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जीएम ऑपरेशन रहते सबा करीम को बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी नजर नहीं आई।

पटना।  भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर व बीसीसीआई के पूर्व जीएम ऑपरेशन सबा करीम ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के क्रियाकलापों पर सवालिया निशान लगाया है। जिस पर पलटवार करते हुए बीसीए मीडिया कमेटी के संयोजक व प्रवक्ता कृष्णा पटेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

कृष्णा पटेल ने कहा कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के वर्तमान कमेटी ने सीमित संसाधन और वैश्विक महामारी जैसे प्राकृतिक आपदाओं की मार झेलने के बावजूद कई उपलब्धि हासिल की है जिसका प्रमाण यह है कि बिहार के लाल आज विश्व कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं।

वैश्विक महामारी के कारण खेल और खिलाड़ियों का सर्वाधिक नुकसान हुआ है इसमें कोई संदेह नहीं है।  क्योंकि केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार खेलकूद गतिविधियों का संचालन करने पर पूरी तरह से बंदिश लगा दी गई थी स्टेडियम व खेल मैदान में ताला जड़ दिया गया था।

इन सबके बावजूद बीसीए की वर्तमान कमेटी ने खेल और खिलाड़ियों के हित में कम समय में भी जो संभव हो सका उसमें बीसीए ने बिहार क्रिकेट लीग सहित घरेलू जोनल टी-20 मुकाबले करवाएं। 

उसके बाद बीसीसीआई के विभिन्न टूर्नामेंट में बिहार का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों का ओपन ट्रायल के माध्यम से चयन किया गया और मुस्ताक अली टी-20 सहित अन्य फॉर्मेट में बिहार की टीम ने संतोषजनक प्रदर्शन किया और आज रणजी ट्रॉफी में बिहार के खिलाड़ी ने विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिखाया अगर यह सब सबा करीम जी को बीसीए की उपलब्धि नजर नहीं आ रही है तो बीसीए क्या करेगी।

रही बात बिहार में क्रिकेट विकास को लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की तो मैं पूछना चाहता हूं सबा करीम जी से कि जिस बिहार ने आपको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और बिहार विभाजन के बाद उसी बिहार के क्रिकेटरों के साथ घोर अन्याय हो रहा था 18 साल तक खिलाड़ियों ने वनवास काटे तो उस समय क्या आपका फर्ज और दायित्व नहीं बनता था की बीसीए अथवा बिहार के खिलाड़ियों की हो रही हकमारी के खिलाफ आवाज बुलंद किया जाए फिर आपने ऐसा क्यों नहीं किया ?

  वैसे मैं पूछना चाहता हूं कि वर्ष 2018 में बिहार क्रिकेट संघ को मान्यता मिली और आप बीसीसीआई में जीएम ऑपरेशन थें उस समय बिहार के क्रिकेटरों के हित में बीसीए को नया स्वरूप देने के लिए आपने बीसीसीआई के सामने कौन सा प्रस्ताव रखा  ?

जीएम ऑपरेशन के क्षेत्राधिकार में विभिन्न राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट करने का विशेष अधिकार होता है तो मैं पूछना चाहता हूं की आपने बिहार के क्रिकेटरों के बेहतर भविष्य के लिए बीसीए को किस प्रकार का मदद बीसीसीआई से दिलाने का प्रयास किया?

आज आखिर कौन सी ऐसी वजह है जो एकाएक आपको बिहार के क्रिकेट का विकास की चिंता सताने लगी और खिलाड़ियों पर दया आने लगी है? आपकी बातों से हीं आज हमें बिहार क्रिकेट में किसी गंदी राजनीति की बू आने लगी है।

सच्चाई तो यह है इस जनाब को बिहार क्रिकेट और बिहारी क्रिकेटरों से कोई वास्ता नहीं है इसी कारण इन्होंने कभी भी बीसीए को मदद नहीं किया और आज बिहार क्रिकेट के विकास पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं और ऐसी हरकत कर बिहार क्रिकेट में एंट्री का ख्वाब देख रहे हैं।

