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Rinku Singh पर कभी बीसीसीआई ने लगाया था बैन, अब गुजरात टाइटंस के खिलाफ लगातार पांच छक्का जड़कर रातों-रात बनें स्टार; जानें कैसा रहा है रिंकू सिंह का सफर

आईपीएल 2023 (IPL 2023) का आगाज हो चुका है। शुरुआत के कुछ मैच में ही आईपीएल का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। इस आईपीएल में एक ऐसे खिलाड़ी ने अपनी गाथा लिखी है, जिसकी चर्चो पूरे विश्व क्रिकेट में शुरू हो गई है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं रिंकू सिंह (Rinku Singh) है। जिन्होंने पांच गेंदों पर पांच छक्के जड़कर कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत दिला और रातों-रात हीरो बन गए। उत्तर प्रदेश का यह सितारा जो आईपीएल 2023 में अपनी चमक बिखेर रहा है।

रिंकू सिंह ने पांच छक्का लगाकर मैच को पूरी तरह से पलट दिया और गुजरात टाइटंस को हराकर मुकाबले को जीत लिया। पांच गेंदों पर पांच छक्कें जड़ने के बाद रिंकू ने अपना नाम क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज करा लिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रिंकू सिंह ने जो मुकाम हासिल की वो काफी संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में अपने आप को निखरा है और आज यह मुकाम हासिल कर पाए हैं। आइए जानते हैं कैसे रिंकू सिंह बने सिक्सर किंग।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ रिंकू सिंह का जन्म

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 12 अक्टूबर 1997 को जन्में रिंकू सिंह का पढ़ाई में कुछ खास लगाव नहीं था। रिंकू के पिता चंद्र सिंह एलपीजी सिलेंडर बांटने का काम करते है। सिलेंडर डिलीवरी का काम करने वाले चंद्र सिंह का घर दो कमरों तक ही सिमिट था। रिंकू को बचपन से पढ़ाई में मन नहीं लगता था। बल्कि इससे उल्टा रिंकू का मन खेल में हमेशा लगा रहता था। इसके बावजूद भी रिंकू के माता-पिता ने कभी भी रिंकू को स्कूल भेजना बंद नहीं किया।

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रिंकू सिंह ने 10 से 11 साल में क्रिकेट को अच्छी तरह से समझ लिया था। रिंकू अपना अधिक समय क्रिकेट को देने लगे थे। रिंकू सिंह अपने पांच भाई-बहनों के साथ गोदाम के परिसर में दो रूम के कमरें में रहते थे। रिंकू सिंह बचपन से गरीबी के माहौल मे पले बढ़े। पिता गैस डिलीवरी का काम करते थे तो वहीं सबसे बड़ा भाई ऑटो रिक्शा चलाता था। जबकि उनका एक बड़ा भाई एक कोचिंग सेंटर में काम करता था।

कठिनाइयों से परिवार का पेट पालने वाले पिता ने रिंकू के कौशल को नहीं पहचाना

कठिनाइयों से परिवार का पेट पालने वाले पिता में इतनी समझ नहीं थी कि अपने बच्चों के कौशल को पहचान कर उन्हें सही रास्ता दिखाए। पढ़ाई में कमजोर होने के कारण के रिंकू का मन खेल से मानों लग सा गया था। जिससे उनके पिता हमेशा नाराज ही रहते थे। रिंकू के क्रिकेटर बनने की बात पर पिता ने कई बार नाराज होकर उनकी पिटाई भी की ऐसा सिर्फ उन्होंने परेशानी में किया।

एक पिता का ख्वाब होता है कि बेटा किसी तरह कुछ करके कमाने लग जाए। इसके अलावा रिंकू कहते है कि क्रिकेट खेलने के लिए उनको समर्थन भी घरवालों से मिला। जिससे मुझे उस जगह तक पहुंचने में मदद मिली, आज मैं जहां भी हूं।

Rinku Singh With His Family

रिंकू के पिता घर परिवार देखकर चलने वाले आदमी थे, उन्हें पता था कि घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इन सबके बावजूद रिंकू ने 2009 में क्रिकेट खेलने का मन बना लिया था। रिंकू के इसी लगन के कारण वो 2012 में यूपी के टीम में चुने गए। इसके बाद रिंकू सिंह का परिवार एक बार फिर तंगी से झूझने लगा। ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं होने के कारण रिंकू को झाड़ू पोछा लगाने का काम मिला। उन्हें नौकरी तो चाहिए थी लेकिन वह सफाई कर्मी बनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने मन बना लिया कि अब क्रिकेट में ही कुछ करूंगा।

