KRIDA NEWS

KridaNews - Header
Breaking
🏏IPL 2026: MI vs CSK — बड़ा मुकाबला आज रात 7:30 बजे ◆ 🏆Neeraj Chopra ने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया ◆ 🏏Pro Kabaddi: Patna Pirates ने Bengaluru Bulls को हराया
KridaNews
India's Sports Voice
◆
खेल की दुनिया से सीधा आपके पास
SCORE
IND vs AUS 245/6 (45.3 ov) Live
|
MI vs CSK आज 7:30 PM Upcoming
|
LSG 172/4 (20.0) 1st Inn
|
RCB vs KKR कल 3:30 PM Tomorrow
|
Patna FC vs Sikkim XI 3 - 1 FT

Rinku Singh पर कभी बीसीसीआई ने लगाया था बैन, अब गुजरात टाइटंस के खिलाफ लगातार पांच छक्का जड़कर रातों-रात बनें स्टार; जानें कैसा रहा है रिंकू सिंह का सफर

आईपीएल 2023 (IPL 2023) का आगाज हो चुका है। शुरुआत के कुछ मैच में ही आईपीएल का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। इस आईपीएल में एक ऐसे खिलाड़ी ने अपनी गाथा लिखी है, जिसकी चर्चो पूरे विश्व क्रिकेट में शुरू हो गई है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं रिंकू सिंह (Rinku Singh) है। जिन्होंने पांच गेंदों पर पांच छक्के जड़कर कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत दिला और रातों-रात हीरो बन गए। उत्तर प्रदेश का यह सितारा जो आईपीएल 2023 में अपनी चमक बिखेर रहा है।

रिंकू सिंह ने पांच छक्का लगाकर मैच को पूरी तरह से पलट दिया और गुजरात टाइटंस को हराकर मुकाबले को जीत लिया। पांच गेंदों पर पांच छक्कें जड़ने के बाद रिंकू ने अपना नाम क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज करा लिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रिंकू सिंह ने जो मुकाम हासिल की वो काफी संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में अपने आप को निखरा है और आज यह मुकाम हासिल कर पाए हैं। आइए जानते हैं कैसे रिंकू सिंह बने सिक्सर किंग।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ रिंकू सिंह का जन्म

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 12 अक्टूबर 1997 को जन्में रिंकू सिंह का पढ़ाई में कुछ खास लगाव नहीं था। रिंकू के पिता चंद्र सिंह एलपीजी सिलेंडर बांटने का काम करते है। सिलेंडर डिलीवरी का काम करने वाले चंद्र सिंह का घर दो कमरों तक ही सिमिट था। रिंकू को बचपन से पढ़ाई में मन नहीं लगता था। बल्कि इससे उल्टा रिंकू का मन खेल में हमेशा लगा रहता था। इसके बावजूद भी रिंकू के माता-पिता ने कभी भी रिंकू को स्कूल भेजना बंद नहीं किया।

Image

रिंकू सिंह ने 10 से 11 साल में क्रिकेट को अच्छी तरह से समझ लिया था। रिंकू अपना अधिक समय क्रिकेट को देने लगे थे। रिंकू सिंह अपने पांच भाई-बहनों के साथ गोदाम के परिसर में दो रूम के कमरें में रहते थे। रिंकू सिंह बचपन से गरीबी के माहौल मे पले बढ़े। पिता गैस डिलीवरी का काम करते थे तो वहीं सबसे बड़ा भाई ऑटो रिक्शा चलाता था। जबकि उनका एक बड़ा भाई एक कोचिंग सेंटर में काम करता था।

कठिनाइयों से परिवार का पेट पालने वाले पिता ने रिंकू के कौशल को नहीं पहचाना

कठिनाइयों से परिवार का पेट पालने वाले पिता में इतनी समझ नहीं थी कि अपने बच्चों के कौशल को पहचान कर उन्हें सही रास्ता दिखाए। पढ़ाई में कमजोर होने के कारण के रिंकू का मन खेल से मानों लग सा गया था। जिससे उनके पिता हमेशा नाराज ही रहते थे। रिंकू के क्रिकेटर बनने की बात पर पिता ने कई बार नाराज होकर उनकी पिटाई भी की ऐसा सिर्फ उन्होंने परेशानी में किया।

