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BCA की नाकामी, अर्श से फर्श पर पहुंचा Bihar Cricket; रणजी ट्रॉफी में एलीट से प्लेट ग्रुप में हुई वापसी

Bihar Cricket: बीसीसीआई द्वारा आयोजित रणजी ट्रॉफी 2024-25 में बिहार का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। बिहार की टीम एलीट ग्रुप से फिर से प्लेट ग्रुप में पहुंच गई। बिहार को इस सीजन में एक भी जीत नहीं मिली। बिहार का यह हाल देखकर लग रहा है कि बिहार की टीम और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन अर्श से फर्श पर पहुंच गई है।

बिहार की टीम को इस सीजन में सात मैचों में एक भी जीत नसीब नहीं हुई, जबकि पांच बार पारी से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। बिहार जो पिछले सीजन तक एलीट ग्रुप में बना हुआ था। अब इस सीजन से प्लेट ग्रुप में लौटने को मजबूर हो गया है। यह नाकामी सिर्फ हार तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) की व्यवस्थागत खामियों को भी उजागर करती है। जिस राज्य ने एक समय कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए, वहां अब क्रिकेट का स्तर लगातार गिर रहा है। क्रिकेट के लगातार गिरते स्तर को देखते हुए बिहार के वैभव सूर्यवंशी बिहार छोड़ने का मन बना चुके हैं। 

लचर व्यवस्था के कारण वैभव छोड़ सकते हैं बिहार

यह वही वैभव सूर्यवंशी हैं, जिसको बीसीए ने महज 13 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करवाकर मान-सम्मान और प्रसिद्धि दिलाई थी। अब यही खिलाड़ी राज्य छोड़ने का मन बना चुका है। आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में मिली नेम-फेम के बाद अब वो बिहार छोड़कर दूसरे राज्य से अवसर तलाश रहे हैं। बिहार में क्रिकेट के गिरते स्तर और लचर व्यवस्था को देखते हुए वैभव आने वाले सीजन में दूसरे राज्य से खेलते दिख सकते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक वैभव अगले सीजन में तमिलनाडु से खेल सकते हैं। हालांकि यह अभी तक कन्फर्म नहीं हुआ है।

बिहार में गिरता क्रिकेट का स्तर

बिहार में क्रिकेट का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इस साल बिहार की टीम सात मुकाबले में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई। बिहार की टीम को घर से बाहर तो करारी शिकस्त झेलनी ही पड़ी लेकिन घर में भी हार का सामना करना पड़ा। अशुतोष अमन के संन्यास के बाद बिहार की गेंदबाजी में पैनापन नहीं दिखा, जिसके कारण विपक्षी टीमों ने रनों का अंबार लगा दिया। बड़े स्कोर के सामने बिहार के बल्लेबाज बौने साबित हुए, जिस कारण बिहार को पांच मैचों को पारियों से हार का सामना करना पड़ा।

रणजी ट्रॉफी 2024-25 में ऐसा रहा है बिहार का प्रदर्शन

2022-23 में प्लेट ग्रुप का फाइनल जीतकर बिहार की टीम पहुंची थी एलीट ग्रुप में

Ranji Trophy 2022-23 - How Bihar won the Ranji Plate title

बिहार की टीम ने 2022-23 में शानदार प्रदर्शन किया था। प्लेट ग्रुप के फाइनल में बिहार ने मणिपुर को 220 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था। बता दें, यह मुकाबला पटना के मोइनउल हक स्टेडियम में खेला गया था। फाइनल जीतने के बाद बिहार की टीम प्लेट ग्रुप से एलीट ग्रुप में पहुंची थी। लेकिन दो सीजन में ही बिहार को बड़ी टीमों ने बता बिहार क्रिकेट का लेवल क्या है।

