पटना: बीसीए कार्यालय में एन सी ए के ज़ोनल प्रमुख, चोट विशेषज्ञ सतीश कुमार के द्वारा दिया जा रहा तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पत हो गया। इस प्रशिक्षण कार्यकर्म में बीसीए के फिजीओ हेमेन्दु, कुन्दन कुमार, शहबाज़ आलम खान, रवि गोस्वामी तथा ट्रेनर अभिषेक आनंद, अमित सिन्हा, श्वेता सिंह और अर्चना कुमारी ने भाग लिया। यह सेमिनार एनसीए-बीसीसीआई फिजियो सतीश कुमार द्वारा बीसीए कार्यालय में खेल की चोट, विशेषकर क्रिकेट की चोट और उनकी रोकथाम के बारे में आयोजित किया गया।
श्री कुमार ने एसएनसी कोच यानी ट्रेनर और फिजियो को संबोधित करते हुए एनसीए और बीसीसीआई द्वारा उपयोग किए जाने वाले नवीनतम उपचार प्रोटोकॉल के बारे में विस्तार से बताया और सलाह दी कि बीसीए के सपोर्ट स्टाफ भी इस तकनीक का उपयोग करना सुनिश्चित करें, ताकि खिलाड़ियों को कम से कम चोट की समस्या का सामना करना पड़े और चोटिल खिलाड़ियों को चोट से उबरने में सहायक हो सके।
श्री कुमार ने नवीनतम एमएसके तकनीक, मैन्युअल थेरेपी, खिलाड़ी की रिकवरी, टेलीमेडिसिन के बारे में, खिलाड़ी का डेटा संग्रह, उनकी लोडिंग और अनलोडिंग, खिलाड़ी के खराब प्रदर्शन का कारण और क्रिकेट की चोट की रोकथाम के कई तरीकों के बारे में भी विस्तार से बताया। इस सेमिनार में फिटनेस तकनीकों के बारे में बताया कि कैसे एसएनसी कोच यानी ट्रेनर, फिजियो के साथ मिलकर काम करती है और एक साथ मिलकर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करती है।
उन्होंने विभिन्न फिटनेस तकनीकों जैसे 20 मीटर स्प्रिंट टेस्ट, एसएलजे टेस्ट, यो-यो इंटरमिटेंट रिकवरी टेस्ट लेवल वन, महिलाओं के लिए वीजे टेस्ट, महिलाओं के लिए माइल टाइम ट्रेल, पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए फिटनेस के राष्ट्रीय मानक चार्ट और फिटनेस के लिए कई अन्य परीक्षणों के उपयोग के बारे में अच्छी तरह से समझाया। .


बिहार ग्रामीण क्रिकेट लीग गवर्निंग काउंसिल के कन्वेनर ज्ञानेश्वर गौतम ने बताया कि यह लीग ग्रामीण क्षेत्र की छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें क्रिकेट की मुख्यधारा तक पहुँचाने की दिशा में बीसीए का एक ऐतिहासिक प्रयास है। मीडिया प्रभारी रूपक कुमार और पूर्वी चंपारण मीडिया प्रभारी प्रीतेश रंजन ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में आयोजित ट्रायल के आधार पर 16 टीमों का गठन किया जाएगा, जो नॉकआउट प्रारूप में एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी।


