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बीसीसीआई के सुझाव पर बनी दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों की दिव्यांग क्रिकेट काउन्सिल ऑफ इंडिया, कश्मीर सिंह बने अध्यक्ष

बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली एवं सचिव जय शाह द्वारा BCCI की AGM दिनांक 24,December 2020 मे दिए गए सुझाव को अमलीजामा पहनाते हुए दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (DCCI) का गठन किया गया है। जिसमें ऑल इंडिया लेवल पर रजिस्टर्ड :

1. दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया 

2. मोबिलिटी इंडिया फाउंडेशन

3. ऑल इंडिया क्रिकेट फ़ेडरेशन फॉर डिसेबल्ड

4. ऑल इंडिया क्रिकेट असोसीएशन फ़ॉर डेफ़

5.  ब्लाइंड क्रिकेट एसोसिएशन 

6.  इंडो व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन 

7. व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन

8. दिव्यांग वूमेन क्रिकेट एसोसिएशन ( देश की एकमात्र संस्था)

9. फ़िज़िक्ली चैलेंज्ड क्रिकेट वेल्फ़ेर एसोसिएशन के पदाधिकारियों को लेकर दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया का गठन कर उसको अखिल भारतीय स्तर पर रजिस्टर्ड करवाया गया ।

सर्वसम्मति से दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया का अध्यक्ष डॉक्टर कश्मीर सिंह जो कि उत्तर प्रदेश के जाने-माने तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी रहे हैं उन्हें अध्यक्ष के रूप में चुना गया।  

क्रिकेट के खेल के प्रोत्साहन में डॉक्टर कश्मीर सिंह का बहुत बड़ा योगदान है। 2002 में लखनऊ में भारत एवं इंग्लैंड की महिला खिलाड़ियों के बीच टेस्ट मैच का आयोजन , 2005 में भारत-पाकिस्तान के सीनियर क्रिकेटर का एकदिवसीय मैच का लखनऊ मे आयोजन किया। जिसमें जावेद मियांदाद मुदस्सर नजर , अझरुद्दीन, सैयद किरमानी आदि खिलाड़ी खेले थे एवं 2005 मैं लखनऊ में मूक बधिर क्रिकेट खिलाड़ियों के 15 दिवस तक खेले गये। 

द्वितीय क्रिकेट वर्ल्ड कप का आयोजन कराया था जिसमें भारत ,पाकिस्तान , श्रीलंका , बांग्लादेश , ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड ,न्यूजीलैंड , साउथ अफ़्रीका व नेपाल की मूक बधिर टीमों ने भाग लिया था । अध्यक्ष डॉक्टर कश्मीर सिंह ने बताया 24 दिसंबर 2020 को बीसीसीआई की एजीएम अहमदाबाद में हुई थी। जिसमें दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के महासचिव हारून रशीद एवं डायरेक्टर क्रिकेट ऑपरेशन नितेंद्र सिंह के अलावा ऑल इंडिया क्रिकेट एसोसिएशन फॉर फिजिकल चैलेंज के रवि चौहान तथा रविंदर भाटी ने भाग लिया था जिसमें बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली एवं जय शाह ने यह सुझाव दिया कि भारत की समस्त प्रकार की दिव्यांगजन क्रिकेट की संस्थाओं की एक संस्था बनाकर उसे रजिस्टर्ड करवाने के उपरांत ऐक्शन प्लान तथा पूरे वर्ष का खेल कैलेंडर लेकर बीसीसीआई के समक्ष रखें।

जिसमें बीसीसीआई जो भी संभव मदद होगी वह जरूर करेगी। इस संबंध में भारत की समस्त संस्थाओं को डॉक्टर कश्मीर सिंह एवं दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल जैन द्वारा ई-मेल किया गया तथा दूरभाष द्वारा सभी से संपर्क कर 9 जनवरी को दिल्ली में एक बैठक में भाग लेने हेतु आमंत्रित किया। जिसमें अखिल भारतीय स्तर पर कार्य करने वाली भारत की 9 एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा दो एसोसिएशन ने भाग लेने के आश्वासन के बावजूद , किन्ही कारणो से भाग नही लिया। 

