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ज्ञान सरिता पब्लिक स्कूल, शिशोडीह, दरभंगा द्वारा आयोजित वार्षिक प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण सह सम्मान समारोह आयोजित

शिक्षा के बिना मानव जीवन अधूरा है। इससे लोगों में आत्मविश्वास, आत्मसम्मान तथा कार्यक्षमता बढ़ती है। शिक्षित होकर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में बहुत कुछ हासिल कर सकता है। यह व्यक्ति में छुपी हुई प्रतिभा तथा कुशलता को जगाती है। शिक्षा से ही हमारे चरित्र का निर्माण तथा व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास संभव है। यह व्यक्ति को अपने कर्तव्यों एवं अधिकारों के प्रति जागरूक करती है। 

उक्त बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग के प्राध्यापक डा आर एन चौरसिया ने शीशोडीह में ज्ञान सरिता पब्लिक स्कूल द्वारा आयोजित वार्षिक प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण सह सम्मान- समारोह का फीता काटकर उद्घाटन करते हुए कही।

डा चौरसिया ने कहा कि बेहतरीन शिक्षा हर सफलता की एकमात्र कुंजी तथा विकास व खुशहाली का मूल आधार है। शिक्षा समाज में निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जो मानव को सभ्य, योग्य एवं संवेदनशील बनाती है। जन-जन को शिक्षित बनाकर ही खुशहाल समाज तथा विकसित राष्ट्र के सपनों को साकार किया जा सकता है।

मुख्य अतिथि के रूप में प्रमुख, सदर प्रखंड, दरभंगा शंभू कुमार साहू ने कहा कि प्रतियोगिताओं के आयोजन से बच्चों की प्रतिभाओं में निखार आता है। संस्कार घर तथा विद्यालय से ही प्राप्त होता है। खेलना बच्चों के लिए बहुत जरूरी है। ज्ञान सरिता पब्लिक स्कूल निम्न मध्यमवर्गीय परिवार के लिए भी सुलभ है। मुख्य वक्ता के रूप में शिशो पश्चिम के सरपंच मतलूब आलम खान ने कहा कि इस विद्यालय से बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल रही है। वार्षिक प्रतियोगिता से वर्ष भर की तैयारी का पता चलता है। मंच पर आने से बच्चे खुश होकर तरक्की की ओर बढ़ते हैं। आज प्रतियोगिता के समय में माता- पिता को भी बच्चों के लिए समय देना जरूरी है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में प्लस टू उच्च विद्यालय, कोयलास्थान, दरभंगा की विज्ञान- शिक्षिका डा अंजू कुमारी ने कहा कि शिक्षा से ही बच्चों का संपूर्ण विकास होता है और वे भविष्य के अच्छे नागरिक बन सकते हैं। यद्यपि आज शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है, पर आज भी बहुत से बच्चे इस अधिकार से वंचित हैं, जिनपर हम सब को ध्यान देने की जरूरत है। शिक्षा से ही समाज और राष्ट्र का विकास संभव है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही बच्चों के सपनों को पंख लग सकते हैं। डा अंजू ने प्रसन्नता व्यक्त की कि विद्यालय के सभी शिक्षक तत्पर एवं संवेदनशील हैं। वहीं बच्चे भी मेहनती और प्रसन्नचित्त हैं।

अध्यक्षीय संबोधन में विद्यालय के प्राचार्य अमरनाथ साह ने कहा कि शिक्षा से हमारे जीवन में ज्ञान का प्रसार होता है और बुद्धि का विकास भी। यह हमें जीवन के कठिन समय में भी चुनौतियों से सामना करने में सहायता करती है। रोजी- रोजगार के लिए शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा रूपी धन बांटने से लगातार बढ़ता ही है। विद्यालय परिवार निरंतर शिक्षा दान में तत्पर रहेगा। उन्होंने समारोह में शामिल अतिथियों, अभिभावकों एवं बच्चों को साधुवाद देते हुए विद्यालय के विकास में सहयोग की अपील की।