इसी प्रकार से तोड़- जोड़ की राजनीति बीसीसीआई में किया करते थें जिसके कारण बीसीसीआई ने इनको जीएम ऑपरेशन के पद से मुक्त कर दिया है और रिटेन नहीं किया।

बिहार क्रिकेट का विकास और खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य का निर्माण करने में बीसीए परिवार पूरी तरह से सक्षम है इसमें किसी पैराशूटी लोगों का सहयोग और सलाह की आवश्यकता नहीं। जिन जिला संघ के पदाधिकारियों ने विगत 20 वर्षों से बिहार में क्रिकेट को जीवंत रखा है उन सारे लोगों में बिहार में क्रिकेट का विकास करने की असीम क्षमता है।

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पटना में ‘खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी’ का भव्य उद्घाटन 23 जनवरी को, युवा खिलाड़ियों के सपनों को मिलेगा पंख

पटना: क्रिकेट के प्रति जुनून रखने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए पटना से एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। दीघा क्षेत्र में खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी का भव्य उद्घाटन 23 जनवरी 2026 को दोपहर 3 बजे से किया जाएगा। इस अकादमी की स्थापना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को आधुनिक और प्रोफेशनल प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें बेहतर और सफल क्रिकेटर के रूप में तैयार करना है।

उद्घाटन से पहले ही अकादमी में एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। खिलाड़ियों के लिए एडमिशन फीस मात्र 3500 रुपये रखी गई है, जबकि मासिक शुल्क 2000 रुपये निर्धारित किया गया है, ताकि आर्थिक रूप से भी खिलाड़ियों पर अधिक बोझ न पड़े और ज्यादा से ज्यादा युवा इस अवसर का लाभ उठा सकें। सीमित सीटों को देखते हुए प्रबंधन ने इच्छुक खिलाड़ियों से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की है।

खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी में खिलाड़ियों को प्रोफेशनल क्रिकेट कोचिंग, स्किल और फिटनेस ट्रेनिंग, मैच प्रैक्टिस तथा तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। अकादमी में सभी आयु वर्ग के खिलाड़ियों का स्वागत है। प्रशिक्षण सत्र अनुभवी और योग्य कोचों की देखरेख में संचालित होंगे, जिससे खिलाड़ियों के खेल में तकनीकी मजबूती के साथ-साथ मानसिक विकास भी हो सके।

अकादमी के वरिष्ठ कोच प्रवीण कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनके साथ एनआईएस कोच और अन्य अनुभवी प्रशिक्षक भी जुड़े रहेंगे। खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस वातावरण में अभ्यास का अवसर मिलेगा। अकादमी में टर्फ विकेट पर अभ्यास, फिटनेस ट्रेनिंग, वन-ऑन-वन एडवांस कोचिंग, और इंटर-स्टेट मैच एक्सपोजर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसके अलावा खिलाड़ियों को दुधिया रोशनी (नाइट प्रैक्टिस) में अभ्यास करने की सुविधा भी दी जाएगी। अकादमी में बॉलिंग मशीन की व्यवस्था है, जिसमें गेंद की गति 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी, जिससे बल्लेबाजों को तेज गेंदबाजी का वास्तविक अनुभव मिल सके। प्रशिक्षण के लिए यहां 3 सिमेंटेड विकेट और 5 टर्फ विकेट तैयार किए गए हैं, जबकि गेंदबाजों के लिए अलग और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी तय किए गए हैं।

अकादमी प्रबंधन का कहना है कि “हर सपना हकीकत बने” इसी सोच के साथ यह पहल शुरू की गई है, ताकि पटना और आसपास के प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें। खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी उन सभी उभरते खिलाड़ियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो क्रिकेट को अपना भविष्य बनाना चाहते हैं और सही दिशा व मार्गदर्शन की तलाश में हैं।

खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी से जुड़ी जानकारी और एडमिशन प्रक्रिया के लिए इच्छुक खिलाड़ी कोच प्रवीण कुमार सिन्हा (मो. 6206081260) और कोच प्रभात कुमार (मो. 9939089666) से संपर्क कर सकते हैं।

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तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर आदित्य वर्मा की मांग, निगरानी विभाग से हो आगे की जांच

पटना: बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। बिहार के डीजीपी के आदेश पर पुलिस महानिरीक्षक, केंद्रीय प्रक्षेत्र, पटना द्वारा सिटी एसपी (पश्चिमी) के नेतृत्व में गठित त्रिसदस्यीय जांच समिति ने बीसीए से जुड़ी दो एफआईआर में फिर से जांच (पुनः अनुसंधान) की अनुशंसा की है। यह समिति आदित्य वर्मा के आवेदन पर गठित की गई थी।

जांच समिति ने पाया कि बिहार क्रिकेट संघ के खिलाफ दर्ज तीन मामलों में से दो मामलों की जांच ठीक से नहीं की गई है। इनमें पहला मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 49/23 से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि बाहरी राज्यों के खिलाड़ियों से मोटी रकम लेकर उन्हें फर्जी या गलत पते पर बने डोमिसाइल प्रमाण पत्र के जरिए “बिहारी खिलाड़ी” दिखाकर बीसीसीआई के मैचों में खिलाया गया।

इस मामले में पैसों के लेन-देन से जुड़ा एक ऑडियो भी पेन ड्राइव में दिया गया था, लेकिन जांच के दौरान उसकी पड़ताल नहीं की गई। समिति ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोबारा जांच की सिफारिश की है। इस कांड में राकेश कुमार तिवारी, दिलीप सिंह, सिद्धार्थ राज सिन्हा, विष्णु शंकर, अनंत प्रकाश सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ फिर से जांच करने की बात कही गई है।

दूसरा मामला एसके पुरी थाना कांड संख्या 337/24 से संबंधित है। यह मामला बीसीए के कोषाध्यक्ष की मृत्यु के बाद बैंक खातों से रुपये की निकासी और ट्रांसफर से जुड़ा है। आरोप है कि नए कोषाध्यक्ष की नियुक्ति के बाद भी मृत कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर बैंक से बड़ी रकम ट्रांसफर की गई और एक लाख रुपये नकद निकाले गए। समिति ने इस मामले की जांच में कई गंभीर कमियां पाईं और इसे भी दोबारा जांच के योग्य बताया है। इस कांड में बैंक अधिकारियों, राकेश कुमार तिवारी और लेखापाल मनीष कुमार के खिलाफ पुनः अनुसंधान की सिफारिश की गई है।

इस मामले को लेकर आदित्य वर्मा ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर जारी बयान में आदित्य वर्मा ने कहा है कि दोनों मामलों के मुख्य आरोपी राकेश कुमार तिवारी हैं, जो भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने इस वजह से देश के माननीय गृह मंत्री, बिहार के गृह मंत्री और बिहार के पुलिस महानिदेशक से इन मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। यह मामला अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है और जांच दोबारा शुरू होने की सिफारिश के बाद बीसीए की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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कैम्ब्रिज विंटर कप के दूसरे लीग मैच में कैम्ब्रिज ग्रीन की दमदार जीत, कैम्ब्रिज रॉयल को 91 रनों से हराया

पटना: बिहार कैम्ब्रिज क्रिकेट अकादमी मैदान पर खेले जा रहे कैम्ब्रिज विंटर कप का रोमांच अपने चरम पर है। टूर्नामेंट के दूसरे लीग मैच में कैम्ब्रिज ग्रीन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कैम्ब्रिज रॉयल को 91 रनों से पराजित कर प्रतियोगिता में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। आर्यन राज को शानदार शतकीय पारी के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।

