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Opinion: 4-1 से सीरीज जीतने के बाद भी कुछ सवालों ने किया परेशान, घर में ही स्पिनर्स के सामने टिक नहीं पा रहे हैं भारतीय बल्लेबाज, जानें कहां चूक रहे हैं बल्लेबाज…

Opinion: भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 4-1 से सीरीज को अपने नाम किया। इस टेस्ट सीरीज को जीतकर भारतीय टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में पहले स्थान के लिए दावेदारी मजबूत कर दी। लगातार दो बार विश्व टेस्ट चैंपिशनशिप का फाइनल खेलने के बाद टीम इंडिया इस बार भी टेस्ट चैंपिशनशिप फाइनल खेलने के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। इस सीरीज को भारतीय टीम ने भले ही 4-1 से अपने नाम कर लिया हो लेकिन इस टेस्ट सीरीज और पिछले कुछ सालों में घर पर खेले गए टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की एक कमी तेजी से उजागर हुई है।

ऐसी कमी उजागर हुई है जिसमें कभी भारतीय टीम को महारत हासिल थी। पिछले कुछ सालों में भारतीय टीम स्पिन खेलने में फिसड्डी साबित हुई है। भारतीय टीम को भारत में ही स्पिन खेलने में अब परेशानी होने लगी है। जबकि पहले यही भारतीय टीम के जीत का मंत्रा था। विदेशी टीमें के खिलाफ स्पिन ट्रैक तैयार करके उनके चारों खाने चित कर देते थे। अब ऐसा हो गया है कि विदेशी टीमें भारत का दौरा करती है तब दो-तीन अच्छे स्पिनर को शामिल कर भारतीय टीम को परेशान कर देती है। यहां आने के बाद उनके एवरेज गेंदबाज भी शानदार गेंदबाज बन जाते हैं।

जबकि पहले भारतीय टीमों ने घरेलू और उपमहाद्वीपीय परिस्थतियों में स्पिन के अनुकूल पिचों में शानदार बल्लेबाजी की है। हालांकि अभी वर्तमान में भारतीय टीम स्पिन का सामना करने में पूरी तरह से जुझते नजर आती हैं। भारतीय टीम की गेंदबाजी भारत में शुरू से ही बेहतरीन रही है। अभी यह और मजबूत हो गई है जबकि बल्लेबाजी में स्पिन खेलने की कला में कमी देखने को मिली है।

70 के दशक में भारत की स्पिन चौकड़ी

भारतीय टीम जो कभी 70 के दशक में अपनी स्पिन गेंदबाजी से विरोधियों को परेशान किया करते थी। वहीं आज के समय में हमारे बल्लेबाज परेशान हो जाते हैं। 70 के दशक में इराप्पल्ली प्रसन्ना, बीएस चन्द्रशेखर, वेंकट राघवन और बिशन सिंह बेदी की प्रसिद्ध चौकड़ी थी, जो भारतीय पिचों पर विदेशी टीमों के खिलाफ हावी रहती थी। इन लोगों ने विदेशी बल्लेबाजों के मन में इतना डर बना दिया था कि भारत का दौरा करने वाली टीमें एक महीना पहले से ही स्पिन खेलने का अभ्यास शुरू कर देती थी लेकिन फिर भी इनकी चौकड़ी बल्लेबाजों को कुछ खास करने का मौका नहीं देती थी।

उसके बाद 1980 से लेकर 2010 तक भारतीय टीम के पास ऐसे बल्लेबाज थे जो भारत में ही नहीं बाहर भी जाकर अपनी छाप छोड़ी। कुछ ऐसे बल्लेबाज भी थे, जिन्हें घर पर स्पिन खेलने में महारत हासिल थी और अगर विदेश का दौरा करे तो स्विंग और पेस खेलने में भी माहिर थे। उस दौरान भारत में कई ऐसे दिग्गज स्पिनर भी आएं, जिन्होंने पूरी दूनिया में अपनी छाप छोड़ी लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के आगे नतमस्तक हो गए। शेन वार्न से लेकर मुथैया मुरलीधरन तक कई ऐसे दिग्गज भी आएं लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने उन दिग्गज स्पिनरों का डटकर सामना किया और स्पिन खेलने की कला भी दुनिया को दिखाई।

