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Rinku Singh पर कभी बीसीसीआई ने लगाया था बैन, अब गुजरात टाइटंस के खिलाफ लगातार पांच छक्का जड़कर रातों-रात बनें स्टार; जानें कैसा रहा है रिंकू सिंह का सफर

आईपीएल 2023 (IPL 2023) का आगाज हो चुका है। शुरुआत के कुछ मैच में ही आईपीएल का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। इस आईपीएल में एक ऐसे खिलाड़ी ने अपनी गाथा लिखी है, जिसकी चर्चो पूरे विश्व क्रिकेट में शुरू हो गई है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं रिंकू सिंह (Rinku Singh) है। जिन्होंने पांच गेंदों पर पांच छक्के जड़कर कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत दिला और रातों-रात हीरो बन गए। उत्तर प्रदेश का यह सितारा जो आईपीएल 2023 में अपनी चमक बिखेर रहा है।

रिंकू सिंह ने पांच छक्का लगाकर मैच को पूरी तरह से पलट दिया और गुजरात टाइटंस को हराकर मुकाबले को जीत लिया। पांच गेंदों पर पांच छक्कें जड़ने के बाद रिंकू ने अपना नाम क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज करा लिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रिंकू सिंह ने जो मुकाम हासिल की वो काफी संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में अपने आप को निखरा है और आज यह मुकाम हासिल कर पाए हैं। आइए जानते हैं कैसे रिंकू सिंह बने सिक्सर किंग।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ रिंकू सिंह का जन्म

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 12 अक्टूबर 1997 को जन्में रिंकू सिंह का पढ़ाई में कुछ खास लगाव नहीं था। रिंकू के पिता चंद्र सिंह एलपीजी सिलेंडर बांटने का काम करते है। सिलेंडर डिलीवरी का काम करने वाले चंद्र सिंह का घर दो कमरों तक ही सिमिट था। रिंकू को बचपन से पढ़ाई में मन नहीं लगता था। बल्कि इससे उल्टा रिंकू का मन खेल में हमेशा लगा रहता था। इसके बावजूद भी रिंकू के माता-पिता ने कभी भी रिंकू को स्कूल भेजना बंद नहीं किया।

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रिंकू सिंह ने 10 से 11 साल में क्रिकेट को अच्छी तरह से समझ लिया था। रिंकू अपना अधिक समय क्रिकेट को देने लगे थे। रिंकू सिंह अपने पांच भाई-बहनों के साथ गोदाम के परिसर में दो रूम के कमरें में रहते थे। रिंकू सिंह बचपन से गरीबी के माहौल मे पले बढ़े। पिता गैस डिलीवरी का काम करते थे तो वहीं सबसे बड़ा भाई ऑटो रिक्शा चलाता था। जबकि उनका एक बड़ा भाई एक कोचिंग सेंटर में काम करता था।

कठिनाइयों से परिवार का पेट पालने वाले पिता ने रिंकू के कौशल को नहीं पहचाना

कठिनाइयों से परिवार का पेट पालने वाले पिता में इतनी समझ नहीं थी कि अपने बच्चों के कौशल को पहचान कर उन्हें सही रास्ता दिखाए। पढ़ाई में कमजोर होने के कारण के रिंकू का मन खेल से मानों लग सा गया था। जिससे उनके पिता हमेशा नाराज ही रहते थे। रिंकू के क्रिकेटर बनने की बात पर पिता ने कई बार नाराज होकर उनकी पिटाई भी की ऐसा सिर्फ उन्होंने परेशानी में किया।

एक पिता का ख्वाब होता है कि बेटा किसी तरह कुछ करके कमाने लग जाए। इसके अलावा रिंकू कहते है कि क्रिकेट खेलने के लिए उनको समर्थन भी घरवालों से मिला। जिससे मुझे उस जगह तक पहुंचने में मदद मिली, आज मैं जहां भी हूं।

