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अब बीसीए के खिलाफ आदित्य वर्मा ने भी खोला मोर्चा, कहा- बिहार क्रिकेट एसोसिएशन पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त

बिहार क्रिकेट में लगातार कुछ न कुछ होता ही रहता है। पिछले कुछ दिनों से बिहार क्रिकेट एसोसिएशन पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। अब इस बार क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव आदित्य वर्मा ने भी बीसीए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बिहार क्रिकेट को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने का एकबार फिर से जिम्मा उठाया है।

संवाददाता सम्मेलन में आदित्य वर्मा ने कहा कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन में कानून, संविधान और नैतिकता की धज्जियां उड़ाई जा रही है और पैसा का बोलबाला है। बीसीए के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी जो चाहते हैं वही होता है। साहेब बस यही चाहते हैं कि धन वर्षा होती रहे और हमारा पॉकेट भरना चाहिए। उन्हें ना क्रिकेटरों के कैरियर से मतलब है और न ही क्रिकेट गतिविधियों और क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर से।

इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर मिले रुपए कहां गए

उन्होंने कहा कि पिछले 5 महीने में बीसीसीआई से बिहार के क्रिकेट के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मिले करीब नौ करोड़ से ज्यादा रुपए आया और बंदरबाट हो गया। आज के तिथि में इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर जीरो है। एक बॉलिंग मशीन या एक प्रैक्टिस का मैदान तक बिहार के खिलाड़ियों के लिए पिछले 5 सालों में दोबारा मान्यता के बाद भी बिहार क्रिकेट संघ नहीं बनाया पाया जबकि खाते से 8 करोड़ से अधिक की राशि की निकासी हो चुकी है। यह एक जांच का विषय है।

Vijay Hazare Trophy में बिहार की लगातार चौथी हार

टीम के ऐलान पर भी उठाए सवाल

आदित्य वर्मा ने कहा कि बीसीसीआई के घरेलू मैचों में भाग लेने वाली बिहार टीम के प्रदर्शन की तो बात ही छोड़ दीजिए। जिस तरह से टीमों की घोषणा होती है और टीमों में बदलाव होता है वैसा दुनिया के किसी टीम में नहीं होता होगा। एक बार में लगभग दर्जन भर खिलाड़ी बदल दिये जाते हैं। उसकी घोषणा कहीं नहीं की जाती है। उन्होंने कहा कि टीम सभी मैच खेल कर आ जाती है पर बीसीए के ऑफिसियल वेबसाइट पर उस टीम का अनाउंसमेंट नहीं होता है। आज तक आप सारे राज्य के सभी क्रिकेट संघों से जानकारी ले सकते हैं। किसी भी खिलाड़ी का मैच के प्रत्येक दिन का या जब से टीम में जाते हैं, समाप्ति तक रोजाना मिलने वाला भत्ता भी नहीं दिया जाता है, जो कि बहुत ही शर्मनाक है।

आदित्य वर्मा ने कहा कि चलिए कोई खिलाड़ी डर से इस बात का नहीं उठाता है जिससे मीडिया को जानकारी नहीं हो पाती है कि बीसीए के माफिया क्या कर रहे हैं। बिहार के क्रिकेट प्रेमियों को भी इसका हक नहीं हो सकता है पर जिन लोगों ने इन टीमों के गठन के लिए आयोजित सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लिया उनका तो यह अधिकार बनता है कि हमारे ट्रायल का परिणाम क्या हुआ।

उन्होंने कहा कि टीम होती है 15 से 18 सदस्यीय पर सुरक्षित खिलाड़ी की संख्या की होती है उससे दोगुनी से चार गुणी तक। यह कहां का नियम है भाई। ऐसा इसलिए होता है कि दिखाने के लिए विज्ञप्ति निकाल कर हर वर्ष विज्ञापन दिया जाता है कि बिहार क्रिकेट संघ को सत्र के शुरुआत में प्रोफेशननल कोच, ट्रेनर, चयनकर्ता चाहिए। देश के बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी अपनी-अपनी अर्जी लगाते हैं।

