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BCA की नाकामी, अर्श से फर्श पर पहुंचा Bihar Cricket; रणजी ट्रॉफी में एलीट से प्लेट ग्रुप में हुई वापसी

Bihar Cricket: बीसीसीआई द्वारा आयोजित रणजी ट्रॉफी 2024-25 में बिहार का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। बिहार की टीम एलीट ग्रुप से फिर से प्लेट ग्रुप में पहुंच गई। बिहार को इस सीजन में एक भी जीत नहीं मिली। बिहार का यह हाल देखकर लग रहा है कि बिहार की टीम और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन अर्श से फर्श पर पहुंच गई है।

बिहार की टीम को इस सीजन में सात मैचों में एक भी जीत नसीब नहीं हुई, जबकि पांच बार पारी से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। बिहार जो पिछले सीजन तक एलीट ग्रुप में बना हुआ था। अब इस सीजन से प्लेट ग्रुप में लौटने को मजबूर हो गया है। यह नाकामी सिर्फ हार तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) की व्यवस्थागत खामियों को भी उजागर करती है। जिस राज्य ने एक समय कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए, वहां अब क्रिकेट का स्तर लगातार गिर रहा है। क्रिकेट के लगातार गिरते स्तर को देखते हुए बिहार के वैभव सूर्यवंशी बिहार छोड़ने का मन बना चुके हैं। 

लचर व्यवस्था के कारण वैभव छोड़ सकते हैं बिहार

यह वही वैभव सूर्यवंशी हैं, जिसको बीसीए ने महज 13 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करवाकर मान-सम्मान और प्रसिद्धि दिलाई थी। अब यही खिलाड़ी राज्य छोड़ने का मन बना चुका है। आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में मिली नेम-फेम के बाद अब वो बिहार छोड़कर दूसरे राज्य से अवसर तलाश रहे हैं। बिहार में क्रिकेट के गिरते स्तर और लचर व्यवस्था को देखते हुए वैभव आने वाले सीजन में दूसरे राज्य से खेलते दिख सकते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक वैभव अगले सीजन में तमिलनाडु से खेल सकते हैं। हालांकि यह अभी तक कन्फर्म नहीं हुआ है।

बिहार में गिरता क्रिकेट का स्तर

बिहार में क्रिकेट का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इस साल बिहार की टीम सात मुकाबले में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई। बिहार की टीम को घर से बाहर तो करारी शिकस्त झेलनी ही पड़ी लेकिन घर में भी हार का सामना करना पड़ा। अशुतोष अमन के संन्यास के बाद बिहार की गेंदबाजी में पैनापन नहीं दिखा, जिसके कारण विपक्षी टीमों ने रनों का अंबार लगा दिया। बड़े स्कोर के सामने बिहार के बल्लेबाज बौने साबित हुए, जिस कारण बिहार को पांच मैचों को पारियों से हार का सामना करना पड़ा।

रणजी ट्रॉफी 2024-25 में ऐसा रहा है बिहार का प्रदर्शन

2022-23 में प्लेट ग्रुप का फाइनल जीतकर बिहार की टीम पहुंची थी एलीट ग्रुप में

Ranji Trophy 2022-23 - How Bihar won the Ranji Plate title

बिहार की टीम ने 2022-23 में शानदार प्रदर्शन किया था। प्लेट ग्रुप के फाइनल में बिहार ने मणिपुर को 220 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था। बता दें, यह मुकाबला पटना के मोइनउल हक स्टेडियम में खेला गया था। फाइनल जीतने के बाद बिहार की टीम प्लेट ग्रुप से एलीट ग्रुप में पहुंची थी। लेकिन दो सीजन में ही बिहार को बड़ी टीमों ने बता बिहार क्रिकेट का लेवल क्या है।

जहां से सफर शुरू हुआ था फिर से वहीं पहुंची बिहार की टीम

2018 में पूर्ण मान्यता मिलने के बाद बिहार की टीम को भी बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति मिल गई। इस सीजन में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की मुंबई से हारकर क्वार्टरफाइनल मुकाबले में बाहर हुई थी। वहीं रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में बिहार ने 5 मैचों में जीत हासिल की थी। उसके बाद बिहार क्रिकेट में थोड़ा सुधार देखने को मिला, लेकिन गुटबाजी, कोर्ट केस और तरह-तरह के मामले भी सामने आने लगे। जिसका नतीजा यह हुआ कि बिहार में क्रिकेट की गति पर फिर से ब्रेक लग गई।

