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BCA की नाकामी, अर्श से फर्श पर पहुंचा Bihar Cricket; रणजी ट्रॉफी में एलीट से प्लेट ग्रुप में हुई वापसी

Bihar Cricket: बीसीसीआई द्वारा आयोजित रणजी ट्रॉफी 2024-25 में बिहार का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। बिहार की टीम एलीट ग्रुप से फिर से प्लेट ग्रुप में पहुंच गई। बिहार को इस सीजन में एक भी जीत नहीं मिली। बिहार का यह हाल देखकर लग रहा है कि बिहार की टीम और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन अर्श से फर्श पर पहुंच गई है।

बिहार की टीम को इस सीजन में सात मैचों में एक भी जीत नसीब नहीं हुई, जबकि पांच बार पारी से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। बिहार जो पिछले सीजन तक एलीट ग्रुप में बना हुआ था। अब इस सीजन से प्लेट ग्रुप में लौटने को मजबूर हो गया है। यह नाकामी सिर्फ हार तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) की व्यवस्थागत खामियों को भी उजागर करती है। जिस राज्य ने एक समय कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए, वहां अब क्रिकेट का स्तर लगातार गिर रहा है। क्रिकेट के लगातार गिरते स्तर को देखते हुए बिहार के वैभव सूर्यवंशी बिहार छोड़ने का मन बना चुके हैं। 

लचर व्यवस्था के कारण वैभव छोड़ सकते हैं बिहार

यह वही वैभव सूर्यवंशी हैं, जिसको बीसीए ने महज 13 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करवाकर मान-सम्मान और प्रसिद्धि दिलाई थी। अब यही खिलाड़ी राज्य छोड़ने का मन बना चुका है। आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में मिली नेम-फेम के बाद अब वो बिहार छोड़कर दूसरे राज्य से अवसर तलाश रहे हैं। बिहार में क्रिकेट के गिरते स्तर और लचर व्यवस्था को देखते हुए वैभव आने वाले सीजन में दूसरे राज्य से खेलते दिख सकते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक वैभव अगले सीजन में तमिलनाडु से खेल सकते हैं। हालांकि यह अभी तक कन्फर्म नहीं हुआ है।

बिहार में गिरता क्रिकेट का स्तर

बिहार में क्रिकेट का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इस साल बिहार की टीम सात मुकाबले में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई। बिहार की टीम को घर से बाहर तो करारी शिकस्त झेलनी ही पड़ी लेकिन घर में भी हार का सामना करना पड़ा। अशुतोष अमन के संन्यास के बाद बिहार की गेंदबाजी में पैनापन नहीं दिखा, जिसके कारण विपक्षी टीमों ने रनों का अंबार लगा दिया। बड़े स्कोर के सामने बिहार के बल्लेबाज बौने साबित हुए, जिस कारण बिहार को पांच मैचों को पारियों से हार का सामना करना पड़ा।

रणजी ट्रॉफी 2024-25 में ऐसा रहा है बिहार का प्रदर्शन

2022-23 में प्लेट ग्रुप का फाइनल जीतकर बिहार की टीम पहुंची थी एलीट ग्रुप में

Ranji Trophy 2022-23 - How Bihar won the Ranji Plate title

बिहार की टीम ने 2022-23 में शानदार प्रदर्शन किया था। प्लेट ग्रुप के फाइनल में बिहार ने मणिपुर को 220 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था। बता दें, यह मुकाबला पटना के मोइनउल हक स्टेडियम में खेला गया था। फाइनल जीतने के बाद बिहार की टीम प्लेट ग्रुप से एलीट ग्रुप में पहुंची थी। लेकिन दो सीजन में ही बिहार को बड़ी टीमों ने बता बिहार क्रिकेट का लेवल क्या है।

जहां से सफर शुरू हुआ था फिर से वहीं पहुंची बिहार की टीम

2018 में पूर्ण मान्यता मिलने के बाद बिहार की टीम को भी बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति मिल गई। इस सीजन में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की मुंबई से हारकर क्वार्टरफाइनल मुकाबले में बाहर हुई थी। वहीं रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में बिहार ने 5 मैचों में जीत हासिल की थी। उसके बाद बिहार क्रिकेट में थोड़ा सुधार देखने को मिला, लेकिन गुटबाजी, कोर्ट केस और तरह-तरह के मामले भी सामने आने लगे। जिसका नतीजा यह हुआ कि बिहार में क्रिकेट की गति पर फिर से ब्रेक लग गई।