साहेब को ऐसे आदमी चाहिए जो उनके इशारे पर काम करें 

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को अपना सेवा देने के लिए, लेकिन साहेब को ऐसे रबर स्टाम्प चाहिए जो उनके इशारे पर कार्य कर सके। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर सोशल मीडिया में करप्शन के अनेक सबूत उपलब्ध है उनको ऑफिस में बिठाकर ग्रांट के पैसों से सैलरी दी जा रही है, क्यों? पटना के बोरिंग रोड में अवैध तरीके से बीसीए का खाता खोल दिया गया यह तथ्य छुपा कर बिहार क्रिकेट संघ के आपसी विवाद में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के लोकपाल के आदेश से पटना के सचिवालय ब्रांच में बीसीए का जो खाता बैंक आफ इंडिया में फ्रीज कर दिया गया वह एचडीएफसी बैंक को नहीं बताया गया है। बिहार क्रिकेट लीग का खाता खोला गया जिसमें अनेक अनियमितताएं हैं। इन सारी चीजों को बिहार सरकार के आर्थिक अपराध इकाई तथा केंद्रीय आयकर आयुक्त के संज्ञान में दे दिया गया है।

उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही कानून सम्मत निर्णय होगा। इन सबों से परे बिहार सरकार के 14 माननीय विधायकों के द्वारा बिहार विधानसभा में ध्यानाकर्षण पर खगड़िया जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सह माननीय विधायक डॉक्टर संजीव की पहल से विधायक अमरेंद्र पांडे के नेतृत्व में एक जांच समिति भी गठित हो गई है।

उन्होंने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की चयन प्रक्रिया पर हमला बोलते हुए कहा कि चयनकर्ता कहते हैं कि हमने इन-इन खिलाड़ियों का सेलेक्शन किया था और टीम साहेब के आदेश से बीसीए कार्यालय में बैठे दलालों ने बदल दिया। उसने यहां तक कहा है कि मेरे लिए यह मेरा पहला साल है मैं जानता तो यहां कभी नहीं आता क्योंकि चयनकर्ता आरै केवल रबर स्टाम्प के भांति कार्य करते हैं।

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अदालत के सामने पूरे सबूतों के साथ रखेंगे अपनी बात 

चयनकर्ता के बातचीत का ऑडियो भी अदालत तथा जांच समिति के समक्ष उचित समय पर रखा जायेगा। कैसे चयनकर्ता विवश हैं उनका भी नहीं चलता है, चलता तो केवल साहेब का है। साहेब का फोन आया टीम बदल गया। साहेब के फोन पर प्लेइंग इलेवन बनता है। आपने कभी ऐसा सुना है कि टीम में चयन हो गया और जब खेलने की बारी आयी तो कहा गया कि आपका रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ आप नहीं खेल सकते हैं। कुल मिला कर यही है कि खेल से कोई मतलब नहीं बस मतलब है अपना खजाना भरने से। अगर बिहार के क्रिकेट टीम में खेलना है तो पैसा दीजिए।

बहुत जल्द ही किस प्रकार बिहार के आठ खिलाड़ियों को दो साल पहले कलकत्ता में चल रहे रणजी ट्रॉफी के ग्रुप मैच में नॉर्थ ईस्ट राज्य के एक टीम के विरूद्ध बदल दिया गया था और वह मैच बिहार हार गया था। सूत्रों से पक्की खबर है उस मैच को बिहार क्रिकेट संघ ने हारने के लिए फिक्स कर दिया था। समय आने पर अदालत में पूरे साक्ष्य सबूतों के साथ यह बात रखी जाएगी। सबसे आश्चर्यजनक और दुखदायी यह है कि अगर आप बीसीए के कुकृत्यां पर अपनी जुबान खोलेंगे तो साहेब आपके बच्चों, भाई-बहनों अगर वे क्रिकेटर हैं तो साहब उन्हें कभी खेलने का मौका नहीं देंगे। अब तो एक राजनैतिक पार्टी ने उनको पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाकर बीसीए में भ्रष्टाचार करने का परमिट दे दिया है।

आज के संवाददाता सम्मेलन में पूर्व विधायक डा0 विनादे यादव, डा0 संजय कुमार, मुकेश कुमार कुमार प्रिंस, संतोष कुमार, सहित अनेक खिलाड़ियों के परिजन उपस्थित थे।

