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Rinku Singh पर कभी बीसीसीआई ने लगाया था बैन, अब गुजरात टाइटंस के खिलाफ लगातार पांच छक्का जड़कर रातों-रात बनें स्टार; जानें कैसा रहा है रिंकू सिंह का सफर

आईपीएल 2023 (IPL 2023) का आगाज हो चुका है। शुरुआत के कुछ मैच में ही आईपीएल का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। इस आईपीएल में एक ऐसे खिलाड़ी ने अपनी गाथा लिखी है, जिसकी चर्चो पूरे विश्व क्रिकेट में शुरू हो गई है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं रिंकू सिंह (Rinku Singh) है। जिन्होंने पांच गेंदों पर पांच छक्के जड़कर कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत दिला और रातों-रात हीरो बन गए। उत्तर प्रदेश का यह सितारा जो आईपीएल 2023 में अपनी चमक बिखेर रहा है।

रिंकू सिंह ने पांच छक्का लगाकर मैच को पूरी तरह से पलट दिया और गुजरात टाइटंस को हराकर मुकाबले को जीत लिया। पांच गेंदों पर पांच छक्कें जड़ने के बाद रिंकू ने अपना नाम क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज करा लिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रिंकू सिंह ने जो मुकाम हासिल की वो काफी संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में अपने आप को निखरा है और आज यह मुकाम हासिल कर पाए हैं। आइए जानते हैं कैसे रिंकू सिंह बने सिक्सर किंग।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ रिंकू सिंह का जन्म

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 12 अक्टूबर 1997 को जन्में रिंकू सिंह का पढ़ाई में कुछ खास लगाव नहीं था। रिंकू के पिता चंद्र सिंह एलपीजी सिलेंडर बांटने का काम करते है। सिलेंडर डिलीवरी का काम करने वाले चंद्र सिंह का घर दो कमरों तक ही सिमिट था। रिंकू को बचपन से पढ़ाई में मन नहीं लगता था। बल्कि इससे उल्टा रिंकू का मन खेल में हमेशा लगा रहता था। इसके बावजूद भी रिंकू के माता-पिता ने कभी भी रिंकू को स्कूल भेजना बंद नहीं किया।

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रिंकू सिंह ने 10 से 11 साल में क्रिकेट को अच्छी तरह से समझ लिया था। रिंकू अपना अधिक समय क्रिकेट को देने लगे थे। रिंकू सिंह अपने पांच भाई-बहनों के साथ गोदाम के परिसर में दो रूम के कमरें में रहते थे। रिंकू सिंह बचपन से गरीबी के माहौल मे पले बढ़े। पिता गैस डिलीवरी का काम करते थे तो वहीं सबसे बड़ा भाई ऑटो रिक्शा चलाता था। जबकि उनका एक बड़ा भाई एक कोचिंग सेंटर में काम करता था।

कठिनाइयों से परिवार का पेट पालने वाले पिता ने रिंकू के कौशल को नहीं पहचाना

कठिनाइयों से परिवार का पेट पालने वाले पिता में इतनी समझ नहीं थी कि अपने बच्चों के कौशल को पहचान कर उन्हें सही रास्ता दिखाए। पढ़ाई में कमजोर होने के कारण के रिंकू का मन खेल से मानों लग सा गया था। जिससे उनके पिता हमेशा नाराज ही रहते थे। रिंकू के क्रिकेटर बनने की बात पर पिता ने कई बार नाराज होकर उनकी पिटाई भी की ऐसा सिर्फ उन्होंने परेशानी में किया।

एक पिता का ख्वाब होता है कि बेटा किसी तरह कुछ करके कमाने लग जाए। इसके अलावा रिंकू कहते है कि क्रिकेट खेलने के लिए उनको समर्थन भी घरवालों से मिला। जिससे मुझे उस जगह तक पहुंचने में मदद मिली, आज मैं जहां भी हूं।

Rinku Singh With His Family

रिंकू के पिता घर परिवार देखकर चलने वाले आदमी थे, उन्हें पता था कि घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इन सबके बावजूद रिंकू ने 2009 में क्रिकेट खेलने का मन बना लिया था। रिंकू के इसी लगन के कारण वो 2012 में यूपी के टीम में चुने गए। इसके बाद रिंकू सिंह का परिवार एक बार फिर तंगी से झूझने लगा। ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं होने के कारण रिंकू को झाड़ू पोछा लगाने का काम मिला। उन्हें नौकरी तो चाहिए थी लेकिन वह सफाई कर्मी बनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने मन बना लिया कि अब क्रिकेट में ही कुछ करूंगा।

