बिहार में प्रतिभाओं की कमी नहीं है हाल के दिनों में विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा से राज्य का नाम खिलाड़ियों ने गौरांवित किया है. इसमें बेसबॉल के खिलाड़ी भी शामिल हैं. परंतु इनके सामने सबसे बड़ी समस्या ग्राउंड के अभाव में प्रैक्टिस को लेकर है.

इसी को लेकर शुक्रवार को बिहार बेसबॉल संघ की महासचिव मधु शर्मा ने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के निदेशक सह सचिव आईपीएस पंकज राज से मुलाकात की. खिलाड़ियों के हित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारी से ग्राउंड उपलब्ध कराने की मांग रखी.

निदेशक सह सचिव ने महासचिव की मांग पर आश्वासन दिया है कि जल्द ही बेसबॉल खिलाड़ियों के प्रैक्टिस हेतु पाटलिपुत्रा ग्राउंड में व्यवस्था कराई जाएगी. बता दें कि बेसबॉल ओलंपिक खेलों में शामिल है. जल्द ही इस गेम का नेशनल प्रतियोगिता भी होने वाली है जिसमें बिहार की टीम भी प्रतिभाग करेगी.

बीसीए चुनाव रद्द, नए सिरे से चुनाव की सिफारिश; सुप्रीम कोर्ट ने अभय श्रीनिवास ओक को बनाया नया लोकपाल
पटना: बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के चुनाव को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एल. नागेश्वर राव द्वारा की गई जांच के बाद कोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट में 28 सितंबर 2025 को हुए बीसीए चुनाव को खारिज करने और नए सिरे से चुनाव कराने की अनुशंसा की गई है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही बीसीए की कार्यप्रणाली को लेकर हस्तक्षेप करते हुए अनुच्छेद 142 के तहत पूर्व न्यायाधीश एल. नागेश्वर राव को लोकपाल नियुक्त किया था, ताकि चुनाव प्रक्रिया और संघ के कार्यों की निगरानी की जा सके। जांच के बाद लोकपाल ने अपनी रिपोर्ट में चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे निरस्त करने की सिफारिश की।
नए लोकपाल की नियुक्ति
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च 2026 को दिए अपने आदेश में पूर्व लोकपाल के अलग होने के बाद अभय श्रीनिवास ओक को बिहार क्रिकेट का नया लोकपाल नियुक्त कर दिया है। अब आगे की पूरी प्रक्रिया उनके निर्देशन में होगी। रिपोर्ट के आधार पर अब बीसीए का चुनाव नए सिरे से कराया जाएगा, जिसमें सभी जिला क्रिकेट संघों की वोटर लिस्ट की गहन जांच की जाएगी। इसके बाद ही पारदर्शी तरीके से नई कार्यकारिणी का गठन होगा।

एडमिनिस्ट्रेटर की भी हो सकती है नियुक्ति
पूर्व लोकपाल की अनुशंसा पर सुप्रीम कोर्ट आगामी 13 मई को इस मामले की सुनवाई करेगा, जिसमें एक एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करने पर भी फैसला लिया जा सकता है। प्रेस नोट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की कार्यशैली लगातार विवादों में रही है। कई जगहों पर अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर एफआईआर तक दर्ज हुई हैं। साथ ही, निगरानी एजेंसियां भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और नए लोकपाल की नियुक्ति के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि बिहार क्रिकेट में पारदर्शिता आएगी और नई व्यवस्था के तहत साफ-सुथरे तरीके से चुनाव संपन्न होंगे। इस पूरे मामले ने बिहार क्रिकेट प्रशासन में एक बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं, जिस पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