जहां से सफर शुरू हुआ था फिर से वहीं पहुंची बिहार की टीम

2018 में पूर्ण मान्यता मिलने के बाद बिहार की टीम को भी बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति मिल गई। इस सीजन में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की मुंबई से हारकर क्वार्टरफाइनल मुकाबले में बाहर हुई थी। वहीं रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में बिहार ने 5 मैचों में जीत हासिल की थी। उसके बाद बिहार क्रिकेट में थोड़ा सुधार देखने को मिला, लेकिन गुटबाजी, कोर्ट केस और तरह-तरह के मामले भी सामने आने लगे। जिसका नतीजा यह हुआ कि बिहार में क्रिकेट की गति पर फिर से ब्रेक लग गई।

Bihar Cricket Association Ready for 2024-25 Ranji Trophy Elite C Campaign

हालांकि बिहार की टीम ने 2022-23 में प्लेट ग्रुप में फाइनल मुकाबला जीतकर यह साबित कर दिया कि टीम अब बड़े मैचों के लिए तैयार हैं। लेकिन बड़े मैच मिलते ही टीम की पोल खुल गई। एक समय ऐसा लग रहा था कि बिहार क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन उचित संसाधन नहीं होने के कारण टीम वहीं की वहीं रह गई। जिसका खामियाजा ये हुआ कि खिलाड़ी भी एकजुट नहीं रह पाए। खिलाड़ियों में यह डर बना रहता था कि उनको इस सीजन में मौका मिलेगा या नहीं। उसके अलावा खिलाड़ियों का कैंप भी मुकाबले से महज कुछ दिन पहले ही लगाया जाता है। ऐसे में खिलाड़ी का प्रदर्शन क्या होगा और बड़े मैचों में किस तरह परफॉर्म करेंगे। इसका आंकलन आप खुद भी कर सकते हैं।

BCA से आखिर गलती कहां हो रही है?

  1.  प्रशासनिक लचरता: बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अंदर गुटबाजी और राजनीति हावी है। क्रिकेट मैदान में कम और कोर्ट में ज्यादा खेले जा रहे हैं। वहीं इसके अलावा पदों की लड़ाई चल रही है।
  2. सही रणनीति का अभाव: दूसरे राज्यों में रणजी की तैयारी पूरे साल चलती है, लेकिन बिहार में सीजन से ठीक पहले शिविर लगाकर खानापूर्ति कर दी जाती है।
  3. कोचिंग और ट्रेनिंग की कमी: बिहार में आज भी कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट सिस्टम की हालत खराब है। खिलाड़ियों को अपने दम पर सुधार करना पड़ता है।
  4. घरेलू क्रिकेट का कमजोर ढांचा: बिहार में डोमेस्टिक टूर्नामेंट्स की संख्या कम है, जिससे खिलाड़ियों को अनुभव नहीं मिल पाता।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) से कुछ सवाल?

  • 2018 में बिहार को पूर्ण मान्यता मिली, लेकिन तब से लेकर अबतक एसोसिएशन में क्रिकेट को लेकर कोई बड़ा बदलाव देखने को क्यों नहीं मिला?
  • लगातार गुटबाजी, भ्रष्टाचार के आरोप से कब बाहर निकलेगी बीसीए?
  • क्रिकेट में राजनीति का क्या काम?
  • बिहार के कोचिंग स्टाफ में अब तक कोई बड़ा नाम क्यों नहीं जुड़ा?
  • क्यों नहीं है बिहार में कोई मजबूत क्रिकेट एकेडमी? जबकि झारखंड में JSCA स्टेडियम और क्रिकेट सिस्टम काफी मजबूत है।

ऐसे सुधर सकता है बिहार क्रिकेट

  • BCA को आरोपों से बचते हुए क्रिकेट पर ध्यान देना होगा। क्रिकेट के हित में फैसले लेने होंगे।
  • घरेलू टूर्नामेंट और कोचिंग सिस्टम को मजबूत करना होगा।
  • युवा खिलाड़ियों को बेहतर मौके देने होंगे।
  • रणजी ट्रॉफी के लिए लंबी अवधि की योजना बनानी होगी।
  • बीसीए को एडमिनिस्ट्रेशन में भी सुधार करना होगा।

क्या खतरे में बिहार क्रिकेट का भविष्य?