हमारी ताकत ही बनी कमजोरी

आखिरी पिछले कुछ समय में ऐसा क्या हो गया कि जो हमारी ताकत थी, वही हमारी कमजोरी बन गई। भारतीय खिलाड़ी जो स्पिन के अनुकूल पिचों पर खेलकर बड़े हुए हैं लेकिन आज वही बल्लेबाज स्पिन का ढंग से सामना नहीं कर पा रहे हैं। जहां विकेट खराब होने लगती है भारतीय टीम के बल्लेबाजों के पांव क्रीज पर जमते ही नहीं हैं। समय के साथ भारतीय खिलाड़ियों का स्पिन खेलने के लिए जो तकनीक होनी चाहिए, वो धीरे-धीरे खराब होता जा रहा है। अब महेमान टीम को जितना मुश्किल स्पिन खेलने में होती है उतना ही मुश्किल भारतीय टीम को भी स्पिन का सामना करने में होती है।

स्पिन के खिलाफ क्यों संघर्ष कर रहे हैं बल्लेबाज

भारतीय पिचों पर स्पिनरों को खासा फायदा मिलता है। यहां स्पिनरों को विकेट से काफी मदद मिलती है, जिसके कारण भारत में स्पिनर ज्यादा करागर साबित होते हैं। जैसे-जैसे विकेट टूटने लगती है स्पिनरों को टर्न के साथ अधिक उछाल भी मिलने लगती है। अगर गेंदबाज गेंद को ड्रिफ्ट करवाना जानते हैं तब तो बल्लेबाजों को ऐसे गेंदबाज का सामना करने में ज्यादा ही कठिनाई आती है। क्योंकि ऐसे गेंदबाज पिच से अधिक फायदा लेने में कामयाब रहते हैं और बल्लेबाजों को खूब परेशान करते हैं।

भारत में विकेट सूखी और धीमी होती है साथ ही साथ विकेट में असमतल उछाल के साथ गेंद भी तेजी से टर्न होता है। ऐसी विकेटों पर खेलने के लिए बल्लेबाजों को अधिक सतर्कता दिखाने की जरूरत होती है। जिसके लिए बल्लेबाजों को स्पिन खेलने की कला बखूबी आनी चाहिए। स्पिन खेलने में परेशानी के कारण बल्लेबाज स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पाते हैं। जिसके कारण भी स्पिनर्स बल्लेबाजों पर हावी हो जाते हैं। जब कोई एक बल्लेबाज ओवर की 6 गेंदें खुद खेलता है तब उसके आउट होने की संभावना भी ज्यादा होती है। इसलिए ऐसा कहा जाता था कि आप स्ट्राइक रोटेट करते रहें जिससे गेंदबाज को परेशानी हो, बल्लेबाज को नहीं।

विदेशी स्पिनर ने किया परेशान

पिछले 10-15 सालों में भारत में डेब्यू करने वाले विदेशी स्पिनर ने भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल में डाला है। 2008 में जब ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत का दौरा करने आई थी तब जेसन क्रेजा ने अपने डेब्यू मुकाबले के पहली पारी में 8 और दूसरी पारी में 4 विकेट चटकाए थे। उसके बाद से विदेशी स्पिनर भारतीय बल्लेबाजों पर हावी होने लगे। अगर ऑस्ट्रेलिया के स्टीव ओ कैफी की बात करें तो उन्होंने 2021 में भारत का दौरा करते हुए दोनों पारी में 6-6 विकेट लिए थे। वहीं मैट कुहनैमन ने 5 विकेट लेकर भारतीय टीम को बता दिया था कि स्पिन खेलने की कला अब आपके पास उतनी अच्छी नहीं रही।