एक पिता का ख्वाब होता है कि बेटा किसी तरह कुछ करके कमाने लग जाए। इसके अलावा रिंकू कहते है कि क्रिकेट खेलने के लिए उनको समर्थन भी घरवालों से मिला। जिससे मुझे उस जगह तक पहुंचने में मदद मिली, आज मैं जहां भी हूं।

Rinku Singh With His Family

रिंकू के पिता घर परिवार देखकर चलने वाले आदमी थे, उन्हें पता था कि घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इन सबके बावजूद रिंकू ने 2009 में क्रिकेट खेलने का मन बना लिया था। रिंकू के इसी लगन के कारण वो 2012 में यूपी के टीम में चुने गए। इसके बाद रिंकू सिंह का परिवार एक बार फिर तंगी से झूझने लगा। ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं होने के कारण रिंकू को झाड़ू पोछा लगाने का काम मिला। उन्हें नौकरी तो चाहिए थी लेकिन वह सफाई कर्मी बनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने मन बना लिया कि अब क्रिकेट में ही कुछ करूंगा।

रिंकू कहते हैं मैं इतना पढ़ा लिखा नहीं हूं कि पढ़ाई के आधार पर काम कर सकूं मैं केवल क्रिकेट ही है जो मुझे आगे बढ़ा सकता है और क्रिकेट के अलावा कोई विकल्प ही नहीं था। क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का कोई और रास्ता ही नहीं था। बड़े भाई की तरह पिता भी हर महीने 6 से ₹7000 कमाते थे। क्रिकेट करियर में उनके परिवार को गरीबी के बोझ से बाहर निकालने में मदद की।

रिंकू सिंह का क्रिकेट करियर

2012 में यूपी के टीम से खेलने के बाद रिंकू सिंह का बेहतरीन प्रदर्शन लगातार जारी रहा। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उत्तरप्रदेश के अंडर-19 और अंडर-23 टीम में जगह मिली। इसके अलावा उन्होंने अंडर-19 में सेंट्रल जोन का प्रतिनिधित्व भी किया। रिंकू सिंह ने महज 16 साल की उम्र में लिस्ट A  क्रिकेट में डेब्यू किया। उन्होंने पहले ही मैच में शानदार पारी में खेलते हुए 87 गेंदों में 84 रनों की पारी खेली।

सैय्यद मुस्ताक अली ट्रॉफी में 31 मार्च 2014 को विदर्भ के खिलाफ खेलते हुए अपने डेब्यू मैच में ही इन्होने 5 गेंदों पे तूफानी अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए तीन चौकों और दो गगनचुम्बी छक्कों की मदद से 24 रन बना दिए और दूसरी पारी में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 3 ओवर में 46 रन देकर एक विकेट भी लिया। इसके बाद उन्होंने 5 नवंबर 2016 को 18 वर्ष की उम्र में 2016-17 की रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया।

Image

इनके अच्छे प्रदर्शन का फायदा इन्हें आईपीएल के 2017 के सीजन में मिला। जब किंग्स एलेवेन पंजाब ने रिंकू सिंह को 10 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा। लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2018 के विजय हज़ारे ट्रॉफी के एक मैच में त्रिपुरा के विरूद्ध ताबड़तोड़ अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंद में नाबाद 91 रन बनाये और इसकी मदद से उन्हें 2018 में कोलकाता नाईट राइडर्स की टीम ने उन्हें 80 लाख रुपये में खरीदा। 2018 में रिंकू का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था।

2018 में अपने ख़राब प्रदर्शन के बाद रिंकू सिंह ने कोलकाता के बैटिंग मेंटर अभिषेक नायर के साथ समय बिताया और इसका फायदा उन्हें 2018-2019 के रणजी सीजन में भी हुआ और उन्होंने 10 पारियों में 953 रन बनाकर टूर्नामेंट के तीसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे जिसमे उन्होंने चार शतक लगाए थे (163*, 149, 149 और 150)।  रणजी ट्रॉफी में रिंकू ने 40 मैचों की 59 परियों में 59.89 की उम्दा औसत से 2875 रन बनाये हैं। रणजी ट्रॉफी में रिंकू का उच्चतम स्कोर 163 रन है।