बैठक में दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया नामक संस्था को बनाने का निर्णय लिया गया जिसके अध्यक्ष डॉक्टर कश्मीर सिंह को सर्वसम्मति से चुना गया। अतुल जैन को वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेपी कुमार को उपाध्यक्ष तथा नितेंद्र सिंह को उपाध्यक्ष के अतिरिक्त समस्त विभागों में डायरेक्टर क्रिकेट ऑपरेशन चुना गया। 

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व फिजियो एवं दिव्यांग खिलाड़ियों के मसीहा के रूप में प्रख्यात डॉक्टर अब्दुल वाहिद सिद्दीकी को जनरल सेक्रेटरी उनके साथ जॉइंट सेक्रेटरी के रूप में विवेक मालशे, रमेश सरतापे, दीपाली गर्ग मीनाबेन मेहता एवं मानवेंद्र सिंह पटवाल  तथा कोषाध्यक्ष के रूप में संपूर्ण एशिया में दिव्यांग क्रिकेट के विस्तार के लिए मशहूर हारून रशीद को चुना गया। संस्था के एक्सक्यूटिव मेंबर के रूप में मुकेश कंचन ,सुरेंद्र मगन , कंचनबेन पांड्या,  शाहिद अंसारी तथा सुभाष वर्मा को चुना गया तथा संरक्षक एवं सलाहकार के रूप में दिव्यांगजन क्रिकेट के जन्मदाता के रूप में प्रख्यात प्रवीण बहल को चुना गया। 

इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल जैन ने बीसीसीआई द्वारा दिए गए सुझाव को दिव्यांगजन खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन कदम बताया अतुल जैन ने गत वर्ष कोरोनावायरस के चलते लॉकडाउन की वजह से आर्थिक रूप से संकट में आए 200 से अधिक क्रिकेट खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से मदद देकर उन्हे कुछ राहत दी थी। 

अतुल जैन तभी से इस प्रयास में है कि दिव्यांग खिलाड़ियों को एक बड़ा मुकाम मिल जाए ताकि उनका परिवार किसी भी तरह से आर्थिक रूप के संकट से जूझने से बच जाए अतुल जैन ने दिव्यांग खिलाड़ियों के एक महाआयोजन को दिल्ली में करने का बीड़ा उठाया है महासचिव अब्दुल वाहिद सिद्दीकी ने कहा कि वह अजीत वाडेकर के साथ 1989 से काम कर रहे हैं और दिव्यांगजन क्रिकेट को बीसीसीआई के साथ जोड़ने के लिए भरसक प्रयास कर रहे थे लेकिन कामयाबी अब मिली है जिस का भरपूर लाभ दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों को जरूर मिलेगा

1989 से ब्लाइंड क्रिकेट टीम के सदस्य रहे मानवेंद्र सिंह पटवाल जिन्होंने तीन बार भारतीय नेत्रहीन टीम की तरफ से विश्व कप में प्रतिनिधित्व किया है 2006 में हुए वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के कप्तान भी रहे जो कि दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के ज्वाइंट सेक्रेटरी के रूप में है।  मानवेंद्र सिंह ने कहा खिलाड़ियों के लिए यह अत्यंत हर्ष तथा एक बड़े सम्मान का विषय है कि बीसीसीआई जैसी बड़ी संस्था दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए आगे आ रही है । निसंदेह इससे भविष्य में खिलाड़ियों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।

