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मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में जीता रजत पदक, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने मीराबाई चानू को दी बधाई

ओलंपिक की भारोत्तोलन स्पर्धा में पदक के लिये भारत का 21 वर्ष का इंतजार खत्म करने वाली मीराबाई चानू ने 49 किलो वर्ग में रजत पदक जीता तो उनकी विजयी मुस्कान ने उन सभी आंसुओं की भरपाई कर दी जो पांच साल पहले रियो में नाकामी के बाद उनकी आंखों से बहे थे। पांच साल पहले खेलों के महासमर में निराशाजनक पदार्पण के बाद इसी मंच से वह रोती हुई गयी थीं।

मणिपुर की 26 साल की भारोत्तोलक ने कुल 202 किग्रा (87 किग्रा + 115 किग्रा) से कर्णम मल्लेश्वरी के 2000 सिडनी ओलंपिक में कांस्य पदक से बेहतर प्रदर्शन किया। इससे उन्होंने 2016 में रियो ओलंपिक के खराब प्रदर्शन को भी पीछे छोड़ दिया जिसमें वह एक भी वैध वजन नहीं उठा सकीं थीं।

करियर की इस शानदार जीत के बाद चानू ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं, मैं पिछले पांच वर्षों से इसका सपना देख रही थी। इस समय मुझे खुद पर गर्व महसूस हो रहा है। मैंने स्वर्ण पदक की कोशिश की लेकिन रजत पदक भी मेरे लिये बहुत बड़ी उपलब्धि है। ’’ 

वह पिछले कुछ महीनों से अमेरिका में ट्रेनिंग कर रही थी। 2016 का अनुभव काफी खराब रहा था और उन्होंने इसके बारे में बात करते हुए कहा था कि बड़े मंच पर अपने पदार्पण के दौरान वह कितनी घबरायी हुई थी। 

यह पूछने पर कि मणिपुरी होने के नाते इसके क्या मायने है तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं इन खेलों में भारत के लिये पहला पदक जीतकर बहुत खुश हूं। मैं सिर्फ मणिपुर की नहीं हूं, मैं पूरे देश की हूं। ’’ 

शनिवार को चानू पूरे आत्मविश्वास से भरी थी और पूरे प्रदर्शन के दौरान उनके चेहरे पर मुस्कान रही। और उनके कान में ओलंपिक रिंग के आकार के बूंदे चमक रहे थे जो उनकी मां ने उन्हें भेंट दिये थे।

चीन की होऊ जिहुई ने 210 किग्रा (94 किग्रा +116 किग्रा) के प्रयास से स्वर्ण पदक जीता जबकि इंडोनेशिया की ऐसाह विंडी कांटिका ने 194 किग्रा (84 किग्रा +110 किग्रा) के प्रयास से कांस्य पदक अपने नाम किया।

स्नैच को चानू की कमजोरी माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने पहले ही स्नैच प्रयास में 84 किग्रा वजन उठाया। मणिपुर की इस भारोत्तोलक ने समय लेकर वजन उठाया। उन्होंने अगले प्रयास में 87 किग्रा वजन उठाया और फिर इसे बढ़ाकर 89 किग्रा कर दिया जो उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 88 किग्रा से एक किग्रा ज्यादा था जो उन्होंने पिछले साल राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में बनाया था।

हालांकि वह स्नैच में अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को बेहतर नहीं कर सकीं और स्नैच में उन्होंने 87 किग्रा का वजन उठाया और वह जिहुई से ही इसमें पीछे रहीं जिन्होंने 94 किग्रा से नया ओलंपिक रिकार्ड बनाया। चीन की भारोत्तोलक का इसमें विश्व रिकार्ड (96 किग्रा) भी है।

क्लीन एवं जर्क में चानू के नाम विश्व रिकार्ड है, उन्होंने पहले दो प्रयासों में 110 किग्रा और 115 किग्रा का वजन उठाया।हालांकि वह अपने अंतिम प्रयास में 117 किग्रा का वजन उठाने में असफल रहीं लेकिन यह उन्हें पदक दिलाने और भारत का खाता खोलने के लिये काफी था।

पदक जीतकर वह रो पड़ीं और खुशी में उन्होंने अपने कोच विजय शर्मा को गले लगाया। बाद में उन्होंने ऐतिहासिक पोडियम स्थान हासिल करने का जश्न पंजाबी भांगड़ा करके मनाया। इस उपलब्धि की उनकी खुशी मास्क से भी छुप नहीं रही थी जो पदक समारोह के दौरान और बढ गई।

खेलों के लिये बनाये गये कोविड-19 प्रोटोकॉल में पदक विजेताओं को सामाजिक दूरी बनाये रखनी थी और वे ग्रुप फोटोग्राफ के लिये एक साथ नहीं हो सके।

लेकिन तीनों पदकधारियों ने एक दूसरे को बधाई दी और फोटो भी खिंचवाई लेकिन एक अधिकारी ने उन्हें अलग होने के लिये कह दिया।