Bihar Cricket Association Ready for 2024-25 Ranji Trophy Elite C Campaign

हालांकि बिहार की टीम ने 2022-23 में प्लेट ग्रुप में फाइनल मुकाबला जीतकर यह साबित कर दिया कि टीम अब बड़े मैचों के लिए तैयार हैं। लेकिन बड़े मैच मिलते ही टीम की पोल खुल गई। एक समय ऐसा लग रहा था कि बिहार क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन उचित संसाधन नहीं होने के कारण टीम वहीं की वहीं रह गई। जिसका खामियाजा ये हुआ कि खिलाड़ी भी एकजुट नहीं रह पाए। खिलाड़ियों में यह डर बना रहता था कि उनको इस सीजन में मौका मिलेगा या नहीं। उसके अलावा खिलाड़ियों का कैंप भी मुकाबले से महज कुछ दिन पहले ही लगाया जाता है। ऐसे में खिलाड़ी का प्रदर्शन क्या होगा और बड़े मैचों में किस तरह परफॉर्म करेंगे। इसका आंकलन आप खुद भी कर सकते हैं।

BCA से आखिर गलती कहां हो रही है?

  1.  प्रशासनिक लचरता: बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अंदर गुटबाजी और राजनीति हावी है। क्रिकेट मैदान में कम और कोर्ट में ज्यादा खेले जा रहे हैं। वहीं इसके अलावा पदों की लड़ाई चल रही है।
  2. सही रणनीति का अभाव: दूसरे राज्यों में रणजी की तैयारी पूरे साल चलती है, लेकिन बिहार में सीजन से ठीक पहले शिविर लगाकर खानापूर्ति कर दी जाती है।
  3. कोचिंग और ट्रेनिंग की कमी: बिहार में आज भी कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट सिस्टम की हालत खराब है। खिलाड़ियों को अपने दम पर सुधार करना पड़ता है।
  4. घरेलू क्रिकेट का कमजोर ढांचा: बिहार में डोमेस्टिक टूर्नामेंट्स की संख्या कम है, जिससे खिलाड़ियों को अनुभव नहीं मिल पाता।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) से कुछ सवाल?

  • 2018 में बिहार को पूर्ण मान्यता मिली, लेकिन तब से लेकर अबतक एसोसिएशन में क्रिकेट को लेकर कोई बड़ा बदलाव देखने को क्यों नहीं मिला?
  • लगातार गुटबाजी, भ्रष्टाचार के आरोप से कब बाहर निकलेगी बीसीए?
  • क्रिकेट में राजनीति का क्या काम?
  • बिहार के कोचिंग स्टाफ में अब तक कोई बड़ा नाम क्यों नहीं जुड़ा?
  • क्यों नहीं है बिहार में कोई मजबूत क्रिकेट एकेडमी? जबकि झारखंड में JSCA स्टेडियम और क्रिकेट सिस्टम काफी मजबूत है।

ऐसे सुधर सकता है बिहार क्रिकेट

  • BCA को आरोपों से बचते हुए क्रिकेट पर ध्यान देना होगा। क्रिकेट के हित में फैसले लेने होंगे।
  • घरेलू टूर्नामेंट और कोचिंग सिस्टम को मजबूत करना होगा।
  • युवा खिलाड़ियों को बेहतर मौके देने होंगे।
  • रणजी ट्रॉफी के लिए लंबी अवधि की योजना बनानी होगी।
  • बीसीए को एडमिनिस्ट्रेशन में भी सुधार करना होगा।

क्या खतरे में बिहार क्रिकेट का भविष्य?