बिहार क्रिकेट इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। लगातार हार, खराब प्रबंधन और खिलाड़ियों के पलायन की समस्या क्रिकेट को पूरी तरह से कमजोर बना दिया है। अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बिहार क्रिकेट का भविष्य गर्त में चला जाएगा। BCA को अब सिर्फ नाम के लिए नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के लिए काम करना होगा। नहीं तो आने वाले समय में बिहार से कोई क्रिकेटर नहीं निकल पाएंगा। भारतीय टीम में जगह बनाना तो दूर आईपीएल तक पहुंचना भी मुश्किल होगा। उम्मीद है कि इस सीजन के बाद बीसीए कोई ठोस उपाय करेगी और फिर से टीम को एलीट ग्रुप में पहुंचाने के लिए एकजुट करेगी।

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Divyang Challenger Trophy 2026 का आगाज 11 फरवरी से, ऊर्जा स्टेडियम में दिखेगा जोश, जज्बा और जुनून का संगम; दर्शकों के लिए खास इनाम की घोषणा

पटना: बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित होने वाली दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी (Divyang Challenger Trophy) 2026 को लेकर 8 फरवरी को पटना स्थित अंगीठी रेस्टोरेंट एवं बैंक्वेट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस को संबोधित करते हुए बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमितेश कुमार ने बताया कि दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026 का आयोजन 11 एवं 12 फरवरी 2026 को ऊर्जा स्टेडियम, पटना में किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में बिहार, मध्य प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर की दिव्यांग क्रिकेट टीमें हिस्सा लेंगी।

दिव्यांग खिलाड़ियों को सशक्त मंच देने की पहल

डॉ. अमितेश कुमार ने कहा कि यह टूर्नामेंट केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और संघर्षशीलता को सम्मान देने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समावेशन, समान अवसर और सकारात्मक सोच को मजबूती प्रदान करते हैं तथा दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

उद्घाटन, फाइनल और पुरस्कार वितरण का समय घोषित

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टूर्नामेंट कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा भी की गई। जानकारी देते हुए डॉ. अमितेश कुमार ने बताया कि टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह 11 फरवरी को सुबह 8:00 बजे ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित होगा। वहीं फाइनल मुकाबला 12 फरवरी को शाम 6:00 बजे से खेला जाएगा।

फाइनल मैच के बाद रात्रि 9:30 बजे से पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विजेता, उपविजेता सहित इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाली तीनों टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा, ताकि दिव्यांग खिलाड़ियों का जोश, जज़्बा और जुनून निरंतर बना रहे।

दर्शकों के लिए आकर्षक घोषणा

प्रेस वार्ता के दौरान दर्शकों के लिए एक विशेष घोषणा भी की गई, जिसने खेल प्रेमियों में खासा उत्साह भर दिया। डॉ. अमितेश कुमार ने घोषणा करते हुए कहा कि दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026 के प्रत्येक मैच के दौरान यदि कोई दर्शक बाउंड्री लाइन के बाहर कैच पकड़ता है, तो उसे बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन की ओर से ₹200 नकद इनाम प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही आयोजकों ने दर्शकों से बड़ी संख्या में ऊर्जा स्टेडियम पहुँचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की।

आयोजन सचिव की नियुक्ति

इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. अमितेश कुमार ने बताया कि दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026 के आयोजन सचिव के रूप में डॉ. प्रभात चंद्रा को नियुक्त किया गया है, जिनकी देखरेख में टूर्नामेंट का सफल संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