सम्मानित अतिथि के रूप में शीशो पूर्वी के मुखिया बजरंगबली दास ने कहा कि इस विद्यालय से गांव में अच्छा वातावरण बना है। मुझे खुशी हो रही है कि बच्चे प्रतियोगिताओं एवं खेलकूद में भी अच्छा कर रहे हैं। उन्होंने खेलकूद को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर बताते हुए माता- पिता से भी अपने बच्चों के लिए समय देने की अपील की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में शिशो पश्चिमी के मुखिया अजय कुमार ठाकुर ने कहा कि पढ़ाई एवं खेलकूद प्रतियोगिता में भी विद्यालय के बच्चे निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। यहां के शिक्षक मेहनती एवं विद्यार्थी प्रतिभावान हैं। हमलोग भी विद्यालय को पूरा सहयोग करेंगे।

विशिष्ट वक्ता के रूप में शिशो पूर्वी के सरपंच रामबाबू दास ने कहा कि विद्यालय द्वारा बच्चों का सम्मान करना सराहनीय है। गांव में भी इस विद्यालय के द्वारा कम खर्च में अच्छी शिक्षा दी जा रही है, जिसका लाभ आसपास के बच्चों को मिल रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पवन कुमार निराला ने कहा कि बच्चे गीली मिट्टी के समान होते हैं, जिनमें शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा उत्तम संस्कार भरते हैं। शिक्षा पाकर ही बच्चे जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं।

इस अवसर पर डा आर एन चौरसिया, शंभू कुमार साहू तथा डा अंजू कुमारी को शिक्षा के क्षेत्र में अतुल्य योगदान के लिए फूल- माला, पाग- चादर एवं मोमेंटो आदि से सम्मानित किया गया। वहीं विद्यालय द्वारा आयोजित 40 वार्षिक प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 121 बच्चों को अतिथियों के हाथों पुरस्कृत किया गया।

समारोह का प्रारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।हर्षित राज के कुशल संचालन में आयोजित समारोह में अतिथियों का स्वागत फूल- माला से किया गया। स्वागतगान विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया।विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्षा अंशु कुमारी ने अतिथि स्वागत किया, जबकि शिक्षिका राखी झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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पटना में 26 जनवरी को WPL ‘स्पीड क्वीन’ का ट्रायल, महिला क्रिकेटरों को मिलेगा नया मुकाम

पटना: महिला क्रिकेट के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए TATA WPL (महिला प्रीमियर लीग) ‘स्पीड क्वीन’ ट्रायल का आयोजन पटना में किया जा रहा है। यह ट्रायल 26 जनवरी 2026 (सोमवार) को सुबह 9 बजे से स्पोर्ट्स पार्क, 22 यार्ड, संपतचक (उषा मार्टिन स्कूल के पास) आयोजित होगा।

यह आयोजन देश के छोटे और उभरते शहरों की प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा और सुनहरा अवसर माना जा रहा है।

छोटे शहरों तक पहुँचा WPL का बड़ा मंच

अब तक ऐसे हाई-प्रोफाइल ट्रायल आमतौर पर बड़े महानगरों तक सीमित रहते थे, लेकिन पटना जैसे शहर में WPL स्पीड क्वीन ट्रायल का आयोजन यह दर्शाता है कि महिला क्रिकेट का भविष्य अब ग्रामीण, अर्ध-शहरी और छोटे शहरों तक तेज़ी से फैल रहा है।

यह पहल खासकर उन बेटियों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो संसाधनों की कमी के कारण अब तक बड़े मंच तक नहीं पहुँच पाती थीं।