बिहार क्रिकेट इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। लगातार हार, खराब प्रबंधन और खिलाड़ियों के पलायन की समस्या क्रिकेट को पूरी तरह से कमजोर बना दिया है। अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बिहार क्रिकेट का भविष्य गर्त में चला जाएगा। BCA को अब सिर्फ नाम के लिए नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के लिए काम करना होगा। नहीं तो आने वाले समय में बिहार से कोई क्रिकेटर नहीं निकल पाएंगा। भारतीय टीम में जगह बनाना तो दूर आईपीएल तक पहुंचना भी मुश्किल होगा। उम्मीद है कि इस सीजन के बाद बीसीए कोई ठोस उपाय करेगी और फिर से टीम को एलीट ग्रुप में पहुंचाने के लिए एकजुट करेगी।

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धनबाद के कोनैन कुरैशी को बीसीसीआई हाई परफॉर्मेंस कैंप का बुलावा, झारखंड से एकमात्र खिलाड़ी चयनित

धनबाद: झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के लिए गर्व की बात है कि धनबाद के उभरते क्रिकेटर कोनैन कुरैशी को बीसीसीआई के इमर्जिंग अंडर-23 हाई परफॉर्मेंस कैंप के लिए आमंत्रित किया गया है। यह कैंप बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित होगा, जहां उन्हें 12 अप्रैल को रिपोर्ट करना है और वे 7 मई तक इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा रहेंगे।

इस संबंध में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख और पूर्व भारतीय दिग्गज वीवीएस लक्ष्मण ने झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) को पत्र लिखकर औपचारिक सूचना दी है। खास बात यह है कि कोनैन कुरैशी झारखंड से इस कैंप के लिए चयनित होने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं, जो उनकी प्रतिभा और मेहनत को दर्शाता है। यह हाई परफॉर्मेंस कैंप देश के चुनिंदा युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और मार्गदर्शन प्रदान करता है, जिससे वे भविष्य में भारतीय टीम के लिए तैयार हो सकें।

कोनैन कुरैशी के चयन पर धनबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार, महासचिव बिनय कुमार सिंह, संयुक्त सचिव बाल शंकर झा, बीएच खान, धर्मेंद्र कुमार, अभिजीत घोष और जेएससीए के कार्यकारिणी सदस्य उत्तम विश्वास सहित कई खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है। सभी ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कैंप में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

कोनैन का यह चयन न सिर्फ धनबाद बल्कि पूरे झारखंड क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है और आने वाले समय में उनसे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।

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बिहार ओपन फिडे रेटिंग शतरंज का भव्य आगाज, शीर्ष वरीय खिलाड़ियों ने दिखाई ताकत

पटना: बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, खेल विभाग (बिहार सरकार) एवं अखिल बिहार शतरंज संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बिहार ओपन फिडे रेटिंग शतरंज प्रतियोगिता का भव्य आगाज़ मंगलवार को कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में हुआ। सुबह 10 बजे से शुरू हुई इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश-विदेश के खिलाड़ियों की शानदार भागीदारी देखने को मिली।

इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में चार देशों और 18 राज्यों के कुल 617 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। खास बात यह है कि इसमें एक ग्रैंडमास्टर, एक इंटरनेशनल मास्टर और तीन फिडे मास्टर (FM) भी भाग ले रहे हैं, जिससे मुकाबले का स्तर बेहद ऊंचा हो गया है।

दूसरे चक्र में दिग्गजों का दबदबा

प्रतियोगिता के दूसरे चक्र में शीर्ष वरीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने मुकाबले आसानी से जीत लिए। शीर्ष बोर्ड पर रूस के ग्रैंडमास्टर पीटर क्रियाकोव ने बंगाल की रियाना खातून को फ्रेंच डिफेंस में 42 चालों में हराया। वहीं दूसरे बोर्ड पर बिहार के उभरते सितारे रेयान मोहम्मद ने जुकर्टोर्ट ओपनिंग में शानदार खेल दिखाते हुए कार्तिकेय नंदन को महज 25 चालों में पराजित किया।तीसरे बोर्ड पर अलेख्य मुखोपाध्याय ने इंग्लिश ओपनिंग में वैभव मिश्रा को 21 चालों में शिकस्त दी।

उद्घाटन समारोह में दिग्गजों की मौजूदगी

प्रतियोगिता का उद्घाटन भारतीय ग्रैंडमास्टर और शतरंज ओलंपियाड स्वर्ण पदक विजेता टीम के कप्तान रहे नारायण श्रीनाथ ने रूस के ग्रैंडमास्टर पीटर क्रियाकोव के साथ प्रतीकात्मक बाजी खेलकर किया। इस मौके पर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के उप निदेशक हिमांशु सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि अखिल बिहार शतरंज संघ के सचिव धर्मेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