रिंकू कहते हैं मैं इतना पढ़ा लिखा नहीं हूं कि पढ़ाई के आधार पर काम कर सकूं मैं केवल क्रिकेट ही है जो मुझे आगे बढ़ा सकता है और क्रिकेट के अलावा कोई विकल्प ही नहीं था। क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का कोई और रास्ता ही नहीं था। बड़े भाई की तरह पिता भी हर महीने 6 से ₹7000 कमाते थे। क्रिकेट करियर में उनके परिवार को गरीबी के बोझ से बाहर निकालने में मदद की।

रिंकू सिंह का क्रिकेट करियर

2012 में यूपी के टीम से खेलने के बाद रिंकू सिंह का बेहतरीन प्रदर्शन लगातार जारी रहा। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उत्तरप्रदेश के अंडर-19 और अंडर-23 टीम में जगह मिली। इसके अलावा उन्होंने अंडर-19 में सेंट्रल जोन का प्रतिनिधित्व भी किया। रिंकू सिंह ने महज 16 साल की उम्र में लिस्ट A  क्रिकेट में डेब्यू किया। उन्होंने पहले ही मैच में शानदार पारी में खेलते हुए 87 गेंदों में 84 रनों की पारी खेली।

सैय्यद मुस्ताक अली ट्रॉफी में 31 मार्च 2014 को विदर्भ के खिलाफ खेलते हुए अपने डेब्यू मैच में ही इन्होने 5 गेंदों पे तूफानी अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए तीन चौकों और दो गगनचुम्बी छक्कों की मदद से 24 रन बना दिए और दूसरी पारी में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 3 ओवर में 46 रन देकर एक विकेट भी लिया। इसके बाद उन्होंने 5 नवंबर 2016 को 18 वर्ष की उम्र में 2016-17 की रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया।

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इनके अच्छे प्रदर्शन का फायदा इन्हें आईपीएल के 2017 के सीजन में मिला। जब किंग्स एलेवेन पंजाब ने रिंकू सिंह को 10 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा। लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2018 के विजय हज़ारे ट्रॉफी के एक मैच में त्रिपुरा के विरूद्ध ताबड़तोड़ अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंद में नाबाद 91 रन बनाये और इसकी मदद से उन्हें 2018 में कोलकाता नाईट राइडर्स की टीम ने उन्हें 80 लाख रुपये में खरीदा। 2018 में रिंकू का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था।

2018 में अपने ख़राब प्रदर्शन के बाद रिंकू सिंह ने कोलकाता के बैटिंग मेंटर अभिषेक नायर के साथ समय बिताया और इसका फायदा उन्हें 2018-2019 के रणजी सीजन में भी हुआ और उन्होंने 10 पारियों में 953 रन बनाकर टूर्नामेंट के तीसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे जिसमे उन्होंने चार शतक लगाए थे (163*, 149, 149 और 150)।  रणजी ट्रॉफी में रिंकू ने 40 मैचों की 59 परियों में 59.89 की उम्दा औसत से 2875 रन बनाये हैं। रणजी ट्रॉफी में रिंकू का उच्चतम स्कोर 163 रन है।

बीसीसीआई ने 2019 में लगाया था बैन

साल 2019 में बीसीसीआई ने रिंकू सिंह को तीन महीनों का प्रतिबंध लगा दिया था। इस दौरान उनके क्रिकेट के करियर पर ब्रेक लग गया था। रिंकू सिंह ने बिना बीसीसीआई को जानकारी दिए अबुधाबी में एक टी-20 लीग में हिस्सा लिया था। जब इसकी जानकारी बीसीसीआई को लगी तो उन्होंने कड़ा एक्शन लेते हुए तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया। इस घटना के बाद रिंकू सिंह ने ऐसा कभी नहीं करने की ठानी। उसके बाद फिर रिंकू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

