KRIDA NEWS

Paris Olympics 2024: नीरज चोपड़ा ने फाइनल में जगह बनाई, ओलंपिक से किशोर जेना हुए बाहर

Neeraj Chopra

Paris Olympics 2024: गत चैंपियन भारत के नीरज चोपड़ा ने मंगलवार को यहां ग्रुप बी क्वालीफिकेशन में अपने पहले ही प्रयास में 89.34 मीटर के थ्रो के साथ पेरिस ओलंपिक खेलों की पुरुष भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई लेकिन किशोर जेना बाहर हो गए। ग्रुप बी क्वालीफिकेशन में सबसे पहले थ्रो करने उतरे नीरज ने 89.34 मीटर से सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए आठ अगस्त को होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। नीरज ने ग्रुप ए और बी दोनों में शीर्ष पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया।

ग्रुप बी से ग्रेनाडा के पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स (88.63 मीटर), राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अरशद नदीम (86.59 मीटर), ब्राजील के लुईस मॉरीसियो डा सिल्वा (85.91 मीटर) और मालदोवा के एंड्रियन मारडेयर (84.13 मीटर) ने भी भाले को 84 मीटर से अधिक दूर फेंककर सीधे फाइनल में जगह बनाई।

भारत के किशोर जेना हालांकि ग्रुप ए क्वालीफिकेशन में 80.73 मीटर के प्रयास से नौवें और कुल 18वें स्थान पर रहे और शीर्ष 12 खिलाड़ियों में जगह बनाकर फाइनल में प्रवेश करने के नाकाम रहे।

ग्रुप ए और बी क्वालीफिकेशन के बाद 84 मीटर या इससे अधिक का थ्रो करने वाले सभी खिलाड़ी या दोनों ग्रुप से शीर्ष 12 खिलाड़ियों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। जेना ने अपने पहले प्रयास में भाले को 80.73 मीटर की दूरी तक फेंका लेकिन अपने दूसरे प्रयास में फाउल कर गए। उन्होंने अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में भाले को 80.21 मीटर की दूरी तक फेंका।

जर्मनी के जूलियन वेबर अपने पहले ही प्रयास में 87.76 मीटर के प्रयास से ग्रुप ए में शीर्ष पर और कुल तीसरे स्थान पर रहे और फाइनल के लिए क्वालीफाई कर गए। ग्रुप ए से कीनिया के पूर्व विश्व चैंपियन जूलियस येगो (85.97 मीटर), तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता चेक गणराज्य के याकुब वालडेच (85.63 मीटर) और फिनलैंड के टोनी केरानेन (85.27 मीटर) ने भी सीधे फाइनल में जगह बनाई।

गत ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज ने 87.58 मीटर के प्रयास के साथ तोक्यो ओलंपिक का स्वर्ण पदक जीता था। नीरज का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 89.94 मीटर है जो उन्होंने 2022 में स्टॉकहोम डाइमंड लीग में रजत पदक जीतने के दौरान किया था। यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है।

नीरज अब फाइनल में ओलंपिक के इतिहास में खिताब बरकरार रखने वाले पांचवां पुरुष भाला फेंक खिलाड़ी बनने के इरादे से उतरेंगे। अगर वह खिताब जीतते हैं तो ओलंपिक व्यक्तिगत वर्ग में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय भी बनेंगे।

ओलंपिक की पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में अभी तक एरिक लेमिंग ( स्वीडन, 1908 और 1912), जोन्नी माइरा ( फिनलैंड, 1920 और 1924), चोपड़ा के आदर्श जान जेलेंजी ( चेक गणराज्य, 1992 और 1996 ) और आंद्रियास टी ( नॉर्वे, 2004 और 2008 ) की ओलंपिक में भाला फेंक स्पर्धा में अपने खिताब का बचाव कर पाए हैं।

Read More

मुजफ्फरपुर में चमका कोच प्रिंस कुमार का शिष्य, शानदार शतक के साथ कैम्ब्रिज क्रिकेट एकेडमी के प्रिंस गुप्ता ने मचाया धमाल

बिहार: मुजफ्फरपुर के सिकंदर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को एक यादगार पारी देखने को मिली। जगुआर 11 के लिए खेलते हुए कैम्ब्रिज क्रिकेट एकेडमी के प्रशिक्षु प्रिंस गुप्ता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शतक जड़ा और मुकाबले को 67 रनों से जीत लिया। इस शानदार प्रदर्शन के लिए प्रिंस गुप्ता को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।