अपने संबोधन में नारायण श्रीनाथ ने बिहार सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने का काम तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि रेयान मोहम्मद, मरियम फातिमा और देवांश केशरी जैसे युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं और आने वाले समय में बिहार शतरंज में बड़ी ताकत बन सकता है। उद्घाटन समारोह में अखिल बिहार शतरंज संघ के अध्यक्ष दिलजीत खन्ना, एथलेटिक्स संघ के सचिव लियाकत अली, सिक्किम शतरंज संघ के सचिव महेंद्र ढकाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पहले दिन के परिणाम

प्रतियोगिता के पहले दिन दो चक्रों के बाद सभी शीर्ष वरीय खिलाड़ियों ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर अगले दौर में जगह बनाई। दूसरे चक्र के प्रमुख परिणामों में पीटर क्रियाकोव, रेयान मोहम्मद, अलेख्य मुखोपाध्याय, इंद्रजीत मानिंद्रकर, अभ्रोज्योति नाथ, रुपेश जायसवाल, प्रखर त्रिपाठी, कुमार गौरव, सुधांशु रंजन, परमब्रता सरकार और सुमन कुमार सिंह ने जीत दर्ज की। इस तरह प्रतियोगिता के पहले ही दिन खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिससे आने वाले राउंड और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।

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कासा पिकोला स्कूल क्रिकेट लीग अंडर-12 टूर्नामेंट: अगस्त्या स्ट्राइकर्स और कुसुमराज टाइगर्स ने हासिल की जीत

पटना। श्रीकृष्णा खेल मैदान पर जारी कासा पिकोला स्कूल क्रिकेट लीग अंडर-12 टूर्नामेंट में अगस्त्या स्ट्राइकर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डायगो केयर परफैक्टस को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी। मुकाबला पूरी तरह एकतरफा रहा, जहां अगस्त्या की टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दबदबा बनाया। दिन का दूसरा मुकाबला कुसुमराज टाइगर्स और महाविद्या योद्धास के बीच खेला गया, जिसमें टाइगर्स ने 26 रन से शानदार जीत दर्ज की।

अगस्त्या स्ट्राइकर्स ने हासिल की 10 विकेटों से जीत

बुधवार को लीग के चौथे दिन डायगो केयर परफैक्टस और अगस्त्या स्ट्राइकर्स के बीच मुकाबला खेला गया। टॉस जीतकर अगस्त्या स्ट्राइकर्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और डायगो को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए डायगो की टीम निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 110 रन ही बना सकी। टीम की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज अभि नारायण ने सर्वाधिक 31 रन बनाए। इसके अलावा आदित्य प्रकाश ने 10 रन और अभिनव राज ने नाबाद 19 रन का योगदान दिया। टीम को अतिरिक्त के रूप में 26 रन मिले। अगस्त्या की गेंदबाजी काफी प्रभावी रही। अचित्या तेजस दिव्यांश और शौर्य ने 2-2 विकेट चटकाए, जबकि हर्षित शर्मा और निखिल को 1-1 सफलता मिली।

111 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अगस्त्या स्ट्राइकर्स की टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए शानदार अंदाज में 16.2 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम के कप्तान अभिनव ने नाबाद 56 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें उन्होंने 54 गेंदों पर 11 चौके जड़े। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज वेद नारायण ने नाबाद 26 रन का योगदान दिया। अभिनव के शानदार प्रदर्शन के लिए जेपी उपाध्याय ने प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया।

संक्षिप्त स्कोर:
डायगो केयर परफैक्टस: 20 ओवर में 7 विकेट पर 110 रन , अभि नारायण 31, अभिनव राज नाबाद 19, आदित्य प्रकाश 10, अतिरिक्त 26। गेंदबाज: अचित्या तेजस दिव्यांश 2/22, शौर्य 2/13, हर्षित शर्मा 1/9, निखिल 1/22
अगस्त्या स्ट्राइकर्स: 16.2 ओवर में बिना विकेट पर 112 रन, अभिनव नाबाद 56, वेद नारायण नाबाद 26, अतिरिक्त 30.

