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बिहार की लक्ष्मी झा (Lakshmi Jha) माउंट अरारत की चोटी पर तिरंगा फहराने वाली पहली भारतीय बनी, 41 घंटे में पूरी की चढ़ाई

पटना: बिहार के सहरसा जिले के बनगांव की रहने वाली लक्ष्मी झा (Lakshmi Jha) ने तुर्की के सबसे ऊंची चोटी (16854 फिट) अरारत पर्वत पर अपने देश के तिरंगा लहराकर देशवासियों को गौरवान्वित किया। लक्ष्मी ने यह उपलब्धि 41 घंटे में चढ़ाई करके पूरी की। ऐसा करने वाली लक्ष्मी देश की पहली महिला भारतीय बनी। उन्होंने बताया कि चढ़ाई के दौरान -15 डिग्री का टेंपरेचर था जो हड्डी को गला सकता है ऐसे में अपने पथ पर डटे रहना और मंजिल पूरा करने में काफी मुश्किलें आई। लेकिन अगर हौसला हो तो कोई भी मुश्किल से पार पाया जा सकता है।

लक्ष्मी ने 12 अगस्त 2023 को आर के सिन्हा भाजपा के पूर्व सांसद एसआईएस कंपनी के संस्थापक से फ्लैग ऑफ लेकर तुर्की के सबसे ऊंची चोटी (16854 फिट) अरारत पर अपने देश के तिरंगा को फराने के लिए दिल्ली से इस्तांमबुल से दोगुबेयाजित सिटी पहुंची। वहां पहुंचते ही लक्ष्मी झा को पता चला की अरारत चोटी पर मौसम खराब बर्फबारी तेज तूफान हो रहे हैं। इसलिए 15 अगस्त समिट करने का प्लान कैंसिल करना पड़ा 18 को पता चला मौसम सही है, फिर लक्ष्मी झा ने 18 को ही निकल पड़ी समिट के लिए 6 घंटे चढ़ाई करने के बाद पहले पहले बेस कैंप पहुंची। जिसकी ऊंचाई 3000 मीटर है। अगले दिन 3 घंटे की चढ़ाई करके बेस कैंप 4200 मीटर की ऊंचाई पर पहुंची लक्ष्मी को इस मिशन को कम से कम टाइम में पूरी करनी थी।

बेस कैंप के ऊपर केवल बादल ही दिखाई दे रहे थे। मौसम काफी खराब था लक्ष्मी अन्तत: समिट के लिए 21 तारीख के रात को 1:00 बजे निकली । कठिन व खरीद चढ़ाई पर समिट करने में परेशानी हो रही थी। पूरा का पूरा पत्थरों से भरा हुआ रास्ता था जहां पर एक दो बार पत्थर ऊपर से भी आए और एक दो बार खिसक के नीचे भी गिरे बहुत डर भी लग रही थी। ऊपर से हड्डी गला देने वाली -15 डिग्री का टेंपरेचर थी। हिम्मत भी टूट रही थी लेकिन लक्ष्य को पूरा करनी थी।

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इसी बीच में मेरे गाइड भी मेरे साथ छोड़ दिया। वो बोल रहे थे चलो नीचे चलते हैं। मौसम खराब हो रहा है। लेकिन लक्ष्मी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा, लक्ष्मी ने बताया कि कभी-कभी चलते-चलते हिम्मत भी टूट रही थी लेकिन लक्ष्य को हासिल करना था। राष्ट्रीय ध्वज को देखकर शक्ति मिलती थी कुछ घंटे चलने के बाद जब सवेरा हुआ मंजिल सामने दिखाई दिया तो हौसला और बुलंद हुआ की नहीं अब तो फतेह करके ही जिंदा वापस जाना है। 6 घंटे चलने के बाद भारत का गौरवशाली तिरंगा माउंट अरारत पर फहराया। माउंट अरारत की पूरी चढ़ाई 41 घंटे में पूरी की। लक्ष्मी माउंट अरारत की चढ़ाई करने वाली पहली भारतीय बेटी है। जिसने तुर्की देश के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट अरारत पर भारत का तिरंगा लहराया।

एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली बनी है पहली बेटी
लक्ष्मी झा एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने वाली बिहार की पहली बेटी बनी है। उन्हें ये सफलता बहुत संघर्ष के बाद मिली है। जिसमें उनकी मां सरिता देवी का काफी सहयोग रहा है। लक्ष्मी झा के इस उपलब्धि को लेकर परिवार में खुशी का माहौल है। बता दें कि लक्ष्मी झा सहरसा जिले के बनगांव की रहने वाली है और इनके पिता का नाम स्व। बिनोद झा है। जिनकी 17 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है। लक्ष्मी झा 4 भाई बहन में सबसे छोटी है। पिता की मौत के बाद रोजी रोटी का कोई सहारा नहीं होने के कारण उनकी मां काफी मेहनत से अपने चार बच्चों का लालन पालन करती रही और सभी बच्चों को पढ़ाई भी करवाई।

दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर भारत का झंडा लहराया
लक्ष्मी झा ने अपने अनुभव को बताते हुए कहा कि भारत की ओर से सबसे पहली महिला है जिसने कम से कम समय में किलिमअंजारो पर्वत की चढ़ाई की है । उन्हें शिखर पर चढ़ने में भी सिर्फ 36 घंटे लगे जबकि अभी तक अन्य लोगो ने 6 से 8 दिन का समय लगाया है। विश्व की सबसे कठिन चढ़ाई में एक चढ़ाई किलिमअंजारो पर्वत को भी माना गया है । इसकी ऊंचाई 58.95 मीटर है जबकि एवरेस्ट की ऊंचाई 88.48 मीटर है।

क्या कहते हैं पूर्व सांसद आर के सिन्हा
मुझसे कई लोग आकर मिलते है जिनके सपने अधूरे होते हैं और वो चाहते हैं कि उनके सपने पूरे हो। एक दिन पर्वतारोही बिहार की बिटिया लक्ष्मी झा मुझसे मिली और उन्होंने अपनी इच्छा बताई , तब मैंने इन्हे उतर काशी के एनआईएएम इंस्टीट्यूट में पर्वतरोही का प्रशिक्षण करवाया जिसका नतीजा है कि सुश्री लक्ष्मी झा ने तुर्की के माउंट अरारत की चोटी पर तिरंगा फहराने वाली पहली भारतीय बेटी बनी। इससे पहले वो दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर भारत का झंडा लहरा कर बिहार के साथ साथ पूरे देश का नाम रौशन करने का काम किया है हम सभी को बिहार की बेटी लक्ष्मी झा पर गर्व है।

आर के सिन्हा ने कहा कि बिहार में प्रतिभाओं की कमी नहीं है हर क्षेत्र में बिहार के लोग अव्वल है बस जरूरत है उन्हे सही मार्गदर्शन और सुविधा प्रदान करने की। बिहार सरकर के उदासीनता के कारण बिहार के ये प्रतिभावान खिलाड़ी / पर्वतारोही आगे नही बढ़ पा रहे है। पूर्व सांसद ने कहा की बिहार के छोटे से गांव से आने वाली इस बिहार की बेटी ने पूर्व में काला पत्थर चोटी और माउंट एवरेस्ट बेस कैंप में तिरंगा लहराया है। आर के सिन्हा ने आश्वासन दिया की वे पर्वतारोही लक्ष्मी झा को हर संभव मदद करेंगे जिससे वे आगे भी इसी प्रकार बिहार का नाम पूरी दुनिया में रौशन करते रहें।

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15 सितंबर से शुरू होगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट, 12 टीमें लेंगी हिस्सा; जानें एंट्री फीस से लेकर पुरस्कार तक पूरी डिटेल

पटना: क्रिकेट प्रेमियों के लिए सितंबर में एक खास टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है। खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की ओर से15 सितंबर 2026 से मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू किया जाएगा। टूर्नामेंट में कुल12 टीमें हिस्सा लेंगी। पोस्टर के मुताबिक प्रतियोगिता का आयोजन नयागांव, सोनपुर में किया जाएगा।

