।

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इनके अच्छे प्रदर्शन का फायदा इन्हें आईपीएल के 2017 के सीजन में मिला। जब किंग्स एलेवेन पंजाब ने रिंकू सिंह को 10 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा। लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2018 के विजय हज़ारे ट्रॉफी के एक मैच में त्रिपुरा के विरूद्ध ताबड़तोड़ अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंद में नाबाद 91 रन बनाये और इसकी मदद से उन्हें 2018 में कोलकाता नाईट राइडर्स की टीम ने उन्हें 80 लाख रुपये में खरीदा। 2018 में रिंकू का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था।

2018 में अपने ख़राब प्रदर्शन के बाद रिंकू सिंह ने कोलकाता के बैटिंग मेंटर अभिषेक नायर के साथ समय बिताया और इसका फायदा उन्हें 2018-2019 के रणजी सीजन में भी हुआ और उन्होंने 10 पारियों में 953 रन बनाकर टूर्नामेंट के तीसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे जिसमे उन्होंने चार शतक लगाए थे (163*, 149, 149 और 150)।  रणजी ट्रॉफी में रिंकू ने 40 मैचों की 59 परियों में 59.89 की उम्दा औसत से 2875 रन बनाये हैं। रणजी ट्रॉफी में रिंकू का उच्चतम स्कोर 163 रन है।

बीसीसीआई ने 2019 में लगाया था बैन

साल 2019 में बीसीसीआई ने रिंकू सिंह को तीन महीनों का प्रतिबंध लगा दिया था। इस दौरान उनके क्रिकेट के करियर पर ब्रेक लग गया था। रिंकू सिंह ने बिना बीसीसीआई को जानकारी दिए अबुधाबी में एक टी-20 लीग में हिस्सा लिया था। जब इसकी जानकारी बीसीसीआई को लगी तो उन्होंने कड़ा एक्शन लेते हुए तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया। इस घटना के बाद रिंकू सिंह ने ऐसा कभी नहीं करने की ठानी। उसके बाद फिर रिंकू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

आईपीएल 2022 में रिंकू को मौके मिलने शुरू हो गए। पिछले साल रिंकू सिंह ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 15 गेंदों पर 40 रन बनाकर टीम को जीत के दहलीज पर पहुंचा दिए। लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 2 रनों से हार गई। जिसके बाद केकेआर की तरफ से लगातार मौके मिलने शुरू हो गए। जिसके बाद रिंकू के प्रदर्शन में भी निखार आने लगा। आईपीएल 2023 में 5 गेंदों में पांच छक्के जड़कर अपनी एक अलग पहचान बना ली है। इसके साथ ही आईपीएल के इतिहास में पांच लगातार गेंदों में पांच छक्के लगाने वाले पांचवे खिलाड़ी बन गए।

 

Written By- उपासना कुमारी

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पटना जिला क्रिकेट लीग दिसंबर के दूसरे सप्ताह से होगी शुरू, 28-29 नवंबर को खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

पटना। पटना जिला क्रिकेट संघ की प्रबंधकीय कमेटी की बैठक में सत्र 2026-27 की जिला क्रिकेट लीग दिसंबर के दूसरे सप्ताह से शुरू कराने का निर्णय लिया गया. खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन फॉर्म 28 और 29 नवंबर को जमा किए जाएंगे. बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रणवीर ने विंध्यवासिनी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, आरके भट्टाचार्य रोड स्थित संघ कार्यालय में की.

संघ के सचिव सुनील कुमार उर्फ सुनील रोहित ने बताया कि आगामी सत्र की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं. बैठक के बाद विभिन्न क्लबों के बीच रजिस्ट्रेशन फॉर्म का वितरण भी किया गया. खिलाड़ियों के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिसंबर के दूसरे सप्ताह से लीग मुकाबले शुरू होंगे.

तदर्थ कमेटी की कार्यप्रणाली पर जतायी नाराजगी

बैठक में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) की ओर से गठित तथाकथित तदर्थ पटना जिला क्रिकेट संघ (पीडीसीए) की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जतायी गयी. बैठक में शामिल पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि क्लबों के मामले में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. उन्होंने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की.

पटना जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रणवीर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव और जिला क्रिकेट संघों की व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण बीसीए का वर्ष 2025 का चुनाव रद्द किया गया है और जिला संघों में मनमाने तरीके से गठित तदर्थ कमेटियों को भी अवैध माना गया है.

नए सिरे से होंगे जिला संघों के चुनाव

प्रवीण कुमार प्रणवीर के अनुसार, बिहार क्रिकेट एसोसिएशन और राज्य के जिला क्रिकेट संघों में नए सिरे से चुनाव कराये जाने हैं. बीसीए के संचालन और चुनाव प्रक्रिया के लिए पटना हाइकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अश्वनी कुमार सिंह को प्रशासक नियुक्त किये जाने की बात भी बैठक में कही गयी.

उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के तहत जिला क्रिकेट संघों से संबद्ध क्लबों का सत्यापन किया जाएगा. इसके बाद मतदाता सूची तैयार कर जिला संघों के चुनाव कराये जाएंगे. जिला संघों की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि पटना जिला क्रिकेट संघ की वर्ष 2023 में निर्वाचित प्रबंधकीय कमेटी इस प्रक्रिया में प्रशासक को पूरा सहयोग देगी.

खिलाड़ियों के चयन पर रोक नहीं

बैठक में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के प्रशासक की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का भी उल्लेख किया गया. संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, एसओपी में स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचित या समानांतर जिला क्रिकेट संगठन से जुड़े इच्छुक खिलाड़ी बीसीए की विभिन्न श्रेणियों में होने वाले चयन ट्रायल में हिस्सा ले सकते हैं. ऐसे खिलाड़ियों के चयन प्रक्रिया में शामिल होने पर कोई रोक नहीं है.

बैठक में जिला क्रिकेट लीग की तैयारियों, खिलाड़ियों के पंजीकरण और क्लबों से जुड़े विषयों पर चर्चा की गयी. बैठक के बाद उपस्थित क्लबों को रजिस्ट्रेशन फॉर्म उपलब्ध कराये गये, ताकि आगामी सत्र की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके.

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बिहार फुटबॉल एसोसिएशन का चुनाव एवं वार्षिक आम सभा पटना में सफलतापूर्वक संपन्न; जय बहादुर सिंह अध्यक्ष निर्वाचित

पटना, 25 अक्टूबर 2026: बिहार फुटबॉल एसोसिएशन (BFA) का चुनाव एवं उसके पश्चात वार्षिक आम सभा (AGM) का आयोजन 25 अक्टूबर 2026 को पटना में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रक्रिया अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) द्वारा प्रतिनियुक्त अधिकारियों की देखरेख में संपन्न हुई।

चुनाव प्रक्रिया निर्वाचन पदाधिकारी श्री बैजू नाथ कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में तथा AIFF द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक श्री हरेंद्र स्वैन के सहयोग से निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार संपन्न कराई गई।

चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बिहार फुटबॉल एसोसिएशन के संचालन एवं विकास की जिम्मेदारी निम्नलिखित निर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी समिति के सदस्यों को सौंपी गई।

नव निर्वाचित पदाधिकारी

अध्यक्ष: श्री जय बहादुर सिंह (एनआईएस कोच एवं पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी)
उपाध्यक्ष: श्री अश्विनी खत्री
उपाध्यक्ष: श्री विकास कुमार (गोल्डी)
महिला उपाध्यक्ष: सुश्री प्रीति
कोषाध्यक्ष: श्री सत्येंद्र कुमार (पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी)

कार्यकारिणी समिति के सदस्य

  • श्री शंकर कुमार सिंह
  • श्री दिवाकर कुमार (राष्ट्रीय रेफरी)
  • श्री राजीव कुमार रंजन
  • श्री सुनील कुमार प्रसाद
  • सुश्री पूजा जायसवाल
  • श्री चंदन कुमार सिंह
  • श्री संजय कुमार दयाल (SOM, पूर्व भारतीय खिलाड़ी)
  • सुश्री मधु कुमारी (SOM महिला, पूर्व भारतीय खिलाड़ी)
  • श्री संजीव कुमार (SPA, प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खिलाड़ी)
  • सुश्री नेहा (SPA महिला, प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खिलाड़ी)

महासचिव, सचिव एवं संयुक्त सचिवों की नियुक्ति
नवगठित आम सभा के गठन के पश्चात वार्षिक आम सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसोसिएशन के सुचारु संचालन तथा बिहार में फुटबॉल के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निम्नलिखित पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई।

महासचिव: श्री श्याम बाबू सिंह
सचिव: श्री संतोष कुमार सिंह
संयुक्त सचिव:
श्री मनोज कुमार
श्री भवेश कुमार सिंह

बैठक में बिहार में फुटबॉल प्रशासन को सुदृढ़ करने, जिला फुटबॉल संघों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने, जमीनी स्तर पर फुटबॉल को बढ़ावा देने तथा युवा एवं उभरते खिलाड़ियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने के प्रति एसोसिएशन की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

नवनिर्वाचित नेतृत्व ने राज्य में फुटबॉल प्रतिभाओं की पहचान एवं उन्हें निखारने, संगठनात्मक ढाँचे को मजबूत करने, जमीनी स्तर पर फुटबॉल के विस्तार तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बिहार की भागीदारी एवं प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

बिहार फुटबॉल एसोसिएशन को विश्वास है कि नवगठित नेतृत्व के मार्गदर्शन में राज्य में फुटबॉल के विकास को नई गति मिलेगी। एसोसिएशन पारस्परिक सहयोग, पारदर्शिता, प्रभावी प्रशासन तथा राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में फुटबॉल के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ेगा।

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आरव का ऑलराउंड प्रदर्शन, करुणा ने 77 रन से जीता मैच

