पटना: राष्ट्रीय खेल दिवस एवं महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर क्रीड़ा भारती, पटना महानगर द्वारा शनिवार को खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों के सम्मान में विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रेमचंद्र रंगशाला, राजेंद्र नगर, पटना में दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक किया गया। इस अवसर पर बिहार एवं देश का नाम रोशन करने वाले विभिन्न खेलों के प्रतिभावान खिलाड़ियों तथा उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय खेल दिवस महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। यह दिवस देश में खेलों के महत्व, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी क्रम में क्रीड़ा भारती, पटना महानगर द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के योगदान को सम्मान दिया गया। आयोजन के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतिश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि खेल ऐसी शक्ति है, जो समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का काम करती है। खेल के माध्यम से लोगों में टीम भावना, अनुशासन और सहयोग की भावना विकसित होती है। खिलाड़ी जाति और धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि टीम भावना के साथ खेलता है।
उन्होंने कहा कि अब वह समय नहीं रहा जब खेल प्रतिभाओं का जन्म केवल बड़े और महंगे शहरों तक सीमित माना जाता था। बिहार सहित पूरे देश में छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आ रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की पहल से युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।
नीतिश मिश्रा ने कहा कि ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ जैसी सरकारी पहल खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। ऐसी योजनाओं से खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन मिलता है और खेल को करियर के रूप में अपनाने वाले युवाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में क्रीड़ा भारती के क्षेत्र संगठन मंत्री उमेश जी ने कहा कि क्रीड़ा भारती विचार और क्रांति के मूल सिद्धांतों के साथ कार्य करने वाला संगठन है। खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता और प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने और उनके व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी साधन भी है। खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर और मंच देकर स्पोर्ट्स इकोनॉमी को विकसित किया जा सकता है तथा खेलों को रोजगार और आर्थिक विकास से जोड़ा जा सकता है।

उमेश जी ने कहा कि क्रीड़ा भारती का उद्देश्य देश में खेल संस्कृति को मजबूत करना और युवाओं को खेलों के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और समाज के विभिन्न वर्गों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह मोहन जी, दीघा के विधायक सह विधानसभा के मुख्य सचेतक डॉ. संजीव चौरसिया, कुम्हरार के विधायक संजय गुप्ता, क्रीड़ा भारती दक्षिण बिहार के अध्यक्ष रविरंजन, क्रीड़ा भारती पटना महानगर के अध्यक्ष अंजनी कुमार, भाजपा के प्रदेश महामंत्री प्रति शेखर तथा कार्यक्रम के संयोजक प्रिंस राज सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने खेलों के महत्व, खिलाड़ियों के सम्मान और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का मंच संचालन कार्यक्रम के संयोजक हिमांशु हरी ने किया। कार्यक्रम के अंत में क्रीड़ा भारती, पटना महानगर के अध्यक्ष अंजनी कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर क्रीड़ा भारती, पटना महानगर की ओर से 29 अगस्त से 11 सितंबर 2026 तक खेल पखवाड़े का आयोजन भी शुरू किया गया। खेल पखवाड़े की शुरुआत राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर की गई है। इसके माध्यम से खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा समाज में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
आयोजन की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय खेल दिवस खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के योगदान को सम्मान देने तथा युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। खिलाड़ियों की सफलता में उनके प्रशिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से खेल के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों के प्रयासों को सम्मान और पहचान देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित किया जा सकता है।
क्रीड़ा भारती, पटना महानगर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में खेल प्रतिभाओं एवं उनके प्रशिक्षकों के सम्मान के साथ 29 अगस्त से शुरू हुए खेल पखवाड़े के माध्यम से खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।