शारीरिक रूप से दिव्यांगजन क्रिकेट को संपूर्ण एशिया में स्थापित करने वाले हारून रशीद ने बताया कि 24 दिसंबर की बैठक में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली एवं सचिव जय शाह के साथ बातचीत करते हुए विभिन्न प्रकार के प्रस्ताव रखे गए लेकिन सौरव गांगुली एवं जय शाह दोनों का सीधा सीधा जवाब था कि वह अलग-अलग आ रही संस्थाओं को किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं करेंगे ।

भारत की समस्याएं चाहे वह ब्लाइंड क्रिकेट हो चाहे वह मूकबधिर क्रिकेट हो चाहे वह शारीरिक रूप से निशक्तजन क्रिकेट हो दिव्यांग वुमैन क्रिकेट हो अथवा व्हीलचेयर क्रिकेट हो सभी को एक अंब्रेला के तहत आना होगा तभी बीसीसीआई मदद करेगी । दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ कश्मीर सिंह ने आगे बताया की DCCI संस्था को BCCI से रजिस्ट्रेशन हेतु अनुरोध पत्र ,सभी सम्बंधित दस्तावेज के साथ बीसीसीआई को भेज दिए गए हैं तथा बीसीसीआई के पदाधिकारियों से मुलाकात हेतु समय मांगा गया है। 

लेकिन कोरोनावायरस के वर्तमान हालात को देखते हुए समय नहीं मिल पा रहा है । समय मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ियों की जरूरतो एवं उनके भविष्य की बेहतरी के लिए बीसीसीआई के समक्ष  DCCI का प्रस्ताव एवं ऐक्शन प्लान रखा जाएगा । दिव्याँग क्रिकेट काउन्सिल ओफ़ इंडिया अपनी पूरी क्षमता से दिव्यांग क्रिकेट की एकता एवं उनकी  क्रिकेट को नया आयाम देने के लिए कटिबद्ध है ।

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नालंदा जिला सीनियर क्रिकेट लीग का आगाज, गौरव की शतकीय पारी से परशुराय क्रिकेट क्लब विजयी

बिहार शरीफ: नालंदा जिला क्रिकेट संघ के तत्वाधान में आयोजित नालंदा जिला सीनियर क्रिकेट लीग (ए डिवीजन) का शुभारंभ 8 फरवरी 2026 को एनसीए मैदान, बड़ी दरगाह, बिहार शरीफ में किया गया। लीग का उद्घाटन मुकाबला क्रांतिकारी क्रिकेट क्लब, नूरसराय और परशुराय क्रिकेट क्लब, इस्लामपुर के बीच खेला गया, जिसमें परशुराय क्लब ने दमदार प्रदर्शन करते हुए आसान जीत दर्ज की।

उद्घाटन मैच में क्रांतिकारी क्रिकेट क्लब ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए क्रांतिकारी क्लब की टीम 8 विकेट के नुकसान पर 168 रन बना सकी। टीम की ओर से लकी कुमार ने 53 रन की सर्वाधिक पारी खेली, जबकि विराज यादव ने 19 रन तथा रामवर्धन, उत्कर्ष और गुफरान ने 17–17 रन का योगदान दिया। परशुराय क्रिकेट क्लब की ओर से गेंदबाजी में नीतीश कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 ओवर में 40 रन देकर 4 विकेट झटके। वहीं गौरव कुमार ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 6 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए।

गौरव के शतक से परशुराय क्लब की आसान जीत

169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी परशुराय क्रिकेट क्लब की टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 16 ओवर 2 गेंद में 2 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम की जीत में गौरव कुमार की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी अहम रही, जिन्होंने शानदार 107 रन की शतकीय पारी खेली। उनके अलावा सूरज कुमार ने 39 रन बनाकर जीत को और आसान बना दिया। क्रांतिकारी क्लब की ओर से गेंदबाजी में लकी कुमार ने 6 ओवर में 53 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। उद्घाटन मुकाबले में शानदार हरफनमौला प्रदर्शन के लिए परशुराय क्रिकेट क्लब के गौरव कुमार को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया।