बिहार की टीम घोषित

इसके साथ ही दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी के लिए बिहार टीम की घोषणा भी की गई है। इंटरनेशनल खिलाड़ी धर्मेंद्र कुमार को टीम का कप्तान बनाया गया है। वहीं अभी हाल में भारतीय दिव्यांग टीम के लिए डेब्यू करने वाले जितेंद्र कुमार को उपकप्तान बनाया गया है।

बिहार टीम: धर्मेंद्र कुमार (कप्तान), जितेंद्र कुमार यादव (उपकप्तान), अजय कुमार, नीरज कुमार, अमित कुमार, दीपू कुमार, अंकित कुमार, कैलाश प्रसाद, धर्मेंद्र साह, चंदन कुमार, रामनिवास कुमार, अमित कुमार, अमन कुमार, शौकत अली, अनंत पांडे, रंजन कुमार।

मीडिया बंधुओं को किया गया सम्मानित

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टूर्नामेंट के प्रचार-प्रसार में सहयोग के लिए मीडिया बंधुओं को भी सम्मानित किया गया, जिस पर आयोजकों ने प्रेस जगत के प्रति आभार व्यक्त किया।

ये रहे उपस्थित पदाधिकारी

इस अवसर पर बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमितेश कुमार, सचिव उज्ज्वल कुमार सिन्हा, संयुक्त सचिव अजय कुमार, कोषाध्यक्ष उदय कुमार, आयोजन सचिव डॉ. प्रभात चंद्रा सहित एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।

आयोजकों ने शहरवासियों, खेल प्रेमियों और मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें और दिव्यांग खिलाड़ियों के हौसले को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ।

टूर्नामेंट विवरण (एक नज़र में)

📍 स्थान: ऊर्जा स्टेडियम, पटना
📅 तारीख: 11 एवं 12 फरवरी 2026
🏏 आयोजन: दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026
⏰ उद्घाटन: 11 फरवरी, सुबह 8:00 बजे
🏆 फाइनल: 12 फरवरी, शाम 6:00 बजे
🎁 पुरस्कार वितरण: 12 फरवरी, रात 9:30 बजे से

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मार्च में होगा अंडर-15 बिहार स्कूल चैंपियनशिप लीग, राज्य के युवा क्रिकेटरों को मिलेगा बड़ा मंच

पटना: बिहार के स्कूली क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। “बिहार स्कूल चैंपियनशिप लीग (अंडर-15)” का आयोजन मार्च माह में किया जाएगा। यह टूर्नामेंट राज्य के उभरते हुए युवा क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।

इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से पहले ओपन ट्रायल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बिहार भर से बड़ी संख्या में स्कूली खिलाड़ी भाग लेंगे। ट्रायल के आधार पर चयनित खिलाड़ियों को टीमों में विभाजित कर प्रतियोगिता कराई जाएगी। टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें प्रत्येक टीम में 15 खिलाड़ी होंगे। ट्रायल कि तिथि जल्द घोषित की जाएगी।

टूर्नामेंट का प्रारूप पूरी तरह पेशेवर रहेगा। 16 टीमों को 4 ग्रुप में बांटा जाएगा। हर टीम लीग चरण में 3 मुकाबले खेलेगी। कुल 27 मैच खेले जाएंगे, जिनमें सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला शामिल होगा। हर मैच के बाद मैन ऑफ द मैच पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि फाइनल मुकाबले में बेस्ट बैट्समैन, बेस्ट बॉलर और मैन ऑफ द सीरीज जैसे विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

आयोजन समिति के सचिव ओपन माइंड बिरला स्कूल के निर्देशक अमित रंजन के अनुसार, इस टूर्नामेंट का उद्देश्य ग्रासरूट स्तर पर क्रिकेट प्रतिभाओं की पहचान करना, उन्हें सही मंच देना और भविष्य के लिए तैयार करना है। बिहार स्कूल चैंपियनशिप लीग खेलों के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