Rinku Singh With His Family

रिंकू के पिता घर परिवार देखकर चलने वाले आदमी थे, उन्हें पता था कि घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इन सबके बावजूद रिंकू ने 2009 में क्रिकेट खेलने का मन बना लिया था। रिंकू के इसी लगन के कारण वो 2012 में यूपी के टीम में चुने गए। इसके बाद रिंकू सिंह का परिवार एक बार फिर तंगी से झूझने लगा। ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं होने के कारण रिंकू को झाड़ू पोछा लगाने का काम मिला। उन्हें नौकरी तो चाहिए थी लेकिन वह सफाई कर्मी बनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने मन बना लिया कि अब क्रिकेट में ही कुछ करूंगा।

रिंकू कहते हैं मैं इतना पढ़ा लिखा नहीं हूं कि पढ़ाई के आधार पर काम कर सकूं मैं केवल क्रिकेट ही है जो मुझे आगे बढ़ा सकता है और क्रिकेट के अलावा कोई विकल्प ही नहीं था। क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का कोई और रास्ता ही नहीं था। बड़े भाई की तरह पिता भी हर महीने 6 से ₹7000 कमाते थे। क्रिकेट करियर में उनके परिवार को गरीबी के बोझ से बाहर निकालने में मदद की।

रिंकू सिंह का क्रिकेट करियर

2012 में यूपी के टीम से खेलने के बाद रिंकू सिंह का बेहतरीन प्रदर्शन लगातार जारी रहा। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उत्तरप्रदेश के अंडर-19 और अंडर-23 टीम में जगह मिली। इसके अलावा उन्होंने अंडर-19 में सेंट्रल जोन का प्रतिनिधित्व भी किया। रिंकू सिंह ने महज 16 साल की उम्र में लिस्ट A  क्रिकेट में डेब्यू किया। उन्होंने पहले ही मैच में शानदार पारी में खेलते हुए 87 गेंदों में 84 रनों की पारी खेली।

सैय्यद मुस्ताक अली ट्रॉफी में 31 मार्च 2014 को विदर्भ के खिलाफ खेलते हुए अपने डेब्यू मैच में ही इन्होने 5 गेंदों पे तूफानी अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए तीन चौकों और दो गगनचुम्बी छक्कों की मदद से 24 रन बना दिए और दूसरी पारी में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 3 ओवर में 46 रन देकर एक विकेट भी लिया। इसके बाद उन्होंने 5 नवंबर 2016 को 18 वर्ष की उम्र में 2016-17 की रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया।

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इनके अच्छे प्रदर्शन का फायदा इन्हें आईपीएल के 2017 के सीजन में मिला। जब किंग्स एलेवेन पंजाब ने रिंकू सिंह को 10 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा। लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2018 के विजय हज़ारे ट्रॉफी के एक मैच में त्रिपुरा के विरूद्ध ताबड़तोड़ अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंद में नाबाद 91 रन बनाये और इसकी मदद से उन्हें 2018 में कोलकाता नाईट राइडर्स की टीम ने उन्हें 80 लाख रुपये में खरीदा। 2018 में रिंकू का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था।

2018 में अपने ख़राब प्रदर्शन के बाद रिंकू सिंह ने कोलकाता के बैटिंग मेंटर अभिषेक नायर के साथ समय बिताया और इसका फायदा उन्हें 2018-2019 के रणजी सीजन में भी हुआ और उन्होंने 10 पारियों में 953 रन बनाकर टूर्नामेंट के तीसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे जिसमे उन्होंने चार शतक लगाए थे (163*, 149, 149 और 150)।  रणजी ट्रॉफी में रिंकू ने 40 मैचों की 59 परियों में 59.89 की उम्दा औसत से 2875 रन बनाये हैं। रणजी ट्रॉफी में रिंकू का उच्चतम स्कोर 163 रन है।

बीसीसीआई ने 2019 में लगाया था बैन

साल 2019 में बीसीसीआई ने रिंकू सिंह को तीन महीनों का प्रतिबंध लगा दिया था। इस दौरान उनके क्रिकेट के करियर पर ब्रेक लग गया था। रिंकू सिंह ने बिना बीसीसीआई को जानकारी दिए अबुधाबी में एक टी-20 लीग में हिस्सा लिया था। जब इसकी जानकारी बीसीसीआई को लगी तो उन्होंने कड़ा एक्शन लेते हुए तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया। इस घटना के बाद रिंकू सिंह ने ऐसा कभी नहीं करने की ठानी। उसके बाद फिर रिंकू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

