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Exclusive Interview with Vaibhav’s Coach: कैसे बिहार के छोटे शहर से IPL तक पहुंचे Vaibhav Suryavanshi, कोच मनीष ओझा ने सुनाए अनकहे किस्से

Exclusive Interview with Vaibhav's Coach: कैसे बिहार के छोटे शहर से IPL तक चमके Vaibhav Suryavanshi, कोच मनीष ओझा ने सुनाई अनकही कहानी

Exclusive Interview: बिहार का नन्हा सितारा वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) आज पूरे देश का स्टार बन गया है। आईपीएल डेब्यू में वैभव ने बता दिया कि वो क्या कर सकता है। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने अपने पहले ही मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ निडर अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की और पहली ही गेंद पर शार्दुल ठाकुर जैसे अनुभवी ऑलराउंडर को छक्का जड़ दिया। सिर्फ 20 गेंदों में 2 चौके और 2 छक्कों की मदद से 34 रन बनाने वाले वैभव IPL के इतिहास में खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए।

लोग 14 साल की उम्र में सोच भी नहीं सकते थे जहां पहुंचने का, वहां वैभव ने जाकर अपना परचम लहराया। पहले मैच में शानदार पारी खेलने के बाद दूसरे मैच में भी वैभव ने भुवनेश्वर कुमार को छक्का लगाकर सभी को खासा प्रभावित किया, लेकिन वो इस मैच में केवल 16 रन बनाकर ही आउट हो गए। हालांकि वैभव के जल्दी आउट हो जाने पर उनके बचपन के कोच ज्यादा मनीष ओझा ज्यादा परेशान नहीं है।

मनीष ने क्रीडा न्यूज से बात करते हुए बताया कि वो इससे खुश हैं कि वैभव अपना स्वाभाविक खेल नहीं छोड़ा है। वो इसी तरह से सफल हुआ और आगे भी जरूर सफल होगा। वैभव के बचपन के कोच ने इस स्टार खिलाड़ी के हुनर, क्रिकेटिंग जर्नी और संघर्ष के दिलचस्प किस्सों को शेयर किया। पेश है बातचीत का मुख्य अंश:

वैभव सूर्यवंशी कब आपके पास आया था?
वैभव मेरे पास 8-9 साल की उम्र में आया था। वो समस्तीपुर से अपने पापा के साथ ट्रेनिंग लेने आया था। पहली ही मुलाकात में वो कुछ अलग सा लगा।

पहली नजर में क्या खास देखा?
पहली ही बार देखकर समझ में आ गया कि ये लड़का खास है। उसकी बल्लेबाज़ी में एक अलग तरह की समझ थी। उम्र के हिसाब से काफी आगे खेलता था। तकनीक, टाइमिंग, सब कुछ कमाल का था। तभी लगा था कि मेहनत सही दिशा में होती रही, तो ये बच्चा बहुत आगे जाएगा।

कब लगा कि वैभव बड़े स्तर पर खेल सकता है?
करीब दो साल पहले हमें एहसास हुआ कि अब वैभव में कुछ एक्स्ट्रा है। 11-12 की उम्र में ही स्ट्रोक प्ले की मैच्योरिटी आने लगी थी। वो गेंदबाजों पर हावी रहता, अपने शॉट्स बिना डरे खेलता। अपने एज ग्रुप में वो सबसे आगे था। बाद में सीनियर लेवल पर भी उसी आत्मविश्वास के साथ खेलता रहा।

किस टूर्नामेंट ने बदल दी तस्वीर?
बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की हेमन ट्रॉफी में उसकी परफॉर्मेंस ने सबका ध्यान खींचा। वीर प्रताप, साकिब हुसैन, अनुनय नारायण सिंह जैसे बेहतरीन गेंदबाज़ों के सामने उसने खुलकर बल्लेबाज़ी की और लगातार रन बनाए। उस टूर्नामेंट ने बता दिया कि ये बच्चा अब सीनियर क्रिकेट के लिए भी तैयार है।

वैभव को बाकियों से अलग क्या बनाता है?
उसकी तकनीक, गेम सेंस और आत्मविश्वास। सबसे बड़ी बात ये है कि वो किसी भी परिस्थिति में अपने स्वभाव को नहीं बदलता। आक्रामक अप्रोच, नई चीज़ें सीखने की ललक और हमेशा पॉजिटिव माइंडसेट यही उसे दूसरों से अलग बनाते हैं।