बीसीसीआई ने 2019 में लगाया था बैन

साल 2019 में बीसीसीआई ने रिंकू सिंह को तीन महीनों का प्रतिबंध लगा दिया था। इस दौरान उनके क्रिकेट के करियर पर ब्रेक लग गया था। रिंकू सिंह ने बिना बीसीसीआई को जानकारी दिए अबुधाबी में एक टी-20 लीग में हिस्सा लिया था। जब इसकी जानकारी बीसीसीआई को लगी तो उन्होंने कड़ा एक्शन लेते हुए तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया। इस घटना के बाद रिंकू सिंह ने ऐसा कभी नहीं करने की ठानी। उसके बाद फिर रिंकू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

आईपीएल 2022 में रिंकू को मौके मिलने शुरू हो गए। पिछले साल रिंकू सिंह ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 15 गेंदों पर 40 रन बनाकर टीम को जीत के दहलीज पर पहुंचा दिए। लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 2 रनों से हार गई। जिसके बाद केकेआर की तरफ से लगातार मौके मिलने शुरू हो गए। जिसके बाद रिंकू के प्रदर्शन में भी निखार आने लगा। आईपीएल 2023 में 5 गेंदों में पांच छक्के जड़कर अपनी एक अलग पहचान बना ली है। इसके साथ ही आईपीएल के इतिहास में पांच लगातार गेंदों में पांच छक्के लगाने वाले पांचवे खिलाड़ी बन गए।

 

Written By- उपासना कुमारी

Read More

बिहार राज्य जूनियर शतरंज प्रतियोगिता संपन्न, बालक वर्ग में प्रेम कुमार एवं बालिका वर्ग में आदिवा उल्लाह बने विजेता

बिहार:  अखिल बिहार शतरंज संघ एवं मुजफ्फरपुर जिला शतरंज संघ के संयुक्त तत्वावधान में मुजफ्फरपुर के चंद्र विला फार्म हाउस में आयोजित रुंगटा टी बिहार स्टेट जूनियर फिडे रेटिंग शतरंज प्रतियोगिता के नौ चक्रों के बाद बालक वर्ग में प्रेम कुमार एवं बालिका वर्ग ने आदिवा उल्लाह बिहार राज्य जूनियर एवं जूनियर गर्ल्स का विजेता घोषित किए गए।

बालिका वर्ग में पटना की अदिबा उल्लाह एवं मुजफ्फरपुर की नव्या गोयनका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8-8 अंक अर्जित किए। टाई-ब्रेक के आधार पर अदिबा उल्लाह को प्रथम तथा नव्या गोयनका को द्वितीय स्थान मिला।

पुरस्कार वितरण के अवसर पर मुख्य अतिथि श्री धर्मेंद्र कुमार, अध्यक्ष, साउथ एशियन चेस परिषद ,विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री अशोक कुमार नेमानी सेल्स हेड, रुंगटा टी प्राइवेट लिमिटेड, बिहार एवं झारखंड , श्री रवि धारियां, डिप्टी जोनल मैनेजर, बैंक ऑफ इंडिया; डॉ. संजय श्रीवास्तव, एमडी, आशव हॉस्पिटल, डॉ अमृता श्रीवास्तव, दीपक चंद्रा, वाइस प्रिंसिपल, सेंट जेवियर्स जूनियर/सीनियर स्कूल; डॉ.अविनाश त्रिपाठी, सीनियर मैनेजर HDFC एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने विजेताओं को ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन मुजफ्फरपुर जिला शतरंज संघ के सचिव श्री हिमांशु कुमार ने किया।

इस अवसर पर अखिल बिहार शतरंज संघ के संयुक्त सचिव नंदकिशोर, विपल सुभाषी, शशिनन्द कुमार, शिवप्रिया भारद्वाज, प्रत्यूष कुमार, अंतरराष्ट्रीय निर्णायक आलोक प्रियदर्शी, मुजफ्फरपुर जिला शतरंज संघ के उपाध्यक्ष श्री आभाष कुमार, कोषाध्यक्ष श्री अभिजीत कुमार , संयुक्त सचिव श्री सुनील कुमार, मनीष कुमार समेत कई अधिकारी एवं अभिभावक उपस्थित थें।