कुसुमराज टाइगर्स ने महाविद्या योद्धास को हराया

टॉस जीतकर महाविद्या योद्धास ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए कुसुमराज टाइगर्स ने निर्धारित 18 ओवर में 4 विकेट खोकर 149 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से यश राज ने 37 रन, कप्तान ऋषभ ने 36 रन और वेदांत वरुण ने 26 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। मौर्या ने 13 रन जोड़े, जबकि टीम को 29 अतिरिक्त रन भी मिले।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी महाविद्या योद्धास की टीम निर्धारित ओवर में लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। कप्तान शशांक शेखर ने 41 रन की पारी खेली, जबकि भागर्व ने नाबाद 26 और प्रणव शाश्वत ने 25 रन बनाए। इसके बावजूद टीम 18 ओवर में 2 विकेट पर 123 रन ही बना सकी और मुकाबला 26 रन से हार गई। कुसुमराज टाइगर्स की ओर से गेंदबाजी में अनुशासित प्रदर्शन देखने को मिला, जिससे योद्धास की टीम दबाव में रही।मुनिश कुमार ने यश राज को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया।

संक्षिप्त स्कोर:
कुसुमराज टाइगर्स: 18 ओवर में 4 विकेट पर 149 रन (यश राज 37, ऋषभ 36, वेदांत वरुण 26, मौर्या 13, अतिरिक्त 29)
गेंदबाज: कान्हा 1/8, वंश कुमार 1/19, शशांक शेखर 1/24

महाविद्या योद्धास: 18 ओवर में 2 विकेट पर 123 रन (शशांक शेखर 41, भागर्व नाबाद 26, प्रणव शाश्वत 25, अतिरिक्त 31)
गेंदबाज: कुमार दर्श 1/15, प्रखर गिरी 1/18

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कॉरपोरेट क्रिकेट स्कूल लीग मई में, सिर्फ पटना जिला के खिलाड़ियों को मौका

पटना: राजधानी पटना में क्रिकेट प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से सरदार पटेल स्पोर्ट्स फाउंडेशन की ओर से आगामी मई महीने में कॉरपोरेट क्रिकेट स्कूल लीग का आयोजन किया जायेगा। यह लीग खास तौर पर स्कूली खिलाड़ियों के लिए आयोजित की जा रही है, जिसमें अंडर-12 और अंडर-15 दो आयु वर्गों में मुकाबले होंगे।

स्कूली स्तर के क्रिकेट को बढ़ावा देना उद्देश्य

फाउंडेशन के संस्थापक संतोष तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस लीग का मुख्य उद्देश्य पटना जिला में स्कूली स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देना और स्थानीय प्रतिभाओं को एक बेहतर मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि चयन ट्रायल पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किये जायेंगे और हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा।

सिर्फ पटना जिला के खिलाड़ियों को मिलेगा अवसर

इस प्रतियोगिता की एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि इसमें केवल पटना जिला के स्कूलों के खिलाड़ी ही हिस्सा ले सकेंगे, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता और बेहतर अवसर मिल सके। आयोजकों के अनुसार, दोनों कैटेगरी में कुल 8-8 टीमें हिस्सा लेंगी, जिससे प्रतियोगिता काफी प्रतिस्पर्धात्मक और रोमांचक होने की उम्मीद है। लीग में भाग लेने वाली टीमों का गठन सेलेक्शन ट्रायल के माध्यम से किया जायेगा, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सही मंच मिल सके।

सफेद गेंद और रंगीन ड्रेस में होंगे मुकाबले

इस लीग की खास बात यह होगी कि सभी मुकाबले सफेद गेंद से रंगीन ड्रेस (कलर किट) में खेले जायेंगे, जिससे खिलाड़ियों को प्रोफेशनल क्रिकेट जैसा अनुभव मिलेगा। आयोजन समिति का मानना है कि इस तरह के प्रारूप से खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी और वे बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो सकेंगे।

खिलाड़ियों पर होगी पुरस्कारों की बारिश

लीग के दौरान खिलाड़ियों के लिए आकर्षक पुरस्कारों की व्यवस्था भी की गई है। विजेता और उपविजेता टीमों के साथ-साथ बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया जायेगा। साथ ही, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भविष्य की प्रतियोगिताओं और चयन प्रक्रियाओं में प्राथमिकता देने की भी योजना है।

उन्होंने आगे कहा कि इस लीग को और बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को इसका लाभ मिल सके। यह लीग निश्चित रूप से पटना के उभरते क्रिकेटरों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित होगी, जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर आगे बढ़ने का रास्ता तैयार कर सकेंगे।

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