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BCA की नाकामी, अर्श से फर्श पर पहुंचा Bihar Cricket; रणजी ट्रॉफी में एलीट से प्लेट ग्रुप में हुई वापसी

Bihar Cricket: बीसीसीआई द्वारा आयोजित रणजी ट्रॉफी 2024-25 में बिहार का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। बिहार की टीम एलीट ग्रुप से फिर से प्लेट ग्रुप में पहुंच गई। बिहार को इस सीजन में एक भी जीत नहीं मिली। बिहार का यह हाल देखकर लग रहा है कि बिहार की टीम और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन अर्श से फर्श पर पहुंच गई है।

बिहार की टीम को इस सीजन में सात मैचों में एक भी जीत नसीब नहीं हुई, जबकि पांच बार पारी से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। बिहार जो पिछले सीजन तक एलीट ग्रुप में बना हुआ था। अब इस सीजन से प्लेट ग्रुप में लौटने को मजबूर हो गया है। यह नाकामी सिर्फ हार तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) की व्यवस्थागत खामियों को भी उजागर करती है। जिस राज्य ने एक समय कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए, वहां अब क्रिकेट का स्तर लगातार गिर रहा है। क्रिकेट के लगातार गिरते स्तर को देखते हुए बिहार के वैभव सूर्यवंशी बिहार छोड़ने का मन बना चुके हैं। 

लचर व्यवस्था के कारण वैभव छोड़ सकते हैं बिहार

यह वही वैभव सूर्यवंशी हैं, जिसको बीसीए ने महज 13 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करवाकर मान-सम्मान और प्रसिद्धि दिलाई थी। अब यही खिलाड़ी राज्य छोड़ने का मन बना चुका है। आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में मिली नेम-फेम के बाद अब वो बिहार छोड़कर दूसरे राज्य से अवसर तलाश रहे हैं। बिहार में क्रिकेट के गिरते स्तर और लचर व्यवस्था को देखते हुए वैभव आने वाले सीजन में दूसरे राज्य से खेलते दिख सकते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक वैभव अगले सीजन में तमिलनाडु से खेल सकते हैं। हालांकि यह अभी तक कन्फर्म नहीं हुआ है।

बिहार में गिरता क्रिकेट का स्तर

बिहार में क्रिकेट का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इस साल बिहार की टीम सात मुकाबले में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई। बिहार की टीम को घर से बाहर तो करारी शिकस्त झेलनी ही पड़ी लेकिन घर में भी हार का सामना करना पड़ा। अशुतोष अमन के संन्यास के बाद बिहार की गेंदबाजी में पैनापन नहीं दिखा, जिसके कारण विपक्षी टीमों ने रनों का अंबार लगा दिया। बड़े स्कोर के सामने बिहार के बल्लेबाज बौने साबित हुए, जिस कारण बिहार को पांच मैचों को पारियों से हार का सामना करना पड़ा।

रणजी ट्रॉफी 2024-25 में ऐसा रहा है बिहार का प्रदर्शन

2022-23 में प्लेट ग्रुप का फाइनल जीतकर बिहार की टीम पहुंची थी एलीट ग्रुप में

Ranji Trophy 2022-23 - How Bihar won the Ranji Plate title

बिहार की टीम ने 2022-23 में शानदार प्रदर्शन किया था। प्लेट ग्रुप के फाइनल में बिहार ने मणिपुर को 220 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था। बता दें, यह मुकाबला पटना के मोइनउल हक स्टेडियम में खेला गया था। फाइनल जीतने के बाद बिहार की टीम प्लेट ग्रुप से एलीट ग्रुप में पहुंची थी। लेकिन दो सीजन में ही बिहार को बड़ी टीमों ने बता बिहार क्रिकेट का लेवल क्या है।

जहां से सफर शुरू हुआ था फिर से वहीं पहुंची बिहार की टीम

2018 में पूर्ण मान्यता मिलने के बाद बिहार की टीम को भी बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति मिल गई। इस सीजन में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की मुंबई से हारकर क्वार्टरफाइनल मुकाबले में बाहर हुई थी। वहीं रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में बिहार ने 5 मैचों में जीत हासिल की थी। उसके बाद बिहार क्रिकेट में थोड़ा सुधार देखने को मिला, लेकिन गुटबाजी, कोर्ट केस और तरह-तरह के मामले भी सामने आने लगे। जिसका नतीजा यह हुआ कि बिहार में क्रिकेट की गति पर फिर से ब्रेक लग गई।