आईपीएल 2022 में रिंकू को मौके मिलने शुरू हो गए। पिछले साल रिंकू सिंह ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 15 गेंदों पर 40 रन बनाकर टीम को जीत के दहलीज पर पहुंचा दिए। लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 2 रनों से हार गई। जिसके बाद केकेआर की तरफ से लगातार मौके मिलने शुरू हो गए। जिसके बाद रिंकू के प्रदर्शन में भी निखार आने लगा। आईपीएल 2023 में 5 गेंदों में पांच छक्के जड़कर अपनी एक अलग पहचान बना ली है। इसके साथ ही आईपीएल के इतिहास में पांच लगातार गेंदों में पांच छक्के लगाने वाले पांचवे खिलाड़ी बन गए।

 

Written By- उपासना कुमारी

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15 सितंबर से शुरू होगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट, 12 टीमें लेंगी हिस्सा; जानें एंट्री फीस से लेकर पुरस्कार तक पूरी डिटेल

पटना: क्रिकेट प्रेमियों के लिए सितंबर में एक खास टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है। खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की ओर से15 सितंबर 2026 से मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू किया जाएगा। टूर्नामेंट में कुल12 टीमें हिस्सा लेंगी। पोस्टर के मुताबिक प्रतियोगिता का आयोजन नयागांव, सोनपुर में किया जाएगा।

12 टीमों के बीच होगा मुकाबला

मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 12 टीमों को शामिल किया गया है। प्रतियोगिता को दो लीग में आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। आयोजकों की ओर से टूर्नामेंट को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और इसमें खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा।

रेड बॉल से खेले जाएंगे मुकाबले

इस टूर्नामेंट की खास बात यह है कि मुकाबले रेड बॉल से खेले जाएंगे। पोस्टर में इसे 20-20 फॉर्मेट का टूर्नामेंट बताया गया है। मैच के लिए टर्फ विकेट और अच्छे घास वाले मैदान की व्यवस्था की गई है। खिलाड़ियों के लिए सफेद ड्रेस अनिवार्य रखी गई है।

एंट्री फीस 7000 रुपये

टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों के लिए एंट्री फीस 7000 रुपये निर्धारित की गई है। आयोजन समिति की ओर से मैच के लिए गेंद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा खिलाड़ियों और टीमों के लिए रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था भी समिति द्वारा किए जाने की जानकारी पोस्टर में दी गई है।

हर मैच में मिलेगा ‘मैन ऑफ द मैच’ अवॉर्ड

टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी सम्मानित किया जाएगा। पोस्टर के अनुसार हर मैच में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा बेस्ट बैटर मोमेंटो और बेस्ट बॉलर मोमेंटो भी दिए जाएंगे। फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी व्यक्तिगत पुरस्कार मिलने की बात कही गई है।

विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी

प्रतियोगिता के अंत में विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। आयोजकों ने टूर्नामेंट को ‘Exciting Matches, Great Talent, Big Prizes’ थीम के साथ पेश किया है। इसका उद्देश्य स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराना भी है।

कहां होगा टूर्नामेंट?

पोस्टर के मुताबिक टूर्नामेंट का आयोजन नयागांव, सोनपुर में होगा। इसका आयोजन खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी कर रही है। पोस्टर पर संपर्क के लिए 6206081260, 9939089666 और 8083085859 नंबर दिए गए हैं। अकादमी का पता घोरदौर रोड, रेलवे लाइन के पास, दीघा, पटना दिया गया है।

टूर्नामेंट की प्रमुख जानकारी

जानकारी विवरण
टूर्नामेंट मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट
आयोजन खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी
शुरुआत 15 सितंबर 2026
टीमें 12
लीग 2
एंट्री फीस ₹7,000
गेंद रेड बॉल
विकेट टर्फ विकेट
ड्रेस सफेद ड्रेस
स्थान नयागांव, सोनपुर
मैन ऑफ द मैच हर मैच में
विजेता विजेता ट्रॉफी
उपविजेता रनर-अप ट्रॉफी

 

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जमुई में होगा सब-जूनियर बिहार राज्य स्तरीय आट्या-पाट्या चैंपियनशिप 2026-27

पटना: आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार एवं जमुई जिला आट्या-पाट्या संघ के संयुक्त तत्वावधान में सब-जूनियर बिहार राज्य स्तरीय आट्या-पाट्या चैंपियनशिप 2026-27 (बालक एवं बालिका) का आयोजन 13 सितंबर 2026 को ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, मलयपुर, जमुई में किया जाएगा।

इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से बालक एवं बालिका खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी 33वीं बालक एवं 26वीं बालिका सब-जूनियर आट्या-पाट्या राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 के लिए किया जाएगा, जिसका आयोजन 02 से 04 अक्टूबर 2026 तक हैदराबाद, तेलंगाना में होगा।

आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव ने बताया कि प्रतियोगिता को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता बिहार की युवा प्रतिभाओं को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।

वहीं, सब-जूनियर राष्ट्रीय स्तर के कोच आरुष कुमार आजाद ने खिलाड़ियों पर पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि बिहार के खिलाड़ी इस बार भी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, खेल भावना और पूरी मेहनत के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की।

जमुई में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता बिहार के उभरते हुए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच प्रदान करेगी और आट्या-पाट्या खेल को राज्य में और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच सॉफ्टबॉल को लेकर ऐतिहासिक समझौता, शुरू होगी द्विपक्षीय सीरीज

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच सॉफ्टबॉल के विकास को लेकर एक अहम समझौता हुआ है। सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SBAI) और सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड (SNZ) ने नई दिल्ली के होटल द ललित में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों में सॉफ्टबॉल को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं व प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

चार साल के लिए हुआ समझौता

यह MoU शुरुआती तौर पर चार साल के लिए प्रभावी रहेगा। इसके तहत खिलाड़ी विकास, कोचिंग, तकनीकी अधिकारियों के प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे, हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम और जमीनी स्तर पर खेल के विस्तार समेत सात प्रमुख क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

MoU पर सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड के बोर्ड सदस्य जय चांगलानी और सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव डॉ. प्रवीण अनाओकर ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान SBAI के संयुक्त सचिव वसीम राजा खान, शिबानी टैगोर, विजय गौड़ समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

पहली बार होगी भारत-न्यूजीलैंड सॉफ्टबॉल सीरीज

इस समझौते की सबसे बड़ी खासियत भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय सॉफ्टबॉल सीरीज शुरू करना है। दोनों देशों में बारी-बारी से इस सीरीज या लीग का आयोजन किया जाएगा।

इससे भारतीय खिलाड़ियों को नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने और उच्च स्तरीय प्रतियोगिता का अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। इससे भारतीय टीमों को भविष्य की बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी।

भारतीय टीमों को मिलेंगे न्यूजीलैंड के हाई-परफॉर्मेंस कोच

समझौते के तहत सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड भारतीय राष्ट्रीय टीमों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के हाई-परफॉर्मेंस कोच उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। इसमें सीनियर, जूनियर और महिला टीमों को शामिल किया गया है। कोचिंग के इस सहयोग का उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार करना और उन्हें एशियन गेम्स, विश्व कप तथा ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।

स्कूल-कॉलेज से लेकर राष्ट्रीय टीम तक बनेगा विकास का रास्ता

दोनों संस्थाएं भारत में जमीनी स्तर पर सॉफ्टबॉल को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण क्लीनिक भी आयोजित करेंगी। इसके अलावा अंपायर और स्कोरर की ट्रेनिंग, खेल विज्ञान तथा हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम को विकसित करने पर भी काम किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में युवा और महिला खिलाड़ियों के साथ उभरती प्रतिभाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सॉफ्टबॉल के लिए एक व्यवस्थित विकास प्रणाली तैयार करने की भी योजना है, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का मौका मिल सके।

दोनों प्रधानमंत्रियों की पहल से प्रेरित साझेदारी

सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस समझौते को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। SBAI के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच खेल सहयोग को लेकर बनी व्यापक सोच से प्रेरित है।

दोनों देशों ने क्रिकेट के अलावा कोचिंग, खेल विज्ञान, तकनीक, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग और युवा खेलों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। सॉफ्टबॉल MoU को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘यह केवल MoU नहीं, बल्कि एक आंदोलन है’

SBAI के नेतृत्व ने इस मौके पर कहा कि यह समझौता सिर्फ दो संस्थाओं के बीच करार नहीं है, बल्कि भारतीय सॉफ्टबॉल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे देश के युवाओं, महिला खिलाड़ियों और अलग-अलग राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से आने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

बिहार सॉफ्टबॉल एसोसिएशन की सचिव प्राची शर्मा ने भी इस समझौते को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में सुनहरा कदम है और दोनों देशों के सॉफ्टबॉल के विकास के लिए शुभकामनाएं दीं।