आयोजन समिति ने सभी स्कूलों, खिलाड़ियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे इस टूर्नामेंट में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और इस आयोजन को सफल बनाएं।

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पटना जिला सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग: लो स्कोरिंग मैच में लक्ष्य इंजीटेक जीता, केएनसीसी को 19 रन से हराया

पटना। अधिकारी मदन मोहन प्रसाद मेमोरियल पटना जिला सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग के अंतर्गत शुक्रवार यानी 6 फरवरी को खेले गए लो स्कोरिंग मुकाबले में कमला नेहरू क्रिकेट क्लब (केएनसीसी) पर लक्ष्य इंजीटेक क्लब की टीम भारी पड़ी और 19 रन की शानदार जीत दर्ज की। विजेता टीम के सूरज ओझा को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया।

स्थानीय अल्फा स्पोट्र्स एकेडमी के ग्राउंड पर खेले गए मुकाबले में टॉस लक्ष्य इंजीटेक क्लब ने जीता और बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य इंजिटेक की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और टीम ने शुरुआती ओवरों में नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए। हालांकि कप्तान निशांत मोहन ने मोर्चा संभालते हुए तेज तर्रार अंदाज़ में बल्लेबाजी की। उन्होंने मात्र 25 गेंदों पर 39 रन बनाए, जिसमें सात चौके और एक छक्का शामिल था। उनकी इस पारी ने टीम को कुछ हद तक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

मध्यक्रम में सत्यम संतोष कुमार ने धैर्य के साथ 37 गेंदों पर 25 रन जोड़े, जबकि निचले क्रम में महताब आलम ने नाबाद 23 रन बनाकर पारी को संभाला। लक्ष्य इंजिटेक की पूरी टीम 23 ओवर में 122 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। केएनसीसी की ओर से गेंदबाजी में शुभम सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया और 7 ओवर में 27 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा प्रखर प्रखर ज्ञान ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट झटके, जबकि कप्तान राहुल रत्न को भी 2 सफलता मिली।

123 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी केएनसीसी की टीम ने संभलकर शुरुआत की, लेकिन लक्ष्य इंजीटेक के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। अनमोल कुमार बोनी ने 23 रन और मंजीत कुमार ने 22 रनों की पारी खेलकर संघर्ष जरूर किया, परंतु अन्य बल्लेबाजों का साथ न मिल पाने से टीम लक्ष्य के करीब नहीं पहुंच सकी। सिमुख ने 19 रन बनाये।

लक्ष्य इंजीटेक की गेंदबाजी में सूरज ओझा ने मैच का रुख पलट दिया। उन्होंने 7.5 ओवर में मात्र 16 रन देकर 4 विकेट चटकाए और केएनसीसी की कमर तोड़ दी। वहीं मोहम्मद यासीन ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 5 ओवर में 10 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। अंतिम ओवरों में लगातार विकेट गिरने से केएनसीसी की पूरी टीम 25.5 ओवर में 103 रन ही बना सकी। इस तरह लक्ष्य इंजिटेक ने मुकाबला 19 रन से अपने नाम किया। इस जीत के साथ टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है और उसने लीग तालिका में अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया है।

संक्षिप्त स्कोर
लक्ष्य इंजीटेक: 122/10 (23 ओवर), निशांत मोहन 39,सत्यम कुमार 25, महताब आलम नाबाद 23, शुभम सिंह 5/27, राहुल रत्न 2/49, प्रखर ज्ञान 2/11, अक्षत मिश्रा 1/15,

केएनसीसी: 103/9 (25.5 ओवर), अनमोल कुमार बोनी 23, मंजीत कुमार 22, सिमुख 19, प्रखर ज्ञान 16, विक्की आनंद 10,सूरज ओझा 4/16, मोहम्मद यासीन 3/10, उत्तम कुमार 1/21, आदित्य कुमार 1/25