Bihar Cricket Association Ready for 2024-25 Ranji Trophy Elite C Campaign

हालांकि बिहार की टीम ने 2022-23 में प्लेट ग्रुप में फाइनल मुकाबला जीतकर यह साबित कर दिया कि टीम अब बड़े मैचों के लिए तैयार हैं। लेकिन बड़े मैच मिलते ही टीम की पोल खुल गई। एक समय ऐसा लग रहा था कि बिहार क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन उचित संसाधन नहीं होने के कारण टीम वहीं की वहीं रह गई। जिसका खामियाजा ये हुआ कि खिलाड़ी भी एकजुट नहीं रह पाए। खिलाड़ियों में यह डर बना रहता था कि उनको इस सीजन में मौका मिलेगा या नहीं। उसके अलावा खिलाड़ियों का कैंप भी मुकाबले से महज कुछ दिन पहले ही लगाया जाता है। ऐसे में खिलाड़ी का प्रदर्शन क्या होगा और बड़े मैचों में किस तरह परफॉर्म करेंगे। इसका आंकलन आप खुद भी कर सकते हैं।

BCA से आखिर गलती कहां हो रही है?

  1.  प्रशासनिक लचरता: बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अंदर गुटबाजी और राजनीति हावी है। क्रिकेट मैदान में कम और कोर्ट में ज्यादा खेले जा रहे हैं। वहीं इसके अलावा पदों की लड़ाई चल रही है।
  2. सही रणनीति का अभाव: दूसरे राज्यों में रणजी की तैयारी पूरे साल चलती है, लेकिन बिहार में सीजन से ठीक पहले शिविर लगाकर खानापूर्ति कर दी जाती है।
  3. कोचिंग और ट्रेनिंग की कमी: बिहार में आज भी कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट सिस्टम की हालत खराब है। खिलाड़ियों को अपने दम पर सुधार करना पड़ता है।
  4. घरेलू क्रिकेट का कमजोर ढांचा: बिहार में डोमेस्टिक टूर्नामेंट्स की संख्या कम है, जिससे खिलाड़ियों को अनुभव नहीं मिल पाता।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) से कुछ सवाल?

  • 2018 में बिहार को पूर्ण मान्यता मिली, लेकिन तब से लेकर अबतक एसोसिएशन में क्रिकेट को लेकर कोई बड़ा बदलाव देखने को क्यों नहीं मिला?
  • लगातार गुटबाजी, भ्रष्टाचार के आरोप से कब बाहर निकलेगी बीसीए?
  • क्रिकेट में राजनीति का क्या काम?
  • बिहार के कोचिंग स्टाफ में अब तक कोई बड़ा नाम क्यों नहीं जुड़ा?
  • क्यों नहीं है बिहार में कोई मजबूत क्रिकेट एकेडमी? जबकि झारखंड में JSCA स्टेडियम और क्रिकेट सिस्टम काफी मजबूत है।

ऐसे सुधर सकता है बिहार क्रिकेट

  • BCA को आरोपों से बचते हुए क्रिकेट पर ध्यान देना होगा। क्रिकेट के हित में फैसले लेने होंगे।
  • घरेलू टूर्नामेंट और कोचिंग सिस्टम को मजबूत करना होगा।
  • युवा खिलाड़ियों को बेहतर मौके देने होंगे।
  • रणजी ट्रॉफी के लिए लंबी अवधि की योजना बनानी होगी।
  • बीसीए को एडमिनिस्ट्रेशन में भी सुधार करना होगा।

क्या खतरे में बिहार क्रिकेट का भविष्य?