Bihar Cricket Association Ready for 2024-25 Ranji Trophy Elite C Campaign

हालांकि बिहार की टीम ने 2022-23 में प्लेट ग्रुप में फाइनल मुकाबला जीतकर यह साबित कर दिया कि टीम अब बड़े मैचों के लिए तैयार हैं। लेकिन बड़े मैच मिलते ही टीम की पोल खुल गई। एक समय ऐसा लग रहा था कि बिहार क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन उचित संसाधन नहीं होने के कारण टीम वहीं की वहीं रह गई। जिसका खामियाजा ये हुआ कि खिलाड़ी भी एकजुट नहीं रह पाए। खिलाड़ियों में यह डर बना रहता था कि उनको इस सीजन में मौका मिलेगा या नहीं। उसके अलावा खिलाड़ियों का कैंप भी मुकाबले से महज कुछ दिन पहले ही लगाया जाता है। ऐसे में खिलाड़ी का प्रदर्शन क्या होगा और बड़े मैचों में किस तरह परफॉर्म करेंगे। इसका आंकलन आप खुद भी कर सकते हैं।

BCA से आखिर गलती कहां हो रही है?

  1.  प्रशासनिक लचरता: बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अंदर गुटबाजी और राजनीति हावी है। क्रिकेट मैदान में कम और कोर्ट में ज्यादा खेले जा रहे हैं। वहीं इसके अलावा पदों की लड़ाई चल रही है।
  2. सही रणनीति का अभाव: दूसरे राज्यों में रणजी की तैयारी पूरे साल चलती है, लेकिन बिहार में सीजन से ठीक पहले शिविर लगाकर खानापूर्ति कर दी जाती है।
  3. कोचिंग और ट्रेनिंग की कमी: बिहार में आज भी कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट सिस्टम की हालत खराब है। खिलाड़ियों को अपने दम पर सुधार करना पड़ता है।
  4. घरेलू क्रिकेट का कमजोर ढांचा: बिहार में डोमेस्टिक टूर्नामेंट्स की संख्या कम है, जिससे खिलाड़ियों को अनुभव नहीं मिल पाता।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) से कुछ सवाल?

  • 2018 में बिहार को पूर्ण मान्यता मिली, लेकिन तब से लेकर अबतक एसोसिएशन में क्रिकेट को लेकर कोई बड़ा बदलाव देखने को क्यों नहीं मिला?
  • लगातार गुटबाजी, भ्रष्टाचार के आरोप से कब बाहर निकलेगी बीसीए?
  • क्रिकेट में राजनीति का क्या काम?
  • बिहार के कोचिंग स्टाफ में अब तक कोई बड़ा नाम क्यों नहीं जुड़ा?
  • क्यों नहीं है बिहार में कोई मजबूत क्रिकेट एकेडमी? जबकि झारखंड में JSCA स्टेडियम और क्रिकेट सिस्टम काफी मजबूत है।

ऐसे सुधर सकता है बिहार क्रिकेट

  • BCA को आरोपों से बचते हुए क्रिकेट पर ध्यान देना होगा। क्रिकेट के हित में फैसले लेने होंगे।
  • घरेलू टूर्नामेंट और कोचिंग सिस्टम को मजबूत करना होगा।
  • युवा खिलाड़ियों को बेहतर मौके देने होंगे।
  • रणजी ट्रॉफी के लिए लंबी अवधि की योजना बनानी होगी।
  • बीसीए को एडमिनिस्ट्रेशन में भी सुधार करना होगा।

क्या खतरे में बिहार क्रिकेट का भविष्य?