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बिहार के युवा क्रिकेटरों को मिलेगा नया मुकाम, सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग का आयोजन

पटना। बिहार के प्रतिभाशाली और उभरते क्रिकेटरों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का नया मंच मिलने जा रहा है। सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग (STCL) के माध्यम से राज्य के युवा क्रिकेटरों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, बल्कि चयनित खिलाड़ियों के आर्थिक बोझ को भी कम करने की पहल की गई है। एसटीसीएल के चेयरमैन राजेश झा ने बताया कि लीग के लिए राज्यभर के खिलाड़ियों के चयन हेतु सेलेक्शन ट्रायल का आयोजन 2 और 3 सितंबर 2026 को जगजीवन राम रेलवे क्रिकेट स्टेडियम में किया जाएगा। खास बात यह है कि ट्रायल के लिए खिलाड़ियों से किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

आठ टीमें लेंगी हिस्सा
एसटीसीएल के वाइस चेयरमैन रवि चिकारा ने बताया कि ट्रायल के माध्यम से कुल 8 टीमों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक टीम को तीन-तीन लीग मैच खेलने का अवसर मिलेगा। लीग के सभी मैचों को लाइव प्रसारित करने की तैयारी है। इसके लिए SonyLIV और DD Sports से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि लाइव प्रसारण से युवा खिलाड़ियों को बड़े दर्शक वर्ग तक अपनी प्रतिभा पहुंचाने का अवसर मिलेगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिलेगी।

चयनित खिलाड़ियों का खर्च उठाएगी लीग
एसटीसीएल के डायरेक्टर मुकेश सिंह ने बताया कि लीग के मुकाबले मिराज इंटरनेशनल स्टेडियम, उदयपुर में खेले जाएंगे। चयनित खिलाड़ियों को उनके घर से उदयपुर स्थित स्टेडियम तक एसी ट्रेन से लाने और प्रतियोगिता के बाद वापस घर पहुंचाने की व्यवस्था लीग की ओर से की जाएगी। इसके अलावा उदयपुर में खिलाड़ियों के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था एसटीसीएल द्वारा की जाएगी। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य प्रतिभावान खिलाड़ियों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है, ताकि वे पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

खिलाड़ियों को मिलेगी मैच फीस और पुरस्कार राशि
एसटीसीएल की ओर से चयनित प्रत्येक खिलाड़ी को 25 हजार रुपये मैच फीस के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न व्यक्तिगत और टीम पुरस्कार भी रखे गए हैं।

मैन ऑफ द मैच: 21 हजार रुपये
बेस्ट बैटर: 21 हजार रुपये
बेस्ट बॉलर: 21 हजार रुपये
प्लेयर ऑफ द सीरीज: 51 हजार रुपये
विजेता टीम: 15 लाख रुपये
उपविजेता टीम: 10 लाख रुपये

आयोजकों का कहना है कि लीग का मुख्य उद्देश्य बिहार के छिपे हुए क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर देना है।

कई पूर्व क्रिकेटरों ने किया समर्थन
सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग को कई पूर्व और प्रतिष्ठित क्रिकेटरों का समर्थन भी मिल रहा है। चेतन शर्मा, अशोक मल्होत्रा, मदन लाल और सबा करीम समेत कई क्रिकेट जगत की हस्तियां इस पहल के समर्थन में आगे आई हैं। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसटीसीएल के लीग कमिश्नर और पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन शर्मा ने कहा कि इस लीग के माध्यम से नवोदित खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध होगा और उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका मिलेगा।

वहीं, पूर्व क्रिकेटर अशोक मल्होत्रा ने कहा कि लीग में चयनित प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी मिलेगा, जो उनके करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एसटीसीएल के पदाधिकारी गणेश दत्त ने कहा कि यह मंच उन प्रतिभाशाली क्रिकेटरों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो लंबे समय से बेहतर अवसर और मंच की तलाश में हैं।

यहां करें रजिस्ट्रेशन
लीग के सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने के इच्छुक खिलाड़ी www.stclsport.com पर जाकर अपना निबंधन कर सकते हैं। आयोजकों ने खिलाड़ियों से समय पर रजिस्ट्रेशन पूरा करने की अपील की है।

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