रिंकू कहते हैं मैं इतना पढ़ा लिखा नहीं हूं कि पढ़ाई के आधार पर काम कर सकूं मैं केवल क्रिकेट ही है जो मुझे आगे बढ़ा सकता है और क्रिकेट के अलावा कोई विकल्प ही नहीं था। क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का कोई और रास्ता ही नहीं था। बड़े भाई की तरह पिता भी हर महीने 6 से ₹7000 कमाते थे। क्रिकेट करियर में उनके परिवार को गरीबी के बोझ से बाहर निकालने में मदद की।

रिंकू सिंह का क्रिकेट करियर

2012 में यूपी के टीम से खेलने के बाद रिंकू सिंह का बेहतरीन प्रदर्शन लगातार जारी रहा। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उत्तरप्रदेश के अंडर-19 और अंडर-23 टीम में जगह मिली। इसके अलावा उन्होंने अंडर-19 में सेंट्रल जोन का प्रतिनिधित्व भी किया। रिंकू सिंह ने महज 16 साल की उम्र में लिस्ट A  क्रिकेट में डेब्यू किया। उन्होंने पहले ही मैच में शानदार पारी में खेलते हुए 87 गेंदों में 84 रनों की पारी खेली।

सैय्यद मुस्ताक अली ट्रॉफी में 31 मार्च 2014 को विदर्भ के खिलाफ खेलते हुए अपने डेब्यू मैच में ही इन्होने 5 गेंदों पे तूफानी अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए तीन चौकों और दो गगनचुम्बी छक्कों की मदद से 24 रन बना दिए और दूसरी पारी में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 3 ओवर में 46 रन देकर एक विकेट भी लिया। इसके बाद उन्होंने 5 नवंबर 2016 को 18 वर्ष की उम्र में 2016-17 की रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया।

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इनके अच्छे प्रदर्शन का फायदा इन्हें आईपीएल के 2017 के सीजन में मिला। जब किंग्स एलेवेन पंजाब ने रिंकू सिंह को 10 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा। लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2018 के विजय हज़ारे ट्रॉफी के एक मैच में त्रिपुरा के विरूद्ध ताबड़तोड़ अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंद में नाबाद 91 रन बनाये और इसकी मदद से उन्हें 2018 में कोलकाता नाईट राइडर्स की टीम ने उन्हें 80 लाख रुपये में खरीदा। 2018 में रिंकू का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था।

2018 में अपने ख़राब प्रदर्शन के बाद रिंकू सिंह ने कोलकाता के बैटिंग मेंटर अभिषेक नायर के साथ समय बिताया और इसका फायदा उन्हें 2018-2019 के रणजी सीजन में भी हुआ और उन्होंने 10 पारियों में 953 रन बनाकर टूर्नामेंट के तीसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे जिसमे उन्होंने चार शतक लगाए थे (163*, 149, 149 और 150)।  रणजी ट्रॉफी में रिंकू ने 40 मैचों की 59 परियों में 59.89 की उम्दा औसत से 2875 रन बनाये हैं। रणजी ट्रॉफी में रिंकू का उच्चतम स्कोर 163 रन है।

बीसीसीआई ने 2019 में लगाया था बैन

साल 2019 में बीसीसीआई ने रिंकू सिंह को तीन महीनों का प्रतिबंध लगा दिया था। इस दौरान उनके क्रिकेट के करियर पर ब्रेक लग गया था। रिंकू सिंह ने बिना बीसीसीआई को जानकारी दिए अबुधाबी में एक टी-20 लीग में हिस्सा लिया था। जब इसकी जानकारी बीसीसीआई को लगी तो उन्होंने कड़ा एक्शन लेते हुए तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया। इस घटना के बाद रिंकू सिंह ने ऐसा कभी नहीं करने की ठानी। उसके बाद फिर रिंकू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