बिहार क्रिकेट इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। लगातार हार, खराब प्रबंधन और खिलाड़ियों के पलायन की समस्या क्रिकेट को पूरी तरह से कमजोर बना दिया है। अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बिहार क्रिकेट का भविष्य गर्त में चला जाएगा। BCA को अब सिर्फ नाम के लिए नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के लिए काम करना होगा। नहीं तो आने वाले समय में बिहार से कोई क्रिकेटर नहीं निकल पाएंगा। भारतीय टीम में जगह बनाना तो दूर आईपीएल तक पहुंचना भी मुश्किल होगा। उम्मीद है कि इस सीजन के बाद बीसीए कोई ठोस उपाय करेगी और फिर से टीम को एलीट ग्रुप में पहुंचाने के लिए एकजुट करेगी।

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15 सितंबर से शुरू होगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट, 12 टीमें लेंगी हिस्सा; जानें एंट्री फीस से लेकर पुरस्कार तक पूरी डिटेल

पटना: क्रिकेट प्रेमियों के लिए सितंबर में एक खास टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है। खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की ओर से15 सितंबर 2026 से मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू किया जाएगा। टूर्नामेंट में कुल12 टीमें हिस्सा लेंगी। पोस्टर के मुताबिक प्रतियोगिता का आयोजन नयागांव, सोनपुर में किया जाएगा।

12 टीमों के बीच होगा मुकाबला

मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 12 टीमों को शामिल किया गया है। प्रतियोगिता को दो लीग में आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। आयोजकों की ओर से टूर्नामेंट को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और इसमें खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा।

रेड बॉल से खेले जाएंगे मुकाबले

इस टूर्नामेंट की खास बात यह है कि मुकाबले रेड बॉल से खेले जाएंगे। पोस्टर में इसे 20-20 फॉर्मेट का टूर्नामेंट बताया गया है। मैच के लिए टर्फ विकेट और अच्छे घास वाले मैदान की व्यवस्था की गई है। खिलाड़ियों के लिए सफेद ड्रेस अनिवार्य रखी गई है।

एंट्री फीस 7000 रुपये

टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों के लिए एंट्री फीस 7000 रुपये निर्धारित की गई है। आयोजन समिति की ओर से मैच के लिए गेंद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा खिलाड़ियों और टीमों के लिए रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था भी समिति द्वारा किए जाने की जानकारी पोस्टर में दी गई है।

हर मैच में मिलेगा ‘मैन ऑफ द मैच’ अवॉर्ड

टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी सम्मानित किया जाएगा। पोस्टर के अनुसार हर मैच में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा बेस्ट बैटर मोमेंटो और बेस्ट बॉलर मोमेंटो भी दिए जाएंगे। फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी व्यक्तिगत पुरस्कार मिलने की बात कही गई है।

विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी

प्रतियोगिता के अंत में विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। आयोजकों ने टूर्नामेंट को ‘Exciting Matches, Great Talent, Big Prizes’ थीम के साथ पेश किया है। इसका उद्देश्य स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराना भी है।

कहां होगा टूर्नामेंट?

पोस्टर के मुताबिक टूर्नामेंट का आयोजन नयागांव, सोनपुर में होगा। इसका आयोजन खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी कर रही है। पोस्टर पर संपर्क के लिए 6206081260, 9939089666 और 8083085859 नंबर दिए गए हैं। अकादमी का पता घोरदौर रोड, रेलवे लाइन के पास, दीघा, पटना दिया गया है।

टूर्नामेंट की प्रमुख जानकारी

जानकारी विवरण
टूर्नामेंट मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट
आयोजन खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी
शुरुआत 15 सितंबर 2026
टीमें 12
लीग 2
एंट्री फीस ₹7,000
गेंद रेड बॉल
विकेट टर्फ विकेट
ड्रेस सफेद ड्रेस
स्थान नयागांव, सोनपुर
मैन ऑफ द मैच हर मैच में
विजेता विजेता ट्रॉफी
उपविजेता रनर-अप ट्रॉफी

 

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जमुई में होगा सब-जूनियर बिहार राज्य स्तरीय आट्या-पाट्या चैंपियनशिप 2026-27

पटना: आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार एवं जमुई जिला आट्या-पाट्या संघ के संयुक्त तत्वावधान में सब-जूनियर बिहार राज्य स्तरीय आट्या-पाट्या चैंपियनशिप 2026-27 (बालक एवं बालिका) का आयोजन 13 सितंबर 2026 को ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, मलयपुर, जमुई में किया जाएगा।

इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से बालक एवं बालिका खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी 33वीं बालक एवं 26वीं बालिका सब-जूनियर आट्या-पाट्या राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 के लिए किया जाएगा, जिसका आयोजन 02 से 04 अक्टूबर 2026 तक हैदराबाद, तेलंगाना में होगा।

आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव ने बताया कि प्रतियोगिता को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता बिहार की युवा प्रतिभाओं को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।

वहीं, सब-जूनियर राष्ट्रीय स्तर के कोच आरुष कुमार आजाद ने खिलाड़ियों पर पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि बिहार के खिलाड़ी इस बार भी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, खेल भावना और पूरी मेहनत के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की।

जमुई में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता बिहार के उभरते हुए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच प्रदान करेगी और आट्या-पाट्या खेल को राज्य में और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच सॉफ्टबॉल को लेकर ऐतिहासिक समझौता, शुरू होगी द्विपक्षीय सीरीज

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच सॉफ्टबॉल के विकास को लेकर एक अहम समझौता हुआ है। सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SBAI) और सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड (SNZ) ने नई दिल्ली के होटल द ललित में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों में सॉफ्टबॉल को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं व प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

चार साल के लिए हुआ समझौता

यह MoU शुरुआती तौर पर चार साल के लिए प्रभावी रहेगा। इसके तहत खिलाड़ी विकास, कोचिंग, तकनीकी अधिकारियों के प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे, हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम और जमीनी स्तर पर खेल के विस्तार समेत सात प्रमुख क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

MoU पर सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड के बोर्ड सदस्य जय चांगलानी और सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव डॉ. प्रवीण अनाओकर ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान SBAI के संयुक्त सचिव वसीम राजा खान, शिबानी टैगोर, विजय गौड़ समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

पहली बार होगी भारत-न्यूजीलैंड सॉफ्टबॉल सीरीज

इस समझौते की सबसे बड़ी खासियत भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय सॉफ्टबॉल सीरीज शुरू करना है। दोनों देशों में बारी-बारी से इस सीरीज या लीग का आयोजन किया जाएगा।

इससे भारतीय खिलाड़ियों को नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने और उच्च स्तरीय प्रतियोगिता का अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। इससे भारतीय टीमों को भविष्य की बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी।

भारतीय टीमों को मिलेंगे न्यूजीलैंड के हाई-परफॉर्मेंस कोच

समझौते के तहत सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड भारतीय राष्ट्रीय टीमों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के हाई-परफॉर्मेंस कोच उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। इसमें सीनियर, जूनियर और महिला टीमों को शामिल किया गया है। कोचिंग के इस सहयोग का उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार करना और उन्हें एशियन गेम्स, विश्व कप तथा ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।

स्कूल-कॉलेज से लेकर राष्ट्रीय टीम तक बनेगा विकास का रास्ता

दोनों संस्थाएं भारत में जमीनी स्तर पर सॉफ्टबॉल को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण क्लीनिक भी आयोजित करेंगी। इसके अलावा अंपायर और स्कोरर की ट्रेनिंग, खेल विज्ञान तथा हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम को विकसित करने पर भी काम किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में युवा और महिला खिलाड़ियों के साथ उभरती प्रतिभाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सॉफ्टबॉल के लिए एक व्यवस्थित विकास प्रणाली तैयार करने की भी योजना है, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का मौका मिल सके।

दोनों प्रधानमंत्रियों की पहल से प्रेरित साझेदारी

सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस समझौते को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। SBAI के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच खेल सहयोग को लेकर बनी व्यापक सोच से प्रेरित है।

दोनों देशों ने क्रिकेट के अलावा कोचिंग, खेल विज्ञान, तकनीक, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग और युवा खेलों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। सॉफ्टबॉल MoU को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘यह केवल MoU नहीं, बल्कि एक आंदोलन है’

SBAI के नेतृत्व ने इस मौके पर कहा कि यह समझौता सिर्फ दो संस्थाओं के बीच करार नहीं है, बल्कि भारतीय सॉफ्टबॉल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे देश के युवाओं, महिला खिलाड़ियों और अलग-अलग राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से आने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

बिहार सॉफ्टबॉल एसोसिएशन की सचिव प्राची शर्मा ने भी इस समझौते को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में सुनहरा कदम है और दोनों देशों के सॉफ्टबॉल के विकास के लिए शुभकामनाएं दीं।