तेज गेंदबाजों को मिलेगा राष्ट्रीय पहचान का मौका

‘WPL स्पीड क्वीन’ ट्रायल का मुख्य उद्देश्य अंडर-19 और अंडर-23 आयु वर्ग की महिला तेज गेंदबाजों की खोज करना है। चयनित खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी स्काउट्स, अनुभवी कोचों और चयनकर्ताओं के सामने अपनी गति, स्विंग और स्किल दिखाने का मौका मिलेगा, जिससे उनके लिए WPL और भविष्य में राष्ट्रीय टीम तक पहुँचने का रास्ता खुल सकता है।

बेटियों के सपनों को मिलेंगे पंख

पटना में इस आयोजन को लेकर महिला खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। यह ट्रायल न सिर्फ क्रिकेटिंग टैलेंट को निखारने का मंच बनेगा, बल्कि बेटियों को आत्मविश्वास, पहचान और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा।

महिला क्रिकेट की मजबूत होगी नींव

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ट्रायल महिला क्रिकेट को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में पटना और बिहार जैसे राज्यों से कई “स्पीड क्वीन” निकलकर भारतीय महिला क्रिकेट में अपनी खास पहचान बनाएँगी।

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पटना में खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी का भव्य उद्घाटन, स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण

पटना: क्रिकेट के प्रति जुनून रखने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए राजधानी पटना से एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। दीघा क्षेत्र में खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी का भव्य उद्घाटन 23 जनवरी 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह में खेल, शिक्षा और समाज से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जनार्दन शर्मा उर्फ जोगी जी, डॉ. राजू भट्ट, वरीय उपाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ भोजपुर, पवन शर्मा (विधानसभा कर्मी) मौजूद रहे। वहीं गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में समीर खान, सावित्री देवी, विद्या भूषण पांडेय, दीपक कुमार, जितेंद्र कुमार और विश्वनाथ सिंह ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

अकादमी के उद्घाटन समारोह में सीनियर खिलाड़ियों की भी विशेष मौजूदगी रही, जिनमें सुरेश मिश्रा, संजीव त्रिवेदी, आलोक कुमार, रवि प्रकाश, अजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार, ऋषि राज, राजेश कुमार, अमर कुमार, अंकित कुमार, कुमुद रंजन और अखिलेश अकेला शामिल रहे। इसके अलावा अभिभावकों के रूप में सुभाष जी, नलिन बिहारी, मुकेश कुमार, शिव कुमार और अलख निरंजन भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी की स्थापना का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आधुनिक और प्रोफेशनल क्रिकेट प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें बेहतर और सफल क्रिकेटर के रूप में तैयार करना है। अकादमी में खिलाड़ियों को प्रोफेशनल कोचिंग, स्किल और फिटनेस ट्रेनिंग, मैच प्रैक्टिस और तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

अकादमी में प्रशिक्षण वरिष्ठ कोच प्रवीण कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में दिया जाएगा। उनके साथ एनआईएस कोच और अन्य अनुभवी प्रशिक्षक भी जुड़े हुए हैं। खिलाड़ियों के लिए यहां टर्फ विकेट पर अभ्यास, फिटनेस ट्रेनिंग, वन-ऑन-वन एडवांस कोचिंग और इंटर-स्टेट मैच एक्सपोजर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

अकादमी में नाइट प्रैक्टिस (दुधिया रोशनी) की सुविधा भी मौजूद है। साथ ही बॉलिंग मशीन की व्यवस्था की गई है, जिसमें 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाली जा सकती है। अभ्यास के लिए यहां 3 सिमेंटेड विकेट और 5 टर्फ विकेट तैयार किए गए हैं, जबकि गेंदबाजों के लिए अलग से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी तय किए गए हैं।

उद्घाटन समारोह के दौरान अकादमी प्रबंधन ने बताया कि एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। खिलाड़ियों के लिए एडमिशन शुल्क 3500 रुपये और मासिक शुल्क 2000 रुपये रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक युवा खिलाड़ी इस अवसर का लाभ उठा सकें। खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी का उद्घाटन पटना के क्रिकेट प्रेमियों और उभरते खिलाड़ियों के लिए एक नई उम्मीद और मजबूत मंच साबित होगा।