आईपीएल 2022 में रिंकू को मौके मिलने शुरू हो गए। पिछले साल रिंकू सिंह ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 15 गेंदों पर 40 रन बनाकर टीम को जीत के दहलीज पर पहुंचा दिए। लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 2 रनों से हार गई। जिसके बाद केकेआर की तरफ से लगातार मौके मिलने शुरू हो गए। जिसके बाद रिंकू के प्रदर्शन में भी निखार आने लगा। आईपीएल 2023 में 5 गेंदों में पांच छक्के जड़कर अपनी एक अलग पहचान बना ली है। इसके साथ ही आईपीएल के इतिहास में पांच लगातार गेंदों में पांच छक्के लगाने वाले पांचवे खिलाड़ी बन गए।

 

Written By- उपासना कुमारी

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PDCA सीनियर डिवीजन लीग में मुकाबला हुआ टाई, आरबीएनवाईएसी और पंचशील सीसी ने साझा किए अंक

पटना, 1 मार्च। अधिकारी मदन मोहन प्रसाद मेमोरियल पटना जिला सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग के तहत रविवार यानी 1 मार्च को आरबीएनवाईएसी और पंचशील सीसी के बीच खेला गया रोमांचक मैच टाई पर समाप्त हुआ। पंचशील सीसी के अनिरुद्ध राज को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। जेनेक्स क्रिकेट ग्राउंड, फतेहपुर (पटना) में खेले गए इस मैच में दोनों टीमों ने 207-207 रन बनाए और मुकाबला बराबरी पर छूटा।

इंद्रजीत कुमार की कप्तानी पारी

टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए आरबीएनवाईएसी ने 27.5 ओवर में 207 रन बनाए। कप्तान इंद्रजीत कुमार ने 53 गेंदों पर 74 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 5 छक्के शामिल थे। नंद किशोर ने 55 रन और रौनित ने तेज 18 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। पंचशील सीसी की ओर से अनिरुद्ध राज ने 4 विकेट लेकर आरबीएनवाईएसी की पारी को झटका दिया। प्रियांशु प्रतीक ने 3 विकेट और पार्थ कुमार ने 2 विकेट लेकर विपक्षी टीम को 207 रन पर रोक दिया।

पार्थ अविनाश और सोनू कुमार की दमदार शुरुआत

लक्ष्य का पीछा करते हुए पंचशील सीसी की शुरुआत शानदार रही। सोनू कुमार ने 49 रन की तेज पारी खेली, जबकि पार्थ कुमार ने 57 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। अनिरुद्ध राज ने 40 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। मैच आखिरी ओवर तक रोमांचक बना रहा। पंचशील को जीत के लिए आखिरी ओवर में 15 रन की जरुरत थी पर उसके खाते में 14 रन ही आये और टीम 30 ओवर में 207/8 ही बना सकी और मुकाबला टाई पर समाप्त हुआ।

संक्षिप्त स्कोर

आरबीएनवाईएसी : 207/10 (27.5 ओवर), इंद्रजीत कुमार 74, नंद किशोर 55, रौनित 18, सिद्धांत विजय 16, उत्कर्ष कुमार 11, अनिरुद्ध राज 4/42, प्रियांशु प्रतीक 3/45, पार्थ कुमार 2/22, मोहम्मद सुल्तान 1/28

पंचशील सीसी : 207/8 (30 ओवर), पार्थ कुमार 57, सोनू कुमार 49, अनिरुद्ध राज 40, बिट्टू कुमार 16, आयुष राज 14, विकास कृष्णा 3/32, मोहम्मद शहबाज अनवर 2/35, उत्कर्ष कुमार 1/36, शाश्वत राज 1/68

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कुसुमराज खेल सम्मान समारोह: खेल, शिक्षा और समाजसेवा में योगदान देने वाले हस्तियों को किया गया सम्मानित

पटना, 1 मार्च। सरदार पटेल स्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा कुसुमराज एजुकेशनल इंस्टीच्यूशन के सहयोग से एक मार्च यानी रविवार को कुसुमराज खेल सम्मान समारोह सह होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान खेल, शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर फाउंडेशन के संस्थापक संतोष तिवारी ने कुसुम राज एजुकेशनल इंस्टीच्यूसन को इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया।