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पंकज कुमार के ‘छक्के’ से पटना स्ट्राइकर्स ढेर, पंकज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ने 10 विकेट से जीता मुकाबला

मसौढ़ी: दरियापुर, मसौढ़ी स्थित पंकज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए मुकाबले में मेज़बान टीम पंकज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए पटना स्ट्राइकर्स को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी। अपने घातक गेंदबाज़ी प्रदर्शन और मैच को एकतरफ़ा बनाने में अहम भूमिका निभाने के लिए पंकज कुमार को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार दिया गया।

टॉस जीतकर पटना स्ट्राइकर्स ने पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया, लेकिन उनका यह फैसला भारी पड़ गया। पंकज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अनुशासित और आक्रामक गेंदबाज़ी आक्रमण के सामने पटना स्ट्राइकर्स की पूरी टीम महज़ 78 रन पर सिमट गई। टीम की ओर से अमित कुमार ने 22 रन और अनीश सिंह ने 13 रन बनाकर थोड़ी देर तक संघर्ष किया, लेकिन अन्य बल्लेबाज़ टिक नहीं सके।

गेंदबाज़ी में पंकज कुमार ने मैच पर पूरी तरह कब्ज़ा जमाते हुए घातक स्पेल डाला। उन्होंने 6 ओवर में सिर्फ 20 रन देकर 6 विकेट झटके और पटना स्ट्राइकर्स की बल्लेबाज़ी की रीढ़ तोड़ दी। उनका शानदार साथ देते हुए अंकित कुमार और प्रिंस शर्मा ने भी 2-2 विकेट हासिल किए।

79 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंकज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की टीम ने कोई गलती नहीं की। सलामी बल्लेबाज़ों कुमार कार्तव्य (नाबाद 25 रन) और सितु कुमार (नाबाद 25 रन) ने धैर्य और समझदारी भरी बल्लेबाज़ी करते हुए बिना कोई विकेट गंवाए 79 रन बनाकर टीम को जीत दिला दी।

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28 जनवरी से शुरू होगी कैलाशपति मिश्रा बक्सर जिला फुटबॉल चैंपियनशिप 2026, भाजपा क्रीड़ा प्रकोष्ठ करेगा आयोजन

पटना: भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य, अद्भुत संगठनकर्ता तथा बिहार में भाजपा क्रीड़ा प्रकोष्ठ की स्थापना करने वाले श्रद्धेय कैलाशपति मिश्रा जी की पुण्य स्मृति में आयोजित “श्रद्धेय कैलाशपति मिश्रा बक्सर जिला फुटबॉल चैंपियनशिप 2026” का आयोजन दिनांक 28 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है।

इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप के विजेता एवं उपविजेता कप का भव्य अनावरण आज कैलाशपति मिश्रा सभागार, प्रदेश कार्यालय, पटना में संपन्न हुआ। अनावरण कार्यक्रम भाजपा के यशस्वी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह माननीय मंत्री बिहार सरकार दिलीप जायसवाल, माननीय मंत्री बिहार सरकार प्रमोद चंद्रवंशी एवं माननीय मंत्री बिहार सरकार लखविंदर पासवान के कर-कमलों द्वारा किया गया।

यह फुटबॉल प्रतियोगिता बक्सर जिले में आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह 28 जनवरी को पुराना भोजपुर हाई स्कूल मैदान में जबकि समापन समारोह 31 जनवरी को किला मैदान, बक्सर में आयोजित किया जाएगा।

इस अवसर पर भाजपा क्रीड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सतीश राजू, भाजपा नेता विंध्याचल पाठक, भाजपा क्रीड़ा प्रकोष्ठ बक्सर जिला संयोजक दुर्गेश उपाध्याय के साथ-साथ विकास सिंह, सुमित झा, अभिराम शर्मा सहित प्रदेश क्रीड़ा प्रकोष्ठ एवं बक्सर जिला के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह चैंपियनशिप न केवल युवा खिलाड़ियों को मंच प्रदान करेगी, बल्कि खेलों के माध्यम से संगठनात्मक एकता और सामाजिक सहभागिता को भी सुदृढ़ करेगी।