बिहार क्रिकेट इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। लगातार हार, खराब प्रबंधन और खिलाड़ियों के पलायन की समस्या क्रिकेट को पूरी तरह से कमजोर बना दिया है। अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बिहार क्रिकेट का भविष्य गर्त में चला जाएगा। BCA को अब सिर्फ नाम के लिए नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के लिए काम करना होगा। नहीं तो आने वाले समय में बिहार से कोई क्रिकेटर नहीं निकल पाएंगा। भारतीय टीम में जगह बनाना तो दूर आईपीएल तक पहुंचना भी मुश्किल होगा। उम्मीद है कि इस सीजन के बाद बीसीए कोई ठोस उपाय करेगी और फिर से टीम को एलीट ग्रुप में पहुंचाने के लिए एकजुट करेगी।

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निलेश यादव के दोहरे शतक से किरण क्रिकेट एकेडमी की बड़ी जीत, अभिनव एकेडमी को 133 रनों से हराया

जहानाबाद: डीएन कॉलेज, मसौढ़ी के मैदान पर 23 फरवरी 2026 को खेले गए मुकाबले में किरण क्रिकेट एकेडमी जहानाबाद ने अभिनव क्रिकेट एकेडमी मसौढ़ी को 133 रनों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत हासिल की। मैच के नायक रहे निलेश यादव, जिन्होंने 211 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर मुकाबले को एकतरफा बना दिया।

निलेश का दोहरा शतक

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए किरण क्रिकेट एकेडमी जहानाबाद ने 34.4 ओवर में 380 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रही निलेश यादव की नाबाद 211 रनों की विस्फोटक पारी। उन्होंने 138 गेंदों का सामना करते हुए 41 चौके और 3 छक्के जड़े तथा 152.90 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए।

शुरुआत में टीम के लगातार विकेट गिरने के बावजूद निलेश एक छोर पर मजबूती से डटे रहे और पारी को संभालते हुए आक्रामक अंदाज में रन बटोरते रहे। उनके अलावा प्रिंस यादव ने 112 रन और समीर राज ने 53 रनों का योगदान दिया, जिससे टीम 380 के मजबूत स्कोर तक पहुंच सकी।

जवाब में 247 रन पर सिमटी मसौढ़ी

381 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अभिनव क्रिकेट एकेडमी मसौढ़ी की टीम 35 ओवर में 8 विकेट पर 247 रन ही बना सकी। प्रिंस यादव ने 112 और समीर यादव ने 53 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन लक्ष्य काफी बड़ा साबित हुआ। निलेश यादव ने केवल बल्लेबाजी में ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी योगदान दिया। उन्होंने 2 ओवर में 14 रन देकर 2 विकेट झटके और विरोधी टीम की कमर तोड़ दी।

यादगार पारी बनी चर्चा का विषय

निलेश यादव की 211 रनों की पारी लंबे समय तक याद की जाएगी। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। मैदान के चारों ओर लगाए गए उनके आकर्षक शॉट्स दर्शकों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं थे। उनकी इस असाधारण पारी ने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि उन्हें मैच का सबसे बड़ा हीरो भी बना दिया।

संक्षिप्त स्कोर

Kiran Cricket Acadamy Jehanabad – 380/10 (34.4 ओवर)
निलेश यादव 211* (138), प्रिंस यादव 112 (78), समीर राज 53 (41)
प्रिंस यादव 4/54, सोनू कुमार 2/76

Abhinav Cricket Acadamy Masaurhi – 247/8 (35 ओवर)
प्रिंस यादव 112 (78), समीर यादव 53 (41), सोनू कुमार 25 (40)
निलेश यादव 2/14, आदित्य कुमार 1/4

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पटना जिला सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग: केएनसीसी जीता, वाईसीसी को 77 रनों से हराया

पटना: प्रखर ज्ञान (66 रन) और दिवाकर कुमार (66 रन) के अर्धशतकों और विक्की आनंद (4 विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर केएनसीसी ने अधिकारी मदन मोहन प्रसाद मेमोरियल पटना जिला सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग में जीत हासिल की। केएनसीसी ने वाईसीसी को 77 रन से पराजित किया। विक्की आनंद (14 रन, 4 विकेट) को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।

अल्फा स्पोट्र्स एकेडमी ग्राउंड पर खेले गए मैच में टॉस केएनसीसी ने जीता और निर्धारित 40 ओवर में पांच विकेट पर 244 रन बनाये। जवाब में वाईसीसी की टीम 32.1 ओवर में नौ विकेट पर 167 रन बना कर 166 रन ही बना सकी। एक बैटर ने बैटिंग नहीं की।