श्रीराम खेल मैदान, सुल्तानपुर मठ, दानापुर (पटना) में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिथियों के रूप में मौजूद पटना नगर निगम के उपमेयर रेशमी चंद्रवंशी, बिहार प्लेयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी, कुसुम राज एजुकेशनल इंस्टीच्यूसन के प्रबंध निदेशक डॉ अमरेंद्र कुमार अम्रीश, यूनियन बेंक के अरविंद पथिक, जीएन आईटी के अश्विनी शर्मा, मानव रचना यूनिवर्सिटी के राजू मिश्रा, टर्निंग प्वाइंट के एमडी सह चेयरमैन स्कूल क्रिकेट लीग के विजय शर्मा व चंदन यादव ने सबों को सम्मानित किया।

इस मौके पर अतिथियों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ता है। साथ ही खेल के विकास में योगदान देने वाले गर्व महसूस करते हैं कि उनके कार्य को सम्मान दिया गया। इन सबों ने आयोजक संस्था सरदार पटेल स्पोट्र्स फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि यह फाउंडेशन राज्य में खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए जरूरी कार्य कर रही है वह अद्वितीय है। इन सबों ने संस्था के संस्थापक संतोष तिवारी की दृढ़इच्छा शक्ति की काफी सराहना की।

सबों का स्वागत फाउंडेशन के महासचिव नवीन कुमार ने अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न समर्पित कर किया। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य राज्य की प्रतिभाओं को सम्मानित करना, उनका मनोबल बढ़ाना तथा खेल एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

सम्मानित होने वालों के नाम

उत्कृष्ठ खिलाड़ी: नीरज कुमार (इंटरनेशनल बैडमिंटन प्लेयर), सोनिया कुमारी (फुटबॉल), आदिश्री अग्रवाल, चांदनी कुमारी, ऋृषिका कश्यप, रिया राज, हेमा कशिश, अनुष्का सिंह (सभी क्रिकेट), प्राची राजन (ताइक्वांडो), देवंती कुमारी, अमेशा राजपूत, नैना कुमारी (कबड्डी), रिया राजन, सावणी कुमार (तीरंदाजी), सिल्की कुमारी (कराटे), सौभ्या अखौरी, अन्नया चंद्रा (महिला क्रिकेट खिलाड़ी), अंतरा राज, प्रज्ञा सिंह (पिट्टो नेशनल खिलाड़ी), सारिका राय, राजेश्वरी कुमारी (गेटबॉल नेशनल खिलाड़ी), लक्ष्मी मंडल, नीतू कुमारी (नेशनल पिकलबॉल खिलाड़ी), प्रियंकर कश्यप, शिवांगी (सॉफ्टबॉल), तन्नु कुमारी, सिमरन (मिनी गोल्फ), अनमोल कुमारी (योगा), नव्या गोयंका, श्रेया कोमालम(शतरंज)।

खेल प्रशिक्षक: पिंकी कुमारी (कराटे), सपना कुमारी (फुटबॉल), नेहा सिंह (शतरंज), राजीव रंजन (बैडमिंटन), स्मिता कुमारी (कबड्डी), अजीत कुमार सिंह (युवा क्रिकेट प्रशिक्षक), प्रियदर्शनी (योगा), राजू प्रसाद (रेफरी बिल्यर्डस), श्रीमोद पाठक (बैडमिंटन), आकिब जावेद खां (ताइक्वांडो)।

खेल प्रमोटर: सुमित शर्मा, मोहित श्रीवास्तव (प्रमोटर), राजकुमार सिंह (सचिव, बिहार पिट्टो संघ), रंजन गुप्ता (सचिव, बिहार पिकलबॉल), धर्मवीर कुमार (सचिव, बिहार साफ्टबॉल), सतीश कुमार (सचिव, ग्रेपलिंग कुश्ती संघ), दीप नारायण प्रसाद (सचिव, बिहार गेटबॉल), ओमप्रकाश (चेयरमैंन, बिहार पिट्टो संघ), मृत्युंजय झा (उदद्योषक, दूरदर्शन)।

