KRIDA NEWS

Pradeep Singh Ayer, Whose Dream to Play for India Got Shattered, Hopes to Represent Nepal Cricket Team

Born in Delhi, India, Pradeep Singh Ayer belongs to Doti, Nepal. Pradeep started playing cricket as a hobby at a very tender age. But little did he know that it will become his passion later on.

He started playing cricket at school-level and was selected for the Delhi under-16 team after a successful trial. After that, young Pradeep didn’t take part in the next two season trials. He missed two seasons, and during this time, he practiced hard to combine and perform for the team. After that, he was short-listed for Delhi under-19 camps, unfortunately; he met with an accident, and doctor advised him to take bed rest. Before he met with the accident, he was a key player in Air India.

After the accident, Pradeep was very tense to think about his career. While recovering, he started working on himself. The young lad from Doti, Nepal got a brilliant practice place, where he met some of the Indian, IPL, and Ranji players like Suresh Raina, Shikhar Dhawan, Pawan Negi, Jayant Yadav, Kulwant Khejroliya, Samarth Seth, etc.

When he fully recovered and got back to the field, Delhi’s Cricket was changed a lot. Although Pradeep tried to survive, he didn’t find a result. He was constantly performing at club levels, academy levels, and local tournaments. He thought about working harder and start working on grooming skills. His dad said to go to Nepal for a better opportunity.

Pradeep believed it is a good opportunity to play cricket for Nepal. He decided to move to Nepal for cricket but played in Delhi for almost 7 years to sudden switch to Nepal was not as easy as he thought he was the new face.
He gave trials of PM Cup Nepal but was not shortlisted. He was feeling very low and disappointed. But his parents were supportive. He said, “My parents and my cousins were very supportive. They constantly supported me from success to failure and one day I got a call from my brother. He said, hey there’s a Nepali tournament called KPL (Kailali Premier League), a district level tournament he asked me to play.”

Then, after consulting with his parents, Pradeep decided to play in KPL. He played three matches as an all-rounder and ended up scoring 90 runs and taking 6 wickets for his team. And now, the aspiring young talent is looking forward to be a part of the Nepal’s National Team very soon.

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दीपक कुमार बने छपरा जिला सॉफ्टबॉल क्रिकेट संघ के नए सचिव

छपरा, सारण: छपरा जिले के खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण खबर आई है। जिले के सक्रिय खेल प्रेमी और सॉफ्टबॉल क्रिकेट में लंबे समय से जुड़े दीपक कुमार को छपरा जिला सॉफ्टबॉल क्रिकेट संघ का सचिव मनोनीत किया गया है। दीपक कुमार के सचिव बनने की खबर से जिले के खिलाड़ियों, खेल पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों में हर्ष का माहौल है।

खेल प्रशासन और खिलाड़ियों के साथ उनके बेहतर समन्वय और अनुभव को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में जिले में सॉफ्टबॉल क्रिकेट को नई दिशा मिलेगी। इस अवसर पर दीपक कुमार ने कहा, “मैं जिले में सॉफ्टबॉल क्रिकेट के विकास, खिलाड़ियों के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करूंगा।”

जिला खेल संघ के पदाधिकारियों ने भी विश्वास जताया कि दीपक कुमार के मार्गदर्शन में छपरा सॉफ्टबॉल क्रिकेट संघ नई ऊँचाइयों को छूएगा और स्थानीय खिलाड़ियों को अवसर मिलने में मदद मिलेगी। यह मनोनयन जिले के खेल समुदाय के लिए उत्साह और उम्मीद की नई लहर लेकर आया है, जिससे यह क्षेत्र भविष्य में खेल गतिविधियों के लिए एक मजबूत मंच बन सकेगा।

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ISPL ने दिव्य दौड़ – चैप्टर 2 आयोजित किया, दिव्यांग प्रतिभागियों ने दिखाई प्रेरक खेल भावना