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मुजफ्फरपुर में चमका कोच प्रिंस कुमार का शिष्य, शानदार शतक के साथ कैम्ब्रिज क्रिकेट एकेडमी के प्रिंस गुप्ता ने मचाया धमाल

बिहार: मुजफ्फरपुर के सिकंदर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को एक यादगार पारी देखने को मिली। जगुआर 11 के लिए खेलते हुए कैम्ब्रिज क्रिकेट एकेडमी के प्रशिक्षु प्रिंस गुप्ता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शतक जड़ा और मुकाबले को 67 रनों से जीत लिया। इस शानदार प्रदर्शन के लिए प्रिंस गुप्ता को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।

जगुआर 11 और मुजफ्फरपुर के बीच खेले गए इस मुकाबले में ज़गुआर 11 की ओर से खेलते हुए प्रिंस गुप्ता ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 76 गेंदों पर 104 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी की बदौलत ज़गुआर 11 की टीम 25.2 ओवर में 191 रन तक पहुंच सकी। जवाब में उतरी मुज़फ्फरपुर की टीम 13.4 ओवर में 124 रन पर सिमट गई और ज़गुआर 11 ने यह मुकाबला 67 रनों से जीत लिया। हालांकि मुज़फ्फरपुर की ओर से अभिषेक ने 22 गेंदों पर 56 रन की तेज पारी खेली, लेकिन टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे।

कोच प्रिंस कुमार के पर्सनल ट्रेनिंग से बच्चों को मिल रहा सही मार्गदर्शन

बताया जा रहा है कि प्रिंस गुप्ता लंबे समय से बिहार कैम्ब्रिज क्रिकेट एकेडमी के कोच प्रिंस कुमार से पर्सनल ट्रेनिंग ले रहे हैं और यह शतक उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन का परिणाम माना जा रहा है। उनकी बल्लेबाजी में तकनीक, धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला।

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि कोच प्रिंस कुमार की ट्रेनिंग में तैयार हो रहे ऐसे खिलाड़ी आने वाले समय में जिले और राज्य स्तर पर बड़ी पहचान बना सकते हैं। यह शतक न सिर्फ खिलाड़ी के लिए बल्कि उसके कोच और पूरे मुज़फ्फरपुर क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है।

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मोहम्मद फैसल बने समस्तीपुर जिला सॉफ्ट बॉल क्रिकेट संघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष

बिहार: बिहार सॉफ्ट बॉल क्रिकेट संघ की नई कमिटी का गठन कर दिया गया है। इस नई कमिटी में समस्तीपुर जिले से मोहम्मद फैसल को सॉफ्ट बॉल क्रिकेट संघ का नव निर्वाचित अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इस मौके पर मोहम्मद फैसल ने कहा कि वे समस्तीपुर जिले में सॉफ्ट बॉल क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। उन्होंने बताया कि सॉफ्ट बॉल क्रिकेट का खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी क्रेज है और बड़ी संख्या में बच्चे इसी माध्यम से क्रिकेट की शुरुआत करते हैं।

फैसल ने कहा कि उन्हें शुरू से ही खेलों में गहरी रुचि रही है और वे स्वयं बिहार एवं झारखंड के लिए क्रिकेट में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “हमें जो दायित्व मिला है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। खासकर समस्तीपुर के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर मंच देने का काम करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि आज भारतीय क्रिकेट टीम में खेलने वाले कई खिलाड़ी, जिनमें वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं, ने अपने करियर की शुरुआत सॉफ्ट बॉल क्रिकेट से की थी और गांव-गांव में खेलकर आगे बढ़े। सॉफ्ट बॉल क्रिकेट प्रतिभा निखारने का एक मजबूत माध्यम है।

मोहम्मद फैसल ने बताया कि वे सॉफ्ट बॉल क्रिकेट को समस्तीपुर में नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार प्रयास करेंगे। इसके साथ ही जिले में भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सॉफ्ट बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी 26 जनवरी को समस्तीपुर में एक दिवसीय महिला सॉफ्ट बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा, जिससे महिला खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

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