12 टीमों के बीच होगा मुकाबला

मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 12 टीमों को शामिल किया गया है। प्रतियोगिता को दो लीग में आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। आयोजकों की ओर से टूर्नामेंट को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और इसमें खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा।

रेड बॉल से खेले जाएंगे मुकाबले

इस टूर्नामेंट की खास बात यह है कि मुकाबले रेड बॉल से खेले जाएंगे। पोस्टर में इसे 20-20 फॉर्मेट का टूर्नामेंट बताया गया है। मैच के लिए टर्फ विकेट और अच्छे घास वाले मैदान की व्यवस्था की गई है। खिलाड़ियों के लिए सफेद ड्रेस अनिवार्य रखी गई है।

एंट्री फीस 7000 रुपये

टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों के लिए एंट्री फीस 7000 रुपये निर्धारित की गई है। आयोजन समिति की ओर से मैच के लिए गेंद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा खिलाड़ियों और टीमों के लिए रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था भी समिति द्वारा किए जाने की जानकारी पोस्टर में दी गई है।

हर मैच में मिलेगा ‘मैन ऑफ द मैच’ अवॉर्ड

टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी सम्मानित किया जाएगा। पोस्टर के अनुसार हर मैच में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा बेस्ट बैटर मोमेंटो और बेस्ट बॉलर मोमेंटो भी दिए जाएंगे। फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी व्यक्तिगत पुरस्कार मिलने की बात कही गई है।

विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी

प्रतियोगिता के अंत में विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। आयोजकों ने टूर्नामेंट को ‘Exciting Matches, Great Talent, Big Prizes’ थीम के साथ पेश किया है। इसका उद्देश्य स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराना भी है।

कहां होगा टूर्नामेंट?

पोस्टर के मुताबिक टूर्नामेंट का आयोजन नयागांव, सोनपुर में होगा। इसका आयोजन खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी कर रही है। पोस्टर पर संपर्क के लिए 6206081260, 9939089666 और 8083085859 नंबर दिए गए हैं। अकादमी का पता घोरदौर रोड, रेलवे लाइन के पास, दीघा, पटना दिया गया है।

टूर्नामेंट की प्रमुख जानकारी

जानकारी विवरण
टूर्नामेंट मेगा 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट
आयोजन खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी
शुरुआत 15 सितंबर 2026
टीमें 12
लीग 2
एंट्री फीस ₹7,000
गेंद रेड बॉल
विकेट टर्फ विकेट
ड्रेस सफेद ड्रेस
स्थान नयागांव, सोनपुर
मैन ऑफ द मैच हर मैच में
विजेता विजेता ट्रॉफी
उपविजेता रनर-अप ट्रॉफी

 

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जमुई में होगा सब-जूनियर बिहार राज्य स्तरीय आट्या-पाट्या चैंपियनशिप 2026-27

पटना: आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार एवं जमुई जिला आट्या-पाट्या संघ के संयुक्त तत्वावधान में सब-जूनियर बिहार राज्य स्तरीय आट्या-पाट्या चैंपियनशिप 2026-27 (बालक एवं बालिका) का आयोजन 13 सितंबर 2026 को ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, मलयपुर, जमुई में किया जाएगा।

इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से बालक एवं बालिका खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी 33वीं बालक एवं 26वीं बालिका सब-जूनियर आट्या-पाट्या राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 के लिए किया जाएगा, जिसका आयोजन 02 से 04 अक्टूबर 2026 तक हैदराबाद, तेलंगाना में होगा।

आट्या-पाट्या एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव ने बताया कि प्रतियोगिता को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता बिहार की युवा प्रतिभाओं को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।

वहीं, सब-जूनियर राष्ट्रीय स्तर के कोच आरुष कुमार आजाद ने खिलाड़ियों पर पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि बिहार के खिलाड़ी इस बार भी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, खेल भावना और पूरी मेहनत के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की।