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बिहार के युवा क्रिकेटरों को मिलेगा नया मुकाम, सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग का आयोजन

पटना। बिहार के प्रतिभाशाली और उभरते क्रिकेटरों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का नया मंच मिलने जा रहा है। सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग (STCL) के माध्यम से राज्य के युवा क्रिकेटरों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, बल्कि चयनित खिलाड़ियों के आर्थिक बोझ को भी कम करने की पहल की गई है। एसटीसीएल के चेयरमैन राजेश झा ने बताया कि लीग के लिए राज्यभर के खिलाड़ियों के चयन हेतु सेलेक्शन ट्रायल का आयोजन 2 और 3 सितंबर 2026 को जगजीवन राम रेलवे क्रिकेट स्टेडियम में किया जाएगा। खास बात यह है कि ट्रायल के लिए खिलाड़ियों से किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

आठ टीमें लेंगी हिस्सा
एसटीसीएल के वाइस चेयरमैन रवि चिकारा ने बताया कि ट्रायल के माध्यम से कुल 8 टीमों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक टीम को तीन-तीन लीग मैच खेलने का अवसर मिलेगा। लीग के सभी मैचों को लाइव प्रसारित करने की तैयारी है। इसके लिए SonyLIV और DD Sports से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि लाइव प्रसारण से युवा खिलाड़ियों को बड़े दर्शक वर्ग तक अपनी प्रतिभा पहुंचाने का अवसर मिलेगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिलेगी।

चयनित खिलाड़ियों का खर्च उठाएगी लीग
एसटीसीएल के डायरेक्टर मुकेश सिंह ने बताया कि लीग के मुकाबले मिराज इंटरनेशनल स्टेडियम, उदयपुर में खेले जाएंगे। चयनित खिलाड़ियों को उनके घर से उदयपुर स्थित स्टेडियम तक एसी ट्रेन से लाने और प्रतियोगिता के बाद वापस घर पहुंचाने की व्यवस्था लीग की ओर से की जाएगी। इसके अलावा उदयपुर में खिलाड़ियों के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था एसटीसीएल द्वारा की जाएगी। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य प्रतिभावान खिलाड़ियों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है, ताकि वे पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

खिलाड़ियों को मिलेगी मैच फीस और पुरस्कार राशि
एसटीसीएल की ओर से चयनित प्रत्येक खिलाड़ी को 25 हजार रुपये मैच फीस के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न व्यक्तिगत और टीम पुरस्कार भी रखे गए हैं।

मैन ऑफ द मैच: 21 हजार रुपये
बेस्ट बैटर: 21 हजार रुपये
बेस्ट बॉलर: 21 हजार रुपये
प्लेयर ऑफ द सीरीज: 51 हजार रुपये
विजेता टीम: 15 लाख रुपये
उपविजेता टीम: 10 लाख रुपये

आयोजकों का कहना है कि लीग का मुख्य उद्देश्य बिहार के छिपे हुए क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर देना है।

कई पूर्व क्रिकेटरों ने किया समर्थन
सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग को कई पूर्व और प्रतिष्ठित क्रिकेटरों का समर्थन भी मिल रहा है। चेतन शर्मा, अशोक मल्होत्रा, मदन लाल और सबा करीम समेत कई क्रिकेट जगत की हस्तियां इस पहल के समर्थन में आगे आई हैं। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसटीसीएल के लीग कमिश्नर और पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन शर्मा ने कहा कि इस लीग के माध्यम से नवोदित खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध होगा और उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका मिलेगा।

वहीं, पूर्व क्रिकेटर अशोक मल्होत्रा ने कहा कि लीग में चयनित प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी मिलेगा, जो उनके करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एसटीसीएल के पदाधिकारी गणेश दत्त ने कहा कि यह मंच उन प्रतिभाशाली क्रिकेटरों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो लंबे समय से बेहतर अवसर और मंच की तलाश में हैं।

यहां करें रजिस्ट्रेशन
लीग के सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने के इच्छुक खिलाड़ी www.stclsport.com पर जाकर अपना निबंधन कर सकते हैं। आयोजकों ने खिलाड़ियों से समय पर रजिस्ट्रेशन पूरा करने की अपील की है।

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