IPL डेब्यू से पहले क्या बात हुई थी?
मैच से पहले उसने कॉल कर बताया कि उसे मैच इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेलने का मौका मिलेगा। उसके बाद मैंने सिर्फ इतना कहा कि जैसे अब तक खेलते आए हो, वैसे ही खेलो। ना क्राउड से डरना, ना माहौल से। क्रिकेट को क्रिकेट की तरह खेलो और उसने वही किया।

जब बल्लेबाज़ी करने उतरा, तब मन में क्या चल रहा था?
सच कहूं तो दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। नर्वसनेस थी, दिमाग ब्लैंक था। सिर्फ यही दुआ कर रहे थे कि बच्चा अच्छा खेले। जब पहली गेंद पर छक्का मारा, तब जाकर थोड़ी राहत मिली और एक अलग सी खुशी हो रही है। उस समय मैं थोड़ा भावुक भी हो गया था।

उम्र को लेकर उठे सवालों पर क्या कहेंगे?

ये बात तो तय है कि वैभव 14 साल का ही है। उम्र को लेकर जो बातें हो रही हैं, वो निराधार हैं। बीसीसीआई के बोन टेस्ट ने यह बात पहले भी साबित हो चुका है। उसने अपनी उम्र का प्रमाण आईपीएल मैच में दे दिया। जब वो आउट होकर पवेलियन जा रहा था, तब उसके आंखों में आंसू थे। ये बच्चा तो अपना इमोशन छुपाना भी नहीं जानता है। वैसे भी भारत में 150 करोड़ लोग हैं, हर किसी को बोलने का हक है। लेकिन जो सच है वो सच है।

जल्द ही इंडिया के लिए भी खेलेगा

वैभव सूर्यवंशी, जिस तरह से आगे बढ़कर वो जल्द ही टीम इंडिया के लिए खेलेगा। वो भारतीय टीम के लिए टी20, वनडे और टेस्ट में महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हो सकता है। उसमें वो जज्बा है जो उसे टीम इंडिया तक जरूर पहुंचाएगी।

कोच के तौर पर ये सफर आपके लिए क्या मायने रखता है?

मेरे लिए ये भावुक पल है। जब आप किसी बच्चे को 8 साल की उम्र से ट्रेनिंग देना शुरू करते हैं और वो IPL जैसी लीग में खेलता है तो इससे बड़ी खुशी और कुछ नहीं हो सकती। मुझे खुशी है कि वैभव इतना आगे तक पहुंचा और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उम्मीद है कि वो इस प्रदर्शन को बरकरार रखे और देश का नाम रोशन करे।

12 साल की उम्र में रणजी डेब्यू करते हुए रचा था इतिहास

वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को समस्तीपुर में हुआ था। जिसके बाद वो बहुत कम उम्र में ही क्रिकेट की बारीकियों से रूबरू हो गए। महज 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करते हुए इतिहास रच दिया था। वैभव ने बिहार के लिए खेलते हुए यह कारनामा किया। उसके बाद तो वैभव का यश बढ़ता ही चला गया। वैभव ने अब तक पांच प्रथम श्रेणी, छह लिस्ट ए और दो टी20 मैच खेला है। वहीं उसके अलावा दो आईपीएल का मैच भी खेल चुका है।

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नालंदा जिला सीनियर क्रिकेट लीग का आगाज, गौरव की शतकीय पारी से परशुराय क्रिकेट क्लब विजयी

बिहार शरीफ: नालंदा जिला क्रिकेट संघ के तत्वाधान में आयोजित नालंदा जिला सीनियर क्रिकेट लीग (ए डिवीजन) का शुभारंभ 8 फरवरी 2026 को एनसीए मैदान, बड़ी दरगाह, बिहार शरीफ में किया गया। लीग का उद्घाटन मुकाबला क्रांतिकारी क्रिकेट क्लब, नूरसराय और परशुराय क्रिकेट क्लब, इस्लामपुर के बीच खेला गया, जिसमें परशुराय क्लब ने दमदार प्रदर्शन करते हुए आसान जीत दर्ज की।

