नालंदा- नालंदा जिला क्रिकेट संघ का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नई कमिटी के गठन के बाद क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ नालंदा के अधिकारी मैदान में कम और कोर्ट में ज्यादा मैच खेल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रही कि नालंदा जिला क्रिकेट संघ के सचिव ने अपना इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद वो लगातार सक्रिय रहे। यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि यह कैसा इस्तीफा है जिसको देने के बाद भी आप काम कर रहे हैं। बीते कुछ दिनों से सचिव पर लगातार आरोप लगते रहे हैं। ऐसे ही एक मामले की सुनवाई करते हुए बीसीए के लोकपाल नवल किशोर सिंह ने कन्फिलिक्ट ऑफ इंटरेस्ट का दोषी माना है। उन्होंने अगला सक्ष्य साबित करने के लिए 21 अप्रैल को कहा है।
नालंदा जिला के साहिल राज, पीयूष रंजन कुमार और विजय कुमार के याचिका पर बीसीए के लोकपाल नवल किशोर सिंह ने सुनवाई की। इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील सुमित सिंह ने अपना पक्ष रखा। याचिकाकर्ता के वकील सुमित कुमार ने प्रस्तुत किया कि सैयद मोहम्मद जावेद इकबाल (प्रतिवादी संख्या 7) ने आज भी जवाब दाखिल नहीं किया है और बीसीए के वकील प्रशांत सिन्हा ने प्रस्तुत किया कि वह सैयद द्वारा दायर जवाब के बाद ही जवाब दाखिल कर पाएंगे। मोहम्मद जावेद इकबाल से इसको लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हज से लौटने के बाद वह बीमार पिता की सेवा में व्यस्त थे और इसलिए वह किसी वकील से संपर्क नहीं कर सके और न ही उन्होंने जवाब दाखिल किया और इसलिए, उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए अगली डेट दी जाए।
इसपर लोकपाल ने कहा कि इस मामले को देखते हुए लग रहा है कि सचिव मोहम्मद जावेद इकबाल किसी न किसी आधार पर इस मामले में अगली डेट लेने के इच्छूक है ताकि उन्हें तब नालंदा जिला क्रिकेट एसोसिएशन चलाने की अनुमति दी सके। खासकर तब जब वह खुद स्वीकार कर चुके हैं कि एस.एम.शमशुल हक को चुनाव अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। जिन्होंने चुनाव का संचालन किया था और अपने बेटे को नालंदा जिला क्रिकेट एसोसिएशन का सचिव नियुक्त किया था। यह मामला कंफिलिक्ट ऑफ इंटरेस्ट का नजर आ रहा है। ऐसा लग रहा है कि नालंदा क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव की नियुक्ति में अवैध प्रक्रिया अपनाई गई है।
बीसीए लोकपाल ने अगली सुनवाई तक नालंदा जिला क्रिकेट संघ के सचिव के कामों पर रोक लगा दिया है। इसके साथ ही अगली सुनवाई में उन्हें जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया। तबतक के लिए उन्हें संघ के कोई काम नहीं करने होंगे। इस मामले की सुनवाई ऑनलाइन मोड के माध्यम से 21 अप्रैल को शाम 6 बजे तय किया गया है।