प्रथम दस स्थानों पर आनेवाले खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है:
बालक वर्ग
1 प्रेम कुमार, छपरा — 7.5 अंक
2 अनिकेत रंजन, बेगूसराय — 7.5 अंक
3 शिवांश बरनवाल, बेतिया — 7 अंक
4 तेजस शांडिल्य, मुजफ्फरपुर — 6.5 अंक
5 अनुभव मिश्रा, मधुबनी — 6.5 अंक
6 पार्थवाह, पटना — 6.5 अंक
7 श्रेष्ठ कियान, वैशाली — 6.5 अंक
8 तन्मय कश्यप, पटना — 6.5 अंक
9 मानस, पटना — 6.5 अंक
10श्रेष्ठ प्रताप सिंह, पटना — 6.5 अंक

बालिका वर्ग
1 अदिबा उल्लाह, पटना — 8 अंक
2 नव्या गोएंका, मुजफ्फरपुर — 8 अंक
3 अग्रिमा राज, मुजफ्फरपुर — 6.5 अंक
4 मून, कटिहार — 6 अंक
5 ईशिका, बेगूसराय — 6 अंक
6 शालिनी श्रीवास्तव, पटना — 6 अंक
7 अनारा शर्मा, किशनगंज — 5.5 अंक
8 प्रतीक्षा राज, पटना — 5 अंक
9 अभिनव अविका, पटना — 5 अंक
10 राज श्रेया, सीतामढ़ी — 5 अंक

Read More

पीआईआर क्रिकेट एकेडमी के महा तेजस्वी का सीबीएसई नेशनल के लिए चयन, बिहार का करेंगे प्रतिनिधित्व

पटना/प्रयागराज। पीआईआर क्रिकेट एकेडमी के होनहार युवा क्रिकेटर महा तेजस्वी ने अपनी प्रतिभा के दम पर सीबीएसई नेशनल प्रतियोगिता के लिए बिहार अंडर-14 टीम में जगह बनाई है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में महा तेजस्वी बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके चयन से पीआईआर क्रिकेट एकेडमी में खुशी का माहौल है।

प्रयागराज में 18 से 23 सितंबर तक आयोजित सीबीएसई के ट्रायल एवं चयन शिविर में महा तेजस्वी ने शानदार प्रदर्शन किया। उनके खेल कौशल और प्रदर्शन से प्रभावित चयनकर्ताओं ने उन्हें बिहार की अंडर-14 टीम के लिए चुना। अब वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते नजर आएंगे।

 

मदुरै में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरेंगे

सीबीएसई नेशनल प्रतियोगिता का आयोजन तमिलनाडु के मदुरै में किया जाना है। प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों की टीमें हिस्सा लेंगी। इस राष्ट्रीय मंच पर महा तेजस्वी बिहार की टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। एकेडमी से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि वह अपने प्रदर्शन से बिहार और पीआईआर क्रिकेट एकेडमी का नाम रोशन करेंगे।

महा तेजस्वी के चयन पर पीआईआर क्रिकेट एकेडमी के कोच पंकज मिश्रा, रितेश रंजन और इंद्रजीत कुमार समेत एकेडमी के पदाधिकारियों एवं खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि महा तेजस्वी का चयन उनकी मेहनत, नियमित अभ्यास और खेल के प्रति अनुशासन का परिणाम है।

एकेडमी प्रबंधन ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करना महा तेजस्वी के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि एकेडमी के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी। एकेडमी परिवार ने महा तेजस्वी के आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जतायी है।

Read More

नालंदा जिला क्रिकेट संघ की कमिटी ऑफ मैनेजमेंट की बैठक संपन्न

बिहारशरीफ़ । नालंदा जिला क्रिकेट संघ की कमिटी ऑफ मैनेजमेंट (सीओएम) की बैठक रविवार , 4 अक्टूबर 2026 को संघ के कार्यालय में अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आगामी सत्र की क्रिकेट गतिविधियों एवं संघ से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया तथा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

सत्र 2026-27 के लिए क्लबों एवम खिलाड़ियों के निबंधन की प्रक्रिया 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार से शुरू होगी, जिसकी अंतिम तिथि 4 नवंबर 2026, बुधवार (15 दिन ) निर्धारित की गई है। जिसमे 20 अक्टूबर 2026 से 25 अक्टूबर 2026 तक क्लबों का निबंधन तथा 26 अक्टूबर 2026 से 4 नवंबर 2026 तक खिलाड़ियों का निबंधन किया जायेगा। सत्र की शुरुआत जूनियर लीग NDJL – 2027 स्व0 राजू वाल्स नालंदा जिला जूनियर क्रिकेट लीग से की जायगी।