पटना। बल्ले से अर्धशतक और गेंद से तीन विकेट। करुणा क्रिकेट एकेडमी के आरव कुमार चंद्रा ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से द्वितीय विमला देवी मेमोरियल इंटर स्कूल अंडर-13 क्रिकेट टूर्नामेंट में शनिवार को टीम को शानदार जीत दिलाई। सीएबी ग्राउंड पर खेले गए प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबले में करुणा क्रिकेट एकेडमी ने मंत्रा स्पोटर्स एकेडमी को 77 रन से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।

सरदार पटेल स्पोटर्स फाउंडेशन की देखरेख में आयोजित टूर्नामेंट में टॉस जीतकर मंत्रा ने करुणा को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। करुणा ने निर्धारित 21 ओवर में नौ विकेट पर 148 रन बनाए। ओपनर आरव कुमार चंद्रा ने 54 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से नाबाद 53 रन की पारी खेली। कप्तान शुभम ने 23 और आदित्य राज ने 18 रन बनाए। टीम के खाते में अतिरिक्त के रूप में 34 रन जुड़े। मंत्रा की ओर से आर्यन शंकर, आदित्य आनंद, अभिमान और रुद्रांश राय ने दो-दो विकेट लिए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी मंत्रा स्पोटर्स एकेडमी की टीम 12.3 ओवर में 71 रन पर सिमट गई। अभिमान ने सर्वाधिक 25 रन बनाए, जबकि अन्य बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके। आरव ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए दो ओवर में आठ रन देकर तीन विकेट चटकाए। रौनक ने दो, जबकि आदित्य राज और अभिषेक कुमार यादव ने एक-एक विकेट लिया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए आरव कुमार चंद्रा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

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अल्फा अंडर-14 कप के फाइनल में गोल क्रिकेट एकेडमी और पटना-11

पटना। अल्फा अंडर-14 कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबलों में गोल क्रिकेट एकेडमी और पटना-11 ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली। शुक्रवार को बलुआ स्थित अल्फा स्पोर्ट्स एकेडमी में खेले गये मुकाबलों में गोल क्रिकेट एकेडमी ने टर्फ एरिना को 100 रनों से हराया, जबकि पटना-11 ने अल्फा क्रिकेट एकेडमी, कंकड़बाग को आठ विकेट से पराजित किया। पहले सेमीफाइनल में शिवम सम्राट ने नाबाद शतक जड़ा, वहीं दूसरे मुकाबले में आयुष कुमार ने गेंद और बल्ले दोनों से दमदार प्रदर्शन किया।

शिवम सम्राट का शतक, गोल क्रिकेट एकेडमी की बड़ी जीत

पहले सेमीफाइनल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए गोल क्रिकेट एकेडमी ने निर्धारित 20 ओवर में दो विकेट पर 206 रन बनाये। शिवम सम्राट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 100 रनों की शतकीय पारी खेली। रजनीश रंजन ने नाबाद 55 रन बनाये, जबकि अरसलान जकी खान ने 23 रनों का योगदान दिया। इस तरह टर्फ एरिना के सामने जीत के लिए 207 रनों का लक्ष्य था।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी टर्फ एरिना की टीम गोल क्रिकेट एकेडमी की सधी हुई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी और 18.3 ओवर में 106 रनों पर ऑलआउट हो गयी। कप्तान आकाश एमएस ने सर्वाधिक 52 रन बनाये, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। गोल क्रिकेट एकेडमी की ओर से पीयूष शर्मा ने 22 रन देकर चार विकेट झटके। आदर्श कुमार ने तीन और मधुकांत पांडेय ने दो विकेट लेकर टीम की जीत आसान कर दी। गोल क्रिकेट एकेडमी ने 100 रनों से मुकाबला अपने नाम कर फाइनल में प्रवेश किया।

आयुष कुमार का ऑलराउंड प्रदर्शन, पटना-11 फाइनल में

दूसरे सेमीफाइनल में पटना-11 ने अल्फा क्रिकेट एकेडमी, कंकड़बाग को आठ विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनायी। पहले बल्लेबाजी करते हुए अल्फा क्रिकेट एकेडमी ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 137 रन बनाये। आकर्ष राज ने 44 रन की पारी खेली, जबकि विवेक कुमार ने 26 और अक्षत अवि ने 24 रन बनाये।

पटना-11 की ओर से आयुष कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 13 रन देकर तीन विकेट हासिल किये। स्पर्श ने भी दो विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। 138 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पटना-11 की टीम ने 17.3 ओवर में दो विकेट खोकर 138 रन बना लिये। आयुष कुमार ने बल्लेबाजी में भी कमाल दिखाया और 72 रनों की नाबाद पारी खेली। उनकी पारी में आठ चौके और तीन छक्के शामिल रहे। स्पर्श ने 42 गेंदों पर 41 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। पटना-11 ने आठ विकेट से जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।

दोनों सेमीफाइनल में जीत के साथ गोल क्रिकेट एकेडमी और पटना-11 ने अल्फा अंडर-14 कप 2026 के फाइनल में प्रवेश कर लिया।

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