पटना, 24 जनवरी: दिव्यांगजनों के आत्मबल, समान अवसर और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वर्ग संस्था और ISPL द्वारा आयोजित “दिव्य दौड़ – चैप्टर 2” आज उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस आयोजन का मकसद दिव्यांग प्रतिभागियों में खेल भावना, आत्मनिर्भरता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना था।

कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति, अनुशासन और उत्साह से सभी को प्रेरित किया। 0-12 वर्ष वर्ग में कुणाल पांडे ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अंश राज और आनंद कुमार क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। 13-17 वर्ष वर्ग में विनय कुमार ने पहला स्थान हासिल किया, सूरज कुमार दूसरे और बंटी तीसरे स्थान पर रहे। 18 वर्ष से अधिक वर्ग में विवेक कुमार प्रथम, नागमणि कुमार द्वितीय और अमित कुमार तृतीय स्थान पर रहे।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ पूर्व निशक्त आयुक्त डॉ. शिवाजी कुमार, कर्नल एस. के. सिंह और संस्था के अध्यक्ष श्री निर्मल मिश्रा ने फ्लैग ऑफ कर किया। दौड़ के दौरान प्रतिभागियों की सुरक्षा, मार्गदर्शन और चिकित्सा सहायता की पूर्ण व्यवस्था की गई थी।

मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती सीता साहू और विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री दामोदर प्रसाद जी ने प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि “दिव्य दौड़” जैसे आयोजन समाज में समावेशन की भावना को मजबूत करते हैं और दिखाते हैं कि अवसर मिलने पर दिव्यांगजन हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

संस्था के अध्यक्ष श्री निर्मल मिश्रा ने बताया कि ऐसे आयोजन नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि दिव्यांगजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। संस्था के सचिव श्री राकेश कुमार ने कार्यक्रम की सफलता में अतिथियों, स्वयंसेवकों, सहयोगी संस्थाओं, प्रायोजकों, स्थानीय प्रशासन और मीडिया का धन्यवाद किया।

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Ranji Trophy Plate Final 2025-26: सकीबुल गनी के शतक से बिहार मजबूत स्थिति में, पहले दिन बनाए 328 रन

Ranji Trophy Plate Final 2025-26: रणजी ट्रॉफी 2025-26 के प्लेट ग्रुप फाइनल मुकाबले के पहले दिन बिहार की टीम ने सधी हुई और प्रभावी बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्थिति बनाई। पटना स्थित मोईन-उल-हक़ स्टेडियम में खेले जा रहे इस ख़िताबी मुकाबले में पहले दिन का खेल समाप्त होने तक बिहार ने अपनी पहली पारी में 7 विकेट के नुकसान पर 328 रन बना लिए हैं।

टॉस गवाने के बाद बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरी बिहार टीम की शुरुआत संयमित रही, हालांकि शुरुआती ओवरों में टीम को कुछ विकेट गंवाने पड़े। हिमांशु सिंह और पियूष कुमार सिंह जल्दी पवेलियन लौट गए, जबकि इसके बाद मध्यक्रम में उतरे बल्लेबाजों ने पारी को संभालने का प्रयास किया। मंगल महरौर ने 43 रनों की उपयोगी पारी खेली, जबकि आकाश राज ने 101 गेंदों पर 50 रन बनाकर पारी को स्थिरता प्रदान की। इसके अलावा आयुष लोहरुका और प्रताप ने भी सीमित योगदान दिया।

शतक बनाकर आउट हुए सकीबुल गनी

पारी का मुख्य आकर्षण कप्तान साकिबूल गनी और विकेटकीपर बल्लेबाज बिपिन सौरभ की साझेदारी रही। कप्तान सकीबुल गनी ने जिम्मेदारी निभाते हुए 155 गेंदों पर 108 रनों की प्रभावी पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उनके आउट होने के बाद बिपिन सौरभ ने आक्रामक और संतुलित अंदाज़ में बल्लेबाजी जारी रखी। बिपिन सौरभ 75 रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि उनके साथ क्रीज़ पर मौजूद खालिद 18 रन बनाकर खेल रहे हैं। दोनों के बीच बनी उपयोगी साझेदारी ने बिहार को 300 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