उसके बाद न्यूजीलैंड के एजाज पटेल ने एक पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा भी भारत के खिलाफ भारत में ही किया। उन्होंने उस मैच में कुल 14 विकेट चटकाए। वहीं टॉड मर्फी ने 2023 में डेब्यू करते हुए एक पारी में 5 विकेट चटकाए। अब इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले ही मैच में टॉम हर्टली ने डेब्यू करते हुए एक पारी में 7 विकेट चटकाए। उसके बाद शोएब बशीर ने इस टेस्ट सीरीज के चौथे और पांचवें मुकाबले में पांच-पांच विकेट चटकाए। इस सीरीज में इंग्लैंड के टॉम हार्टली ने कुल 22 विकेट चटकाए। इन 10-15 सालों में विदेशी स्पिनर ने भारत में आकर भारतीय टीम को ही परेशान किया है।

बल्लेबाज तकनीक पर नहीं कर पाते हैं काम

अब सालभर लगातार ही पूरे विश्व में क्रिकेट खेला जाता है। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिकेटरों को अपनी कमियों पर काम करने का मौका भी बहुत कम मिलता है। अब जो भारतीय क्रिकेटर इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने लगते है वो घरेलू क्रिकेट में भाग नहीं लेते हैं। जिस कारण से उन्हें घरेलू गेंदबाज या स्पिनर को खेलने का कम मौका मिलता है। इसके अलावा अब बल्लेबाज गेंदबाज के साथ कम और बॉलिंग मशीन के साथ ज्यादा दिखते हैं। बॉलिंग मशीन के साथ बल्लेबाज घंटों अभ्यास करते हैं। वहीं लगातार क्रिकेट होने के कारण सीमित ओवरों में बल्लेबाज स्पिनर पर ज्यादा अटैकिंग रुख अपनाते हैं और रन बनाने की कोशिश करते रहते हैं। फील्ड रिस्ट्रिक्शन होने के कारण बल्लेबाजों की कमियों का पता नहीं चलता है। जैसे ही यही बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं उनकी कमियां साफ नजर आने लगती है।

गेंदबाज भी अब पहले जितना अभ्यास नहीं करते हैं। तीन फॉर्मेट में अपने आप फिट रखने के लिए गेंदबाज नेट में भी काफी कम समय व्यतीत करते हैं। जिस कारण से भी बल्लेबाजों को अपनी कमियों के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं चलता है। लगातार मैचेज के कारण गेंदबाज अब ज्यादातर अपने फिटनेस पर ध्यान देते हैं। जिससे वो ज्यादा से मैच खेल पाएं। इस कारण से अब ज्यादातर बल्लेबाजों को नेट गेंदबाज ही अभ्यास कराते नजर आते हैं।

घरेलू क्रिकेट में स्पिनर अब उतने करागर नहीं

अब बात यह भी है कि अब घरेलू क्रिकेट में उतने अच्छे स्पिनर भी नहीं रह गए हैं जो बल्लेबाजों को ज्यादा परेशान कर सके। पहले घरेलू क्रिकटे में एक से बढ़कर एक स्पिनर हुआ करते थे। जो इंटरनेशनल क्रिकेट के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट को भी तवज्जो देते थे, लेकिन अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अब लगातार मैचेज रहने के कारण इंटरनेशनल क्रिकेटर घरेलू में शामिल नहीं हो पाते है जिस कारण से अब बल्लेबाजों को क्वालिटी के स्पिनर नहीं मिलते हैं। इस कारण से भी अब घरेलू क्रिकेट में स्पिनर उतने करागर साबित नहीं होते हैं। अच्छे स्पिनर के नहीं होने के कारण बल्लेबाजों की कमियां नजर नहीं आती है।

स्पिन खेलने की बढ़िया तकनीक क्या है…

स्पिन को खेलने के लिए सबसे अच्छा उपाय है कि आपके कदम चलते रहें। आप फ्रंटफूट और बैकफूट का इस्तेमाल अच्छे ढंग से करें। कुछ बल्लेबाज टर्न कम करने के लिए निकलकर खेलते है और कुछ बल्लेबाज गेंद को टर्न होने के बाद खेलना पंसद करते हैं। अगर आप ऐसे स्पिन को खेलोंगे तब सफलता आपको मिलेगी। स्पिनर के खिलाफ अगर आप फंस गए तब गेंदबाज आपको निश्चित तौर पर आउट कर देगा। इसके अलावा आपके हाथ सॉफ्ट होने चाहिए ताकि आसपास लगे फील्डर के पास गेंद नहीं जानी चाहिए। टेस्ट क्रिकेट में कुछ इस ढंग से स्पिन खेलकर आप अच्छे स्पिनर का सामना कर सकते हैं।

