पटना: संदलपुर स्थित प्लीजेंट वैली स्कूल में 28 अप्रैल से बिहार राज्य अंडर-7 बालक एवं बालिका शतरंज प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हो गया। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न जिलों से आए नन्हे खिलाड़ी अपनी बौद्धिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं।
पहले दिन खेले गए दो चक्रों की समाप्ति के बाद बालक वर्ग में दो अंक लेकर सहरसा के छह वर्षीय फिडे रेटेड खिलाड़ी रुद्र प्रताप और पटना के द्वितीय वरीयता प्राप्त खिलाड़ी भव्यांश अनन्तजित समेत कुल नौ खिलाड़ी संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं, जिससे प्रतियोगिता में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
वहीं बालिका वर्ग में बांका की प्रिशा शुक्ला, भोजपुर की आव्या श्रीवास्तव तथा पटना की अधीरा और अन्वी दो-दो अंकों के साथ संयुक्त रूप से बढ़त बनाए हुए हैं। डेढ़ अंकों के साथ मुजफ्फरपुर की समायरा और पटना की आद्या सागर दूसरे स्थान पर चल रही हैं।

इससे पूर्व प्रतियोगिता का उद्घाटन सुबह 11 बजे मुख्य अतिथि अखिल बिहार शतरंज संघ के अध्यक्ष दिलजीत खन्ना और प्लीजेंट वैली स्कूल के निदेशक ललन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के अवसर पर दोनों अतिथियों ने नन्हे खिलाड़ियों के साथ शतरंज की बिसात पर चाल चलकर प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की।
इस प्रतियोगिता में राज्य के 18 जिलों से कुल 55 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। 30 अप्रैल तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के आधार पर चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए दिलजीत खन्ना ने कहा कि अखिल बिहार शतरंज संघ राज्य के युवा खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और उनके विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। वहीं, विद्यालय के निदेशक ललन कुमार सिंह ने खेल, विशेषकर शतरंज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक चंद्रशेखर आजाद, अखिल बिहार शतरंज संघ के उपाध्यक्ष जय प्रकाश सिन्हा, संयुक्त सचिव शिवप्रिय भारद्वाज, मुख्य निर्णायक शशिनंद कुमार, उप मुख्य निर्णायक मनीष कुमार, अंतरराष्ट्रीय निर्णायक आलोक प्रियदर्शी एवं सहायक निर्णायक जाह्नवी राज सहित विद्यालय के शिक्षक-कर्मी, अभिभावक और खिलाड़ी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