केएनसीसी की पारी

केएनसीसी की पारी की शुरुआत ठीक नहीं रही। सलामी बैटर अनमोल कुमार बोनी मात्र 5 रन बना कर आउट हो गए। इसके बाद सलामी बैटर सिमुख को प्रखर ज्ञान का साथ मिला और दोनों के बीच 78 रन की साझेदारी हुई। सिमुख 67 गेंद में 5 चौकों की मदद से 43 रन बना कर आउट हुए। इसके बाद प्रखर ज्ञान और दिवाकर ने मिल कर पारी को बढ़ाया और मध्यक्रम में सूर्य प्रकाश, विक्की आनंद का भी साथ मिला और टीम का स्कोर निर्धारित 40 ओवर में पांच विकेट पर 244 रन पहुंचा।

प्रखर ज्ञान ने 74 गेंद में 7 चौकों की मदद से 66, दिवाकर ने 52 गेंद में 3 चौका व 6 छक्का की मदद से 66,सूर्यप्रकश ने 29 गेंद में 3 चौका व 1 छक्का की मदद से 24 और विक्की आनंद ने 9 गेंद में 1 चौका व 1 छक्का की मदद से 14 रन बनाये। वाईसीसी की ओर से प्रिंस दूबे ने 36 रन देकर 4, प्रतीक सिन्हा ने 30 रन देकर 1 विकेट चटकाये।

वाईसीसी की पारी

वाईसीसी की शुरुआत अच्छी रही। सलामी बैटर धनंजय कुमार सिंह और प्रियांशु कुमार ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। धनंजय अपना अर्धशतक बनाने से चूक गए। 49 रन के स्कोर पर आउट हुए। इसके बाद प्रियांशु का विकेट गिरा पर उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया।

इसके बाद वाईसीसी की पारी लड़खड़ा गई और 32.1 ओवर में नौ विकेट पर 167 रन ही बन पाया। अनुराग राणा ने 15, अनिमेष राज ने 17,विनीत कुमार ने 15 रन बनाये। केएनसीसी की ओर से विक्की आनंद ने 27 रन देकर 4,अक्षत मिश्रा ने 16 रन देकर 2, शुभम सिंह और अक्ष ने 1-1 विकेट चटकाये।

संक्षिप्त स्कोर
केएनसीसी : 244/5 (40 ओवर), सिमुख 43, प्रखर ज्ञान 66, दिवाकर कुमार 66, सूर्य प्रकाश 24, विक्की आनंद 14, प्रिंस दुबे 4/36, प्रतीक सिन्हा 1/30

वाईसीसी : 167/9 (32.1 ओवर),धनंजय कुमार सिंह 49, प्रियांशु कुमार 50, अनुराग राणा 15, अनिमेष राज 17, बिनीत कुमार 15, विक्की आनंद 4/27,अक्षत मिश्रा 2/16,
शुभम सिंह 1/37, अक्ष 1/24

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BCA सीनियर मेंस ट्रॉफी: नमन गौरव का शतक से जीता नांलदा, नावादा को 83 रनों से हराया

नालंदा: बिहार क्रिकेट संघ के घरेलू सत्र 2025-26 के अंतर्गत बीसीए सीनियर मेंस ट्रॉफी (मगध जोन) का आगाज 22 फरवरी 2026 को एसएससीसी खेल मैदान, पावापुरी में हुआ। नालंदा जिला क्रिकेट संघ की मेजबानी में खेले गए उद्घाटन मुकाबले में नालंदा ने नवादा को 83 रन से हराकर सत्र की विजयी शुरुआत की।

नमन के शतक से नालंदा ने खड़ा किया 341 रन का विशाल स्कोर

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए नालंदा ने 50 ओवर में 7 विकेट पर 341 रन का मजबूत स्कोर बनाया। कप्तान नमन गौरव ने 110 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। उनके अलावा अंकित ने नाबाद 87 रन, कुश ने 49 रन और अर्णव किशोर ने 45 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। नवादा की ओर से गेंदबाजी में सुंदर्शन ने 58 रन देकर 3 विकेट, आदर्श ने 59 रन पर 2 विकेट तथा अनुराग ने 52 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।