लेखक: उज्जवल कुमार सिन्हा

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यूनिटी कप अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट: खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की 9 विकेट से शानदार जीत, अभिनव अकेला बने प्लेयर ऑफ द मैच

पटना: राजधानी पटना के पंकज स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स (पीटमास) मैदान पर The GamePlan Co के तत्वावधान में स्वर्गीय अरुण सिंह की स्मृति में आयोजित यूनिटी कप” अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट के तीसरे मुकाबले में खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी ने स्किल क्रिकेट अकादमी को 9 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच में बेहतरीन बल्लेबाज़ी के लिए अभिनव अकेला को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

टॉस जीतकर खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी ने पहले गेंदबाज़ी करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए स्किल क्रिकेट अकादमी की टीम 22.3 ओवर में सभी विकेट खोकर 158 रन ही बना सकी। स्किल क्रिकेट अकादमी की ओर से आयुष गुप्ता ने 49 गेंदों में 51 रन की शानदार पारी खेली। उनके अलावा हर्षित सिंह ने 28 गेंदों में 24 रन बनाए, जबकि किशन ने 8 गेंदों में तेज़ 21 रन का योगदान दिया। खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की तरफ से गेंदबाज़ी में अमन शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 25 रन देकर 4 विकेट झटके। वहीं अमन कुमार ने भी किफायती गेंदबाज़ी करते हुए 1 विकेट अपने नाम किया।

159 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए 22.1 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 160 रन बनाकर मुकाबला 9 विकेट से अपने नाम कर लिया। टीम की जीत में अभिनव अकेला ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 65 गेंदों में नाबाद 87 रन की शानदार पारी खेली।

उनके अलावा अमन कुमार ने 37 गेंदों में 38 रन और शुभम सम्राट ने 32 गेंदों में 23 रन का योगदान दिया। स्किल क्रिकेट अकादमी की ओर से राहुल राज को एकमात्र विकेट मिला। मैच में शानदार बल्लेबाज़ी प्रदर्शन के लिए अभिनव अकेला को प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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इंटर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट टूर्नामेंट: पटना अंडर-23 टीम का ऐलान, खिलाड़ियों को 25 फरवरी को रिपोर्ट करने का निर्देश

पटना: बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वावधान में आगामी दस मार्च होने वाले बीसीए मेंस अंडर-23 वनडे ट्रॉफी के लिए पटना जिला टीम की घोषणा अभिनव सिंह की कप्तानी में कर दी गई है। पटना की टीम गत वर्ष बेगूसराय के साथ संयुक्त रूप से खिताब अपने नाम किया था।

चयनित खिलाड़ियों को 10 मार्च को को सुबह 7:30 बजे याशवन क्रिकेट ग्राउंड, विक्रम में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। यह जानकारी चयन समिति के संयोजक धनंजय सिंह ने चयनकर्ताओं की संस्तुति पर दी। पटना जिला पाटलिपुत्र जोन में खेल रही है। पाटलिपुत्र जोन में अरवल, जहानाबाद और वैशाली की टीम है।

टीम इस प्रकार है

अभिनव सिंह (कप्तान), विकास कृष्णा, यश प्रताप, अनिमेष कुमार, यशश्वी शुक्ला, हर्षवर्धन, सिमुख कुमार, सत्यम कुमार, उत्कर्ष कुमार, रौशन कुमार, अक्षत मिश्रा, अमित गुंजन, अगस्त्य, ऋषभ राज, आकाश वर्मा, शुभम सिंह, ऋषभ भारद्वाज, आदित्य शिवम, अमृतांशु राज, प्रखर ज्ञान, आर्यमन और प्रकाश कुमार शामिल हैं।