जमुई में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता बिहार के उभरते हुए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच प्रदान करेगी और आट्या-पाट्या खेल को राज्य में और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच सॉफ्टबॉल को लेकर ऐतिहासिक समझौता, शुरू होगी द्विपक्षीय सीरीज

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच सॉफ्टबॉल के विकास को लेकर एक अहम समझौता हुआ है। सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SBAI) और सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड (SNZ) ने नई दिल्ली के होटल द ललित में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों में सॉफ्टबॉल को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं व प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

चार साल के लिए हुआ समझौता

यह MoU शुरुआती तौर पर चार साल के लिए प्रभावी रहेगा। इसके तहत खिलाड़ी विकास, कोचिंग, तकनीकी अधिकारियों के प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे, हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम और जमीनी स्तर पर खेल के विस्तार समेत सात प्रमुख क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

MoU पर सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड के बोर्ड सदस्य जय चांगलानी और सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव डॉ. प्रवीण अनाओकर ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान SBAI के संयुक्त सचिव वसीम राजा खान, शिबानी टैगोर, विजय गौड़ समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

पहली बार होगी भारत-न्यूजीलैंड सॉफ्टबॉल सीरीज

इस समझौते की सबसे बड़ी खासियत भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय सॉफ्टबॉल सीरीज शुरू करना है। दोनों देशों में बारी-बारी से इस सीरीज या लीग का आयोजन किया जाएगा।

इससे भारतीय खिलाड़ियों को नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने और उच्च स्तरीय प्रतियोगिता का अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। इससे भारतीय टीमों को भविष्य की बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी।

भारतीय टीमों को मिलेंगे न्यूजीलैंड के हाई-परफॉर्मेंस कोच

समझौते के तहत सॉफ्टबॉल न्यूजीलैंड भारतीय राष्ट्रीय टीमों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के हाई-परफॉर्मेंस कोच उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। इसमें सीनियर, जूनियर और महिला टीमों को शामिल किया गया है। कोचिंग के इस सहयोग का उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार करना और उन्हें एशियन गेम्स, विश्व कप तथा ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।

स्कूल-कॉलेज से लेकर राष्ट्रीय टीम तक बनेगा विकास का रास्ता

दोनों संस्थाएं भारत में जमीनी स्तर पर सॉफ्टबॉल को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण क्लीनिक भी आयोजित करेंगी। इसके अलावा अंपायर और स्कोरर की ट्रेनिंग, खेल विज्ञान तथा हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम को विकसित करने पर भी काम किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में युवा और महिला खिलाड़ियों के साथ उभरती प्रतिभाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सॉफ्टबॉल के लिए एक व्यवस्थित विकास प्रणाली तैयार करने की भी योजना है, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का मौका मिल सके।

दोनों प्रधानमंत्रियों की पहल से प्रेरित साझेदारी

सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस समझौते को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। SBAI के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच खेल सहयोग को लेकर बनी व्यापक सोच से प्रेरित है।

दोनों देशों ने क्रिकेट के अलावा कोचिंग, खेल विज्ञान, तकनीक, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग और युवा खेलों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। सॉफ्टबॉल MoU को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘यह केवल MoU नहीं, बल्कि एक आंदोलन है’

SBAI के नेतृत्व ने इस मौके पर कहा कि यह समझौता सिर्फ दो संस्थाओं के बीच करार नहीं है, बल्कि भारतीय सॉफ्टबॉल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे देश के युवाओं, महिला खिलाड़ियों और अलग-अलग राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से आने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

बिहार सॉफ्टबॉल एसोसिएशन की सचिव प्राची शर्मा ने भी इस समझौते को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में सुनहरा कदम है और दोनों देशों के सॉफ्टबॉल के विकास के लिए शुभकामनाएं दीं।

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बिहार के युवा क्रिकेटरों को मिलेगा नया मुकाम, सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग का आयोजन