टॉस जीतकर कैम्ब्रिज रॉयल ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन यह निर्णय उनके लिए अनुकूल साबित नहीं हुआ। बल्लेबाजी करने उतरी कैम्ब्रिज ग्रीन की टीम ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए 37.3 ओवर में सभी विकेट खोकर 335 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

कैम्ब्रिज ग्रीन की ओर से कप्तान आर्यन राज ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 70 गेंदों पर 120 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। उनकी इस पारी में 20 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। इसके अलावा अंकुश यादव ने 69 रन, अवधेंद्र कुमार ने 35 रन और गौरव कुमार ने 55 रनों की उपयोगी पारियां खेलीं। टीम को एक्स्ट्रा के रूप में 57 रन भी मिले। कैम्ब्रिज रॉयल की ओर से गेंदबाजी में अमन राज और गौरव कुमार ने 3-3 विकेट लिए, जबकि कप्तान प्रतीश को 2 सफलता मिली।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैम्ब्रिज रॉयल की टीम ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन बड़े लक्ष्य के दबाव में नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। टीम 33.3 ओवर में 244 रन पर सिमट गई। बल्लेबाजी में गौरव कुमार ने 55 रन, मानिकांत कुमार ने 38 रन और कप्तान प्रतीश ने 42 रनों का योगदान दिया, लेकिन टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके।

कैम्ब्रिज ग्रीन की ओर से गेंदबाजी में ओजैर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6.3 ओवर में 4 विकेट झटके। वहीं अमन राज और गौरव कुमार ने 3-3 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इस तरह कैम्ब्रिज ग्रीन ने 91 रनों से बड़ी जीत दर्ज करते हुए कैम्ब्रिज विंटर कप के दूसरे लीग मैच में अपना दबदबा कायम किया।

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कैम्ब्रिज विंटर कप का शानदार आगाज, कैम्ब्रिज रेड ने कैम्ब्रिज ब्लू को 101 रनों से हराया

पटना: बिहार कैम्ब्रिज क्रिकेट अकादमी मैदान पर खेले गए कैम्ब्रिज विंटर कप (लीग मैच) का आगाज बेहद रोमांचक रहा, जहां उद्घाटन मुकाबले में कैम्ब्रिज रेड ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कैम्ब्रिज ब्लू को 101 रनों से करारी शिकस्त दी। रोहित राज को शानदार हरफनमौला खेल के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।

टॉस जीतकर कैम्ब्रिज ब्लू ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो उनके लिए भारी पड़ गया। बल्लेबाजी करने उतरी कैम्ब्रिज रेड की टीम ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए 39.3 ओवर में सभी विकेट खोकर 340 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कैम्ब्रिज रेड की ओर से रविश राज ने शानदार शतक जड़ते हुए 58 गेंदों पर 109 रन बनाए। उनकी इस विस्फोटक पारी में 16 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। इसके अलावा रोहित राज ने 60 रन, सागर सिंह ने 54 रन और शुभम (शिवम 9) ने 43 रनों की अहम पारियां खेलीं।

टीम को एक्स्ट्रा के रूप में भी 85 रन मिले, जिसने स्कोर को और मजबूत किया। कैम्ब्रिज ब्लू की ओर से प्रियांशु सिंह ने 3 विकेट, जबकि आदित्य कुमार और शुभम कुमार ने 2-2 विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैम्ब्रिज ब्लू की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने शुरुआती ओवरों में ही अहम विकेट गंवा दिए। हालांकि रविश राज ने एक छोर संभालते हुए शानदार बल्लेबाजी की और 58 गेंदों पर 109 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाजों का साथ नहीं मिल सका। पूरी टीम 31.2 ओवर में 239 रन पर सिमट गई।

कैम्ब्रिज रेड की ओर से गेंदबाजी में संतोष यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 ओवर में 4 विकेट झटके। वहीं आबिद ने 3 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इस तरह कैम्ब्रिज रेड ने 101 रनों से बड़ी जीत दर्ज करते हुए कैम्ब्रिज विंटर कप में शानदार आगाज किया और खिताब की मजबूत दावेदारी पेश की।

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