मैचों का कार्यक्रम इस प्रकार है :

  • 10 मार्च 2026: जहानाबाद बनाम पटना
  • 11 मार्च 2026: जहानाबाद बनाम अरवल
  • 12 मार्च 2026: वैशाली बनाम अरवल
  • 13 मार्च 2026: जहानाबाद बनाम वैशाली
  • 14 मार्च 2026: पटना बनाम अरवल
  • 15 मार्च 2026: पटना बनाम वैशाली
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पटना जिला सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग में शर्मा स्पोर्टिंग और वाईएसी राजेंद्रनगर विजयी

पटना, 10 मार्च। पटना जिला क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित अधिकारी मदन मोहन प्रसाद मेमोरियल पटना जिला सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग में मंगलवार को खेले गए मुकाबलों में शर्मा स्पोर्टिंग और वाईएसी राजेंद्र नगर ने शानदार जीत दर्ज की। अल्फा स्पोर्ट्स मैदान पर खेले गए मैच में शर्मा स्पोर्टिंग ने क्रिसेंट सीसी को 31 रन से हराया, जबकि जेनेक्स क्रिकेट ग्राउंड में वाईएसी राजेंद्र नगर ने बाटा सीसी को 52 रन से पराजित किया।

शर्मा स्पोर्टिंग ने क्रिसेंट सीसी को हराया

अल्फा स्पोट्स एकेडमी पर खेले गए मैच में शर्मा स्पोर्टिंग ने क्रिसेंट सीसी को 31 रन से हराया। शर्मा स्पोर्टिंग ने 40 ओवर में 8 विकेट पर 292 रन बनाए, जिसके जवाब में क्रिसेंट सीसी की टीम 40 ओवर में 7 विकेट पर 261 रन ही बना सकी।

शर्मा स्पोर्टिंग की ओर से आरके विराज ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 53 गेंदों पर 107 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 9 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। इसके अलावा आदित्य कुमार राय ने 35 रन और साहिल कुमार ने नाबाद 41 रन का योगदान दिया, जिससे टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही। क्रिसेंट सीसी की ओर से हिमांशु कुमार ने 3, प्रिंस कुमार ने 2, रितविक राज और आदित्य सहाय ने 1-1 विकेट चटकाये।

लक्ष्य का पीछा करते हुए क्रिसेंट सीसी की शुरुआत संभली हुई रही। टीम के कप्तान अभिनव सिन्हा ने 79 गेंदों पर 89 रन की शानदार पारी खेली, जबकि आशीष राज ने 33 गेंदों पर तेजतर्रार 60 रन बनाए। इसके बावजूद टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और 261 रन ही बना सकी। शर्मा स्पोर्टिंग की जीत में गेंदबाजों की अहम भूमिका रही। गौरव कुमार ने 7 ओवर में 53 रन देकर 4 विकेट झटके, जबकि राहुल कुमार ने 2 विकेट हासिल किए।

संक्षिप्त स्कोर
शर्मा स्पोर्टिंग : 40 ओवर में 8 विकेट पर 292, आदित्य राय 35, अमन 17, अश्विनी राज 23, आरके विराज 107, अनीस कुमार 25, साहिल कुमार 41, अतिरिक्त 25, हिमांशु कुमार 3/52, रितविक राज 1/57, प्रिंस 2/52, आदित्य सहाय 1/38

क्रिसेंट सीसी : 40 ओवर में 7 विकेट पर 261 रन, मोहम्मद कैफ 42, अभिनव सिन्हा 89, आशीष राज 60,नदीम 11, आदित्य सहाय 11, उत्कर्ष 16, अतिरिक्त 20, गौरव कुमार 4/53, राहुल कुमार 2/54, अनीस 1/33.

