विजय हजारे ट्रॉफी के लिस्ट-ए मैच में बिहार और वड़ोदरा के बीच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में एक रोमांचक मुकाबला खेला गया। हालांकि, इस कांटे के मुकाबले में बिहार की टीम को 36 रनों से मैच गवानी पड़ी।
टॉस जीतकर बिहार ने पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया। वड़ोदरा की टीम बल्लेबाजी में उतनी दमदार नहीं दिखाई दी। बिहार के गेंदबाजों ने उनपर दबाव बनाए रखा और बीच-बीच में विकेट झटक कर वड़ोदरा को बड़ी बढ़त से रोके रखा, जिसका नतीजा पूरी टीम 49 ओवर में ही 277 रन पर ऑल आउट हो गई। जवाब में बिहार की टीम निर्धारित 50 ओवर में 241 रन ही बना सकी।
बिहार की ओर से गेंदबाजी करते हुए अमोद यादव ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 10 ओवर के स्पेल में मात्र 38 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। उनके अलावा प्रताप ने भी उम्दा गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट लिए। सूरज, गनी और हिमांशु ने एक-एक विकेट लेकर वड़ोदरा की पारी को समेटने में अपनी टीम का सहयोग किया।
बिहार का प्रदर्शन: वैभव की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी
278 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिहार की टीम 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 241 रन ही बना सकी। टीम की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए 42 गेंदों में 71 रन बनाए। उनकी पारी में 4 छक्के और 8 चौके शामिल थे। विपिन सौरभ ने 42 गेंदों में 40 रन बनाए, जबकि गनी ने 82 गेंदों में 43 रनों की पारी खेली। हालांकि, इन तीनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बावजूद बाकी बल्लेबाज कोई खास योगदान नहीं दे सके। टीम की धीमी शुरुआत और नियमित अंतराल पर गिरते विकेटों ने बिहार के लिए लक्ष्य को और मुश्किल बना दिया।
आखिरकार, वड़ोदरा ने यह मैच 36 रनों से जीत लिया है। बिहार की ओर से शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन होने के बावजूद टीम समग्र रूप से बेहतर खेल नहीं दिखा सकी। हालांकि, वैभव सूर्यवंशी की अर्धशतकीय पारी और गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन बिहार के लिए संतोषजनक रहे, लेकिन बाकी बल्लेबाजों के कमजोर प्रदर्शन ने टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
इस टूर्नामेंट में अब बिहार का अगला मैच बंगाल के साथ जिमखाना ग्राउंड, हैदराबाद में शुक्रवार 3 जनवरी 2025 को खेला जायेगा। उम्मीद है आने वाले नए साल में नई ऊर्जा और रणनीति के साथ होने वाले अलगे मैच में टीम अधिक संगठित और संतुलित हो कर प्रदर्शन करती हुई नज़र आ सकती है।


ट्रायल प्रभारी सुमित शर्मा ने बताया कि ट्रायल में भाग लेने वाले खिलाड़ी को पटना जिला के स्कूलों का छात्र होना अनिवार्य है। खिलाड़ी अपना आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल के अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र साथ लेकर भाग लेने हेतू ट्रायल स्थल पर आयेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रायल के दौरान किसी भी खिलाड़ी के लिए बाहरी हस्तक्षेप अयोग्यता की श्रेणी में आयेगा।