मैच में कई गणमान्य रहे मौजूद

इस अवसर पर पूर्व सीनियर क्रिकेटर सह नालंदा जिला क्रिकेट संघ के पूर्व पदाधिकारी संजय कुमार उर्फ पिंटू दा, नालंदा जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार, सचिव गोपाल कुमार सिंह, पूर्व सचिव सैयद मोहम्मद जावेद इकबाल, कोषाध्यक्ष मनोरंजन कुमार, संयुक्त सचिव संजीव कुमार, डॉ. संजय, संतोष पांडेय, हैदर अली, सिद्धार्थ कुमार बाबा, अंकित राज, विकास, मयूरेश्वर, विश्वजीत कुमार, अभिषेक कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मैच में अंपायरिंग की भूमिका सीनियर अंपायर परवेज़ मुस्तफा पप्पू और मनीष कुमार ने निभाई।

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गुलशन की अर्धशतकीय पारी से कैड टाइटंस ने जीता कॉपरेट स्ट्राइकर लीग का खिताब, पटना प्रीडेटर्स को 6 विकेट से हराया

पटना: ऊर्जा स्टेडियम, पटना में खेले गए कॉपरेट स्ट्राइकर लीग (CSL 2026) के फाइनल मुकाबले में विकेटकीपर-बल्लेबाज़ गुलशन की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी की बदौलत कैड टाइटंस ने पटना प्रीडेटर्स को 6 विकेट से पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में गुलशन का प्रदर्शन जीत का सबसे बड़ा आधार साबित हुआ।

मैच में कैड टाइटंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पटना प्रीडेटर्स की टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 142 रन ही बना सकी। प्रीडेटर्स की ओर से राजनीश ने 40 रन और कुमार सौरभ ने 29 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि अंत में आदित्य ने नाबाद 17 रन जोड़कर स्कोर को सम्मानजनक बनाया।

कैड टाइटंस की ओर से गेंदबाजी में कुलदीप कुमार सहाय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3.4 ओवर में 34 रन देकर 3 विकेट झटके। इसके अलावा विवेकानंद ने 2 विकेट और हिमांशु शेखर ने 1 विकेट लेकर पटना प्रीडेटर्स की रन गति पर लगाम लगाई।

गुलशन की पारी ने दिलाया खिताब

143 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैड टाइटंस की शुरुआत सधी हुई रही, लेकिन असली मजबूती एक छोर से गुलशन ने दी। विकेट के पीछे भी मुस्तैदी दिखाने वाले गुलशन ने बल्लेबाजी में भी कमाल करते हुए 56 गेंदों पर 66 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 9 चौके जड़े और पूरे आत्मविश्वास के साथ रनचेज को संभाले रखा।

गुलशन को दूसरे छोर से पंकज रॉय का अच्छा साथ मिला, जिन्होंने 38 गेंदों पर 46 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। अंत में कैड टाइटंस ने 19.4 ओवर में 4 विकेट खोकर 146 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। पटना प्रीडेटर्स की ओर से गेंदबाजी में कुलदीप कुमार सहाय ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन गुलशन और पंकज की साझेदारी के सामने टीम जीत से दूर रह गई।

फाइनल के हीरो बने गुलशन

फाइनल मुकाबले में गुलशन का संयम, तकनीक और मैच को अंत तक ले जाने की क्षमता दर्शकों के बीच चर्चा का विषय रही। विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के रूप में उन्होंने हर विभाग में योगदान देकर यह साबित किया कि बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी कैसे दबाव में भी टीम को जीत तक पहुँचाते हैं। मैच के बाद दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने गुलशन की पारी को CSL 2026 फाइनल का टर्निंग पॉइंट करार दिया।

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लक्ष्मण सिंह स्मृति स्कूली क्रिकेट टूर्नामेंट की ट्रॉफी पर थंडरबोल्ट ने जमाया कब्जा