259 रन ही बना सकी नवादा की टीम

341 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नवादा की शुरुआत अच्छी नहीं रही और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। हालांकि सुमन सौरव (88 रन) और विवेक (54 रन) ने टीम को संभालने का प्रयास किया। आदर्श ने 43 रन और निशांत ने 21 रन बनाए। इसके बावजूद नवादा 50 ओवर में 9 विकेट पर 259 रन ही बना सकी। नालंदा की ओर से गेंदबाजी में आदर्श और आदित्य ने दो-दो विकेट लिए, जबकि सुमन, नमन और मनीष को एक-एक सफलता मिली। शानदार शतकीय पारी के लिए नालंदा के कप्तान नमन गौरव को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर पूर्व सीनियर क्रिकेटर सह नालंदा जिला क्रिकेट संघ के पूर्व पदाधिकारी संजय कुमार उर्फ पिंटू दा, क्रिकेट एसोसिएशन नालंदा के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार, सचिव गोपाल कुमार सिंह, पूर्व सचिव सैयद मोहम्मद जावेद इकबाल, कोषाध्यक्ष मनोरंजन कुमार, संयुक्त सचिव संजीव कुमार, नवादा सचिव मनीष राज, शेखपुरा के पूर्व सचिव गंगा यादव, बीसीए ऑब्जर्वर राजीव रंजन, समाजसेवी क्रांति कुमार, डॉ. संजय संतोष पांडेय, हैदर अली, सिद्धार्थ कुमार, बाबा, अंकित राज, विकास मयूरेश्वर, विश्वजीत कुमार, अभिषेक कुमार सहित कई खेलप्रेमी उपस्थित रहे। मैच में अंपायरिंग की जिम्मेदारी बीसीए पैनल के राजीव कुमार और नीरज कुमार ने निभाई।

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पूर्व बीसीए अध्यक्ष ने वैभव सूर्यवंशी को दी बधाई, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 50 लाख रुपये से किया सम्मानित

पटना (बिहार): बिहार क्रिकेट के लिए बड़ा गर्व का दिन है। 22 फरवरी को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सरकारी आवास पर युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को सम्मानित करते हुए 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। अंडर-19 विश्व कप 2026 में उनके प्रभावी प्रदर्शन के बाद यह सम्मान राज्य सरकार की ओर से खेल प्रतिभाओं के प्रति सकारात्मक और प्रोत्साहनकारी दृष्टिकोण का स्पष्ट संकेत है।

इस अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह तथा बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने वैभव के उत्कृष्ट और प्रभावी प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य और देश दोनों का गौरव बढ़ाया है।

BCA के पूर्व अध्यक्ष ने क्या कहा?

इस अवसर पर पूर्व बीसीए अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी ने बिहार सरकार और माननीय मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का प्रोत्साहन बिहार क्रिकेट के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वैभव की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह राज्य के उभरते क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने वैभव की प्रतिबद्धता, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस सम्मान समारोह में वैभव को 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक सौंपा गया। यह पहल दर्शाती है कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर उन्हें उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के मार्गदर्शक एवं पूर्व अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनके नेतृत्व और संरक्षण में कई युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। वैभव सूर्यवंशी का यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और बिहार क्रिकेट को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

अंडर-19 वर्ल्ड कप में वैभव का शानदार प्रदर्शन

उल्लेखनीय है कि इस महीने की शुरुआत में वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के विरुद्ध प्रभावी बल्लेबाजी करते हुए मात्र 55 गेंदों में शतक पूरा किया, जो अंडर-19 विश्व कप फाइनल इतिहास का सबसे तेज शतक बना। फाइनल मुकाबले में उन्होंने 80 गेंदों पर 175 रनों की प्रभावी पारी खेली। 218.75 के स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। उन्होंने एक पारी में 15 छक्के लगाकर ऑस्ट्रेलिया के माइकल हिल के 12 छक्कों के पूर्व रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि उनके 150 रन केवल बाउंड्री के माध्यम से आए।

यह सम्मान न केवल वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि बिहार क्रिकेट के लिए भी एक गौरवपूर्ण क्षण है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और राज्य में खेल संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाएगा।

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