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दीपक कुमार बने छपरा जिला सॉफ्टबॉल क्रिकेट संघ के नए सचिव

छपरा, सारण: छपरा जिले के खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण खबर आई है। जिले के सक्रिय खेल प्रेमी और सॉफ्टबॉल क्रिकेट में लंबे समय से जुड़े दीपक कुमार को छपरा जिला सॉफ्टबॉल क्रिकेट संघ का सचिव मनोनीत किया गया है। दीपक कुमार के सचिव बनने की खबर से जिले के खिलाड़ियों, खेल पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों में हर्ष का माहौल है।

खेल प्रशासन और खिलाड़ियों के साथ उनके बेहतर समन्वय और अनुभव को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में जिले में सॉफ्टबॉल क्रिकेट को नई दिशा मिलेगी। इस अवसर पर दीपक कुमार ने कहा, “मैं जिले में सॉफ्टबॉल क्रिकेट के विकास, खिलाड़ियों के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करूंगा।”

जिला खेल संघ के पदाधिकारियों ने भी विश्वास जताया कि दीपक कुमार के मार्गदर्शन में छपरा सॉफ्टबॉल क्रिकेट संघ नई ऊँचाइयों को छूएगा और स्थानीय खिलाड़ियों को अवसर मिलने में मदद मिलेगी। यह मनोनयन जिले के खेल समुदाय के लिए उत्साह और उम्मीद की नई लहर लेकर आया है, जिससे यह क्षेत्र भविष्य में खेल गतिविधियों के लिए एक मजबूत मंच बन सकेगा।

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ISPL ने दिव्य दौड़ – चैप्टर 2 आयोजित किया, दिव्यांग प्रतिभागियों ने दिखाई प्रेरक खेल भावना

पटना, 24 जनवरी: दिव्यांगजनों के आत्मबल, समान अवसर और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वर्ग संस्था और ISPL द्वारा आयोजित “दिव्य दौड़ – चैप्टर 2” आज उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस आयोजन का मकसद दिव्यांग प्रतिभागियों में खेल भावना, आत्मनिर्भरता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना था।

कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति, अनुशासन और उत्साह से सभी को प्रेरित किया। 0-12 वर्ष वर्ग में कुणाल पांडे ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अंश राज और आनंद कुमार क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। 13-17 वर्ष वर्ग में विनय कुमार ने पहला स्थान हासिल किया, सूरज कुमार दूसरे और बंटी तीसरे स्थान पर रहे। 18 वर्ष से अधिक वर्ग में विवेक कुमार प्रथम, नागमणि कुमार द्वितीय और अमित कुमार तृतीय स्थान पर रहे।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ पूर्व निशक्त आयुक्त डॉ. शिवाजी कुमार, कर्नल एस. के. सिंह और संस्था के अध्यक्ष श्री निर्मल मिश्रा ने फ्लैग ऑफ कर किया। दौड़ के दौरान प्रतिभागियों की सुरक्षा, मार्गदर्शन और चिकित्सा सहायता की पूर्ण व्यवस्था की गई थी।

मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती सीता साहू और विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री दामोदर प्रसाद जी ने प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि “दिव्य दौड़” जैसे आयोजन समाज में समावेशन की भावना को मजबूत करते हैं और दिखाते हैं कि अवसर मिलने पर दिव्यांगजन हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

संस्था के अध्यक्ष श्री निर्मल मिश्रा ने बताया कि ऐसे आयोजन नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि दिव्यांगजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। संस्था के सचिव श्री राकेश कुमार ने कार्यक्रम की सफलता में अतिथियों, स्वयंसेवकों, सहयोगी संस्थाओं, प्रायोजकों, स्थानीय प्रशासन और मीडिया का धन्यवाद किया।

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