उद्घाटन मैच में क्रांतिकारी क्रिकेट क्लब ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए क्रांतिकारी क्लब की टीम 8 विकेट के नुकसान पर 168 रन बना सकी। टीम की ओर से लकी कुमार ने 53 रन की सर्वाधिक पारी खेली, जबकि विराज यादव ने 19 रन तथा रामवर्धन, उत्कर्ष और गुफरान ने 17–17 रन का योगदान दिया। परशुराय क्रिकेट क्लब की ओर से गेंदबाजी में नीतीश कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 ओवर में 40 रन देकर 4 विकेट झटके। वहीं गौरव कुमार ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 6 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए।

गौरव के शतक से परशुराय क्लब की आसान जीत

169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी परशुराय क्रिकेट क्लब की टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 16 ओवर 2 गेंद में 2 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम की जीत में गौरव कुमार की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी अहम रही, जिन्होंने शानदार 107 रन की शतकीय पारी खेली। उनके अलावा सूरज कुमार ने 39 रन बनाकर जीत को और आसान बना दिया। क्रांतिकारी क्लब की ओर से गेंदबाजी में लकी कुमार ने 6 ओवर में 53 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। उद्घाटन मुकाबले में शानदार हरफनमौला प्रदर्शन के लिए परशुराय क्रिकेट क्लब के गौरव कुमार को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया।

मैच में कई गणमान्य रहे मौजूद

इस अवसर पर पूर्व सीनियर क्रिकेटर सह नालंदा जिला क्रिकेट संघ के पूर्व पदाधिकारी संजय कुमार उर्फ पिंटू दा, नालंदा जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार, सचिव गोपाल कुमार सिंह, पूर्व सचिव सैयद मोहम्मद जावेद इकबाल, कोषाध्यक्ष मनोरंजन कुमार, संयुक्त सचिव संजीव कुमार, डॉ. संजय, संतोष पांडेय, हैदर अली, सिद्धार्थ कुमार बाबा, अंकित राज, विकास, मयूरेश्वर, विश्वजीत कुमार, अभिषेक कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मैच में अंपायरिंग की भूमिका सीनियर अंपायर परवेज़ मुस्तफा पप्पू और मनीष कुमार ने निभाई।

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गुलशन की अर्धशतकीय पारी से कैड टाइटंस ने जीता कॉपरेट स्ट्राइकर लीग का खिताब, पटना प्रीडेटर्स को 6 विकेट से हराया

पटना: ऊर्जा स्टेडियम, पटना में खेले गए कॉपरेट स्ट्राइकर लीग (CSL 2026) के फाइनल मुकाबले में विकेटकीपर-बल्लेबाज़ गुलशन की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी की बदौलत कैड टाइटंस ने पटना प्रीडेटर्स को 6 विकेट से पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में गुलशन का प्रदर्शन जीत का सबसे बड़ा आधार साबित हुआ।

मैच में कैड टाइटंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पटना प्रीडेटर्स की टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 142 रन ही बना सकी। प्रीडेटर्स की ओर से राजनीश ने 40 रन और कुमार सौरभ ने 29 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि अंत में आदित्य ने नाबाद 17 रन जोड़कर स्कोर को सम्मानजनक बनाया।

कैड टाइटंस की ओर से गेंदबाजी में कुलदीप कुमार सहाय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3.4 ओवर में 34 रन देकर 3 विकेट झटके। इसके अलावा विवेकानंद ने 2 विकेट और हिमांशु शेखर ने 1 विकेट लेकर पटना प्रीडेटर्स की रन गति पर लगाम लगाई।

गुलशन की पारी ने दिलाया खिताब

143 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैड टाइटंस की शुरुआत सधी हुई रही, लेकिन असली मजबूती एक छोर से गुलशन ने दी। विकेट के पीछे भी मुस्तैदी दिखाने वाले गुलशन ने बल्लेबाजी में भी कमाल करते हुए 56 गेंदों पर 66 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 9 चौके जड़े और पूरे आत्मविश्वास के साथ रनचेज को संभाले रखा।

गुलशन को दूसरे छोर से पंकज रॉय का अच्छा साथ मिला, जिन्होंने 38 गेंदों पर 46 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। अंत में कैड टाइटंस ने 19.4 ओवर में 4 विकेट खोकर 146 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। पटना प्रीडेटर्स की ओर से गेंदबाजी में कुलदीप कुमार सहाय ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन गुलशन और पंकज की साझेदारी के सामने टीम जीत से दूर रह गई।