वाईएसी राजेंद्रनगर ने बाटा सीसी को हराया

जेनेक्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए मैच में वाईएसी राजेंद्रनगर ने बाटा सीसी को 52 रन से हराया। टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए वाईएसी राजेंद्र नगर की टीम ने 33.3 ओवर में सभी विकेट खोकर 192 रन बनाए। जवाब में बाटा सीसी की टीम 31.2 ओवर में 140 रन पर सिमट गई। वाईएसी राजेंद्र नगर की ओर से आदित्य राज (49) ने शानदार बल्लेबाजी की। इसके अलावा सौभाग्य मिश्रा (32) और हरिओम शर्मा (31) ने भी उपयोगी पारियां खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी बाटा सीसी की शुरुआत तेज रही और पार्थ सिन्हा (37) ने आक्रामक बल्लेबाजी की, लेकिन इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। मनीष मणि (26) और आर्यन राज (22) ने कुछ संघर्ष जरूर किया, पर टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके। गेंदबाजी में वाईएसी राजेंद्र नगर के पुष्कर (3/36) और दीपू कुमार (2/3) ने शानदार प्रदर्शन किया। वहीं अमृत कमल (2/19) ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर टीम की जीत सुनिश्चित की। दूसरी ओर बाटा सीसी के लिए शिवम मुकुल सिंह (5/18) ने घातक गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके।

संक्षिप्त स्कोर
वाईएसी राजेंद्रनगर : 33.3 ओवर में 192 रन, दीपू 24, आदित्य राज 49, सौभाग्य मिश्रा 32, हरिओम शर्मा 31, ओम प्रकाश 19, अतिरिक्त 20, विकेश यादव 2/40, सौरभ सिंह 1/40, शिवम सिंह 5/18, अर्जुन 1/28, आर्यन राज 1/5

बाटा सीसी : 31.2 ओवर में 140 रन पर ऑल आउट 37, अभिनव 17, आर्यन राज 22, मनीष मणि 26, अतिरिक्त 12, पुस्कर 3/36, हरिओम शर्मा 1/19, ओम प्रकाश 1/16, अमृत कमल 2/19, दीपू कुमार 2/3

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यूनिटी कप: शुभम सम्राट के ऑलराउंड प्रदर्शन से खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की 6 विकेट से जीत

पटना : राजधानी पटना के पंकज स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स (पीटमास) स्थित मैदान पर The GamePlan Co द्वारा स्वर्गीय अरुण सिंह की स्मृति में आयोजित “यूनिटी कप” अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट का दूसरा मुकाबला रॉयल स्पोर्ट्स क्रिकेट क्लब और खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी के बीच खेला गया। मुकाबले में खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रॉयल स्पोर्ट्स क्रिकेट क्लब को 6 विकेट से हराकर जीत दर्ज की।

टॉस जीतकर रॉयल स्पोर्ट्स क्रिकेट क्लब ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 24.2 ओवर में 9 विकेट खोकर 148 रन बनाए। टीम की ओर से रॉकी ने 43 गेंदों में 53 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि सुमित रॉय ने 14 गेंदों में 12 रन का योगदान दिया।

खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की ओर से गेंदबाजी में शुभम सम्राट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। वहीं अमन शर्मा ने 2 विकेट और अमन ने 1 विकेट हासिल किया।

149 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की टीम ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 24.1 ओवर में 4 विकेट खोकर 149 रन बना लिए और मुकाबला अपने नाम कर लिया।

टीम की ओर से अमन कुमार ने 70 गेंदों में 66 रन की शानदार पारी खेली, जबकि पार्थ ने 35 गेंदों में 42 रन बनाए। शुभम सम्राट ने भी 25 गेंदों में 18 रन का योगदान दिया। रॉयल स्पोर्ट्स क्रिकेट क्लब की ओर से गेंदबाजी में रॉकी ने 2 विकेट, जबकि अंकित सिंह और अंकित कुमार ने 1-1 विकेट हासिल किया। मैच में शानदार गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी के लिए शुभम सम्राट को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।

संक्षिप्त स्कोर
रॉयल स्पोर्ट्स क्रिकेट क्लब – 148/9 (24.2 ओवर)
खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी – 149/4 (24.1 ओवर)

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