मणिपुर की ओर से गेंदबाजी में रेक्स और जोतिन फेइरोइजाम ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी अनुशासित लाइन और लेंथ के साथ प्रयास किया। बावजूद इसके, बिहार के बल्लेबाजों ने संयम और धैर्य दिखाते हुए दिन का खेल अपने पक्ष में समाप्त किया।

बिहार क्रिकेट संघ का मानना है कि पहले दिन का प्रदर्शन टीम के लिए सकारात्मक रहा है और शेष बल्लेबाज दूसरे दिन इस बढ़त को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे। मुकाबला अभी खुला है, लेकिन बिहार की टीम ने फाइनल के पहले दिन ठोस आधार तैयार कर लिया है।

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‘दिव्य दौड़–चैप्टर 2’ से बदलेगी सोच, 24 जनवरी को पटना में दिव्यांगजनों की मिनी मैराथन

पटना: दिव्यांगजनों की प्रतिभा, आत्मबल और क्षमता को समाज के सामने प्रस्तुत करने के उद्देश्य से SWARG संस्था की ओर से ISPL के तत्वावधान में 24 जनवरी 2026 को पटना में “दिव्य दौड़ – चैप्टर 2” का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन दिव्यांगजनों के लिए समर्पित 5 किलोमीटर की मिनी मैराथन होगी, जिसकी शुरुआत सुबह 9:00 बजे होगी।

मिनी मैराथन का शुभारंभ जगजीवन राम शोध संस्थान से होगा, जो अटल पथ होते हुए उदय चौक तक जाएगी और पुनः जगजीवन राम शोध संस्थान पर आकर संपन्न होगी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के प्रति समाज की सोच को सकारात्मक दिशा देना और यह संदेश देना है,“मुझे मेरी अक्षमता से नहीं, मेरी क्षमता से पहचानिए।”

यह कार्यक्रम ISPL एवं SBI के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें टाटा स्टील, बिसलेरी सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं का सहयोग प्राप्त है। SWARG संस्था के अध्यक्ष निर्मल मिश्रा ने बताया कि “दिव्य दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जो दिव्यांगजनों को आत्मसम्मान, समान अवसर और समाज में बराबरी का स्थान दिलाने की दिशा में एक सशक्त पहल है।”

वहीं संस्था के सचिव राकेश कुमार ने कहा कि इस मैराथन के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि दिव्यांगजन किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, आवश्यकता केवल अवसर और सकारात्मक सोच की है। कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी कार्यक्रम समन्वयक प्रबोध सिंह निभा रहे हैं, जबकि आयोजन की संपूर्ण योजना एवं प्रबंधन में स्टेट कॉर्डिनेटर सौम्य मिश्रा की अहम भूमिका है।

इस मैराथन में दिव्यांग प्रतिभागियों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के युवा, छात्र, खिलाड़ी, स्वयंसेवक एवं सामाजिक संस्थाएं भी सक्रिय रूप से भाग लेंगी। आयोजन के दौरान जागरूकता संदेश, प्रेरणादायक गतिविधियां और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

संस्था ने आम नागरिकों, शिक्षण संस्थानों, कॉर्पोरेट जगत और मीडिया से अपील की है कि वे इस आयोजन में भाग लेकर तथा इसके प्रचार-प्रसार के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहयोग करें। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष निर्मल मिश्रा, सचिव राकेश कुमार, मुख्य समन्वयक प्रबोध सिंह एवं स्टेट कॉर्डिनेटर सौम्य मिश्रा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

कार्यक्रम विवरण (At a Glance)

  • कार्यक्रम: दिव्य दौड़ – चैप्टर 2 (5K मिनी मैराथन)
  • तिथि: 24 जनवरी 2026 (शनिवार)
  • समय: सुबह 9:00 बजे
  • मार्ग: जगजीवन राम शोध संस्थान → अटल पथ → उदय चौक → जगजीवन राम शोध संस्थान
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