जगुआर 11 और मुजफ्फरपुर के बीच खेले गए इस मुकाबले में ज़गुआर 11 की ओर से खेलते हुए प्रिंस गुप्ता ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 76 गेंदों पर 104 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी की बदौलत ज़गुआर 11 की टीम 25.2 ओवर में 191 रन तक पहुंच सकी। जवाब में उतरी मुज़फ्फरपुर की टीम 13.4 ओवर में 124 रन पर सिमट गई और ज़गुआर 11 ने यह मुकाबला 67 रनों से जीत लिया। हालांकि मुज़फ्फरपुर की ओर से अभिषेक ने 22 गेंदों पर 56 रन की तेज पारी खेली, लेकिन टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे।

कोच प्रिंस कुमार के पर्सनल ट्रेनिंग से बच्चों को मिल रहा सही मार्गदर्शन

बताया जा रहा है कि प्रिंस गुप्ता लंबे समय से बिहार कैम्ब्रिज क्रिकेट एकेडमी के कोच प्रिंस कुमार से पर्सनल ट्रेनिंग ले रहे हैं और यह शतक उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन का परिणाम माना जा रहा है। उनकी बल्लेबाजी में तकनीक, धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला।

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि कोच प्रिंस कुमार की ट्रेनिंग में तैयार हो रहे ऐसे खिलाड़ी आने वाले समय में जिले और राज्य स्तर पर बड़ी पहचान बना सकते हैं। यह शतक न सिर्फ खिलाड़ी के लिए बल्कि उसके कोच और पूरे मुज़फ्फरपुर क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है।

Read More

मोहम्मद फैसल बने समस्तीपुर जिला सॉफ्ट बॉल क्रिकेट संघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष

बिहार: बिहार सॉफ्ट बॉल क्रिकेट संघ की नई कमिटी का गठन कर दिया गया है। इस नई कमिटी में समस्तीपुर जिले से मोहम्मद फैसल को सॉफ्ट बॉल क्रिकेट संघ का नव निर्वाचित अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इस मौके पर मोहम्मद फैसल ने कहा कि वे समस्तीपुर जिले में सॉफ्ट बॉल क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। उन्होंने बताया कि सॉफ्ट बॉल क्रिकेट का खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी क्रेज है और बड़ी संख्या में बच्चे इसी माध्यम से क्रिकेट की शुरुआत करते हैं।

फैसल ने कहा कि उन्हें शुरू से ही खेलों में गहरी रुचि रही है और वे स्वयं बिहार एवं झारखंड के लिए क्रिकेट में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “हमें जो दायित्व मिला है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। खासकर समस्तीपुर के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर मंच देने का काम करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि आज भारतीय क्रिकेट टीम में खेलने वाले कई खिलाड़ी, जिनमें वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं, ने अपने करियर की शुरुआत सॉफ्ट बॉल क्रिकेट से की थी और गांव-गांव में खेलकर आगे बढ़े। सॉफ्ट बॉल क्रिकेट प्रतिभा निखारने का एक मजबूत माध्यम है।

मोहम्मद फैसल ने बताया कि वे सॉफ्ट बॉल क्रिकेट को समस्तीपुर में नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार प्रयास करेंगे। इसके साथ ही जिले में भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सॉफ्ट बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी 26 जनवरी को समस्तीपुर में एक दिवसीय महिला सॉफ्ट बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा, जिससे महिला खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

Read More

पटना में ‘खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी’ का भव्य उद्घाटन 23 जनवरी को, युवा खिलाड़ियों के सपनों को मिलेगा पंख

पटना: क्रिकेट के प्रति जुनून रखने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए पटना से एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। दीघा क्षेत्र में खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी का भव्य उद्घाटन 23 जनवरी 2026 को दोपहर 3 बजे से किया जाएगा। इस अकादमी की स्थापना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को आधुनिक और प्रोफेशनल प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें बेहतर और सफल क्रिकेटर के रूप में तैयार करना है।

उद्घाटन से पहले ही अकादमी में एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। खिलाड़ियों के लिए एडमिशन फीस मात्र 3500 रुपये रखी गई है, जबकि मासिक शुल्क 2000 रुपये निर्धारित किया गया है, ताकि आर्थिक रूप से भी खिलाड़ियों पर अधिक बोझ न पड़े और ज्यादा से ज्यादा युवा इस अवसर का लाभ उठा सकें। सीमित सीटों को देखते हुए प्रबंधन ने इच्छुक खिलाड़ियों से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की है।

खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी में खिलाड़ियों को प्रोफेशनल क्रिकेट कोचिंग, स्किल और फिटनेस ट्रेनिंग, मैच प्रैक्टिस तथा तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। अकादमी में सभी आयु वर्ग के खिलाड़ियों का स्वागत है। प्रशिक्षण सत्र अनुभवी और योग्य कोचों की देखरेख में संचालित होंगे, जिससे खिलाड़ियों के खेल में तकनीकी मजबूती के साथ-साथ मानसिक विकास भी हो सके।