पटना। बिहार के प्रतिभाशाली और उभरते क्रिकेटरों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का नया मंच मिलने जा रहा है। सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग (STCL) के माध्यम से राज्य के युवा क्रिकेटरों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, बल्कि चयनित खिलाड़ियों के आर्थिक बोझ को भी कम करने की पहल की गई है। एसटीसीएल के चेयरमैन राजेश झा ने बताया कि लीग के लिए राज्यभर के खिलाड़ियों के चयन हेतु सेलेक्शन ट्रायल का आयोजन 2 और 3 सितंबर 2026 को जगजीवन राम रेलवे क्रिकेट स्टेडियम में किया जाएगा। खास बात यह है कि ट्रायल के लिए खिलाड़ियों से किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

आठ टीमें लेंगी हिस्सा
एसटीसीएल के वाइस चेयरमैन रवि चिकारा ने बताया कि ट्रायल के माध्यम से कुल 8 टीमों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक टीम को तीन-तीन लीग मैच खेलने का अवसर मिलेगा। लीग के सभी मैचों को लाइव प्रसारित करने की तैयारी है। इसके लिए SonyLIV और DD Sports से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि लाइव प्रसारण से युवा खिलाड़ियों को बड़े दर्शक वर्ग तक अपनी प्रतिभा पहुंचाने का अवसर मिलेगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिलेगी।

चयनित खिलाड़ियों का खर्च उठाएगी लीग
एसटीसीएल के डायरेक्टर मुकेश सिंह ने बताया कि लीग के मुकाबले मिराज इंटरनेशनल स्टेडियम, उदयपुर में खेले जाएंगे। चयनित खिलाड़ियों को उनके घर से उदयपुर स्थित स्टेडियम तक एसी ट्रेन से लाने और प्रतियोगिता के बाद वापस घर पहुंचाने की व्यवस्था लीग की ओर से की जाएगी। इसके अलावा उदयपुर में खिलाड़ियों के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था एसटीसीएल द्वारा की जाएगी। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य प्रतिभावान खिलाड़ियों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है, ताकि वे पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

खिलाड़ियों को मिलेगी मैच फीस और पुरस्कार राशि
एसटीसीएल की ओर से चयनित प्रत्येक खिलाड़ी को 25 हजार रुपये मैच फीस के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न व्यक्तिगत और टीम पुरस्कार भी रखे गए हैं।

मैन ऑफ द मैच: 21 हजार रुपये
बेस्ट बैटर: 21 हजार रुपये
बेस्ट बॉलर: 21 हजार रुपये
प्लेयर ऑफ द सीरीज: 51 हजार रुपये
विजेता टीम: 15 लाख रुपये
उपविजेता टीम: 10 लाख रुपये

आयोजकों का कहना है कि लीग का मुख्य उद्देश्य बिहार के छिपे हुए क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर देना है।

कई पूर्व क्रिकेटरों ने किया समर्थन
सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग को कई पूर्व और प्रतिष्ठित क्रिकेटरों का समर्थन भी मिल रहा है। चेतन शर्मा, अशोक मल्होत्रा, मदन लाल और सबा करीम समेत कई क्रिकेट जगत की हस्तियां इस पहल के समर्थन में आगे आई हैं। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसटीसीएल के लीग कमिश्नर और पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन शर्मा ने कहा कि इस लीग के माध्यम से नवोदित खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध होगा और उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका मिलेगा।

वहीं, पूर्व क्रिकेटर अशोक मल्होत्रा ने कहा कि लीग में चयनित प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी मिलेगा, जो उनके करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एसटीसीएल के पदाधिकारी गणेश दत्त ने कहा कि यह मंच उन प्रतिभाशाली क्रिकेटरों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो लंबे समय से बेहतर अवसर और मंच की तलाश में हैं।

यहां करें रजिस्ट्रेशन
लीग के सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने के इच्छुक खिलाड़ी www.stclsport.com पर जाकर अपना निबंधन कर सकते हैं। आयोजकों ने खिलाड़ियों से समय पर रजिस्ट्रेशन पूरा करने की अपील की है।

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