आईपीएल 2022 में रिंकू को मौके मिलने शुरू हो गए। पिछले साल रिंकू सिंह ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 15 गेंदों पर 40 रन बनाकर टीम को जीत के दहलीज पर पहुंचा दिए। लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 2 रनों से हार गई। जिसके बाद केकेआर की तरफ से लगातार मौके मिलने शुरू हो गए। जिसके बाद रिंकू के प्रदर्शन में भी निखार आने लगा। आईपीएल 2023 में 5 गेंदों में पांच छक्के जड़कर अपनी एक अलग पहचान बना ली है। इसके साथ ही आईपीएल के इतिहास में पांच लगातार गेंदों में पांच छक्के लगाने वाले पांचवे खिलाड़ी बन गए।

 

Written By- उपासना कुमारी

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कासा पिकोला स्कूल क्रिकेट लीग अंडर-12 में अभिनव की कप्तानी में अगस्त्या की धमाकेदार जीत, न्यूटन भी जीता

पटना: श्रीकृष्णा खेल मैदान, खेमनीचक में जारी कासा पिकोला स्कूल क्रिकेट लीग अंडर-12 टूर्नामेंट के दूसरे दिन मुकाबले जोश और रोमांच से भरपूर रहे। दिन के पहले मैच में अगस्त्या स्ट्राइकर्स ने एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज कर खाता खोला, जबकि दूसरे मुकाबले में न्यूटन विक्टर्स ने संघर्षपूर्ण जीत हासिल कर अपनी दावेदारी मजबूत की। दोनों मैचों में युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

पहला मैच

दिन के पहले मुकाबले में सुमित शर्मा स्पोर्ट्स एवेंजर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम की शुरुआत ठीक-ठाक रही और उत्कर्ष आनंद ने शानदार 48 रनों की पारी खेली। हालांकि, अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। टीम को अतिरिक्त के रूप में मिले 41 रनों की मदद से सुमित शर्मा स्पोर्ट्स एवेंजर्स ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 130 रन बनाए। अगस्त्या स्ट्राइकर्स के लिए अचिंत्य तेजस दिव्यांश ने 2, निखिल ने 1, तरुण सिंह ने 1 विकेट लिए।

जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी अगस्त्या स्ट्राइकर्स की टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। कप्तान अभिनव ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए नाबाद 59 रन बनाए। उनके साथ वेद नारायण (20) और अनमोल कुमार (नाबाद 20) ने अच्छा सहयोग दिया। अगस्त्या ने महज 16.1 ओवर में 1 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 9 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। अभिनव को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जिसका पुरस्कार सरदार पटेल स्पोटर्स फाउंडेशन के महासचिव संतोष तिवारी ने प्रदान किया।

दूसरा मैच

दिन के दूसरे मैच में महाविद्या योद्धास और न्यूटन विक्टर्स के बीच मुकाबला खेला गया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए योद्धास की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर सिर्फ 84 रन ही बना सकी। ओपनर शशांक शेखर ने 41 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके। टीम के स्कोर में 28 अतिरिक्त रन का अहम योगदान रहा। न्यूटन के लिए अनमोल राज ने 2, दिव्यांशु ने 1, एकलव्य भारद्वाज ने 1, प्रत्यय अमृत ने 1 विकेट चटकाए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूटन विक्टर्स की टीम की शुरुआत भी खास नहीं रही और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। हालांकि दीप (21), अभिराज अकेला (17) और अतिरिक्त 26 रनों की मदद से टीम ने 19.1 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत में अनमोल राज की गेंदबाजी अहम रही, जिन्होंने 2 विकेट लेकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मगध साइंस कोचिंग के एमडी विकास कुमार द्वारा दिया गया। महाविद्या के लिए वंश कुमार ने 2, कान्हा ने 1 और देवांश ने 1 विकेट चटकाए।

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यूनिटी कप U-16: सीनेट क्रिकेट क्लब की रोमांचक जीत, इमर्जिंग प्लेयर को 2 विकेट से हराया

पटना: राजधानी पटना के पंकज स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स (पीटमास मैदान) में The GamePlan Co के तत्वावधान में स्वर्गीय अरुण सिंह की स्मृति में आयोजित यूनिटी कप अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट के दसवें मुकाबले में सीनेट क्रिकेट क्लब ने रोमांचक मुकाबले में इमर्जिंग प्लेयर क्रिकेट एकेडमी को 2 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इमर्जिंग प्लेयर क्रिकेट एकेडमी की टीम 18.2 ओवर में 128 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। टीम की ओर से अभिषेक चौरसिया ने 27 रन की पारी खेली, जबकि रौशन (21 रन) और केशव कृष्ण (21 रन, 8 गेंद) ने उपयोगी योगदान दिया। सीनेट क्रिकेट क्लब की ओर से गेंदबाजी में अनिक कुमार और गोपाल रसल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-3 विकेट झटके। वहीं सुमित ने 1 विकेट हासिल कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

