पटना, 8 अक्टूबर। बिहार विधान परिषद सभागार में गुरुवार को क्रीड़ा भारती के तत्वावधान में ‘खेल संवाद 2026’ का आयोजन किया गया। इसमें बिहार में खेलों के विकास, खेल नीति, शिक्षा और उद्योग के साथ खेलों के समन्वय समेत विभिन्न मुद्दों पर मंथन हुआ। कार्यक्रम में सरकार, खेल संगठनों, शिक्षा और उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने बिहार की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इन प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और सही अवसर देने की है। सरकार खिलाड़ियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने खेलों के विकास के लिए शिक्षा, उद्योग और खेल संगठनों के बीच मजबूत तालमेल को जरूरी बताया।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि खेलों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की जरूरत है। खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने खेलों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
विधायक संजीव चौरसिया और जीवन कुमार ने क्रीड़ा भारती की पहल की सराहना करते हुए बिहार की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ खेल संगठनों, शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत की भागीदारी से राज्य में खेलों को नई ऊंचाई दी जा सकती है।
दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता क्रीड़ा भारती महानगर के अध्यक्ष अंजनी कुमार ने की। राजेश्वर राज ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन यशवंत नारायण ने किया, जबकि रवि रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान बिहार में खेलों के विकास के लिए सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग और खेल संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।





