पटना, 16 नवंबर: प्रो कबड्डी लीग की तर्ज पर बिहार में आयोजित होने जा रही है जेबीसी सुपर कबड्डी लीग। यह टूर्नामेंट न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए एक मंच है, बल्कि कबड्डी प्रेमियों के लिए भी एक त्योहार साबित होने जा रहा है।
यह जानकारी रविवार को इस लीग के निदेशक रणविजय सिंह, बिहार राज्य कबड्डी संघ के चेयरमैन कुमार विजय सिंह, कबड्डी एसोसिएशन ऑफ झारखंड के चेयरमैन विपिन कुमार सिंह और छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के सचिव प्रदीप कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में दी। संवाददाता सम्मेलन में विशेष रूप से आमंत्रित बिहार ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अजय कुमार ने पूरा सहयोग देने की बात कही।
लीग के डायरेक्टर रणविजय सिंह ने कहा कि लीग में झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये खिलाड़ी छोटे शहरों और गांवों से आए हैं, जिन्होंने लंबे समय तक मेहनत और समर्पण के साथ अपनी खेल तकनीक और ताकत को निखारा है। जेबीसी सुपर कबड्डी लीग उनके लिए सिर्फ जीत-हार का खेल नहीं, बल्कि अपनी पहचान बनाने और सपनों को सच करने का अवसर है।
उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह प्रो कबड्डी लीग का दूसरा रूप होगा। पुरुष वर्ग की छह टीमें खेलेंगी। टीम का गठन ऑक्शन के द्वारा होगा और हम टीम में तीनों राज्यों के प्लेयर मिश्रित होंगे। टीम के गठन के बाद उसका कैंप लगेगा। उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी को सारी सुविधाएं दी जायेंगी। आखिरी दौर में चार महिला टीमों का मुकाबला होगा जो इन्हीं तीन राज्यों के खिलाड़ियों से बनेगी।
इन्हें सौंपी गई जिम्मेवारी
इस लीग के चेयरमैन बिहार राज्य कबड्डी संघ के चेयरमैन कुमार विजय सिंह होंगे। सीईओ कबड्डी एसोसिएशन ऑफ झारखंड के चेयरमैन विपिन कुमार सिंह जबकि सलाहकार छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के सचिव प्रदीप कुमार होंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही हमलोग आयोजन स्थल और तिथि की घोषणा करेंगे।
बिहार राज्य कबड्डी संघ के चेयरमैन कुमार विजय सिंह ने कहा कि मैदान की मिट्टी, खिलाड़ियों की ऊर्जा और दर्शकों का उत्साहतीनों मिलकर इस लीग को सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक उत्सव बना देगा। हर रेड और हर टैकल की अपनी कहानी होगी। खिलाड़ी जब अपने जज्बे और रणनीति के साथ मैदान में उतरेंगे, तो दर्शक हर पल रोमांच का अनुभव करेंगे। खेल के साथ ही खिलाड़ियों की मेहनत और उनकी निजी कहानी भी इस लीग की असली खासियत बनेगी।
उन्होंने कहा कि इस लीग के सफल आयोजन से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी, बल्कि यह कबड्डी को बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में और लोकप्रिय बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। जेबीसी सुपर कबड्डी लीग बिहार की मिट्टी में न केवल खेल की ऊर्जा भरने वाली है बल्कि यह खेल की कहानियों को भी जीवंत कर देगी।
कबड्डी एसोसिएशन ऑफ झारखंड के चेयरमैन विपिन कुमार सिंह ने कहा कि इस टूर्नामेंट में प्रो कबड्डी लीग जैसी चकाचौंध देखने को मिलेगी। लाइव कवरेज, उत्साही दर्शक, रंगीन उद्घाटन समारोह और शानदार ट्रॉफियांयह सब इस लीग को एक उच्च स्तर का खेल उत्सव बनाएगा। उनका कहना है कि लीग का मकसद केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने और कबड्डी को और लोकप्रिय बनाने में मदद करेगी।
छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के सचिव प्रदीप कुमार ने कहा कि लीग की तैयारियों में खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीकी तैयारी और रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। प्रशिक्षक और कोच छोटे-छोटे विवरणों पर काम करेंगे। हर मैच न केवल रोमांचक होगा, बल्कि दर्शकों के लिए सीखने और प्रेरित होने का भी अनुभव होगा।
बिहार ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि कबड्डी के विकास में यह लीग अहम कड़ी साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस लीग से प्रतिभाएं निखर ऊपर आयेंगी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहारयेगी। उन्होंने कहा कि बिहार ओलंपिक संघ हर तरह से आयोजकों के साथ है।
उन्होंने कहा कि जेबीसी सुपर कबड्डी लीग निश्चित रूप से इनया खेल उत्सव साबित होगा और ये खिलाड़ी तीनों राज्यों के ब्रांड एम्बेसेडर साबित होंगे। खिलाड़ी अपने हुनर और ताकत का प्रदर्शन करेंगे, और दर्शक हर रेड और टैकल के साथ रोमांचित होंगे। यह लीग साबित करेगी कि कबड्डी सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि जुनून, मेहनत और एक समुदाय की भावना का नाम है।


बिहार ग्रामीण क्रिकेट लीग गवर्निंग काउंसिल के कन्वेनर ज्ञानेश्वर गौतम ने बताया कि यह लीग ग्रामीण क्षेत्र की छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें क्रिकेट की मुख्यधारा तक पहुँचाने की दिशा में बीसीए का एक ऐतिहासिक प्रयास है। मीडिया प्रभारी रूपक कुमार और पूर्वी चंपारण मीडिया प्रभारी प्रीतेश रंजन ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में आयोजित ट्रायल के आधार पर 16 टीमों का गठन किया जाएगा, जो नॉकआउट प्रारूप में एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी।