129 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सीनेट क्रिकेट क्लब की टीम ने संघर्षपूर्ण खेल दिखाया। टीम की ओर से राजा हिन्दुस्तानी ने 38 रन और अनुराग ने 29 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। इसके अलावा अनिक कुमार ने 17 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। इमर्जिंग प्लेयर क्रिकेट एकेडमी की ओर से गेंदबाजी में सरवन राज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट झटके और मैच को रोमांचक बना दिया। वहीं आयुष यादव और युवराज सिंह ने 1-1 विकेट हासिल किए।

मुकाबला अंतिम ओवर तक रोमांचक बना रहा, जहां सीनेट क्रिकेट क्लब ने 20.1 ओवर में 8 विकेट खोकर 129 रन बनाते हुए जीत अपने नाम कर ली। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन (3 विकेट और 17 रन) के लिए अनिक कुमार को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ सीनेट क्रिकेट क्लब ने टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

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कासा पिकोला स्कूल लीग का शानदार आगाज, अंडर-15 कैटेगरी में वीजीयू थंडरबोल्ट जीता

पटना, 22 मार्च। टर्निंग प्वाइंट के तत्वावधान में राजधानी पटना के खेमनीचक स्थित कृष्णा क्रिकेट ग्राउंड पर रविवार को कासा पिकोला स्कूल क्रिकेट लीग (अंडर-15 सीजन-6 और अंडर-12 सीजन-1) का शानदार आगाज हुआ। उद्घाटन मुकाबले में अंडर-15 कैटेगरी में वीजीयू थंडरबोल्ट ने जीत हासिल की। वीजीयू थंडरबोल्ट ने मानव रचना लायंस को 6 विकेट से हराया।

इस प्रतिष्ठित स्कूल क्रिकेट लीग के तहत अंडर-15 (सीजन-6) और अंडर-12 (सीजन-1) प्रतियोगिताओं की शुरुआत की गई।उद्घाटन समारोह में खिलाड़ियों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों की बड़ी संख्या मौजूद रही जिससे पूरे मैदान में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

उद्घाटन समारोह में कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, पटना नगर निगम की उपमेयर श्रीमती रेशमी चंद्रवंशी,बिहार प्लेयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी, कुम्हरार विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी श्री इंद्रदीप चंद्रवंशी, भाजपा क्रीड़ा प्रकोष्ठ के संयोजक सतीश राजू, कोषाध्यक्ष विकास सिंह, स्टेडियम के ऑनर अंजनी कुमार, लोकप्रिय शिक्षक विपिन कुमार की उपस्थिति से चार चांद लग किया। इन सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साह बढ़ाया। साथ ही आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए इस पहल को खेल विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

अतिथियों के प्रेरणादायक संबोधन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक फिटनेस बल्कि मानसिक मजबूती और अनुशासन भी सिखाता है। उन्होंने युवाओं से खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बनाए रखने की अपील की। उपमेयर रेशमी चंद्रवंशी ने कहा कि पटना में इस तरह के आयोजन शहर के खेल वातावरण को मजबूत करते हैं और बच्चों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देते हैं।

मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह लीग आने वाले समय में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सामने लाएगी, जो राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे। वहीं, इंद्रदीप चंद्रवंशी ने इसे समाज में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने वाली पहल बताया, जबकि सतीश राजू ने खिलाड़ियों को मेहनत और निरंतर अभ्यास के जरिए सफलता हासिल करने की सलाह दी।

बेहतर आयोजन और व्यवस्थाएं

कार्यक्रम के स्वागतकर्ता और टर्निंग प्वाइंट के डायरेक्टर विजय शर्मा ने शॉल ओढ़ा कर और स्मृति चिह्न समर्पित कर सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस लीग का उद्देश्य बच्चों को एक मजबूत प्लेटफॉर्म देना है, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए सरदार पटेल स्पोट्र्स फाउंडेशन के संरक्षक संतोष तिवारी ने कहा कि हमारा फाउंडेशन राज्य में खेलों के विकास के लिए प्रयास कर रहा है। टूर्नामेंटों का आयोजन कर प्रतिभाओं को मंच देने का पूरा प्रयास करता है। लीग संयोजक सुमित शर्मा ने कहा कि खिलाड़ियों की डिमांड पर इस बार अंडर-12 कैटेगरी की भी लीग की शुरुआत की गई है। आने वाले दिनों में अन्य कैटेगरी की शुरुआत करने पर विचार किया जा रहा है।