बैठक में सत्र 2025-26 में संपन्न जूनियर, सीनियर ए डिवीजन तथा बी डिवीज़न लीग आयोजन पर भी चर्चा की गयी। पीछले सत्र के बी डिवीज़न के शेष मैचों को संपन्न करने पर निर्णय लिया गया।

नालंदा जिला क्रिकेट लीग से सम्बंधित जानकारी एवम फॉर्म हेतु सिद्धार्थ आनंद को प्रभार सौंपा गया है। सभी क्लब एवं खिलाड़ियों को सिद्धार्थ आनंद से फोन नंबर 6201024973 पर सम्पर्क करना होगा।

सत्र 2026-27 नालंदा जिला क्रिकेट लीग के किसी भी प्रारूप मे भाग लेने वाले क्लबों को शपथ पत्र देना अनिवार्य करने पर निर्णय लिया गया जिसके अनुसार क्लब के सचिव /अध्यक्ष मे से किसी के द्वारा लीग मे भाग लेने हेतु क्लब के लेटर पैड पर निवेदन के साथ एक शपथ पत्र जमा करना अनिवार्य किया गया है।

नालंदा जिला क्रिकेट संघ का कार्यकाल नवंबर 2026 मे समाप्त होने के कारण नही कमिटी के गठन हेतु चुनाव तथा एजीएम पर निर्णय लिया गया। नालंदा जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार इसके लिए प्रभार सौंपा गया।

बैठक में संघ के पदाधिकारियों एवं कमिटी ऑफ मैनेजमेंट के सदस्यों ने आगामी सत्र की क्रिकेट गतिविधियों को व्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संचालित करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देशों एवं तैयारियों पर भी चर्चा की।

नालंदा जिला क्रिकेट संघ के सचिव श्री गोपाल कुमार सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभा संपन्न की गई।

Read More

बिहार का शानदार प्रदर्शन, बालक-बालिका दोनों वर्गों में क्वार्टर फाइनल में प्रवेश

हैदराबाद, तेलंगाना। 33वीं बालक एवं 26वीं बालिका सब-जूनियर राष्ट्रीय आट्या-पाट्या चैंपियनशिप 2026-27 में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। बिहार के खिलाड़ियों के उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से टीम में उत्साह का माहौल है।

बालक वर्ग में बिहार को पूल-D में पुडुचेरी, दिल्ली और मध्य प्रदेश के साथ रखा गया था। लीग मुकाबले में बिहार का पहला मैच मध्य प्रदेश के विरुद्ध हुआ, जिसमें बिहार ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश को 53 अंकों के अंतर से पराजित किया।

इसके बाद बिहार का मुकाबला पुडुचेरी से हुआ, जिसमें टीम को हार का सामना करना पड़ा। वहीं दिल्ली के विरुद्ध बिहार ने दमदार वापसी करते हुए 10 अंकों से जीत दर्ज की। इस प्रदर्शन के आधार पर बिहार ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

वहीं बालिका वर्ग में भी बिहार की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया। बिहार को पूल-D में आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और छत्तीसगढ़ के साथ रखा गया था। बिहार ने अपने पहले मुकाबले में आंध्र प्रदेश को 23 अंकों से हराकर शानदार शुरुआत की।

इसके बाद पुडुचेरी के विरुद्ध बिहार को हार का सामना करना पड़ा, जबकि छत्तीसगढ़ के खिलाफ बिहार की बालिकाओं ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए 13 अंकों से जीत दर्ज की। इस प्रदर्शन के साथ बिहार की बालिका टीम ने भी क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

बिहार के मुख्य कोच आरुष कुमार आजाद ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि टीम ने अब तक अच्छे खेल का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि *बालक और बालिका दोनों वर्गों में बिहार के क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे* , जिसमें खिलाड़ी पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे।

इसी राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव तरुण कुमार आजाद को भी सम्मानित किया गया। उनके सम्मानित होने पर बिहार आट्या-पाट्या परिवार में खुशी का माहौल है।

बिहार की दोनों टीमों के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने से राज्य के खेलप्रेमियों में उत्साह बढ़ गया है। खिलाड़ियों से आगामी मुकाबलों में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

Subscribe Now
Do you want to subscribe to our newsletter?

Fill this form to get mails from us.