फाइनल के हीरो बने गुलशन

फाइनल मुकाबले में गुलशन का संयम, तकनीक और मैच को अंत तक ले जाने की क्षमता दर्शकों के बीच चर्चा का विषय रही। विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के रूप में उन्होंने हर विभाग में योगदान देकर यह साबित किया कि बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी कैसे दबाव में भी टीम को जीत तक पहुँचाते हैं। मैच के बाद दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने गुलशन की पारी को CSL 2026 फाइनल का टर्निंग पॉइंट करार दिया।

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लक्ष्मण सिंह स्मृति स्कूली क्रिकेट टूर्नामेंट की ट्रॉफी पर थंडरबोल्ट ने जमाया कब्जा

पटना। श्रीकृष्णा खेल मैदान, खेमनीचक में खेले गए लक्ष्मण सिंह स्मृति स्कूली क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में थंडरबोल्ट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दबंग को 8 विकेट से पराजित कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खिताबी मुकाबले में थंडरबोल्ट के गेंदबाजों और बल्लेबाजों का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिला।

रविवार को खेले गए फाइनल में दबंग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन थंडरबोल्ट के घातक गेंदबाजी आक्रमण के सामने उसकी एक न चली। पूरी टीम 17.4 ओवर में मात्र 97 रन पर सिमट गई। दबंग की ओर से ओपनर आदर्श राज ने 27 रन और कप्तान शंकू राजेश कुमार ने 32 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली।

इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। टीम के कुल स्कोर में 22 रन अतिरिक्त के रूप में जुड़े। थंडरबोल्ट के लिए विश्वजीत आनंद ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि हिमांशु शेखर ने 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी थंडरबोल्ट की टीम ने संयमित और आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार मिश्रण दिखाया। कप्तान साहिल के नाबाद 29 रन, श्रेयांश शेखर के 29 और आशीष के 17 रन की मदद से टीम ने 12 ओवर में ही दो विकेट खोकर 99 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।

मैच समाप्ति के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में सेवानिवृत्त एडिशनल सेक्रेटरी सुरेश पासवान, यूनियन बैंक औरंगाबाद के मैनेजर अरविंद कुमार, समाजसेवी दीपमाला गुप्ता और नीतू कुमारी ने खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। अतिथियों का स्वागत नवीन कुमार ने बुके, शॉल और मोमेंटो देकर किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संतोष तिवारी (संस्थापक, सरदार पटेल स्पोर्ट्स फाउंडेशन) ने किया।

व्यक्तिगत पुरस्कारों में प्लेयर ऑफ द फाइनल का खिताब विजेता टीम के गेंदबाज विश्वजीत आनंद को मिला। मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दबंग के शंकू शर्मा को दिया गया। बेस्ट बैट्समैन का सम्मान चेंजर के शौर्य समीर को, बेस्ट बॉलर का पुरस्कार लायंस के भूषण को, बेस्ट फील्डर का खिताब नाइटराइडर के करण को तथा बेस्ट विकेटकीपर का पुरस्कार दबंग के युगवीर यादव को प्रदान किया गया।

संक्षिप्त स्कोर

दबंग: 17.4 ओवर में 97 रन पर ऑलआउट, आदर्श राज 27, शंकू राजेश 32, अतिरिक्त 22, गेंदबाजी: विश्वजीत आनंद 4/26, हिमांशु शेखर 3/26, सुजल राज 1/14, नवीन 1/2

थंडरबोल्ट: 12 ओवर में 2 विकेट पर 99 रन, श्रेयांश शर्मा 29, साहिल नाबाद 29, आशीष 17, सरस 10, अतिरिक्त 14। गेंदबाजी: शुभम 1/40

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Divyang Challenger Trophy 2026 का आगाज 11 फरवरी से, ऊर्जा स्टेडियम में दिखेगा जोश, जज्बा और जुनून का संगम; दर्शकों के लिए खास इनाम की घोषणा

पटना: बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित होने वाली दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी (Divyang Challenger Trophy) 2026 को लेकर 8 फरवरी को पटना स्थित अंगीठी रेस्टोरेंट एवं बैंक्वेट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस को संबोधित करते हुए बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमितेश कुमार ने बताया कि दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026 का आयोजन 11 एवं 12 फरवरी 2026 को ऊर्जा स्टेडियम, पटना में किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में बिहार, मध्य प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर की दिव्यांग क्रिकेट टीमें हिस्सा लेंगी।