सरदार पटेल स्पोट्र्स फाउंडेशन के महासचिव सह इस लीग के आयोजन सचिव नवीन कुमार ने सबों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह लीग स्कूली स्तर पर क्रिकेट प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक मंच देने की दिशा में हम सबों का एक महत्वपूर्ण पहल है। हमारा उद्देश्य है कि छोटे स्तर से ही खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलें, ताकि वे भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय झा और संदीप पाटिल ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को रोचक और व्यवस्थित बनाए रखा।खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हिलोसिटी फिजियोथरेपी एंड रिहैब सेंटर द्वारा फिजियोथेरेपी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे खिलाड़ियों को तुरंत चिकित्सकीय सहायता मिल सके।

मैच रिपोर्ट

टॉस जीत कर पहले बैटिंग करते हुए मानव रचना लायंस ने निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट पर 148 रन बनाये। आर्यन सिंह ने 51 रन की पारी खेली। जवाब में वीजीयू थंडरबोल्ट ने 19.1 ओवर में चार विकेट पर 152 रन बना कर मैच अपने नाम कर लिया। आशीष ने नाबाद 70 रन बना कर टीम को जीत दिला दी। आयुष ने 34 रन की पारी खेली। विजेता टीम के आशीष को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।

संक्षिप्त स्कोर
मानव रचना लायंस : 20 ओवर में नौ विकेट पर 148 रन, आर्यन सिंह 51, केयान विनायक 11, प्रशांत कुमार 24, सचिन कुमार 11, अतिरिक्त 25, विश्वजीत आनंद 2/37, अभिनव राज 1/21,सुजल राज 2/21, नवीन 2/18.

वीजीयू थंडरबोल्ट : 19.1 ओवर में चार विकेट पर 152 रन, श्रेयांश कुमार 13, आशीष नाबाद 70, आयुष 34, अतिरिक्त 22, देवराज 1/18, गोलू 2/27, सचिन कुमार 1/23

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बिहार कैम्ब्रिज चैंपियन ट्रॉफी अंडर-13: डी.एस.ए. क्रिकेट एकेडमी की रोमांचक जीत, बीसीसीए रॉयल को 1 विकेट से हराया

पटना: बिहार कैम्ब्रिज क्रिकेट एकेडमी मैदान पर खेले गए बिहार कैम्ब्रिज चैंपियन ट्रॉफी अंडर-13 के लीग मुकाबले में डी.एस.ए. क्रिकेट एकेडमी ने रोमांचक खेल का प्रदर्शन करते हुए बीसीसीए रॉयल को 1 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मुकाबला अंतिम ओवर तक रोमांचक बना रहा।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बीसीसीए रॉयल की टीम 32 ओवर में 138 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। टीम की ओर से कप्तान प्रियंशु (07) ने 41 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि करण पटेल रंजन ने 21 रन और अन्य बल्लेबाजों ने छोटे-छोटे योगदान दिए। टीम को अतिरिक्त रनों (30) का भी फायदा मिला। डी.एस.ए. क्रिकेट एकेडमी की ओर से गेंदबाजी में राज डांगी और सार्थक सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-3 विकेट झटके। वहीं आशीष रंजन ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट हासिल किए, जिससे बीसीसीए रॉयल की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।

139 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी डी.एस.ए. क्रिकेट एकेडमी की टीम की शुरुआत लड़खड़ाती रही, लेकिन कप्तान रिटिक ने 40 रनों की जिम्मेदार पारी खेलकर टीम को संभाला। अंत के ओवरों में कौशिक राजपूत ने नाबाद 26 रनों की तेज पारी खेली और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। डी.एस.ए. की टीम ने 25.4 ओवर में 9 विकेट खोकर 139 रन बनाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। बीसीसीए रॉयल की ओर से गेंदबाजी में रोहित रंजन ने 3 विकेट, जबकि रुद्र कुमार और प्रियंशु ने 1-1 विकेट हासिल किए, लेकिन टीम जीत से चूक गई।

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