कटिहार। बिहार क्रिकेट संघ (BCA) की प्रतिष्ठित हेमन ट्रॉफी में लगातार दो सत्रों में शानदार प्रदर्शन करने वाली कटिहार जिला क्रिकेट संघ (KDCA) की टीम के खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर सवाल उठने लगे हैं। कटिहार जिला क्रिकेट संघ से जुड़े रितेश कुमार ने रणजी के साथ-साथ अंडर-19 और अंडर-23 टीमों में भी जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने पर चिंता जतायी है।
रितेश कुमार ने कहा कि कटिहार की टीम ने 2024-25 सत्र में हेमन ट्रॉफी में उपविजेता बनने के बाद 2025-26 सत्र में खिताब अपने नाम किया। लगातार दो वर्षों तक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीम के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और निरंतरता साबित की है। इसके बावजूद रणजी ट्रॉफी टीम में कटिहार से केवल एक खिलाड़ी का चयन होना चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने बीसीसीआई से आये चयनकर्ताओं, बिहार क्रिकेट संघ के संबंधित पदाधिकारियों और चयन समिति से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि हेमन ट्रॉफी में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को चयन के दौरान कितना महत्व दिया गया। उन्होंने पूछा कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले कटिहार के खिलाड़ियों का मूल्यांकन किन मानदंडों के आधार पर किया गया और राज्य की चैंपियन टीम के खिलाड़ियों को रणजी टीम में पर्याप्त अवसर क्यों नहीं मिला।
रितेश कुमार ने कहा कि अगर जिला स्तर पर खिलाड़ी पूरे सत्र में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और उनकी टीम राज्य की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में चैंपियन बनती है, लेकिन इसके बाद भी उन्हें उच्च स्तर पर अवसर नहीं मिलता, तो यह खिलाड़ियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने चयन समिति से खिलाड़ियों के चयन और गैर-चयन के मानदंड सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि खिलाड़ियों और क्रिकेट संघों को चयन प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
उन्होंने अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के चयन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कटिहार में इन आयु वर्गों में भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। ऐसे में उन्हें राज्य टीम में अपनी क्षमता साबित करने का उचित अवसर मिलना चाहिए।
रितेश कुमार ने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति किसी खिलाड़ी, चयनकर्ता या पदाधिकारी के खिलाफ व्यक्तिगत नहीं है। उनका उद्देश्य बिहार क्रिकेट में चयन प्रक्रिया को प्रदर्शन आधारित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में सवाल उठाना है। उन्होंने कहा कि कटिहार ही नहीं, बिहार के सभी जिलों के खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने बिहार क्रिकेट संघ के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासक से आग्रह किया कि रणजी ट्रॉफी समेत सभी राज्य स्तरीय और आयु वर्ग की टीमों की चयन प्रक्रिया की समीक्षा की जाए। चयन के स्पष्ट मानदंड तय कर उन्हें सार्वजनिक किया जाए तथा खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें निष्पक्ष अवसर सुनिश्चित किया जाए।
रितेश कुमार ने उम्मीद जतायी कि प्रशासक इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों की चिंताओं पर ध्यान देंगे तथा बिहार क्रिकेट में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।