प्रोमोसिंग प्लेयर अवार्ड: आर्यन कुमार, अंशुभान जैन, रुद्रांश कुमार, आरव कुमार, शशांक शेखर, आशीष राज, शरद सिंह, मानव कुमार, हार्दिक काव्याण (सभी युवा क्रिकेटर)।

खेल पत्रकार: आशीष कुमार, (दैनिक हिन्दुस्तान), आलोक सिंह (दैनिक भास्कर), जितेंद्र कुमार(फोटो जर्नलिस्ट, दैनिक भास्कर), धर्मनाथ जी (प्रभात खबर), बृज बिहारी जी, (दैनिक जागरण, दानापुर), शशि भूषण जी (दैनिक आज), पीयूष शर्मा (दैनिक जागरण आईनेक्स्ट), आलोक नवीन (दैनिक सन्मार्ग), सुरेश मिश्रा (पुरबिया न्यूज ), सूरज कुमार (अंश भारत), चंदन कुमार (प्राइम न्यूज), अविनाश कुमार (न्यूज 21), शुभम कुमार (न्यूज ऐरा), अंकित कुमार (न्यूज बीट), उज्जवल कुमार सिन्हा (क्रीड़ा न्यूज), नीरज कुमार (बिहार ब्रेकिंग), रमण कुमार (बिहार लाइव टुडे), गोपाल प्रसाद (सी न्यूज), संजय भारती (हिन्दी दर्पण)।

फिजियोथेरेपिस्ट: डॉ बबलू कुमार, डॉ सुदीक्षा, डॉ. निशि सिंह, डॉ. पुलकित राज व डॉ. खुशी रानी.

शिक्षक: संतोष कांजीरमण, प्राचार्य, कुसुमराज मणियम पब्लिक स्कूल, शत्रुघ्न कुमार, प्राचार्य कुसुमराज पॉलिटेक्निक कॉलेज व डॉ. अरशद इमाम (शिक्षाविद)।

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बीसीए सीनियर मेंस वन डे ट्रॉफी में लगातार तीसरी जीत के साथ नालंदा बना मगध जोन चैंपियन, गया को 71 रन से हराया

नालंदा: बिहार क्रिकेट संघ के घरेलू सत्र 2025-26 के अंतर्गत आयोजित बीसीए सीनियर मेंस वन डे ट्रॉफी (मगध जोन) का खिताब नालंदा जिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने नाम कर लिया। शनिवार, 28 फरवरी 2026 को एसएससीसी खेल मैदान, पावापुरी में खेले गए छठे एवं अंतिम मुकाबले में नालंदा ने गया को 71 रनों से पराजित कर लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। नालंदा ने पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी बीसीए सीनियर मेंस वन डे ट्रॉफी 2025-26 मगध जोन का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम रखी।

मुकाबले में गया की टीम ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए नालंदा की टीम ने निर्धारित 45 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 256 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से अंकित राज ने शानदार 62 रनों की पारी खेली, जबकि कुश ने 56 रन और राजामनी ने 39 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा मनीष ने 28, लव ने 13 तथा कुंदन ने 10 रन बनाए। गया की ओर से गेंदबाजी में निक्कू और प्रीतम ने तीन-तीन विकेट हासिल किए, जबकि सागर और मुकेश को एक-एक सफलता मिली।

185 रनों पर सिमटी गया की टीम

257 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गया की टीम नालंदा के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 23.5 ओवर में 185 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। गया की ओर से सय्यद मोहम्मद शैफ ने सर्वाधिक 59 रन बनाए, जबकि मंगल ने 37, राजन ने 24, यशराज ने 20 और निक्कू ने 19 रनों का योगदान दिया।

नालंदा की ओर से गेंदबाजी में आदित्य राज और राजामनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन-तीन विकेट झटके। वहीं सुमन सौरभ ने दो विकेट तथा अंकित राज ने एक विकेट हासिल किया। बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए नालंदा के अंकित राज को मैन ऑफ द मैच पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पूर्व सीनियर क्रिकेटर सह नालंदा जिला क्रिकेट संघ के पूर्व पदाधिकारी संजय कुमार उर्फ पिंटू दा, क्रिकेट एसोसिएशन नालंदा के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार, सचिव गोपाल कुमार सिंह, पूर्व सचिव सैयद मोहम्मद जावेद इकबाल, कोषाध्यक्ष मनोरंजन कुमार, संयुक्त सचिव संजीव कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मुकाबले में अंपायरिंग की जिम्मेदारी बीसीए पैनल अंपायर राजीव कुमार एवं नीरज कुमार ने निभाई, जबकि बीसीए ऑब्जर्वर के रूप में केशव कुमार मौजूद रहे।