इस भारतीय ने अंतरराष्ट्रीय एरीना में हर जगह खुद को साबित किया, बस इसमें ओलंपिक पदक की कमी थी जो अब पूरी हो गयी। वह विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण, राष्ट्रमंडल खेलों में (2014 में रजत और 2018 में स्वर्ण) दो पदक और एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।

पदक जीतने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश भर ने भारोत्तोलक मीराबाई चानू को टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने के लिये बधाई दी।

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रोमांचक मुकाबले में इंजीनियरिंग विभाग की जीत, मैकेनिकल विभाग को 1 विकेट से हराया

सोनपुर। अंतर विभागीय क्रिकेट टूर्नामेंट में गुरुवार को खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले में इंजीनियरिंग विभाग ने मैकेनिकल विभाग को अंतिम गेंद तक चले मैच में 1 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की।

मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मैकेनिकल विभाग की शुरुआत खराब रही और टीम के चार प्रमुख बल्लेबाज महज 28 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। इसके बाद राजू यादव ने शिव शंकर मंडल और पंकज सिंह के साथ साझेदारी करते हुए टीम को संभाला और निर्धारित ओवर से चार गेंद पहले टीम को 116 रन तक पहुंचाया। इंजीनियरिंग विभाग की ओर से गेंदबाजी में राजा भारती ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार ओवर में दो मेडन फेंकते हुए 4 विकेट झटके। इसके अलावा अमित ने 2 विकेट, जबकि रंजीत और राजीव ने 1-1 विकेट हासिल किए।

117 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने पावर प्ले में बिना विकेट खोए 33 रन बनाकर मजबूत शुरुआत की। हालांकि इसके बाद टीम को कुछ झटके लगे और मिथिलेश (10 रन) तथा रंजीत (15 रन) आउट होकर पवेलियन लौट गए। मध्यक्रम में जावेद ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 31 रन बनाए और टीम को जीत की राह पर ला दिया। वहीं सौरभ ने 16 रन का योगदान दिया। मुकाबला अंतिम ओवर तक रोमांचक बना रहा, जहां आखिरी गेंद पर इंजीनियरिंग विभाग ने जीत के लिए जरूरी रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

मैच में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट लेने और बल्लेबाजी में उपयोगी योगदान देने वाले राजा भारती को मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस तरह इंजीनियरिंग विभाग ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में शानदार जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

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पटना सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग: शशीम राठौर की तूफानी पारी से पेसू की शानदार जीत

पटना: पटना जिला क्रिकेट संघ के तत्वावधान में खेले जा रही अधिकारी मदन मोहन प्रसाद मेमोरियल पटना सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग के अंतर्गत गुरुवार को खेले गए मुकाबले में पेसू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पंचशील सीसी को 6 विकेट से पराजित कर जीत दर्ज की। विजेता टीम के शशीम राठौर (56 रन, 1 विकेट) को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। केएनसीसी को सचिवालय स्पोट्र्स के खिलाफ वाकओवर मिला।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पंचशील सीसी की टीम ने निर्धारित 40 ओवर में सात विकेट पर 184 रन बनाए। खराब शुरुआत हुई पर अनिरुद्ध राज (61 रन), बिट्टू कुमार (46 रन) और अभिषेक कुमार (32 रन) की अच्छी बैटिंग के दम पर पंचशील सीसी सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा। अंत में आयुष राज ने नाबाद 17 रन की पारी खेली। पेसू की ओर से अभिजीत साकेत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 38 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं हर्ष राज ने 34 रन देकर 2 विकेट चटकाये। शशीम राठौर और राहुल राठौर को 1-1 सफलता मिली।

185 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पेसू की टीम ने आक्रामक शुरुआत की। शशीम राठौर ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 27 गेंदों में 56 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। कप्तान राजेश कुमार सिन्हा ने 47 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि बाबुल कुमार ने 33 रन का योगदान दिया। इनके अलावा पंकज कुमार ने नाबाद 13 और प्रियांशु ने नाबाद 16 रन की पारी खेली और टीम का स्कोर 26.4 ओवर में 188/4 रन तक पहुंचाकर जीत दिला दी।

संक्षिप्त स्कोर:

पंचशील सीसी : 184/7 (40 ओवर), अनिरुद्ध राज 61, बिट्टू कुमार 46, अभिषेक कुमार 32, आयुष राज नाबाद 17,अतिरिक्त 10, अभिजीत साकेत 3/38, हर्ष राज 2/34, शशीम राठौर 1/37, राहुल राठौर 1/30

पेसू : 188/4 (26.4 ओवर), शशीम राठौर 56, राजेश कुमार सिन्हा 47, बाबुल कुमार 33, प्रियांशु नाबाद 16, पंकज कुमार नाबाद 13, प्रियांशु कुमार प्रतीक 2/24, अनिरुद्ध राज 1/30, बिट्टू कुमार 1/11

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बिहार कैम्ब्रिज चैंपियन ट्रॉफी अंडर-13: ईशान किशन एकेडमी की रिकॉर्ड जीत, डी.एस.ए. क्रिकेट एकेडमी को 260 रन से हराया