पटना। श्रीकृष्णा खेल मैदान, खेमनीचक में खेले गए लक्ष्मण सिंह स्मृति स्कूली क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में थंडरबोल्ट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दबंग को 8 विकेट से पराजित कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खिताबी मुकाबले में थंडरबोल्ट के गेंदबाजों और बल्लेबाजों का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिला।

रविवार को खेले गए फाइनल में दबंग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन थंडरबोल्ट के घातक गेंदबाजी आक्रमण के सामने उसकी एक न चली। पूरी टीम 17.4 ओवर में मात्र 97 रन पर सिमट गई। दबंग की ओर से ओपनर आदर्श राज ने 27 रन और कप्तान शंकू राजेश कुमार ने 32 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली।

इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। टीम के कुल स्कोर में 22 रन अतिरिक्त के रूप में जुड़े। थंडरबोल्ट के लिए विश्वजीत आनंद ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि हिमांशु शेखर ने 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी थंडरबोल्ट की टीम ने संयमित और आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार मिश्रण दिखाया। कप्तान साहिल के नाबाद 29 रन, श्रेयांश शेखर के 29 और आशीष के 17 रन की मदद से टीम ने 12 ओवर में ही दो विकेट खोकर 99 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।

मैच समाप्ति के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में सेवानिवृत्त एडिशनल सेक्रेटरी सुरेश पासवान, यूनियन बैंक औरंगाबाद के मैनेजर अरविंद कुमार, समाजसेवी दीपमाला गुप्ता और नीतू कुमारी ने खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। अतिथियों का स्वागत नवीन कुमार ने बुके, शॉल और मोमेंटो देकर किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संतोष तिवारी (संस्थापक, सरदार पटेल स्पोर्ट्स फाउंडेशन) ने किया।

व्यक्तिगत पुरस्कारों में प्लेयर ऑफ द फाइनल का खिताब विजेता टीम के गेंदबाज विश्वजीत आनंद को मिला। मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दबंग के शंकू शर्मा को दिया गया। बेस्ट बैट्समैन का सम्मान चेंजर के शौर्य समीर को, बेस्ट बॉलर का पुरस्कार लायंस के भूषण को, बेस्ट फील्डर का खिताब नाइटराइडर के करण को तथा बेस्ट विकेटकीपर का पुरस्कार दबंग के युगवीर यादव को प्रदान किया गया।

संक्षिप्त स्कोर

दबंग: 17.4 ओवर में 97 रन पर ऑलआउट, आदर्श राज 27, शंकू राजेश 32, अतिरिक्त 22, गेंदबाजी: विश्वजीत आनंद 4/26, हिमांशु शेखर 3/26, सुजल राज 1/14, नवीन 1/2

थंडरबोल्ट: 12 ओवर में 2 विकेट पर 99 रन, श्रेयांश शर्मा 29, साहिल नाबाद 29, आशीष 17, सरस 10, अतिरिक्त 14। गेंदबाजी: शुभम 1/40

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Divyang Challenger Trophy 2026 का आगाज 11 फरवरी से, ऊर्जा स्टेडियम में दिखेगा जोश, जज्बा और जुनून का संगम; दर्शकों के लिए खास इनाम की घोषणा

पटना: बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित होने वाली दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी (Divyang Challenger Trophy) 2026 को लेकर 8 फरवरी को पटना स्थित अंगीठी रेस्टोरेंट एवं बैंक्वेट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस को संबोधित करते हुए बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमितेश कुमार ने बताया कि दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026 का आयोजन 11 एवं 12 फरवरी 2026 को ऊर्जा स्टेडियम, पटना में किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में बिहार, मध्य प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर की दिव्यांग क्रिकेट टीमें हिस्सा लेंगी।

दिव्यांग खिलाड़ियों को सशक्त मंच देने की पहल

डॉ. अमितेश कुमार ने कहा कि यह टूर्नामेंट केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और संघर्षशीलता को सम्मान देने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समावेशन, समान अवसर और सकारात्मक सोच को मजबूती प्रदान करते हैं तथा दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