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लक्ष्मण सिंह स्मृति स्कूली क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताबी भिड़ंत दबंग व थंडरबोल्ट के बीच रविवार को

पटना: लक्ष्मण सिंह स्मृति स्कूली क्रिकेट टूर्नामेंट को उसके दोनों फाइनलिस्ट मिल गए हैं। खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों में दबंग ने चैंपियंस को 13 रन से हराकर जहां खिताबी मुकाबले में जगह बनाई, वहीं दूसरे सेमीफाइनल में थंडरबोल्ट ने लायंस को एक विकेट से मात देकर फाइनल का टिकट कटाया। अब रविवार को श्रीकृष्णा खेल मैदान, खेमनीचक, पटना में दबंग और थंडरबोल्ट के बीच खिताबी भिड़ंत होगी।

दबंग की जीत का सिलसिला बरकरार

पहले सेमीफाइनल में चैंपियंस ने टॉस जीतकर दबंग को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। दबंग के बल्लेबाजों ने इस मौके को शानदार प्रदर्शन में बदला। आदर्श राज ने 66 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि रूणित सिन्हा ने 34 और युगवीर यादव ने 22 रन का अहम योगदान दिया। दबंग ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 161 रन बनाए।

जवाब में खेलने उतरी चैंपियंस की टीम लक्ष्य के करीब तो पहुंची, लेकिन जीत से चूक गई। पूरी टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 148 रन ही बना सकी। इस पारी में अतिरिक्त 51 रन चैंपियंस के स्कोर का बड़ा हिस्सा रहे। दबंग की ओर से हर्ष राज (4/26) और पियूष राज (2/20) ने शानदार गेंदबाजी की। हरफनमौला प्रदर्शन के लिए आदर्श राज को दीपमाला गुप्ता और निशा सिन्हा ने संयुक्त रूप से मैच आफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया।

संक्षिप्त स्कोर
दबंग:20 ओवर में 8 विकेट पर 161 रन, आदर्श राज 66, रूणित सिन्हा 34, युगवीर यादव 22, अतिरिक्त 20। गेंदबाजी: ध्रुव कुमार 1/13, दिव्यांशु 1/29, हरिओम 1/20
चैंपियंस: 20 ओवर में 8 विकेट पर 148 रन, मुन्ना 22, ध्रुव 16, विनीत 15, अतिरिक्त 51। गेंदबाजी: हर्ष राज 4/26, पियूष राज 2/20, आदर्श राज 2/8

थंडरबोल्ट की सांस रोक देने वाली जीत

टूर्नामेंट का दूसरा सेमीफाइनल लायंस और थंडरबोल्ट के बीच खेला गया। टॉस जीतकर थंडरबोल्ट ने लायंस को बल्लेबाजी के लिए बुलाया। लायंस की पूरी टीम 17.3 ओवर में मात्र 87 रन पर सिमट गई। थंडरबोल्ट की ओर से विश्वजीत, अभिनव राज, सुजल राज और हिमांशु ने सटीक गेंदबाजी करते हुए लायंस की कमर तोड़ दी। छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए थंडरबोल्ट की पारी भी आसान नहीं रही। लगातार विकेट गिरने के बावजूद टीम ने 16 ओवर में 9 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। रोमांचक जीत में विश्वजीत के हरफनमौला प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

संक्षिप्त स्कोर
लायंस: 17.3 ओवर में 87 रन पर ऑलआउट, सचिन 22, आर्यन अरविंद सिंह 10, मयंक 10, अतिरिक्त 15। गेंदबाजी: विश्वजीत 2/20, अभिनव राज 2/27, सुजल राज 2/21, हिमांशु 2/9
थंडरबोल्ट: 16 ओवर में 88/9. आयुष 16, श्रेयांश शर्मा 12, नवीन नाबाद 12, अतिरिक्त 25। गेंदबाजी: शिबू भूषण 4/9, सचिन 2/16, मयंक 1/17

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