पटना: बिहार कैम्ब्रिज क्रिकेट एकेडमी मैदान पर खेले गए बिहार कैम्ब्रिज चैंपियन ट्रॉफी अंडर-13 के लीग मुकाबले में ईशान किशन क्रिकेट एकेडमी ने विस्फोटक बल्लेबाजी और धारदार गेंदबाजी के दम पर डी.एस.ए. क्रिकेट एकेडमी को 260 रनों के विशाल अंतर से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ईशान किशन एकेडमी ने 32.5 ओवर में 386 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से आयुष रंजन ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 40 गेंदों में 116 रन ठोक दिए, जिसमें 15 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। वहीं अंश राज ने 111 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि सार्थक ने 58 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।डी.एस.ए. क्रिकेट एकेडमी की ओर से गेंदबाजी में सचिन कुमार ने 3 विकेट, जबकि आशीष रंजन और शौर्य कुमार ने 2-2 विकेट हासिल किए, लेकिन टीम विपक्षी बल्लेबाजों पर अंकुश नहीं लगा सकी।

387 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी डी.एस.ए. क्रिकेट एकेडमी की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी और नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। पूरी टीम 22.3 ओवर में 126 रन पर सिमट गई। टीम की ओर से नेहाल ने 45 रनों की पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। ईशान किशन एकेडमी की ओर से गेंदबाजी में रिआन सैनी और साहिल ने 3-3 विकेट झटके। वहीं अनिश और अर्जुन राणा ने 1-1 विकेट लेकर टीम की जीत सुनिश्चित की। आयुष रंजन को शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार किया गया।

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पटना जिला सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग में वाईएमसीसी और बीएसईबी जीते

पटना: पटना जिला क्रिकेट संघ के तत्वावधान में चल रही अधिकारी मदन मोहन प्रसाद मेमोरियल पटना डिस्ट्रिक्ट सीनियर डिवीजन क्रिकेट लीग में बुधवार को खेले गए मुकाबलों में वाईएमसीसी और बीएसईबी की टीमों ने शानदार जीत दर्ज की। एक मैच में वाईएमसीसी ने सत्यम कुमार के तूफानी शतक और सूरज कश्यप (84 रन, 3 विकेट) के हरफनमौला खेल की बदौलत शर्मा स्पोर्टिंग को 166 रन के बड़े अंतर से पराजित किया, जबकि दूसरे मुकाबले में बीएसईबी ने बेहद रोमांचक संघर्ष में क्रिसेंट सीसी को 1 विकेट से हराकर जीत अपने नाम की।

YMCC की जीत

स्थानीय जेनेक्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए वाईएमसीसी की टीम ने निर्धारित 35 ओवर में 7 विकेट पर 324 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से सत्यम कुमार ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 53 गेंदों में 129 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 11 छक्के शामिल रहे। इसके अलावा सूरज कुमार कश्यप ने 57 गेंदों में 84 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कप्तान विराट पांडेय ने 43 रन का योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत वाईएमसीसी ने बड़ा स्कोर खड़ा किया।

324 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी शर्मा स्पोर्टिंग की टीम वाईएमसीसी के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 28 ओवर में 158 रन पर ऑल आउट हो गई। टीम की ओर से राहुल कुमार ने 33 रन और आदित्य कुमार राय ने 24 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। वाईएमसीसी की ओर से गेंदबाजी में गौरव राज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 ओवर में 30 रन देकर 4 विकेट झटके। वहीं सूरज कश्यप ने 3 विकेट विकेट लेकर टीम की जीत सुनिश्चित की। विजेता टीम के सूरज कश्यप (84 रन, 3 विकेट) को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।

BSEB ने हासिल की जीत

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए क्रिसेंट सीसी की टीम ने 40 ओवर में 150 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। टीम की ओर से आशीष राज ने 37 गेंदों में 40 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि नदीम स्ट्राइकर ने 21 रन और रितविक राज ने 14 रन का योगदान दिया। बीएसईबी की ओर से तुषार कांत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 ओवर में 13 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं परमेश्वर यादव ने 2 विकेट लिए और शंभू कुमार तथा प्रदीप को 1-1 सफलता मिली।

151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बीएसईबी की टीम को क्रिसेंट सीसी के गेंदबाजों ने कड़ी चुनौती दी। एक समय टीम ने लगातार विकेट गंवा दिए, लेकिन पंकज कुमार मिश्रा ने 36 गेंदों में 44 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया।

इसके अलावा दीपक कुमार ने 25 रन और कप्तान मुकेश कुमार शर्मा ने 21 रन का योगदान दिया। बीएसईबी की टीम ने 30 ओवर में 9 विकेट खोकर 151 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। क्रिसेंट सीसी की ओर से गेंदबाजी में गुलरेज अख्तर और रितविक राज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3-3 विकेट हासिल किए, लेकिन इसके बावजूद टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी। विजेता टीम के तुषारकांत को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।

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