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PDCA सीनियर डिवीजन लीग में अधिकारी इलेवन और आरबीएनवाईएसी विजयी

पटना: अधिकारी मदन मोहन प्रसाद मेमोरियल पटना जिला सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग में शनिवार को खेले गए मुकाबलों में अधिकारी इलेवन और आरबीएनवाईएसी ने शानदार और एकतरफा जीत दर्ज कर अपनी ताकत का दमदार प्रदर्शन किया। अधिकारी इलेवन ने अदालतगंज सीसी को 191 रन से हराया, जबकि आरबीएनवाईएसी ने एलायंस सीसी को 166 रन से पराजित कर लीग में अपनी दावेदारी मजबूत कर ली। जेनेक्स क्रिकेट एकेडमी पर खेले गए मैच में अधिकारी इलेवन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अदालतगंज सीसी को 191 रन के बड़े अंतर से पराजित कर एकतरफा जीत दर्ज की।

अधिकारी इलेवन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 30 ओवर में 7 विकेट पर 345 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कुमार रजनीश ने 70 गेंदों पर 113 रन की विस्फोटक शतकीय पारी खेली, जिसमें 16 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। अमन अविनाश ने 48 गेंदों पर 82 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, जबकि सिकंदर फहाद ने 69 रन की जुझारू पारी खेली।

विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी अदालतगंज सीसी की टीम अधिकारी इलेवन की अनुशासित गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी और 29.4 ओवर में 154 रन पर सिमट गई। टीम की ओर से कप्तान सिकंदर फहाद ने 72 गेंदों पर 69 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन उन्हें अन्य बल्लेबाजों का पर्याप्त साथ नहीं मिला। गेंदबाजी में सचिन कुमार ने 4.4 ओवर में 31 रन देकर 3 विकेट झटके, जबकि कुमार रजनीश ने 4 ओवर में 13 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। विजेता टीम के कुमार रजनीश को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।

आरबीएनवाईएस बनाम एलायंस सीसी

मोइनुल हक स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में आरबीएनवाईएसी ने एलायंस सीसी को 166 रन के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरबीएनवाईएसी की टीम ने 35 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 283 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की जीत के नायक रहे विकाश कृष्णा, जिन्होंने 105 गेंदों पर 177 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 22 चौके और 10 छक्के शामिल रहे, जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

कप्तान इंद्रजीत कुमार ने 34 रन की जिम्मेदार पारी खेली, जबकि रौनित ने 28 रन और मनमोहन ने नाबाद 23 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुँचाया। मध्यक्रम ने साझेदारियाँ बनाकर रनगति को बनाए रखा। एलायंस सीसी की ओर से गेंदबाजी में अमन राज और मनीष मणि ने 2-2 विकेट लिए, जबकि कृष्णा गौरव ने भी दो सफलताएँ हासिल कीं, लेकिन वे रनगति पर नियंत्रण नहीं रख सके।

लक्ष्य का पीछा करते हुए एलायंस सीसी ढही

283 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी एलायंस सीसी की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए और दबाव से उबर नहीं सकी। पूरी टीम 30.4 ओवर में 117 रन पर सिमट गई। कप्तान अमन राज ने 45 गेंदों पर 47 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन अन्य बल्लेबाज टिक नहीं सके। अगास्त्य (15 रन) और मनु कुमार सिंह (नाबाद 12 रन) ही दोहरे अंक तक पहुँच सके।

आरबीएनवाईएसी की ओर से एमडी शाहबाज अनवर ने घातक गेंदबाजी करते हुए 7 ओवर में 30 रन देकर 4 विकेट झटके और विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उत्कर्ष धीरज कुमार ने 5 ओवर में मात्र 10 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि मनमोहन ने 2 विकेट लेकर जीत सुनिश्चित की। विजेता टीम के विकास कृष्णा को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया।

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