दिव्यांग खिलाड़ियों को सशक्त मंच देने की पहल

डॉ. अमितेश कुमार ने कहा कि यह टूर्नामेंट केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और संघर्षशीलता को सम्मान देने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समावेशन, समान अवसर और सकारात्मक सोच को मजबूती प्रदान करते हैं तथा दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

उद्घाटन, फाइनल और पुरस्कार वितरण का समय घोषित

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टूर्नामेंट कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा भी की गई। जानकारी देते हुए डॉ. अमितेश कुमार ने बताया कि टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह 11 फरवरी को सुबह 8:00 बजे ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित होगा। वहीं फाइनल मुकाबला 12 फरवरी को शाम 6:00 बजे से खेला जाएगा।

फाइनल मैच के बाद रात्रि 9:30 बजे से पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विजेता, उपविजेता सहित इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाली तीनों टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा, ताकि दिव्यांग खिलाड़ियों का जोश, जज़्बा और जुनून निरंतर बना रहे।

दर्शकों के लिए आकर्षक घोषणा

प्रेस वार्ता के दौरान दर्शकों के लिए एक विशेष घोषणा भी की गई, जिसने खेल प्रेमियों में खासा उत्साह भर दिया। डॉ. अमितेश कुमार ने घोषणा करते हुए कहा कि दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026 के प्रत्येक मैच के दौरान यदि कोई दर्शक बाउंड्री लाइन के बाहर कैच पकड़ता है, तो उसे बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन की ओर से ₹200 नकद इनाम प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही आयोजकों ने दर्शकों से बड़ी संख्या में ऊर्जा स्टेडियम पहुँचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की।

आयोजन सचिव की नियुक्ति

इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. अमितेश कुमार ने बताया कि दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026 के आयोजन सचिव के रूप में डॉ. प्रभात चंद्रा को नियुक्त किया गया है, जिनकी देखरेख में टूर्नामेंट का सफल संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

बिहार की टीम घोषित

इसके साथ ही दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी के लिए बिहार टीम की घोषणा भी की गई है। इंटरनेशनल खिलाड़ी धर्मेंद्र कुमार को टीम का कप्तान बनाया गया है। वहीं अभी हाल में भारतीय दिव्यांग टीम के लिए डेब्यू करने वाले जितेंद्र कुमार को उपकप्तान बनाया गया है।

बिहार टीम: धर्मेंद्र कुमार (कप्तान), जितेंद्र कुमार यादव (उपकप्तान), अजय कुमार, नीरज कुमार, अमित कुमार, दीपू कुमार, अंकित कुमार, कैलाश प्रसाद, धर्मेंद्र साह, चंदन कुमार, रामनिवास कुमार, अमित कुमार, अमन कुमार, शौकत अली, अनंत पांडे, रंजन कुमार।

मीडिया बंधुओं को किया गया सम्मानित

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टूर्नामेंट के प्रचार-प्रसार में सहयोग के लिए मीडिया बंधुओं को भी सम्मानित किया गया, जिस पर आयोजकों ने प्रेस जगत के प्रति आभार व्यक्त किया।

ये रहे उपस्थित पदाधिकारी

इस अवसर पर बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमितेश कुमार, सचिव उज्ज्वल कुमार सिन्हा, संयुक्त सचिव अजय कुमार, कोषाध्यक्ष उदय कुमार, आयोजन सचिव डॉ. प्रभात चंद्रा सहित एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।

आयोजकों ने शहरवासियों, खेल प्रेमियों और मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें और दिव्यांग खिलाड़ियों के हौसले को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ।

टूर्नामेंट विवरण (एक नज़र में)

📍 स्थान: ऊर्जा स्टेडियम, पटना
📅 तारीख: 11 एवं 12 फरवरी 2026
🏏 आयोजन: दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026
⏰ उद्घाटन: 11 फरवरी, सुबह 8:00 बजे
🏆 फाइनल: 12 फरवरी, शाम 6:00 बजे
🎁 पुरस्कार वितरण: 12 फरवरी, रात 9:30 बजे से

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