अकादमी के वरिष्ठ कोच प्रवीण कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनके साथ एनआईएस कोच और अन्य अनुभवी प्रशिक्षक भी जुड़े रहेंगे। खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस वातावरण में अभ्यास का अवसर मिलेगा। अकादमी में टर्फ विकेट पर अभ्यास, फिटनेस ट्रेनिंग, वन-ऑन-वन एडवांस कोचिंग, और इंटर-स्टेट मैच एक्सपोजर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसके अलावा खिलाड़ियों को दुधिया रोशनी (नाइट प्रैक्टिस) में अभ्यास करने की सुविधा भी दी जाएगी। अकादमी में बॉलिंग मशीन की व्यवस्था है, जिसमें गेंद की गति 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी, जिससे बल्लेबाजों को तेज गेंदबाजी का वास्तविक अनुभव मिल सके। प्रशिक्षण के लिए यहां 3 सिमेंटेड विकेट और 5 टर्फ विकेट तैयार किए गए हैं, जबकि गेंदबाजों के लिए अलग और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी तय किए गए हैं।

अकादमी प्रबंधन का कहना है कि “हर सपना हकीकत बने” इसी सोच के साथ यह पहल शुरू की गई है, ताकि पटना और आसपास के प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें। खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी उन सभी उभरते खिलाड़ियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो क्रिकेट को अपना भविष्य बनाना चाहते हैं और सही दिशा व मार्गदर्शन की तलाश में हैं।

खुशी टारगेट क्रिकेट अकादमी से जुड़ी जानकारी और एडमिशन प्रक्रिया के लिए इच्छुक खिलाड़ी कोच प्रवीण कुमार सिन्हा (मो. 6206081260) और कोच प्रभात कुमार (मो. 9939089666) से संपर्क कर सकते हैं।

Read More

तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर आदित्य वर्मा की मांग, निगरानी विभाग से हो आगे की जांच

पटना: बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। बिहार के डीजीपी के आदेश पर पुलिस महानिरीक्षक, केंद्रीय प्रक्षेत्र, पटना द्वारा सिटी एसपी (पश्चिमी) के नेतृत्व में गठित त्रिसदस्यीय जांच समिति ने बीसीए से जुड़ी दो एफआईआर में फिर से जांच (पुनः अनुसंधान) की अनुशंसा की है। यह समिति आदित्य वर्मा के आवेदन पर गठित की गई थी।

जांच समिति ने पाया कि बिहार क्रिकेट संघ के खिलाफ दर्ज तीन मामलों में से दो मामलों की जांच ठीक से नहीं की गई है। इनमें पहला मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 49/23 से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि बाहरी राज्यों के खिलाड़ियों से मोटी रकम लेकर उन्हें फर्जी या गलत पते पर बने डोमिसाइल प्रमाण पत्र के जरिए “बिहारी खिलाड़ी” दिखाकर बीसीसीआई के मैचों में खिलाया गया।

इस मामले में पैसों के लेन-देन से जुड़ा एक ऑडियो भी पेन ड्राइव में दिया गया था, लेकिन जांच के दौरान उसकी पड़ताल नहीं की गई। समिति ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोबारा जांच की सिफारिश की है। इस कांड में राकेश कुमार तिवारी, दिलीप सिंह, सिद्धार्थ राज सिन्हा, विष्णु शंकर, अनंत प्रकाश सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ फिर से जांच करने की बात कही गई है।

दूसरा मामला एसके पुरी थाना कांड संख्या 337/24 से संबंधित है। यह मामला बीसीए के कोषाध्यक्ष की मृत्यु के बाद बैंक खातों से रुपये की निकासी और ट्रांसफर से जुड़ा है। आरोप है कि नए कोषाध्यक्ष की नियुक्ति के बाद भी मृत कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर बैंक से बड़ी रकम ट्रांसफर की गई और एक लाख रुपये नकद निकाले गए। समिति ने इस मामले की जांच में कई गंभीर कमियां पाईं और इसे भी दोबारा जांच के योग्य बताया है। इस कांड में बैंक अधिकारियों, राकेश कुमार तिवारी और लेखापाल मनीष कुमार के खिलाफ पुनः अनुसंधान की सिफारिश की गई है।

इस मामले को लेकर आदित्य वर्मा ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर जारी बयान में आदित्य वर्मा ने कहा है कि दोनों मामलों के मुख्य आरोपी राकेश कुमार तिवारी हैं, जो भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने इस वजह से देश के माननीय गृह मंत्री, बिहार के गृह मंत्री और बिहार के पुलिस महानिदेशक से इन मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। यह मामला अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है और जांच दोबारा शुरू होने की सिफारिश के बाद बीसीए की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Subscribe Now
Do you want to subscribe to our newsletter?

Fill this form to get mails from us.