उद्घाटन, फाइनल और पुरस्कार वितरण का समय घोषित

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टूर्नामेंट कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा भी की गई। जानकारी देते हुए डॉ. अमितेश कुमार ने बताया कि टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह 11 फरवरी को सुबह 8:00 बजे ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित होगा। वहीं फाइनल मुकाबला 12 फरवरी को शाम 6:00 बजे से खेला जाएगा।

फाइनल मैच के बाद रात्रि 9:30 बजे से पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विजेता, उपविजेता सहित इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाली तीनों टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा, ताकि दिव्यांग खिलाड़ियों का जोश, जज़्बा और जुनून निरंतर बना रहे।

दर्शकों के लिए आकर्षक घोषणा

प्रेस वार्ता के दौरान दर्शकों के लिए एक विशेष घोषणा भी की गई, जिसने खेल प्रेमियों में खासा उत्साह भर दिया। डॉ. अमितेश कुमार ने घोषणा करते हुए कहा कि दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026 के प्रत्येक मैच के दौरान यदि कोई दर्शक बाउंड्री लाइन के बाहर कैच पकड़ता है, तो उसे बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन की ओर से ₹200 नकद इनाम प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही आयोजकों ने दर्शकों से बड़ी संख्या में ऊर्जा स्टेडियम पहुँचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की।

आयोजन सचिव की नियुक्ति

इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. अमितेश कुमार ने बताया कि दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026 के आयोजन सचिव के रूप में डॉ. प्रभात चंद्रा को नियुक्त किया गया है, जिनकी देखरेख में टूर्नामेंट का सफल संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

बिहार की टीम घोषित

इसके साथ ही दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी के लिए बिहार टीम की घोषणा भी की गई है। इंटरनेशनल खिलाड़ी धर्मेंद्र कुमार को टीम का कप्तान बनाया गया है। वहीं अभी हाल में भारतीय दिव्यांग टीम के लिए डेब्यू करने वाले जितेंद्र कुमार को उपकप्तान बनाया गया है।

बिहार टीम: धर्मेंद्र कुमार (कप्तान), जितेंद्र कुमार यादव (उपकप्तान), अजय कुमार, नीरज कुमार, अमित कुमार, दीपू कुमार, अंकित कुमार, कैलाश प्रसाद, धर्मेंद्र साह, चंदन कुमार, रामनिवास कुमार, अमित कुमार, अमन कुमार, शौकत अली, अनंत पांडे, रंजन कुमार।

मीडिया बंधुओं को किया गया सम्मानित

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टूर्नामेंट के प्रचार-प्रसार में सहयोग के लिए मीडिया बंधुओं को भी सम्मानित किया गया, जिस पर आयोजकों ने प्रेस जगत के प्रति आभार व्यक्त किया।

ये रहे उपस्थित पदाधिकारी

इस अवसर पर बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमितेश कुमार, सचिव उज्ज्वल कुमार सिन्हा, संयुक्त सचिव अजय कुमार, कोषाध्यक्ष उदय कुमार, आयोजन सचिव डॉ. प्रभात चंद्रा सहित एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।

आयोजकों ने शहरवासियों, खेल प्रेमियों और मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें और दिव्यांग खिलाड़ियों के हौसले को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ।

टूर्नामेंट विवरण (एक नज़र में)

📍 स्थान: ऊर्जा स्टेडियम, पटना
📅 तारीख: 11 एवं 12 फरवरी 2026
🏏 आयोजन: दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026
⏰ उद्घाटन: 11 फरवरी, सुबह 8:00 बजे
🏆 फाइनल: 12 फरवरी, शाम 6:00 बजे
🎁 पुरस्कार वितरण: 12 फरवरी, रात 9:30 बजे से

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